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कम कीमत, दमदार फीचर्स: ₹5999 में आया 50MP कैमरा और 6000mAh बैटरी वाला नया फोन

नई दिल्ली भारतीय ब्रैंड Ai+ ने अपना नया और क‍िफायती स्‍मार्टफोन Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च कर दिया है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का कैमरा और 6 हजार एमएएच बैटरी दी गई है। इसकी कीमत बेहद कम 5999 रुपये रखी गई है। वहीं, सैमसंग ने नया 60W का कॉम्‍पैक्‍ट पावर एडप्‍टर पेश किया है। iQOO Z11x की इंडिया में लॉन्‍च डेट सामने आ गई है। ओपो ने बताया है कि वह OPPO K14 5G को इसी महीने पेश करने जा रही है। सभी खबरों को वि‍स्‍तार से जानते हैं। Ai+ Pulse 2 लॉन्‍च हुआ 5999 रुपये में Ai+ Pulse 2 को भारत में 5999 रुपये में लॉन्‍च किया गया है। हालांकि कंपनी ने कहा है कि यह कीमत शुरुआती 24 घंटों के लिए प्रभावी रहेगी। इसकी सेल 11 मार्च को दाेपहर 12 बजे से फ्लिपकार्ट पर होगी। इस फोन में 6.745 इंच का HD+ वी-नॉच डिस्‍प्‍ले दिया गया है। 120Hz का रिफ्रेश रेट है। फोन की पीक ब्राइटनैस 400 निट्स है। इसमें 50 मेगापिक्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया गया है। फ्रंट कैमरा 8MP का है। Ai+ Pulse 2 में Unisoc T7250 प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 6 हजार एमएएच बैटरी है, जो 18वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इसके 4GB + 64GB मॉडल की कीमत 5999 और 6GB + 128GB मॉडल के दाम 7999 रुपये हैं। Samsung 60W पावर एडप्‍टर लॉन्‍च Samsung ने अपना 60W पावर एडप्‍टर भारतीय मार्केट में भी पेश कर दिया है। इसे पिछले साल सबसे पहले लाया गया था। अब ये इंडियन मार्केट में भी मिलेगा। दावा है कि इसे स्‍मार्टफोन्‍स के साथ-साथ, लैपटॉप और ईयरबड्स को चार्ज करने के लिए बनाया गया है। यह पावर एडप्‍टर, गैलियम नाइट्रेड (GaN) टेक्‍नोलॉजी पर काम करता है। इससे इसका डिजाइन कॉम्‍पैक्‍ट रखने में मदद मिलती है जबकि इसकी क्षमता बढ़ जाती है। इसकी कीमत 3,499 रुपये है और यह Samsung.com के साथ-साथ Amazon, Flipkart आदि पर मिलेगा। OPPO K14 5G इंडिया लॉन्‍च डेट OPPO K14 5G को भारत में 9 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह पिछले साल आए K13 5G की जगह लेगा। नए ओपो फोन में 7 हजार एमएएच की बैटरी मिलने वाली है। यह 45 वॉट की चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। फोन में Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट दिया जाएगा जो पिछले साल दिए गए Snapdragon 6 Gen 4 के मुकाबले डिसेंट अपग्रेड है। इसके बाकी फीचर्स अभी सामने नहीं आए हैं। iQOO Z11x लॉन्‍च डेट iQOO Z11x को भारत में 12 मार्च को लॉन्‍च किया जाएगा। यह Z सीरीज में कंपनी का नया स्‍मार्टफोन होने वाला है और MediaTek Dimensity 7400 Turbo चिपसेट से पावर्ड होगा। दावा है कि यह 23 हजार रुपये की प्राइस रेंज में सबसे तेज फोन होगा। फोन में 7200 एमएएच की बैटरी दी जाएगी, जो पिछले साल आए मॉडल में दी गई बैटरी के मुकाबले बड़ा अपग्रेड होने वाला है। यह फोन 44 वॉट की फास्‍ट चार्जिंग के साथ आएगा। लेटेस्‍ट एंड्रॉयड 16 पर बेस्‍ड OriginOS 6 पर चलेगा। इसे एमेजॉन के साथ-साथ आईकू इंडिया की वेबसाइट पर सेल किया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी सप्लाई की कमी से 2026 में हो सकता है वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट में गिरावट

