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बैठकें नहीं कराना पड़ा भारी, अचानकपुर के सरपंच देवानंद पर गिरी निलंबन की गाज

अचानकपुर सरपंच देवानंद निलंबित सेलूद/दुर्ग. ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) पाटन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में 22 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया है। सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण ग्राम पंचायत के प्रशासनिक एवं विकास कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत अचानकपुर के पंचगणों ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि सरपंच देवानंद साहू, पिता राजकुमार साहू, थाना उतई में अपराध क्रमांक 379/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरण में गिरफ्तार होने के बाद वर्तमान में केंद्रीय जेल दुर्ग में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं। आवेदन में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39 के तहत सरपंच को निलंबित कर उनकी अनुपस्थिति में कार्यवाहक सरपंच की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई थी। आदेश में उल्लेख किया गया है कि सरपंच को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत आरोप एवं कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर किया गया था। वहीं, जनपद पंचायत पाटन के पत्र प्रदान में सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने और उनकी अनुपस्थिति के कारण पंचायत के कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी। प्रशासन के अनुसार, सरपंच की अनुपस्थिति से पंचायत की बैठकों, दैनिक प्रशासनिक कार्यों, विकास कार्यों तथा आम नागरिकों से संबंधित आवश्यक कार्यों के संचालन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका थी। पंचायत के कार्यों की निरंतरता और जनहित सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई आवश्यक मानी गई।

सरपंच की पहल से बदला डैम का रूप, पंचकूला में बनी ‘मिनी सुखना लेक’

बरवाला/पंचकूला. चंडीगढ़ की बेटी कविता चौधरी ने हरियाणा के सरपंचों के लिए विकास की बड़ी मिसाल पेश की है। कविता की शादी पंचकूला के बरवाला ब्लाॅक के गांव बुंगा गांव में हुई। वे अब गांव की सरपंच हैं और गांव में विकास की ऐसी तस्वीर पेश करने की पहल की है, जिसे देखकर सुखना लेक की याद आती है। गांव में पहले से मौजूद डैम को विकसित कर उसके आसपास खूबसूरत ट्रैक, सोलर लाइट और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। पहाड़ों के बीच स्थित यह डैम अब ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटे के साथ जल संरक्षण का भी बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। यहां सुखना लेकर जैसा नजारा देखने को मिलता है। कविता चौधरी ने कहा कि वह चंडीगढ़ के गांव की रहने वाली हैं और शादी के बाद बुंगा गांव की बहू बनीं। चंडीगढ़ में रहते हुए उन्होंने सुखना लेक का खूबसूरत नजारा देखा है। उनके मन में अक्सर यह विचार आता था कि जब हमारे गांव में भी पहाड़ों के बीच प्राकृतिक रूप से इतना सुंदर क्षेत्र मौजूद है तो इसे विकसित क्यों न किया जाए। इसी सोच के साथ डैम को नया रूप देने की दिशा में काम शुरू किया गया। कई करोड़ रुपये की लागत से डैम के विकास का काम लगभग पूरा हो चुका है। डैम के किनारे करीब 500 मीटर लंबा और चौड़ा ट्रैक तैयार किया गया है। यहां सोलर लाइटें लगाई गई हैं, जिससे शाम के समय भी लोग सुरक्षित रूप से सैर कर सकें। ट्रैक से सामने दिखाई देने वाले पहाड़ और सूर्यास्त का दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। ओवरफ्लो पानी भी हो रहा संरक्षित डैम से निकलने वाले ओवरफ्लो पानी को आगे तालाब में रिजर्व किया जा रहा है। इससे पानी की बर्बादी रोकने के साथ अतिरिक्त पानी का उपयोग भी सुनिश्चित किया गया है। यह पानी आसपास के पशुओं के लिए भी बड़ा सहारा बन गया है और गांव में पशुओं के पीने के पानी का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है। नाव और काटेज की भी योजना पंचायत की ओर से डैम को पर्यटन की दृष्टि से और विकसित करने की तैयारी है। यहां नाव चलाने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा एक काटेज बनाने की योजना है, जहां लोगों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध हो सके। डैम के दोनों तरफ पैदल ट्रैक को और विकसित करने पर भी विचार चल रहा है। गांव में ही मिले घूमने की जगह सरपंच कविता चौधरी का कहना है कि अक्सर गांव की महिलाएं और परिवार घूमने के लिए चंडीगढ़ जैसी जगहों पर जाते हैं। उनकी सोच है कि बुंगा में ही ऐसा स्थान विकसित किया जाए, जहां लोग परिवार के साथ प्राकृतिक वातावरण में समय बिता सकें। उनका प्रयास है कि डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ-साथ जल संरक्षण और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाए।

दस साल बाद पकड़े गए पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव, 78 लाख रुपये गबन का मामला

भीलवाड़ा पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शाहपुरा पंचायत समिति की फुलियाखुर्द पंचायत के तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव श्यामलाल जाट पुत्र छीतरमल जाट निवासी जाटों का मोहल्ला माण्डल तथा तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक पुत्र मागीलाल खटीक निवासी कल्याणपुरा ढिकोला शामिल हैं। श्यामलाल जाट पर पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने क्रमशः कोटड़ी और ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एएसपी राजेश आर्य ने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 2016 का है, जब तत्कालीन शाहपुरा के पंचायत प्रसार अधिकारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत फुलिया खुर्द के रिकॉर्ड की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 2010 से 2015 तक का रिकॉर्ड अधूरा था तथा इस अवधि में ग्राम पंचायत के विभिन्न खातों में कुल ₹83,98,700 जमा हुए थे, जिनमें से ₹78,60,973 की राशि निकाली गई, परंतु उसका कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं था। नये पंचायत चुनाव के बाद हुई शिकायत पर की जांच में तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक और ग्राम सेवक श्यामलाल जाट पर सरकारी धन के गबन का आरोप सिद्ध हुआ। प्रकरण संख्या 53/2016 धारा 409 भादंसं के अंतर्गत शाहपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदलते रहे। श्यामलाल जाट वर्तमान में ग्राम पंचायत बन का खेड़ा, पंचायत समिति कोटड़ी में पदस्थ था और पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। शाहपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोटड़ी सर्किल में दिखाई दिया है। इस पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।पूछताछ में उसके साथी तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक का नाम सामने आया, जिसे भी पुलिस ने ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने शाहपुरा थाना पुलिस टीम की तत्परता और सतर्कता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की धरपकड़ और गंभीर अपराधों के आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा शेष गबन राशि की वसूली और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।