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2025 में भारत में सस्ते 5G स्मार्टफोन की डिमांड में भारी उछाल, शिपमेंट में 1,900% वृद्धि

नई दिल्ली   साल 2025 में भारत में सस्ते 5जी स्मार्टफोन की शिपमेंट (डिलीवरी) में साल-दर-साल आधार पर 1,900 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। इसकी बड़ी वजह आक्रामक कीमतें, एंट्री-लेवल 5जी चिपसेट की बेहतर उपलब्धता और देश भर में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार रहा। साइबरमीडिया रिसर्च (सीएमआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत का स्मार्टफोन बाजार एक बड़े बदलाव के दौर में पहुंच गया। इस दौरान सस्ते 5जी फोन की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और महंगे (प्रीमियम) स्मार्टफोन की मांग भी बनी रही। सबसे बड़ा बदलाव 6,000 से 8,000 रुपए की कीमत वाले फोन सेगमेंट में देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया कि कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में 5जी फोन की हिस्सेदारी 88 प्रतिशत रही, जो सालाना आधार पर 12 प्रतिशत ज्यादा है। इससे साफ है कि 5जी अब सिर्फ महंगे फोन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। भारत में एप्पल ने सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की और मार्केट शेयर 9 प्रतिशत तक पहुंच गया। आईफोन 16 सीरीज में बेस मॉडल आईफोन 16 की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि लोग प्रो या प्लस मॉडल के बजाय कम कीमत वाले मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। सीएमआर की सीनियर एनालिस्ट मेनका कुमारी ने कहा, "2025 भारत के स्मार्टफोन बाजार के लिए गिरावट का नहीं, बल्कि दोबारा संतुलन बनाने का साल रहा। भले ही कुल बिक्री में थोड़ी कमी आई हो, लेकिन सस्ते 5जी फोन की तेजी, महंगे फोन की स्थिर मांग और नए ब्रांड्स के उभरने से यह साफ है कि बाजार कमजोर नहीं हो रहा, बल्कि बदल रहा है।" 2025 में 6.7 इंच या उससे बड़े डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत रही, जिससे साफ है कि अब ग्राहक बड़े स्क्रीन वाले फोन ज्यादा पसंद कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के स्मार्टफोन चिपसेट बाजार में मीडियाटेक 45 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में क्वालकॉम ने 34 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ बढ़त बनाए रखी। सीएमआर में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के एनालिस्ट पंकज जादली ने कहा कि 2026 में कंपोनेंट और मेमोरी की बढ़ी हुई लागत के चलते स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बना रहेगा। इसका असर यह होगा कि साल भर उपभोक्ताओं का खरीदारी व्यवहार ज्यादा सोच-समझकर और सीमित रहेगा। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता स्मार्टफोन बाजार से दूर नहीं हुए हैं, बल्कि वे अब ज्यादा चयनशील हो गए हैं। लोग अपने मौजूदा फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक कर रहे हैं और तभी अपग्रेड कर रहे हैं, जब उन्हें नए डिवाइस में वाकई बेहतर वैल्यू नजर आती है।

