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विश्व बैंक की मदद से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना पूरी, कुल लागत 237 करोड़ रुपये

विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा, परियोजना लागत 237 करोड़ रूपये भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना की कुल लागत 237 करोड़ रुपये है, जिसमें इसके 10 वर्षों के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल है। परियोजना के तहत शहर में 28 एमएलडी क्षमता वाला सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है और 271 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से छिंदवाड़ा की 2 लाख से अधिक आबादी को लाभ हो रहा है। आधुनिक तकनीक से तैयार सीवरेज प्लांट में मलजल के शोधन के बाद निकले जल का सिंचाई और अन्य कार्यों में पुन: उपयोग किया जा रहा है। सीवरेज प्लांट के बन जाने से शहर की स्वच्छता में सुधार हुआ है। अब नगर का मलजल सीधे नदियों में पूरी तरह से न मिलने पर सफलता मिली है। सीवरेज प्लांट के निर्माण से शहर के पर्यावरण संरक्षण को और भी मदद मिली है। आधार बेस अटेंडेंस पर प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्‍यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्‍पनी के मुख्‍यालय में आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला में कंपनी में काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को आधार बेस अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस प्रणाली के लागू होने से गुड गवर्नेंस के साथ कंपनी की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आई है। प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम डिजिटल सत्यापन तकनीक से परिचित कराना तथा कार्यक्षमता को मजबूत करना था। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।  

मैहर को मिलेगी सीवरेज समस्या से राहत, जल्द पूरी होगी परियोजना, 75 हजार लोग होंगे लाभान्वित

 मैहर नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से माता शारदा की नगरी मैहर में सीवरेज परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना शहर के समग्र विकास के साथ जनस्वास्थ्य में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के अंतर्गत 15 हजार से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़े जाने का कार्यक्रम है, जिससे लगभग 75 हजार से अधिक की आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही मैहर में माता शारदा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुजन भी इस सुविधा से लाभान्वित होंगे। इस परियोजना से शहर की स्वच्छता और पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव आएगा। एशियन डेवलपमेंट बैंक की 160 करोड़ 34 लाख रुपये लागत वाली परियोजना में 10 वर्षों के संचालन और संधारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। शहर में करीब 130 किलोमीटर सीवरेज लाइन बिछाई जा रही है, इसमें से अब तक 104 किलोमीटर लाइन का कार्य पूरा हो चुका है। कार्य की तेज गति को देखते हुए यह अनुमान है कि शेष कार्य भी तय समय-सीमा में पूरा होगा। परियोजना के पूर्ण होने पर न सिर्फ मल-जल के शोधन की आधुनिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि इससे जल जनित बीमारियों में कमी, स्वास्थ्य में सुधार और सड़कों व नालियों की स्वच्छता सुनिश्चित होगी। नालियों में गंदा पानी बहने की समस्या समाप्त होगी और वातावरण अधिक स्वच्छ व सुरक्षित बन सकेगा। यह सीवरेज परियोजना स्वच्छ भारत मिशन और सतत नगरीय विकास की दिशा में एक ठोस पहल है, जो मैहर को एक आधुनिक, स्वच्छ और स्वस्थ नगरी के रूप में विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।  

सिंहपुर सीवरेज परियोजना अंतिम चरण में, सफल परीक्षणों से बढ़ी उम्मीदें

नरसिंहपुर मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा जर्मन विकास बैंक केएफडब्ल्यू के सहयोग से नरसिंहपुर में संचालित सीवरेज परियोजना का कार्य अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। इस अत्याधुनिक परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्र में सुनियोजित मलजल प्रबंधन सुनिश्चित कर नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करना है। इस परियेाजना का सफल प्रायोगिक परीक्षण जारी है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत कार्यरत है। उल्लेखनीय है कि परियोजना के अंतर्गत नरसिंहपुर में दो आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिनकी क्षमता क्रमशः 6.25 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) और 2.75 एमएलडी है। परियोजना में 6 इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन का निर्माण भी किया गया है। इसके साथ ही नगर में लगभग 122 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे पूरे नेटवर्क को सुव्यवस्थित रूप से जोड़ा गया है। नरसिंहपुर सीवरेज परियोजना 105 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है। इस परियोजना के माध्यम से 15 हजार 4 सौ से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाना है, इस परियोजना में अभी तक 13 हजार से अधिक कनेक्शन दिए जा चुके है। परियोजना के पूरा होने पर इससे नगरवासियों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं प्राप्त होने के साथ बीमारियों के खतरे में उल्लेखनीय कमी होगी। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन से नदी, नालों और जल स्रोतों में गंदे जल के प्रवाह पर नियंत्रण होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।