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दुर्ग जिला पंचायत की बैठक में अनुपस्थित पंचायत सचिवों का वेतन काटने का आदेश

दुर्ग. जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद पंचायत धमधा के ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक हुई. इसमें अनुपस्थित धमधा क्षेत्र के 16 ग्राम पंचायत सचिवों के एक दिन का वेतन काटने आदेश जारी किया गया. वहीं दो पंचायत सचिवों को नोटिस जारी की गई है. बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), ग्राम संपदा ऐप, समर्थ पोर्टल, अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्वच्छ भारत मिशन, विभिन्न पेंशन योजनाओं तथा महतारी योजना अंतर्गत भुगतान एवं ट्रांजैक्शन प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की ग ई T योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों एवं तकनीकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को समय-सीमा में हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए. समीक्षा के दौरान कुछ पंचायत सचिवों के बैठक में अनुपस्थित पाए जाने पर इसे कार्य के प्रति लापरवाही मानते हुए उनके एक दिवस के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया. यह आदेश तत्काल प्रभाव लागू होगा तथा माह फरवरी 2026 के वेतन में से एक दिवस की कटौती किए जाने कहा गया है. इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत पंगबंधी के पंचायत सचिव को समर्थ पोर्टल में कार्य नहीं करने के कारण निलंबन नोटिस जारी किया गया. वहीं ग्राम पंचायत रहटादाह के पंचायत सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लापरवाही के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. फुण्डा पंचायत के रोजगार सहायक को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्य में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसी प्रकार ग्राम पंचायत फुण्डा में अतिक्रमण कर आवास निर्माण किए जाने की शिकायत पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा को 3 दिवस के भीतर जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए आवास निर्माण में रुचि नहीं लेने वाले 146 हितग्राहियों के प्रकरण राशि वसूली हेतु तहसील कार्यालय को प्रेषित किए गए हैं. संबंधित प्रकरण 2 दिवस के भीतर जिला कार्यालय में प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं. बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत धमधा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

मध्यप्रदेश ने किया बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य : सचिव खनन मंत्रालय गोयल