साल 2026 में महंगे होंगे स्मार्टफोन, कीमतों में 8% की वृद्धि का अनुमान

मुंबई  साउथ कोरियन टेक कंपनी Samsung अपनी अगली फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज को लॉन्च करने की तैयारी में है, लेकिन इससे पहले ही कंपनी ने स्मार्टफोन की कीमतों को लेकर एक अहम इशारा कर दिया है। Samsung Electronics के ग्लोबल को-CEO और मोबाइल बिजनेस हेड रोह ताए-मून ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात पहले कभी नहीं आए हैं और ऐसे में सैमसंग स्मार्टफोन्स की कीमतों में बढ़ोतरी टालना मुश्किल हो सकता है। जो भी डिवाइस आप इस्तेमाल करते हैं साल 2026 में उनकी कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. इसकी वजह से रैंडम एक्सेस मेमोरी (रैम) की कीमतों में तेजी आना. अक्तूबर 2025 के बाद से रैम की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. रैम का इस्तेमाल कंप्यूटर, स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, यहां तक की मेडिकल डिवाइस में भी होता है. रैम की कीमतें बढ़ने की वजह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े हुए डेटा सेंटर्स की ग्रोथ है. इन्हें ऑपरेट होने के लिए भी रैम की ज़रूरत होती है. इसके चलते डिमांड और सप्लाई में भारी गैप आ गया है और सभी को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है. 2026 में कम होगी स्मार्टफोन की बिक्री काउंटर प्वाइंट ने अनुमान लगाया है कि 2026 में स्मार्टफोन की बिक्री कम होगी और ग्लोबल शिपमेंट में 2.1 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह कंपोनेंट का महंगा होना है. कंपोनेंट महंगे होने के कारण कंपनियों को स्मार्टफोन बनाने की लागत ज्यादा आ रही है और इसका सीधा असर फोन की कीमत पर पड़ेगा, जो ग्राहकों को चुकानी होगी. सस्ते मॉडल्स पर सबसे ज्यादा असर लागत बढ़ने के सबसे ज्यादा असर 200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 18,000 रुपये) से सस्ती कीमत वाले मॉडल्स पर पड़ेगा. काउंटर प्वाइंट का कहना है कि इस साल की शुरुआत से इन फोन को बनाने की लागत 20-30 प्रतिशत बढ़ चुकी है. ऐसे में अब कंपनियों के पास इनकी कीमत बढ़ाने के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं बचा है. कीमत बढ़ाने पर बजट सेगमेंट वाले ग्राहक इन्हें खरीदेंगे नहीं. इसलिए कंपनियां अब सस्ते मॉडल लॉन्च करने से पीछे हट रही हैं. महंगे फोन पर भी असर बजट के साथ-साथ मिड-रेंज और प्रीमियम फोन भी बढ़ती लागत का असर पड़ा है और अब कंपनियों के लिए इन्हें बनाना 15-20 प्रतिशत महंगा पड़ रहा है. यहां लागत बढ़ने का बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की कमी और आसमान छूते दाम है. एआई के चलते कंज्यूमर मेमोरी चिप्स का प्रोडक्शन कम हुआ है और 2026 की दूसरी छमाही तक इनके दाम 40 प्रतिशत तक और बढ़ सकते हैं. इसके चलते भी कंपनियों की लागत 8-15 प्रतिशत तक और बढ़ सकती है. टेक इवेंट CES 2026 से पहले ग्लोबल मीडिया से बातचीत में रोह ने माना कि सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप्स की लागत तेजी से बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आने वाले प्रीमियम फोन्स की कीमत पर पड़ेगा। यानी Galaxy S26 सीरीज, Samsung के अब तक के सबसे महंगे स्मार्टफोन्स में से एक हो सकती है। ऐसा ही ट्रेंड इस साल अन्य स्मार्टफोन्स के साथ भी देखने को मिल सकता है। क्यों बढ़ सकती है Samsung फोन्स की कीमत? टेक इंडस्ट्री इस वक्त मेमोरी सप्लाई क्रंच से जूझ रही है। The Korea Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में जनरल-पर्पज DRAM (8Gb DDR4) की कीमत 1.35 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 9.30 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है। यह लगभग 7 गुना बढ़ोतरी है। DRAMeXchange के आंकड़ों के मुताबिक, AI इंफ्रास्ट्रक्चर की जबरदस्त मांग के कारण मेमोरी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं। रोह ताए-मून ने कहा है, 'हम मेमोरी प्राइसिंग के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं', और इसका सीधा असर नए फोन्स की लागत पर पड़ने वाला है। Galaxy S26 सीरीज में क्या होगा खास? Galaxy S26 सीरीज, Samsung के लिए सिर्फ एक नया फोन नहीं बल्कि एक स्ट्रैटेजिक प्रोडक्ट होगी। इस सीरीज में कंपनी का अपना 2-नैनोमीटर Exynos 2600 चिपसेट देखने को मिलेगा, साथ ही Galaxy AI के तहत कई नए AI-पावर्ड फीचर्स भी पेश किए जाएंगे। यह फोन Samsung के वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल का असली टेस्ट भी होगा, जिसमें उसके सेमीकंडक्टर और फाउंड्री डिवीजन बड़ी भूमिका निभाते हैं। AI इकोसिस्टम को बढ़ाने की कोशिश Samsung हार्डवेयर के साथ-साथ अपने AI इकोसिस्टम को तेजी से बढ़ाने पर भी काम कर रहा है। कंपनी का दावा है कि वह 2026 के अंत तक Galaxy AI वाले डिवाइसेज की संख्या 400 मिलियन से बढ़ाकर 800 मिलियन करना चाहती है। फिलहाल Galaxy AI, Samsung की इन-हाउस टेक्नोलॉजी और Google के Gemini मॉडल के कॉम्बिनेशन पर चलता है, जिससे इमेज एडिटिंग, ऑन-डिवाइस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स मिलते हैं। इंटरनल सर्वे के मुताबिक, Galaxy यूजर्स में AI ब्रैंड अवेयरनेस 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो चुकी है। हालांकि, कंपनी यह भी सोच रही है कि भविष्य में कुछ प्रीमियम AI फीचर्स के लिए फीस ली जाए। अभी कोर फीचर्स मुफ्त रहेंगे, लेकिन कुछ एडवांस सुविधाएं पेड मॉडल में जा सकती हैं।

