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बर्फबारी का असर: जम्मू-कश्मीर की अहम सड़क बंद, यात्रियों को परेशानी

पुंछ  भारी बर्फबारी के चलते मुगल रोड पर यातायात फिलहाल बंद कर दिया गया है। खराब मौसम और सड़क पर जमी बर्फ के कारण प्रशासन ने एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। यात्रियों को फिलहाल इस मार्ग पर यात्रा न करने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जानकारी के अनुसार पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों में ताज़ा बर्फबारी के बाद रविवार को ऐतिहासिक मुगल रोड पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी, खासकर पीर की गली और आसपास के क्षेत्रों में, सड़क को बेहद फिसलन भरा और वाहनों के आवागमन के लिए असुरक्षित बना दिया है। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचने के लिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने यातायात को रोक दिया। संबंधित सड़क रखरखाव एजेंसियों और जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है तथा मौसम में सुधार होने के बाद बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा।   इस बीच यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को आधिकारिक रूप से सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक मुगल रोड पर यात्रा करने से बचें। जम्मू-कश्मीर ट्रैफिक पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यातायात बहाली को लेकर आगे की जानकारी जारी करेगी।

बर्फबारी से जम्मू-कश्मीर में हाईवे बंद, उधमपुर में आवाजाही रोकी गई, डोडा में स्थिति गंभीर

डोडा  जम्मू संभाग में डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से लगातार दूसरे दिन भारी बर्फबारी जारी रही. बर्फबारी की वजह से सड़कें और सर्विस रुक गई है, इसलिए डोडा जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम गंडोह, भलेसा ने लोगों को सुरक्षा के लिए घर के अंदर रहने की सलाह दी है. तपमान जीरो से नीचे चला गया है. मैदानी इलाकों में करीब एक फीट बर्फबारी हुई है, जबकि ऊपरी पहाड़ी इलाकों में करीब दो से तीन फीट बर्फबारी हुई है. बिजली और पानी की सप्लाई समेत सभी जरूरी सर्विस रुक गई हैं. भूस्खलन, पेड़ गिरने और भारी बर्फ जमा होने की वजह से हाईवे और लिंक रोड समेत कई सड़कें बंद हैं. इलाके में हालात ठीक होने तक सिर्फ इमरजेंसी सर्विस को ही चलने दिया जा रहा है. लगभग तीन महीने के लंबे सूखे के बाद, शुक्रवार आधी रात से डोडा के भलेसा और उसके आस-पास के मैदानी इलाकों और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई. जब पूरा इलाका बर्फ से ढक गया, तो लोगों ने इस लंबे समय से इंतजार की जा रही बर्फबारी पर काफी राहत और खुशी जाहिर की. रामबन जिले के बनिहाल शहर में भी शुक्रवार को मौसम की पहली भारी बर्फबारी हुई, क्योंकि पूरे इलाके में ताजी बर्फबारी हुई, जिससे सर्दी अपने पूरे जोर पर आ गई. बर्फबारी देर रात शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और विजिबिलिटी कम हो गई. इस बीच, बारामूला, बडगाम और रामबन के हिल रिसॉर्ट शहर बटोटे में भी काफी बर्फबारी हुई, जिससे पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया. भारी बारिश और बर्फबारी की वजह से शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद कर दिया गया, साथ ही उधमपुर के जखनी चौक पर भी आवाजाही रोक दी गई. बर्फबारी की वजह से हवाई यात्रा में भी रुकावट आई. श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई फ्लाइट को कुछ समय के लिए रोकने और कैंसल करने का ऐलान किया. अधिकारियों ने कहा कि लगातार बारिश और रामसू तक जमा हो रही बर्फ को देखते हुए, सड़क पर फिसलन की वजह से एहतियात के तौर पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सभी तरह के ट्रैफिक को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया. इससे पहले विधायक दलीप सिंह परिहार ने रविवार को कहा कि चल रहा भद्रवाह विंटर कार्निवल देश भर से टूरिस्ट को खींचकर जम्मू-कश्मीर की इकॉनमी में मदद कर रहा है. उन्होंने फेस्टिवल में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए विजिटर्स का शुक्रिया अदा किया.

कश्मीर में भारी बर्फबारी, 24 फ्लाइट्स रद्द, रामबन से बरामाूला तक बर्फ की सफेद चादर, टूरिस्टों के लिए आकर्षण