प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉक में हुआ उत्कृष्ट कार्य प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों की हुई सफल नीलामी : प्रमुख सचिव उमराव भोपाल सचिव खान मंत्रालय भारत सरकार श्री पीयूष गोयल ने कहा कि मध्यप्रदेश में बंद पड़ी खदानों को प्रारंभ करने में सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नीलाम किये गये खनिज ब्लॉकों में भी मध्यप्रदेश राज्य ने उत्कृष्ट कार्य किया है। सचिव श्री गोयल ने होटल ताज लेंक फ्रंट भोपाल में मुख्य खनिज ब्लॉक के संचालन की समीक्षा बैठक में यह बात कही। उन्होंने खदान संचालन के लिये वैधानिक कठिनाई दूर करने के लिये नीलाम किये जाने के पहले जिला स्तर पर नीलाम ब्लॉक में शामिल भूमि के परीक्षण के लिये कलेक्टर की अध्यक्षता में वन, राजस्व एवं खनिज साधन विभाग की कमेटी गठित किये जाने के निर्देश दिये। सचिव श्री गोयल ने ब्लॉक के सफल बोलीदारों के साथ खनन संचालन प्रारंभ करने के लिये चर्चा की। चर्चा में बोलीदारों को वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के निराकरण के लिये सुझाव दिये। श्री गोयल ने भारत सरकार द्वारा किये जा रहे नीतिगत प्रयासों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि खनन संचालन के लिये वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय को न्यूनतम किये जाने के लिये सरकार निरंतर प्रयासरत है, लेकिन इसमें सफल बोलीदार को भी अपने स्तर पर प्रयास करना होंगे। श्री गोयल ने कहा कि वन मंत्रालय से भी वन अनुमति प्राप्त करने के लिये शीघ्र बैठक आयोजित की जायेगी। बैठक में वन अनुमति प्राप्त करने में वैधानिक कठिनाइयों को दूर करने के लिये चर्चा होगी। इसका लाभ सभी सफल बोलीदारों को प्राप्त होगा। प्रमुख सचिव खनिज श्री उमाकांत उमराव ने बैठक में बताया कि प्रदेश में 118 विभिन्न मुख्य खनिज ब्लॉकों का खान एवं खनिज अधिनियम एवं प्रावधान के अंतर्गत सफल नीलामी की गयी है। खनि पट्टा के 6 ब्लॉक तथा समेकित अनुज्ञप्ति के 12 ब्लॉक में कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष ब्लॉकों में खनन संक्रियाएं प्रारंभ करने के लिये राज्य शासन द्वारा सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। प्रमुख सचिव श्री उमराव ने बताया कि खनिज साधन विभाग द्वारा खनन संचालन में वैधानिक अनुमति प्राप्त करने के लिये नियमानुसार आवेदन करने तथा आवेदन की पूर्ति करने में नियमों की स्पष्ट जानकारी दिये जाने के लिये कार्यशाला भी आयोजित की गयी। कार्यशाला में सफल बोलीदार, आरक्यूपी, पर्यावरण सलाहकार, वन विभाग के प्रतिनिधि, भारतीय खान ब्यूरो और एसबीआई केप के प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया। खनिज साधन द्वारा किये जा रहे प्रयासों से खनन संचालन के लिये आवश्यक वैधानिक अनुमति प्राप्त करने में लगने वाले समय में निरंतर कमी परिलक्षित हुई है। इनमें आशय पत्र जारी करना, खनन योजना प्रस्तुत करना, पर्यावरण अनुमति के लिये आवेदन प्रस्तुत करना और पर्यावरण अनुमति के लिये टीओआर जारी करने में लगने वाले दिवसों में कमी आयी है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से सफल बोलीदारों से चर्चा की जा रही है तथा उन्हें समक्ष में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिये प्रशासकीय स्तर पर चर्चा भी की जा रही है। समीक्षा बैठक में संचालक प्रशासन एवं खनिकर्म श्री फ्रेंक नोबल, पीसीसीएफ श्री मनोज अग्रवाल, सचिव पर्यावरण श्री अतुल मिश्रा, मेंबर सेक्रेटरी सिया श्री दीपक आर्य तथा भारत सरकार खान मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय, सफल बोलीदारों, उनके प्रतिनिधि और खनिज साधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

दस साल बाद पकड़े गए पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव, 78 लाख रुपये गबन का मामला

भीलवाड़ा पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शाहपुरा पंचायत समिति की फुलियाखुर्द पंचायत के तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव श्यामलाल जाट पुत्र छीतरमल जाट निवासी जाटों का मोहल्ला माण्डल तथा तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक पुत्र मागीलाल खटीक निवासी कल्याणपुरा ढिकोला शामिल हैं। श्यामलाल जाट पर पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने क्रमशः कोटड़ी और ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एएसपी राजेश आर्य ने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 2016 का है, जब तत्कालीन शाहपुरा के पंचायत प्रसार अधिकारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत फुलिया खुर्द के रिकॉर्ड की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 2010 से 2015 तक का रिकॉर्ड अधूरा था तथा इस अवधि में ग्राम पंचायत के विभिन्न खातों में कुल ₹83,98,700 जमा हुए थे, जिनमें से ₹78,60,973 की राशि निकाली गई, परंतु उसका कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं था। नये पंचायत चुनाव के बाद हुई शिकायत पर की जांच में तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक और ग्राम सेवक श्यामलाल जाट पर सरकारी धन के गबन का आरोप सिद्ध हुआ। प्रकरण संख्या 53/2016 धारा 409 भादंसं के अंतर्गत शाहपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदलते रहे। श्यामलाल जाट वर्तमान में ग्राम पंचायत बन का खेड़ा, पंचायत समिति कोटड़ी में पदस्थ था और पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। शाहपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोटड़ी सर्किल में दिखाई दिया है। इस पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।पूछताछ में उसके साथी तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक का नाम सामने आया, जिसे भी पुलिस ने ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने शाहपुरा थाना पुलिस टीम की तत्परता और सतर्कता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की धरपकड़ और गंभीर अपराधों के आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा शेष गबन राशि की वसूली और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।