मोबाइल फोटोग्राफी अपग्रेड करें: स्मार्टफोन से DSLR जैसी फोटो लेने के बेहतरीन उपाय

इन दिनों लॉन्च होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन्स में बेहतर कैमरा दिया जाता है। कई स्मार्टफोन्स में तो डीएसएलआर की तरह ही प्रोफेशनल मोड्स दिए जाते हैं। लेकिन बेहतर कैमरा होने के बावजूद आपको बेहतर तस्वीरें क्लिक करने में परेशानी आ सकती है। आज हम आपको कुछ ऐसे स्मार्ट तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप भी डीएसएलआर क्वालिटी की तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। कलर एडजस्ट करना तस्वीर क्लिक करने से पहले आप कैमरे के व्हाइट बैलेंस ऑप्शन में जाकर इसका कलर एडजस्ट कर लें। कई बार लो लाइट में तस्वीर लेते समय हमे कलर करेक्शन करना जरूरी होता है नहीं तो हमारे मन के मुताबिक तस्वीरे हम क्लिक नहीं कर पाते हैं। ब्राइटनेस कंट्रोल करना कलर के साथ ही ब्राइटनेस कंट्रोल करना भी उतना ही जरूरी है। ज्यादा रोशनी की वजह से कैमरे से ली गई तस्वीर काफी चमकीला दिखाई देता है जो कि आपकी आखों को अच्छा नहीं लगता है। इसके लिए प्रोफेशनल मोड में कम रोशनी में तस्वीर क्लिक करने के लिए शटर स्पीड और ISO को कम से कम 400 रखना होगा तभी आप बेहतर तस्वीर क्लिक कर सकते हैं। हाथ को स्टेबल रखें डीएसएलआर में स्टेब्लाइजर दिया होता है जो कैमरे को स्थिर रखने में मदद करता है लेकिन स्मार्टफोन में स्टेब्लाइजर नहीं दिया होता है जिसकी वजह से फोन में ली गई तस्वीर के हिलने का डर रहता है। हाथ के हिल जाने की वजह से तस्वीर ब्लर या धूंधली दिखाई देती है। हमेशा मैनुअल या प्रोफेशनल मोड में खींचे तस्वीरें अगर आप बेहतर तस्वीर क्लिक करना चाहते हैं तो कैमरा ऐप को मैनुअल या फिर प्रोफेशनल मोड में ही इस्तेमाल करें। इससे आपके फोन से क्लिक की हुई तस्वीर बेहतर दिखाई देती है। फिल्टर का करें इस्तेमाल कैमरा में अच्छी तस्वीर क्लिक करने के लिए आपको फिल्टर का इस्तेमाल करना जरूरी है। बिना फिल्टर के तस्वीर क्लिक करने पर तस्वीरें खराब हो सकती हैं।  

दीपावली की रौशनी में चमकती तस्वीरें: स्मार्टफोन कैमरा सेटिंग्स जो आपकी फोटो बदल दें

