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भोपाल में बच्चों ने सांता क्लॉज बनकर बाँटी खुशियाँ

भोपाल  सैपलिंग्स एवं स्वामी विवेकानंद इंग्लिश स्कूल द्वारा भोजपुर रोड समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के साथ साझा करने और देखभाल की भावना को साकार करते हुए एक सराहनीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय ने निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति के बच्चों के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटी। निर्माण – परिवर्तन की ओर समिति एक सामाजिक संगठन है, जो भोपाल में वंचित बच्चों के लिए स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। वर्तमान में संस्था शहर के तीन विभिन्न केंद्रों पर 250 से अधिक बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के अंतर्गत सैपलिंग्स भोजपुर रोड द्वारा निर्माण संस्था के बच्चों को स्टेशनरी सामग्री, कपड़े, ऊनी वस्त्र, खिलौने एवं जूते वितरित किए गए। निर्माण संस्था के संस्थापक श्री नरेश मोटवानी और समाज सेविका मीता वाधवा जी के मार्गदर्शन में इंदुरिया चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री लक्ष्मी नारायण एवं प्रभा इंदुरिया ने बच्चों को उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान सैपलिंग्स भोजपुर रोड के बच्चे सांता क्लॉज बनकर आए और उन्होंने सभी बच्चों को उपहार बाँटे। सांता क्लॉज के आगमन से बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे और पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बन गया। इसके साथ ही विद्यालय के बच्चों ने एनजीओ के बच्चों के साथ मिलकर एक आनंदमय पार्टी का आयोजन किया, जिसमें Sharing & Caring की भावना को बढ़ावा दिया गया। बच्चों ने मिलकर खेलकूद किया और आपसी प्रेम व समानता का संदेश दिया। यह पहल बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी, करुणा और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।

स्कूलों को चेतावनी: बच्चों को सांता क्लॉज बनाने के लिए मजबूर न करें

श्री गंगानगर श्रीगंगानगर जिले के निजी स्कूलों में क्रिसमस के अवसर पर बच्चों को सांता क्लॉज की ड्रेस पहनाने के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक वधवा ने सभी निजी स्कूलों के प्राचार्यों और प्रबंधकों को आदेश जारी कर चेतावनी दी है कि यदि ऐसी कोई शिकायत प्राप्त हुई तो संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत पर आधारित है। मंच के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह अटवाल के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की थी कि स्कूलों में बच्चों को जबरन सांता क्लॉज नहीं बनाया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीगंगानगर मुख्य रूप से सनातन हिंदू-सिख बहुल क्षेत्र है और पिछले कुछ वर्षों से स्कूलों में क्रिसमस पर बच्चों को जबरन सांता क्लॉज बनाना एक प्रथा बन गई है। मंच ने स्कूलों में भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने की भी मांग की। अटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। इसलिए सभी स्कूलों को इस दिन भारतीय संस्कृति के गौरव और श्रेष्ठ बलिदान की परंपरा के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। एडीईओ अशोक वधवा ने स्पष्ट किया कि यदि अभिभावकों और बच्चों की सहमति से सांता क्लॉज बनाया जा रहा है, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन जबरदस्ती करने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, "एक तरफ बाल दिवस मनाया जा रहा है, दूसरी तरफ क्रिसमस। शिकायतें आई हैं कि निजी स्कूलों में दबाव डालकर बच्चों को सांता बनाया जा रहा है। सहमति से ठीक है, लेकिन जबरन नहीं।"