नई दिल्ली  गंभीर मेमोरी सप्लाई संकट का सामना कर रहे वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट ने 2025 का अंत मामूली एकल-अंकीय (सिंगल डिजिट) साल-दर-साल वृद्धि के साथ किया। यह बढ़ोतरी बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक हालात और छुट्टियों के मौसम में मजबूत मांग के कारण संभव हुई।  2025 की चौथी तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन शिपमेंट 3.8 प्रतिशत बढ़ी। यह लगातार चौथी तिमाही रही जब बाजार में सुधार देखा गया। साथ ही, यह 2021 के बाद सबसे मजबूत हॉलिडे तिमाही रही। चीन और पूर्वी यूरोप को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार 2026 में बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में अनुमान है कि 2026 में स्मार्टफोन शिपमेंट 12.4 प्रतिशत साल-दर-साल घट सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी की कमी, कंपोनेंट की तेजी से बढ़ती कीमतें और लोअर-एंड ओईएम कंपनियों की संरचनात्मक कमजोरियां 2026 में बाजार पर दबाव डालेंगी। यह गिरावट 2027 तक जारी रह सकती है और सुधार की उम्मीद 2027 के अंत में है, जब अतिरिक्त मेमोरी क्षमता उपलब्ध होगी। काउंटरपॉइंट के प्रिंसिपल एनालिस्ट यांग वांग ने कहा, "इसका असर 2027 की दूसरी छमाही तक जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि मेमोरी सप्लाई बढ़ने में कई तिमाहियां लगेंगी। खासकर निम्न-स्तरीय स्मार्टफोन सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि एलपीडीडीआर4 मेमोरी की सप्लाई अपेक्षा से कहीं अधिक तेजी से घट रही है।" उन्होंने बताया कि ओईएम कंपनियां पहले ही नए लॉन्च में देरी, सीमित प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और स्पेसिफिकेशन में बदलाव जैसे कदम उठा रही हैं। जनवरी 2026 में कुछ एंड्रॉयड ओईएम पोर्टफोलियो में 10 से 20 प्रतिशत तक कीमतों में बढ़ोतरी भी देखी गई है। मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह मेमोरी सप्लाई चेन में गहरा असंतुलन है। निर्माता कंपनियां ज्यादा मुनाफा देने वाले एआई-केंद्रित डीआरएएम और एंटरप्राइज एसएसडी एनएएनडी के लिए वेफर क्षमता का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार के सभी हिस्से समान रूप से प्रभावित नहीं होंगे। प्रीमियम सेगमेंट अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है और सिंगल डिजिट वृद्धि दर्ज कर सकता है, जबकि 200 डॉलर से कम कीमत वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 20 प्रतिशत से अधिक गिरावट की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन, बेहतर मूल्य निर्धारण क्षमता और प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान देने के कारण एप्पल और सैमसंग इस संकट का बेहतर सामना कर सकते हैं।

भारत में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री में भारी गिरावट, 10 साल में पहली बार आई धड़ाम

