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साइना नेहवाल ने सराहा भारतीय नौसेना का प्रयास, हाफ मैराथन आयोजन के लिए जताया आभार

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में इंडियन नेवी हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर नेवी प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पी. श्रीजेश उपस्थित थे। नेवी प्रमुख दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, “भारतीय नेवी ने दूसरी बार हाफ मैराथन का आयोजन किया है। यह हमारा दिल्ली एडिशन था। हम मेजर स्टेशन पर लंबे समय से मैराथन का आयोजन करते रहे हैं। हमारी कोशिश रहती है कि हमारे अधिकारी और जवान न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक और धार्मिक स्तर पर भी मजबूत बनें। दिल्ली एडिशन मैराथन से करीब एक लाख नेवी के जवाब फिटनेस को लेकर और जागरूक होंगे।” उन्होंने कहा कि पहले हाफ मैराथन में 10,000 से अधिक धावक एकत्रित हुए थे। इस बार करीब 13,500 से अधिक धावक एकत्रित हुए। इसमें हर आयु वर्ग के लोग शामिल थे। मुझे जानकारी दी गई कि सबसे उम्रदराज धावक की उम्र 87 वर्ष से ऊपर की थी। इसके अलावा मैंने कुछ बहुत छोटे बच्चों को भी देखा। सभी जोश के साथ दौड़ रहे थे। लगभग 24 देशों के 88 अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भी हिस्सा लिया। इस तरह भारतीय नेवी का हाफ मैराथन अंतरराष्ट्रीय हो गया है। नेवी प्रमुख ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने झंडा दिखाकर हाफ मैराथन की शुरुआत की। इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। सरकार भी फिटनेस के क्षेत्र में फिट इंडिया मूवमेंट के माध्यम से बेहतर कार्य कर रही है। आज के दौर में ऐसे कार्यक्रम बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि दौड़ना सबसे बेहतर और सबसे सस्ता खेल है जिसके माध्यम से हम खुद को फिट रख सकते हैं। इसलिए सभी को अपनी क्षमता के मुताबिक दौड़ना चाहिए।” साइना नेहवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं भारतीय नेवी को इस उच्चस्तरीय मैराथन को आयोजित करने के लिए बधाई देना चाहती हूं। यह दूसरा साल है। भारत की सरकार फिट इंडिया मूवमेंट चला रही है। देशभर में मैराथन हो रहे हैं, साइक्लोथॉन हो रहे हैं। यह इस बात का सबूत है कि लोग फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं और इस मूवमेंट को पसंद कर रहे हैं। फिटनेस के साथ-साथ हमें अपने खान-पान पर भी ध्यान देना है।” साइना नेहवाल ने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते मैं कहना चाहूंगी कि अगर हम फिटनेस पर ध्यान देंगे और खान-पान को बेहतर रखेंगे तो उम्मीद है कि ओलंपिक जिसे आयोजित करने की दौड़ में हम शामिल हैं, चीन और अमेरिका जैसे देशों को पदकों के मामले में पीछे छोड़ सकते हैं। हम एक खेल प्रधान राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर हैं। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पी. श्रीजेश ने कहा, “भारत में फिटनेस को लेकर माहौल बदल रहा है। युवाओं के साथ ही हर वर्ग के लोग फिटनेस के प्रति सजग हो रहे हैं। सरकार भी फिटनेस को प्रति जागरूकता फैलना के लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित कर रही है।” उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के तीनों अंग भी फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए मैराथन का आयोजन कर रहे हैं। भारतीय नेवी के द्वारा मैराथन का आयोजन किया जाना एक शानदार प्रयास है।  

रणथंभौर सफारी के दौरान साइना नेहवाल से हुआ बाघ का आमना-सामना, वीडियो वायरल

सवाई माधोपुर भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी साइना नेहवाल हाल ही में अपने परिवार के साथ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के निजी दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने रणथंभौर रोड स्थित होटल ताज में ठहरकर रणथंभौर नेशनल पार्क का भ्रमण किया और टाइगर सफारी का रोमांचक अनुभव लिया। सफारी के दौरान उनके साथ ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। टाइगर सफारी के दौरान रणथंभौर के जोन नंबर-3 में साइना नेहवाल को प्रसिद्ध बाघिन रिद्धि (टी-124) और उसके शावकों के दीदार हुए। इसी दौरान एक बाघ उनकी सफारी गाड़ी के बिल्कुल पास आ गया। आमतौर पर इस तरह की स्थिति में लोग घबरा जाते हैं, लेकिन साइना नेहवाल ने बेहद साहस और संयम का परिचय दिया। उन्होंने बिना डरे उस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद किया और इस यादगार क्षण को संजो लिया।   बाघिन और उसके शावकों की अठखेलियां देखकर साइना नेहवाल काफी रोमांचित नजर आईं। उन्होंने न सिर्फ सफारी के दौरान बाघों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया, बल्कि होटल ताज में परिवार के साथ बिताए गए खास पलों को भी कैमरे में कैद किया। बाद में इन सभी तस्वीरों और वीडियो को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जो देखते ही देखते वायरल हो गए। उनके प्रशंसकों ने इन पोस्ट्स पर जमकर प्रतिक्रियाएं दीं और उनके साहस की तारीफ की। यह पहली बार नहीं है जब साइना नेहवाल रणथंभौर पहुंची हों। इससे पहले भी वह वर्ष 2023 में रणथंभौर का दौरा कर चुकी हैं। साइना नेहवाल का रणथंभौर से खास लगाव माना जाता है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, खुले जंगल, बाघ-बाघिन और उनके शावकों की स्वछंद अठखेलियां उन्हें बेहद पसंद हैं। यही कारण है कि वह बार-बार यहां आकर प्रकृति और वन्यजीवों के बीच समय बिताना पसंद करती हैं। रणथंभौर टाइगर रिजर्व देश और दुनिया में बाघों की स्वच्छंद गतिविधियों के लिए खास पहचान रखता है। यहां हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा फिल्मी जगत, राजनीति और खेल जगत से जुड़ी कई नामी हस्तियां भी यहां भ्रमण के लिए आती रहती हैं। प्रियंका गांधी, राहुल गांधी परिवार सहित रणथंभौर आ चुके हैं, वहीं क्रिकेटर शिखर धवन और अभिनेता वरुण धवन जैसे कई बड़े नाम भी यहां की खूबसूरती का लुत्फ उठा चुके हैं। रणथंभौर में वीआईपी और वीवीआईपी पर्यटकों की आवाजाही हमेशा बनी रहती है।  

