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मुस्तैदी की मिसाल: रायपुर स्टेशन पर आरपीएफ की चेकिंग, उच्च अधिकारियों ने किया निरीक्षण

रायपुर त्योहारों पर घर जाने वाले लाखों यात्रियों को ट्रेन में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे का पूरा अमला दिन रात लगा हुआ है. इसी बीच रायपुर रेलवे स्टेशन में पिछले दिनों आईजी और डीआईजी ने भी दौरा किया था, जिसमें उन्होंने क्राउड मैनेजमेंट को लेकर आरपीएफ कमांडेंट और पोस्ट प्रभारियों की बैठक ली थी. रायपुर रेलवे स्टेशन में इन दिनों यात्रियों की भीड़ को मैनेज करने के लिए 3 आरपीएफ इंस्पेक्टर और 30 से अधिक स्टॉफ को ड्यूटी के लिए बाहर से बुलाया गया है. रायपुर रेल मंडल के एएससी भी रायपुर रेलवे स्टेशन में मुस्तैदी से ड्यूटी करते नजर आए. वहीं दुर्ग रेलवे स्टेशन में भी आरपीएफ कमांडेंट पहुंचे थे, जहां उन्होंने यात्रियों को किसी भी प्रकार की ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी हो इसका ख्याल रखने के निर्देश दिए गए थे. वहीं आरपीएफ ने सिविल ड्रेस में भी आरपीएफ स्टॉफ को गुप्त निगरानी में रखा हुआ है, जो ये सुनिश्चित करते है कि ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय किसी भी यात्री का कोई सामान चोरी न हो. इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे से भी पैनी नजर रखी जा रही है.

सोनाली मिश्रा बनीं RPF की नई महानिदेशक, छत्तीसगढ़ से गहरा है जुड़ाव

रायपुर  रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी को सौंपी गई है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मध्यप्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा की डीजी/आरपीएफ के पद पर 31 अक्टूबर, 2026 तक नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोनाली मिश्रा का छत्तीसगढ़ के बहुत पुराना नाता है. अपनी व्यावसायिकता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाने वाली मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस सोनाली मिश्रा तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट सेवा का अनुभव रखती हैं. इस कार्यभार से पहले, उन्होंने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) के रूप में कार्य किया, साथ ही पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल में एडीजी और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल में निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला. उन्होंने सीबीआई और बीएसएफ में भी सेवा की है और कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी प्राप्त है. उत्कृष्टता और व्यावसायिकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. लेकिन आपको यह जानकार सुखद आश्चर्य होगा कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में जब मध्यप्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था, तब वे बिलासपुर में CSP और ASP रह चुकी हैं. राज्य बंटवारे के बाद वे मध्यप्रदेश (कैडर) चली गईं. दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक, रेलवे संपत्ति की सुरक्षा, यात्री सुरक्षा और अपराध रोकथाम के लिए ज़िम्मेदार रेलवे सुरक्षा बल को उनके दूरदर्शी और समावेशी नेतृत्व का लाभ मिलेगा. राज्य और केन्द्रीय पुलिस संगठनों में उनके व्यापक अनुभव से बल के आधुनिकीकरण, क्षमता निर्माण और सामुदायिक सहभागिता को नई गति मिलने की उम्मीद है.