 नई दिल्ली चीन की स्मार्टफोन कंपनियों को भारत में बड़ा झटका लगा है. करीब एक दशक बाद पहली बार इन ब्रांड्स की कमाई और बाजार हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई है. Xiaomi, Oppo, Realme और OnePlus जैसे बड़े नामों की बिक्री भारत में कमजोर पड़ी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 के दौरान इन कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ निगेटिव रही है, जबकि पिछले कई सालों से लगातार इनका ग्राफ ऊपर जा रहा था. डेटा बताता है कि भारत के स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनियों की हिस्सेदारी 2023 में करीब 54 फीसदी थी. अब यह घटकर लगभग 48 फीसदी के आसपास आ गई है.   क्यों गिर रहा भारत में चीनी स्मार्टफोन मार्केट? यानी हर दो में से एक फोन अब चीनी ब्रांड का नहीं रहा. यह बदलाव अचानक नहीं आया है. पिछले दो सालों में भारतीय ग्राहक धीरे धीरे प्रीमियम और ब्रांड वैल्यू वाले फोन्स की तरफ शिफ्ट कर रहे हैं. Apple और Samsung जैसे ब्रांड्स की बिक्री बढ़ी है, खासकर 30 हजार रुपये से ऊपर वाले सेगमेंट में. इस गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी मानी जा रही है कि एंट्री लेवल और मिड रेंज सेगमेंट में मार्जिन काफी कम हो गया है. पहले जहां चीनी कंपनियां सस्ते फोन बेचकर बड़ी संख्या में यूजर्स जोड़ लेती थीं, अब उसी सेगमेंट में मुकाबला बहुत तेज हो गया है. ऐपल और सैमसंग का दबदबा भारतीय ब्रांड्स और पुराने इंटरनेशनल प्लेयर्स भी आक्रामक ऑफर दे रहे हैं. साथ ही सरकार की मेक इन इंडिया पॉलिसी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग पर जोर का असर भी बाजार पर दिख रहा है. एक और बड़ा कारण प्रीमियम फोन की डिमांड का बढ़ना है. भारत में अब ज्यादा लोग 5G, बेहतर कैमरा और लंबी सॉफ्टवेयर सपोर्ट वाले फोन चाहते हैं. इस सेगमेंट में Apple और Samsung की पकड़ मजबूत है. प्रीमियम स्मार्टफोन्स पर फोकस Xiaomi और Oppo जैसी कंपनियों ने प्रीमियम फोन लॉन्च किए हैं, लेकिन उन्हें अभी तक वैसी ब्रांड ट्रस्ट नहीं मिल पाई है जैसी पुराने खिलाड़ियों को मिली है. OnePlus का प्रीमियम सेगमेंट में नाम जरूर है, लेकिन उसकी कुल बिक्री पर असर पड़ा है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी कंपनियों के लिए यह चेतावनी है. अगर वे सिर्फ सस्ते फोन पर टिके रहेंगी, तो आने वाले समय में मुश्किल बढ़ेगी. अब उन्हें भारत में ज्यादा निवेश करना होगा, लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ानी होगी और प्रीमियम सेगमेंट में भरोसेमंद इमेज बनानी होगी. इसके साथ ही आफ्टर सेल्स सर्विस और सॉफ्टवेयर अपडेट पर भी फोकस करना पड़ेगा, क्योंकि अब भारतीय ग्राहक सिर्फ कीमत नहीं, पूरे एक्सपीरियंस को देखकर फोन खरीद रहा है. चीनी कंपनियों का सप्लाई चेन अब भी मजबूत हालांकि जानकार यह भी कहते हैं कि चीनी कंपनियां इतनी आसानी से बाजार से बाहर नहीं होंगी. इनके पास बड़ा नेटवर्क है, मजबूत सप्लाई चेन है और भारत में पहले से करोड़ों यूजर्स मौजूद हैं. आने वाले महीनों में ये कंपनियां नई स्ट्रैटेजी के साथ वापसी करने की कोशिश करेंगी. लेकिन फिलहाल तस्वीर साफ है. भारत का स्मार्टफोन बाजार बदल रहा है और चीनी ब्रांड्स को अपनी चाल बदलनी होगी, वरना उनकी पकड़ और ढीली पड़ सकती है.

