samacharsecretary.com

गुरुद्वारा शहीदां साहिब में दर्दनाक हादसा, छत गिरने से 2 की मौत और 5 घायल

अमृतसर. अमृतसर में रविवार को गुरुद्वारा शहीद गंज बाबा दीप सिंह जी (शहीदां साहिब) में बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन लंगर हॉल की छत की लोहे की प्लेटें अचानक टूटकर नीचे गिर गईं। हादसे के समय कई महिलाएं लंगर हॉल में सेवा कर रही थीं। जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। मौके पर पहुंचे लोगों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब निर्माणाधीन लंगर हाल में सेवा का काम चल रहा था। अचानक छत की भारी लोहे की प्लेटें नीचे गिर पड़ीं। हादसे के बाद गुरुद्वारा परिसर में चीख-पुकार मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अमृतसर की पुलिस अधिकारी Amandeep Kaur ने बताया कि घायल महिलाओं का इलाज किया जा रहा है और अस्पताल में सभी डॉक्टर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में बड़ी संख्या में लोग घायल महिलाओं के साथ अस्पताल के अंदर पहुंच गए थे, जिससे इलाज में परेशानी हो रही थी। बाद में सभी को बाहर कर दिया गया ताकि डॉक्टर आसानी से उपचार कर सकें। घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल हादसे के बाद गुरुद्वारा परिसर में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग अस्पताल तथा घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निर्माणाधीन छत की लोहे की प्लेटें किस कारण गिरीं और कहीं निर्माण कार्य में लापरवाही तो नहीं हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

पटना हादसा: मकान की छत गिरी, पांच लोगों की मौत से मचा कोहराम

पटना पटना जिले के दानापुर दियारा अंतर्गत अकीलपुर थाना क्षेत्र के मानस पंचायत स्थित मानस नया पानापुर गांव में घर की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। स्थानीय लोगों कहना है कि घर के सभी लोग सो रहे थे, अचानक छत भरभरा कर गिर गई। इसमें तीन बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई। इधर, छत गिरने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मरने वालों की पहचान बबलू (36) उसकी पत्नी रोशन खातून (32) बेटी रुखसार (12) चांदनी (2) और बेटे चांद (10) के रूप में हुई। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका कहना है की रोजाना की तरह पूरा परिवार खाना खाकर सो रहा था, इसी दौरान यह घटना हुई। हादसा इतना भीषण था कि परिवार के सभी पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इधर, स्थानीय लोगों कहना है कि कुछ साल पहले ही बबलू को यह मकान आवास योजना के तहत मिला था। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह मकान इतना कमजोर होगा। बबलू आर्थिक तंगी के कारण मकान की मरम्मत नहीं करवा पा रहा था। लोगों ने प्रशासन से अपील है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और पूरी घटना की जांच करे। वहीं पुलिस का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है। लाशों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।