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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन कौशल विकास मिशन के पवेलियन में हुनर, रचनात्मकता और सीखने का उत्साह

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का पवेलियन हुनर, रचनात्मकता और सीखने के उत्साह से गुलजार रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पवेलियन पहुंचे और यहां न सिर्फ प्रदेश की पारंपरिक कला और उत्पादों को करीब से देखा, बल्कि कई कौशलों को खुद करके सीखने का अनुभव भी लिया। यूपीएसडीएम के ‘स्किल मंच’ पर रविवार को नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा ने खास आकर्षण पैदा किया। बच्चों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युवाओं ने भी गायकी और फाइन आर्ट्स के जरिए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर रंगों के जरिए युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को मंच पर आकार दिया। खास बात यह रही कि मंच पर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। पहली बार शुरू किए गए ‘स्किल मंच’ का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ कौशल, करियर और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, हर स्टॉल पर लोगों को कुछ नया देखने और सीखने को मिला। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर विजिटर्स ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर सुंदर कलाकृतियां बनाने की कोशिश की। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी के स्टॉल पर लोगों ने सुई-धागे से होने वाली बारीक कारीगरी को करीब से समझा और खुद भी इसे आजमाया। यहां कौशल केवल प्रदर्शित नहीं किया गया, बल्कि लोगों को ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ के अंदाज में इससे जोड़ा गया। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर कला और कौशल का अभ्यास किया।  यूपीएसडीएम पवेलियन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कला और उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स को देखने और उनके बारे में जानने के लिए विजिटर्स की विशेष रुचि दिखाई दी। प्रतापगढ़ के स्टॉल पर लोगों ने आंवला से बने विभिन्न उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनका स्वाद भी चखा। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी ने अपनी बारीक कारीगरी से लोगों का ध्यान खींचा। विजिटर्स उत्पादों को देखने के साथ उनके निर्माण, परंपरा और उनसे जुड़े कौशल की जानकारी भी लेते नजर आए। पवेलियन में इस तरह कला, कौशल, सीखने और अनुभव का संगम देखने को मिल रहा है। पवेलियन की गतिविधियां यह संदेश दे रही हैं कि हुनर सिर्फ देखने की चीज नहीं, बल्कि उसे सीखा, समझा और अपने हाथों से आजमाया भी जा सकता है।

एडीबी प्रतिनिधिमंडल ने देखा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का उत्कृष्ट कौशल विकास मॉडल

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में एशियन डेवलपमेंट बैंक बोर्ड के सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल पहुँचा और संस्थान की आधुनिक अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं तथा विद्यार्थियों की दक्षता और नवाचारों का अवलोकन किया। प्रतिष्ठित एडीबी प्रतिनिधिमंडल में श्री निम दोरजी, श्री वेइहुआ लियू, सुश्री सुपक चैयावान, सुश्री माया स्वेर्टूप, सुश्री हारुका सेव्या, श्री पोनुराज वेलुसामी, सुश्री लोइस लेई पी. नकारियो, डॉ. व्योमेश पंत और सुश्री पूनम एस. भाम्बरी शामिल रहे। कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क राज्य सरकार और एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से विकसित एक आधुनिक संस्थान है, जो युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का विजन मध्यप्रदेश को स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड के रूप में स्थापित करने का है और इस दिशा में एसएसआरजीएसपी जैसी संस्थाएं निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। यहाँ से प्रशिक्षित विद्यार्थी औद्योगिक संस्थानों में जॉब प्राप्त कर रहे हैं और नई तकनीक आधारित स्टार्टअप्स में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड के सदस्यों ने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर नमन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह से चर्चा की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश शर्मा ने बोर्ड सदस्यों को संस्था में चल रही योजनाओं तथा कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों से जोड़ने के लिए अपनाए गए अभिनव मॉडल से अवगत कराया। ऑडिटोरियम में जीएसपी एंथम के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद एसएसआरजीएसपी की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रशिक्षण प्रणाली, उद्योग-सहयोग और विद्यार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाया गया। बोर्ड सदस्यों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान कौशल शिक्षा में नवाचार और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया कक्ष का भ्रमण किया, जहाँ पॉडकास्ट निर्माण, प्रकाशन कार्य और मीडिया प्रबंधन की आधुनिक सुविधाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद उन्होंने पुस्तकालय का अवलोकन किया, जहाँ पारंपरिक पुस्तकों के साथ डिजिटल संसाधनों की भी व्यापक व्यवस्था है। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने उनकी व्यावहारिक शिक्षण पद्धति और ज्ञान के उपयोग की प्रशंसा की। लाइफ स्किल्स क्लब में विद्यार्थियों ने संवाद, नेतृत्व, रचनात्मक सोच और डिजाइन थिंकिंग से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया। बोर्ड सदस्यों ने इस पहल को युवाओं में आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रतिनिधिमंडल ने ऑटोट्रॉनिक्स, इंजन वर्कशॉप, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग तथा मेकाट्रॉनिक्स लैब का अवलोकन किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स ने उनकी तकनीकी दक्षता और सृजनशीलता को प्रदर्शित किया। भ्रमण के दौरान एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी कैफेटेरिया में हब एंड स्पोक मॉडल के अंतर्गत संभागीय आईटीआई और स्किल्स पार्क के विद्यार्थियों द्वारा विकसित परियोजनाओं को देखा। छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और नवाचार का परिचय दिया, जिसे प्रतिनिधिमंडल ने सराहा। इस अवसर पर एडीबी बोर्ड सदस्यों ने स्टूडेंट्स फर्स्ट पट्टिका का शुभारंभ किया और 'जीएसपी इन नंबर्स' ब्रोशर का अनावरण किया, जिसमें संस्थान की उपलब्धियों और प्रगति की झलक प्रस्तुत की गई है। बोर्ड के सदस्यों और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। एडीबी बोर्ड सदस्यों ने एसएसआरजीएसपी की अधोसंरचना, प्रशिक्षण प्रणाली और विद्यार्थियों की प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान भारत में कौशल विकास का प्रेरणास्रोत है और राज्य के युवाओं को नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।