स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर संकट: IDC बोला– 2026 में सबसे बड़ी गिरावट तय

अमेरिकी मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी, इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) ने चेतावनी दी है कि स्‍मार्टफोन मार्केट इस साल 2026 में अबतक की सबसे बड़ी गिरावट देखेगा। इसकी वजह मेमोरी और रैम की कीमतों में बढ़ोतरी को बताया गया है, जिससे स्‍मार्टफोन्‍स महंगे हो रहे हैं। आईडीसी ने कहा है कि स्‍मार्टफोन कंपनियों का शिपमेंट यानी डिवाइस की शिपिंग 10 साल से भी ज्‍यादा समय के निचले स्‍तर को देखने वाली है। हाल ही में देखा गया है कि स्‍मार्टफोन कंपनियों ने अपने तमाम प्रोडक्‍ट्स की कीमतों को बढ़ाया है। सैमसंग की A और F सीरीज के पुराने मॉडलों में 1 हजार रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। यह सब मेमोरी चिप्‍स और रैम की कीमत बढ़ने की वजह से हो रहा है। दिग्‍गज कंपनी वेस्‍टर्न डिजिटल (WD) ने हाल ही में बताया था कि उसके पास अगले 1 साल के मेमोरी चिप्‍स के ऑर्डर आ गए हैं। 12.9% घट सकता है स्‍मार्टफोन श‍िपमेंट IDC की रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, इस साल स्मार्टफोन शिपमेंट में 12.9% फीसदी की कमी देखने को मिल सकती है। इसके कुल स्‍मार्टफोन्‍स की शिपिंग 1.12 अरब यूनिट रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गिरावट के कारण सबसे ज्‍यादा प्रभावित होंगे, सस्‍ते एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन बनाने वाले मैन्‍युफैक्‍चरर्स। छोटी कंपनियां कर रहीं बड़ा संघर्ष इस रिपोर्ट में बताया गया है कि स्‍मार्टफोन मार्केट में कीमतें बढ़ने से छोटी कंपनियां बड़ा संघर्ष कर रही हैं। वह मार्केट से बाहर हो रही हैं। वहीं, ऐपल और सैमसंग जैसे दिग्‍गज अपना मार्केट शेयर बनाए हुए हैं। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि प्रीमियम सेगमेंट में यूजर कुछ हजार के अंतर को गंभीरता से नहीं लेता। 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी मुश्किल पैदा कर देती है। कहां परेशानी झेलेंगी कंपनियां? एनाल‍िस्‍ट ने बताया IDC की रिपोर्ट में एनालिस्ट्स ने बताया है कि कॉम्‍पोनेंट की लागत बढ़ने से स्‍मार्टफोन कंपनियों का मार्जिन कम होगा। उन्‍हें इसका बोझ अपने ग्राहकों पर डालना होगा। और कीमत बढ़ने से डिमांड कमजोर हो रही है। आईडीसी की रिपोर्ट कहती है कि अपने प्रीमियम स्‍मार्टफाेन्‍स की बदौलत ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां इस मुसीबत का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।

2025 में भारत में सस्ते 5G स्मार्टफोन की डिमांड में भारी उछाल, शिपमेंट में 1,900% वृद्धि