बैडमिंटन जोड़ी का अंत: साइना-कश्यप ने अलग होने की खबर की पुष्टि की

मुंबई  भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने घोषणा की है कि वह अपने पति और बैडमिंटन खिलाड़ी परुपल्ली कश्यप से अलग हो गई हैं. साइना और कश्यप की शादी साल 2018 में हुई थी और सात साल बाद अब उनका रिश्ता समाप्त हो गया है. 7 साल बाद दोनों ने अपने रिश्ते को विराम दिया है. साइना और कश्यप की मुलाकात हैदराबाद स्थित पुलेला गोपीचंद की ट्रेनिंग अकादमी में हुई थी, जहां दोनों ने एक साथ ट्रेनिंग ली थी.  साइना नेहवाल ने 2012 में लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और 2015 में वर्ल्ड बैड​मिंटन रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचकर इतिहास रच दिया. वह विश्व की नंबर वन शटलर बनने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी थीं. स्पोर्ट्स में साइना भारत के लिए वर्ल्ड आइकन रहीं. वहीं पारुपल्ली कश्यप ने 2014 में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता और वर्ल्ड रैंकिंग में छठे पायदान तक पहुंचे. उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ अपनी अलग पहचान बनाई. साइना नेहवाल भारतीय महिला बैडमिंटन की पहली सुपरस्टार मानी जाती हैं. उन्होंने 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता था. वहीं, पारुपल्ली कश्यप ने 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था. रविवार को इंस्टाग्राम पर साइना ने एक निजी अपडेट साझा किया जिसने खेल जगत को हैरान कर दिया है. राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार की चैंपियन साइना ने लिखा, ‘‘जिंदगी हमें कभी-कभी अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, विकास और उपचार का विकल्प चुन रहे हैं. मैं इन यादों के लिए आभारी हूं और भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती हूं. कृपया इस समय हमारी निजता का सम्मान करें. धन्यवाद.” साइना नेहवाल ने  रात अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में एक चौंकाने वाला बयान जारी किया. उन्होंने लिखा, 'जिंदगी कभी-कभी हमें अलग-अलग दिशाओं में ले जाती है. बहुत सोच-विचार के बाद, कश्यप पारुपल्ली और मैंने अलग होने का फैसला किया है. हम अपने और एक-दूसरे के लिए शांति, तरक्की और राहत चुन रहे हैं. मैं उन यादों के लिए आभारी हूं और आगे बढ़ने के साथ सिर्फ अच्छे की कामना करती हूं. इस दौरान हमारी निजता को समझने और उसका सम्मान करने के लिए धन्यवाद.' कश्यप ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है. साइना ने भारत में बैडमिंटन को फिर से जिंदा किया प्रकाश पादुकोण और पुलेला गोपीचंद के बाद भारत का कोई खिलाफ बैडमिंटन के खेल में वैश्चिक स्तर पर अपनी पहचान नहीं बना सका. वह साइना नेहवाल ही थीं, जिन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में विमेन सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर भारत में इस खेल को नया जीवन दिया. चार साल बाद 2012 के लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर वह ओलंपिक पोडियम पर पहुंचने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं. इसके बाद भारत में बैडमिंटन खिलाड़ियों की नई पौध आनी शुरू हुई, जो इस खेल में विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. कश्यप ने भारतीय बैडमिंटन की खोई पहचान दिलाई पारुपल्ली कश्यप ने 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर सुर्खियों में आए. वह 2012 के लंदन ओलंपिक में नीलुका करुणारत्ने को हराकर क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और ऐसा करने वाले भारत के पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी बने. उन्होंने 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वह 32 वर्षों में ऐसा करने वाले पहले पुरुष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी थे. साइना और पारुपल्ली की मुलाकात 1997 में एक कैम्प के दौरान हुई थी.  हैदराबाद की एकेडमी में दोनों के बीच बढ़ीं नजदीकियां  साल 2004 में जब गोपीचंद ने हैदराबाद में अपनी बैडमिंटन एकेडमी स्थापित की, तो दोनों उनके अंडर ट्रेनिंग लेने लगे और यहीं से उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं. हालांकि, 2018 में शादी उनकी शादी होने तक दोनों के रिलेशनशिप के बारे में दुनिया को भनक नहीं लगी थी. पारुपल्ली कश्यप ने ईएसपीएन को दिए एक इंटरव्यू में साइना के साथ अपने रिलेशनशिप को लेकर कहा था, 'यह स्कूल वाला रोमांस था, मासूम और अपने साथियों को यह बताने के बारे में कि आपकी एक प्रेमिका है.'