नई दिल्ली दिवाली यानी रोशनी का त्योहार, खुशी, उत्साह और अपनों के साथ समय बिताने का मौका है। इस दौरान हर कोई चाहता है कि वो अपने घर की सजावट, जलते दीये, और आतिशबाजी को तस्वीरों में कैद कर ले। अपने स्मार्टफोन और कुछ आसान टिप्स के साथ आप दिवाली की ऐसी तस्वीरें खींच सकते हैं जो हर किसी को वाह कहने पर मजबूर कर दें। आइए, इस लेख में जानते हैं कि कैसे आप अपने स्मार्टफोन से दिवाली की जादुई तस्वीरें ले सकते हैं। तस्वीर का फ्रेम तस्वीर खींचने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आपका फ्रेम कैसा होगा। चाहे वो जलता हुआ दीया हो या रंग-बिरंगी आतिशबाजी, अपने स्मार्टफोन को सही जगह पर रखें। फोकस हमेशा अपने सब्जेक्ट पर रखें। स्मार्टफोन को स्थिर रखें, अगर आपके पास ट्राइपॉड है, तो उसका इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे तस्वीरें धुंधली होने से बचेंगी। फ्रेम सेट करते समय बैकग्राउंड पर भी ध्यान दें, ताकि तस्वीर में कोई अनचाही चीज न आए। एक्सपोजर दिवाली की तस्वीरों को खास बनाने में एक्सपोजर की बड़ी भूमिका होती है। एक्सपोजर का मतलब है कि आपके कैमरे का सेंसर कितनी रोशनी लेता है। आप अपने स्मार्टफोन में एक्सपोजर सेटिंग्स को मैन्युअली बदल सकते हैं या Long Exposure Camera 2 जैसे ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। दिवाली के टाइम पर एक्सपोजर अधिक रखें, ताकि चमकदार फोटो आए। पोर्ट्रेट मोड आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन्स में पोर्ट्रेट मोड होता है, जो दिवाली की तस्वीरों को शानदार बना सकता है। इस मोड में आप अपने दीया या किसी व्यक्ति पर फोकस कर सकते हैं, जिसके बाद बैकग्राउंड को खुद-ब-खुद धुंधला हो जाएगा। इससे Bokeh इफेक्ट बनता है, जो तस्वीर को प्रोफेशनल लुक देता है। यह मोड खासकर दीयों की तस्वीरें या परिवार के साथ पोर्ट्रेट लेने के लिए बहुत अच्छा है। पैनोरमा मोड अगर आप अपने घर की सजावट या आसमान में छाई आतिशबाजी की पूरी तस्वीर कैद करना चाहते हैं, तो पैनोरमा मोड का इस्तेमाल करें। यह मोड कई तस्वीरों को जोड़कर एक वाइड एंगल तस्वीर बनाता है। ये फीचर्स भी यूज कर सकते हैं अपने स्मार्टफोन के कैमरा ऐप में मौजूद दूसरे फीचर्स को भी आजमाएं। HDR (हाई डायनामिक रेंज), नाइट मोड, और अलग-अलग फिल्टर्स आपकी तस्वीरों को और खूबसूरत बना सकते हैं। इन सेटिंग्स के साथ प्रयोग करके आप अपनी तस्वीरों में क्रिएटिविटी जोड़ सकते हैं।

इन एप्स से बनाए अपने स्मार्टफोन को और तेज

स्मार्टफोन की स्मार्टनेस तब धरी की धरी रह जाती है जब यह स्लो चलता है। फोन की स्पीड को प्रभावित करने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे-जंक फाइल्स, कैशे फाइल्स की स्टोरेज। यूं तो गूगल प्ले स्टोर पर फोन की क्लीनिंग के लिए बहुत से एप्स उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही हैं, जो सही तरीके से फोन को क्लीन कर सकते हैं। इसलिए आज आपको कुछ ऐसे एप्स बताते हैं जो आपके फोन की स्पीड को बढ़ा सकते हैं। इन्हें फ्री में इंस्टॉल किया जा सकता है। क्लीन मास्टर 4.0: मोबाइल की फास्ट स्पीड के लिए क्लीन मास्टर लोकप्रिय एप्स में से एक है। इसकी हेल्प से अनवांटेड बैकग्राउंड एप्स को क्लोज किया जा सकता है और बेकार फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं, जिससे फोन का स्टोरेज काफी सेव हो जाता है। बैकग्राउंड एप्स के क्लोज होने से पॉवर सेव हो जाती है और फोन की स्पीड दुरुस्त हो जाती है। सिस्टम क्लीनर: फोन की स्पीड बढ़ाने के लिए यह बेहतरीन एप्लीकेशन्स में से एक है। सिस्टम क्लीनर एप कॉल्स रिकॉर्ड, सर्च हिस्ट्री, गूगल मैप हिस्ट्री, जीमेल हिस्ट्री को डिलीट करके फोन की स्पीड बढ़ा देता है। एंड्रायड बूस्टर: एंड्रायड बूस्टर से बस एक क्लिक करके फोन की मैमोरी बढ़ाई जा सकती है, जिससे मोबाइल की प्रोसेसिंग तेज हो जाती है। स्मार्ट रैम बूस्टर: जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि यह एप रैम की स्पीड को बढ़ा देता है। स्मार्ट रैम बूस्टर को क्लीनर एप के नाम से भी जाना जाता है। इसकी मदद से बस एक क्लिक पर स्मार्टफोन की कैशे फाइल्स डिलीट हो जाती है।