नई दिल्ली   साल 2025 में भारत में सस्ते 5जी स्मार्टफोन की शिपमेंट (डिलीवरी) में साल-दर-साल आधार पर 1,900 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें, एंट्री-लेवल 5जी चिपसेट की बेहतर उपलब्धता और देश भर में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार रहा। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच गया। इस दौरान सस्ते 5जी फोन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और महंगे (प्रीमियम) स्मार्टफोन की मांग भी बनी रही। सबसे बड़ा बदलाव 6,000 से 8,000 रुपए की कीमत वाले फोन सेगमेंट में देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया कि कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 5जी फोन की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही, जो सालाना आधार पर 12 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि 5जी अब सिर्फ महंगे फोन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। भारत में एप्पल ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और मार्केट शेयर 9 प्रतिशत तक पहुंच गया। आईफोन 16 सीरीज में बेस मॉडल आईफोन 16 की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि लोग प्रो या प्लस मॉडल के बजाय कम कीमत वाले मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी ने कहा, "2025 भारत के स्मार्टफोन बाजार के लिए गिरावट का नहीं, बल्कि दोबारा संतुलन बनाने का साल रहा। भले ही कुल बिक्री में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन सस्ते 5जी फोन की तेजी, महंगे फोन की स्थिर मांग और नए ब्रांड्स के उभरने से यह साफ है कि बाजार कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि बदल रहा है।" 2025 में 6.7 इंच या उससे बड़े डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जिससे साफ है कि अब ग्राहक बड़े स्क्रीन वाले फोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में मीडियाटेक 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में क्वालकॉम ने 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बनाए रखी। सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के एनालिस्ट पंकज जादली ने कहा कि 2026 में कंपोनेंट और मेमोरी की बढ़ी हुई लागत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसका असर यह होगा कि साल भर उपभोक्ताओं का खरीदारी व्यवहार ज्यादा सोच-समझकर और सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्मार्टफोन बाजार से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि वे अब ज्यादा चयनशील हो गए हैं। लोग अपने मौजूदा फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं और तभी अपग्रेड कर रहे हैं, जब उन्हें नए डिवाइस में वाकई बेहतर वैल्यू नजर आती है।

साल 2026 में महंगे होंगे स्मार्टफोन, कीमतों में 8% की वृद्धि का अनुमान

मुंबई  साउथ कोरियन टेक कंपनी Samsung अपनी अगली फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज को लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले ही कंपनी ने स्मार्टफोन की कीमतों को लेकर एक अहम इशारा कर दिया है। Samsung Electronics के ग्लोबल को-CEO और मोबाइल बिजनेस हेड रोह ताए-मून ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात पहले कभी नहीं आए हैं और ऐसे में सैमसंग स्मार्टफोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी टालना मुश्किल हो सकता है। जो भी डिवाइस आप इस्तेमाल करते हैं साल 2026 में उनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसकी वजह से रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) की कीमतों में तेजी आना. अक्तूबर 2025 के बाद से रैम की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. रैम का इस्तेमाल कंप्यूटर, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, यहां तक की मेडिकल डिवाइस में भी होता है. रैम की कीमतें बढ़ने की वजह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े हुए डेटा सेंटर्स की ग्रोथ है. इन्हें ऑपरेट होने के लिए भी रैम की ज़रूरत होती है. इसके चलते डिमांड और सप्लाई में भारी गैप आ गया है और सभी को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. 2026 में कम होगी स्मार्टफोन की बिक्री काउंटर प्वाइंट ने अनुमान लगाया है कि 2026 में स्मार्टफोन की बिक्री कम होगी और ग्लोबल शिपमेंट में 2.1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कंपोनेंट का महंगा होना है. कंपोनेंट महंगे होने के कारण कंपनियों को स्मार्टफोन बनाने की लागत ज्यादा आ रही है और इसका सीधा असर फोन की कीमत पर पड़ेगा, जो ग्राहकों को चुकानी होगी. सस्ते मॉडल्स पर सबसे ज्यादा असर लागत बढ़ने के सबसे ज्यादा असर 200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 18,000 रुपये) से सस्ती कीमत वाले मॉडल्स पर पड़ेगा. काउंटर प्वाइंट का कहना है कि इस साल की शुरुआत से इन फोन को बनाने की लागत 20-30 प्रतिशत बढ़ चुकी है. ऐसे में अब कंपनियों के पास इनकी कीमत बढ़ाने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचा है. कीमत बढ़ाने पर बजट सेगमेंट वाले ग्राहक इन्हें खरीदेंगे नहीं. इसलिए कंपनियां अब सस्ते मॉडल लॉन्च करने से पीछे हट रही हैं. महंगे फोन पर भी असर बजट के साथ-साथ मिड-रेंज और प्रीमियम फोन भी बढ़ती लागत का असर पड़ा है और अब कंपनियों के लिए इन्हें बनाना 15-20 प्रतिशत महंगा पड़ रहा है. यहां लागत बढ़ने का बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की कमी और आसमान छूते दाम है. एआई के चलते कंज्यूमर मेमोरी चिप्स का प्रोडक्शन कम हुआ है और 2026 की दूसरी छमाही तक इनके दाम 40 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं. इसके चलते भी कंपनियों की लागत 8-15 प्रतिशत तक और बढ़ सकती है. टेक इवेंट CES 2026 से पहले ग्लोबल मीडिया से बातचीत में रोह ने माना कि सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप्स की लागत तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आने वाले प्रीमियम फोन्स की कीमत पर पड़ेगा। यानी Galaxy S26 सीरीज, Samsung के अब तक के सबसे महंगे स्मार्टफोन्स में से एक हो सकती है। ऐसा ही ट्रेंड इस साल अन्य स्मार्टफोन्स के साथ भी देखने को मिल सकता है। क्यों बढ़ सकती है Samsung फोन्स की कीमत? टेक इंडस्ट्री इस वक्त मेमोरी सप्लाई क्रंच से जूझ रही है। The Korea Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में जनरल-पर्पज DRAM (8Gb DDR4) की कीमत 1.35 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 9.30 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। यह लगभग 7 गुना बढ़ोतरी है। DRAMeXchange के आंकड़ों के मुताबिक, AI इंफ्रास्ट्रक्चर की जबरदस्त मांग के कारण मेमोरी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। रोह ताए-मून ने कहा है, 'हम मेमोरी प्राइसिंग के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं', और इसका सीधा असर नए फोन्स की लागत पर पड़ने वाला है। Galaxy S26 सीरीज में क्या होगा खास? Galaxy S26 सीरीज, Samsung के लिए सिर्फ एक नया फोन नहीं बल्कि एक स्ट्रैटेजिक प्रोडक्ट होगी। इस सीरीज में कंपनी का अपना 2-नैनोमीटर Exynos 2600 चिपसेट देखने को मिलेगा, साथ ही Galaxy AI के तहत कई नए AI-पावर्ड फीचर्स भी पेश किए जाएंगे। यह फोन Samsung के वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल का असली टेस्ट भी होगा, जिसमें उसके सेमीकंडक्टर और फाउंड्री डिवीजन बड़ी भूमिका निभाते हैं। AI इकोसिस्टम को बढ़ाने की कोशिश Samsung हार्डवेयर के साथ-साथ अपने AI इकोसिस्टम को तेजी से बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। कंपनी का दावा है कि वह 2026 के अंत तक Galaxy AI वाले डिवाइसेज की संख्या 400 मिलियन से बढ़ाकर 800 मिलियन करना चाहती है। फिलहाल Galaxy AI, Samsung की इन-हाउस टेक्नोलॉजी और Google के Gemini मॉडल के कॉम्बिनेशन पर चलता है, जिससे इमेज एडिटिंग, ऑन-डिवाइस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं। इंटरनल सर्वे के मुताबिक, Galaxy यूजर्स में AI ब्रैंड अवेयरनेस 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुकी है। हालांकि, कंपनी यह भी सोच रही है कि भविष्य में कुछ प्रीमियम AI फीचर्स के लिए फीस ली जाए। अभी कोर फीचर्स मुफ्त रहेंगे, लेकिन कुछ एडवांस सुविधाएं पेड मॉडल में जा सकती हैं।

मोबाइल फोटोग्राफी अपग्रेड करें: स्मार्टफोन से DSLR जैसी फोटो लेने के बेहतरीन उपाय

इन दिनों लॉन्च होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बेहतर कैमरा दिया जाता है। कई स्मार्टफोन्स में तो डीएसएलआर की तरह ही प्रोफेशनल मोड्स दिए जाते हैं। लेकिन बेहतर कैमरा होने के बावजूद आपको बेहतर तस्वीरें क्लिक करने में परेशानी आ सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे स्मार्ट तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप भी डीएसएलआर क्वालिटी की तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। कलर एडजस्ट करना तस्वीर क्लिक करने से पहले आप कैमरे के व्हाइट बैलेंस ऑप्शन में जाकर इसका कलर एडजस्ट कर लें। कई बार लो लाइट में तस्वीर लेते समय हमे कलर करेक्शन करना जरूरी होता है नहीं तो हमारे मन के मुताबिक तस्वीरे हम क्लिक नहीं कर पाते हैं। ब्राइटनेस कंट्रोल करना कलर के साथ ही ब्राइटनेस कंट्रोल करना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादा रोशनी की वजह से कैमरे से ली गई तस्वीर काफी चमकीला दिखाई देता है जो कि आपकी आखों को अच्छा नहीं लगता है। इसके लिए प्रोफेशनल मोड में कम रोशनी में तस्वीर क्लिक करने के लिए शटर स्पीड और ISO को कम से कम 400 रखना होगा तभी आप बेहतर तस्वीर क्लिक कर सकते हैं। हाथ को स्टेबल रखें डीएसएलआर में स्टेब्लाइजर दिया होता है जो कैमरे को स्थिर रखने में मदद करता है लेकिन स्मार्टफोन में स्टेब्लाइजर नहीं दिया होता है जिसकी वजह से फोन में ली गई तस्वीर के हिलने का डर रहता है। हाथ के हिल जाने की वजह से तस्वीर ब्लर या धूंधली दिखाई देती है। हमेशा मैनुअल या प्रोफेशनल मोड में खींचे तस्वीरें अगर आप बेहतर तस्वीर क्लिक करना चाहते हैं तो कैमरा ऐप को मैनुअल या फिर प्रोफेशनल मोड में ही इस्तेमाल करें। इससे आपके फोन से क्लिक की हुई तस्वीर बेहतर दिखाई देती है। फिल्टर का करें इस्तेमाल कैमरा में अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए आपको फिल्टर का इस्तेमाल करना जरूरी है। बिना फिल्टर के तस्वीर क्लिक करने पर तस्वीरें खराब हो सकती हैं।  

दीपावली की रौशनी में चमकती तस्वीरें: स्मार्टफोन कैमरा सेटिंग्स जो आपकी फोटो बदल दें

नई दिल्ली दिवाली यानी रोशनी का त्योहार, खुशी, उत्साह और अपनों के साथ समय बिताने का मौका है। इस दौरान हर कोई चाहता है कि वो अपने घर की सजावट, जलते दीये, और आतिशबाजी को तस्वीरों में कैद कर ले। अपने स्मार्टफोन और कुछ आसान टिप्स के साथ आप दिवाली की ऐसी तस्वीरें खींच सकते हैं जो हर किसी को वाह कहने पर मजबूर कर दें। आइए, इस लेख में जानते हैं कि कैसे आप अपने स्मार्टफोन से दिवाली की जादुई तस्वीरें ले सकते हैं। तस्वीर का फ्रेम तस्वीर खींचने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका फ्रेम कैसा होगा। चाहे वो जलता हुआ दीया हो या रंग-बिरंगी आतिशबाजी, अपने स्मार्टफोन को सही जगह पर रखें। फोकस हमेशा अपने सब्जेक्ट पर रखें। स्मार्टफोन को स्थिर रखें, अगर आपके पास ट्राइपॉड है, तो उसका इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे तस्वीरें धुंधली होने से बचेंगी। फ्रेम सेट करते समय बैकग्राउंड पर भी ध्यान दें, ताकि तस्वीर में कोई अनचाही चीज न आए। एक्सपोजर दिवाली की तस्वीरों को खास बनाने में एक्सपोजर की बड़ी भूमिका होती है। एक्सपोजर का मतलब है कि आपके कैमरे का सेंसर कितनी रोशनी लेता है। आप अपने स्मार्टफोन में एक्सपोजर सेटिंग्स को मैन्युअली बदल सकते हैं या Long Exposure Camera 2 जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिवाली के टाइम पर एक्सपोजर अधिक रखें, ताकि चमकदार फोटो आए। पोर्ट्रेट मोड आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन्स में पोर्ट्रेट मोड होता है, जो दिवाली की तस्वीरों को शानदार बना सकता है। इस मोड में आप अपने दीया या किसी व्यक्ति पर फोकस कर सकते हैं, जिसके बाद बैकग्राउंड को खुद-ब-खुद धुंधला हो जाएगा। इससे Bokeh इफेक्ट बनता है, जो तस्वीर को प्रोफेशनल लुक देता है। यह मोड खासकर दीयों की तस्वीरें या परिवार के साथ पोर्ट्रेट लेने के लिए बहुत अच्छा है। पैनोरमा मोड अगर आप अपने घर की सजावट या आसमान में छाई आतिशबाजी की पूरी तस्वीर कैद करना चाहते हैं, तो पैनोरमा मोड का इस्तेमाल करें। यह मोड कई तस्वीरों को जोड़कर एक वाइड एंगल तस्वीर बनाता है। ये फीचर्स भी यूज कर सकते हैं अपने स्मार्टफोन के कैमरा ऐप में मौजूद दूसरे फीचर्स को भी आजमाएं। HDR (हाई डायनामिक रेंज), नाइट मोड, और अलग-अलग फिल्टर्स आपकी तस्वीरों को और खूबसूरत बना सकते हैं। इन सेटिंग्स के साथ प्रयोग करके आप अपनी तस्वीरों में क्रिएटिविटी जोड़ सकते हैं।

इन एप्स से बनाए अपने स्मार्टफोन को और तेज

स्मार्टफोन की स्मार्टनेस तब धरी की धरी रह जाती है जब यह स्लो चलता है। फोन की स्पीड को प्रभावित करने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे-जंक फाइल्स, कैशे फाइल्स की स्टोरेज। यूं तो गूगल प्ले स्टोर पर फोन की क्लीनिंग के लिए बहुत से एप्स उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही हैं, जो सही तरीके से फोन को क्लीन कर सकते हैं। इसलिए आज आपको कुछ ऐसे एप्स बताते हैं जो आपके फोन की स्पीड को बढ़ा सकते हैं। इन्हें फ्री में इंस्टॉल किया जा सकता है। क्लीन मास्टर 4.0: मोबाइल की फास्ट स्पीड के लिए क्लीन मास्टर लोकप्रिय एप्स में से एक है। इसकी हेल्प से अनवांटेड बैकग्राउंड एप्स को क्लोज किया जा सकता है और बेकार फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं, जिससे फोन का स्टोरेज काफी सेव हो जाता है। बैकग्राउंड एप्स के क्लोज होने से पॉवर सेव हो जाती है और फोन की स्पीड दुरुस्त हो जाती है। सिस्टम क्लीनर: फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए यह बेहतरीन एप्लीकेशन्स में से एक है। सिस्टम क्लीनर एप कॉल्स रिकॉर्ड, सर्च हिस्ट्री, गूगल मैप हिस्ट्री, जीमेल हिस्ट्री को डिलीट करके फोन की स्पीड बढ़ा देता है। एंड्रायड बूस्टर: एंड्रायड बूस्टर से बस एक क्लिक करके फोन की मैमोरी बढ़ाई जा सकती है, जिससे मोबाइल की प्रोसेसिंग तेज हो जाती है। स्मार्ट रैम बूस्टर: जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि यह एप रैम की स्पीड को बढ़ा देता है। स्मार्ट रैम बूस्टर को क्लीनर एप के नाम से भी जाना जाता है। इसकी मदद से बस एक क्लिक पर स्मार्टफोन की कैशे फाइल्स डिलीट हो जाती है।