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर समेत देश के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार सुबह-सुबह मौसम अचानक करवट बदल दी है। दिल्ली-एनसीआर में जहां सुबह सुबह झमाझम बारिश हुई, वहीं, शिमला-मनाली में में इस साल की पहली बर्फबारी हुई है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर के भी कई पर्वतीय हिस्सों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। आइए जानते हैं देशभर के मौसम का हाल दिल्ली-एनसीआर का मौसम शुक्रवार सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शुक्रवार सुबह-सुबह कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, यहां आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है। दोपहर या शाम के समय हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली-एनसीआर के तापमान में गिरावट आने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के मौसम का हाल कश्मीर घाटी में शुक्रवार को हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे इलाके को सफेद चादर में ढक दिया। बर्फबारी का असर हवाई और सड़क यातायात पर देखने को मिल रहा है। बारिश और बर्फबारी के कारण हीं घाटी की प्रमुख सड़कों पर भी हालात बिगड़ गए। फिलहाल जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को नवयुग टनल के पास एहतियातन बंद कर दिया गया है। वहीं, मुगल रोड और सिंथन रोड भी कई जगहों पर बर्फ जमने के कारण बंद हैं। ट्रैफिक पुलिस ने फिसलन और सुरक्षा कारणों से ट्रैफिक को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। कश्मीर घाटी के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट गुलमर्ग और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी ताजा बर्फबारी हुई, वहीं श्रीनगर और अन्य मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलीं। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते गुरुवार देर शाम उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में ताजा हिमपात शुरू हो गया। वैष्णोदेवी में बर्फबारी भारी बारिश और बर्फबारी के कारण शुक्रवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद कर दिया गया, साथ ही उधमपुर के जखानी चौक पर भी आवाजाही रोक दी गई। बर्फबारी से हवाई यात्रा भी बाधित हुई, श्रीनगर एयरपोर्ट और इंडिगो एयरलाइंस ने कई उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित और रद करने की घोषणा की। श्रीनगर में बर्फबारी के कारण, फ्लाइट ऑपरेशन, टेक-ऑफ और लैंडिंग दोनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। श्रीनगर एयरपोर्ट के ऑफिशियल हैंडल ने X पर एक पोस्ट में शेयर किया, "कृपया ध्यान दें कि दिल्ली एयरपोर्ट पर NOTAM लागू होने और श्रीनगर में जारी बर्फबारी की वजह से आज श्रीनगर एयरपोर्ट से आने-जाने वाली कुछ फ्लाइट्स कैंसिल हैं। पैसेंजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा प्लान करने से पहले अपनी-अपनी एयरलाइंस से फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस चेक कर लें। हुई परेशानी के लिए हमें खेद है।" अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश और रामसू तक बर्फ जमा होने के कारण, फिसलन भरी सड़कों को देखते हुए एहतियात के तौर पर NH-44 पर सभी तरह के ट्रैफिक को सुरक्षित जगहों पर रोक दिया गया है।

पहाड़ों पर बर्फबारी की दस्तक! हिमाचल में Orange Alert, पंजाब में ठंड बढ़ने के संकेत

पंजाब  शिमला मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में 4 और 5 दिसंबर को बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की है। सर्दी का सीज़न उत्तर भारत में पहले ही अपने पांव पसार चुका है, और अब एक नई पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से हिमाचल के मध्य और ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इसके अलावा, इस हफ्ते के बाकी दिन अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यह नया सिस्टम फिलहाल उत्तर हरियाणा के ऊपर 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे सिस्टम आमतौर पर आसपास के राज्यों में सर्दी बढ़ा देते हैं। पंजाब में आने वाले दिनों में इसका साफ असर देखने को मिल सकता है। हिमाचल में बर्फबारी के दौरान पंजाब के तापमान में आमतौर पर 2–5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होती है। इसके साथ ही कोहरा और बढ़ी हुई नमी ठंड को और तीखा महसूस कराती है, भले ही मैदानों में बर्फबारी न हो। आईएमडी चंडीगढ़ ने पहले ही 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक जालंधर, मोगा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, बठिंडा, मुक्तसर और फाजिल्का जिलों के लिए कोल्ड वेव (Cold Wave) का यलो अलर्ट जारी किया है। फरीदकोट में राज्य का सबसे कम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमृतसर, पटियाला, लुधियाना, पठानकोट और बठिंडा में भी ठंड के असर के चलते तापमान में गिरावट आई। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी की तैयारी के बीच, पंजाब के लोग आने वाले दिनों में ठंडी सुबहों, कोहरे भरी सड़कों और सर्दी के तेज असर के लिए खुद को तैयार रखें। 

IMD का अलर्ट: Jammu Kashmir में इस साल की पहली Snowfall अब ज्यादा दूर नहीं

जम्मू-कश्मीर कश्मीर घाटी इस साल की पहली बर्फबारी के लिए तैयार है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि 5 से 7 अक्टूबर 2025 के बीच जम्मू-कश्मीर के ऊँचे इलाकों में बर्फ गिर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर रहेगा। इसी वजह से गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग और जोजिला दर्रे जैसे मशहूर पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। केवल कश्मीर ही नहीं, बल्कि लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पर्वतीय इलाके भी बर्फ से ढक सकते हैं। अगर ऐसा हुआ, तो यह इस साल की पहली बर्फबारी होगी। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इस शुरुआती बर्फबारी से घाटी और भी खूबसूरत लगने लगेगी और लोगों को सर्दियों का अहसास होगा। पर्यटकों के लिए भी यह अच्छी खबर है, क्योंकि गुलमर्ग और सोनमर्ग जैसे स्थल बर्फबारी के दौरान अधिक आकर्षक बन जाते हैं। होटल और पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि इस बार जल्दी बर्फबारी होने से सर्दियों का टूरिस्ट सीजन समय से पहले शुरू हो जाएगा। बर्फ से ढके पहाड़, हरी-भरी वादियां और झीलें यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को और बढ़ा देंगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक आकर्षित होंगे। लोग बर्फ में खेलेंगे, फोटो खींचेंगे और स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग तथा स्लेजिंग जैसे एडवेंचर खेल भी जल्दी शुरू हो सकेंगे। इससे पर्यटक ज्यादा समय तक कश्मीर में ठहरेंगे और होटलों, हाउसबोट्स तथा ट्रैवल एजेंसियों को लाभ होगा। साथ ही, स्थानीय बाजार, रेस्टोरेंट और हस्तशिल्प की दुकानों में भी व्यापार बढ़ेगा। तापमान में गिरावट मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बर्फबारी के बाद घाटी का न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। भारी बर्फबारी की स्थिति में रजदान टॉप, सिन्थन टॉप, जोजिला पास, पीर की गली और मारगन टॉप जैसे दर्रे बंद हो सकते हैं। वहीं गुलमर्ग, सोनमर्ग, गुरेज, दूधपतरी और तोसा मैदान जैसे पर्यटन स्थलों पर भी बर्फ जमने की संभावना है। प्रशासन की अपील स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है। यात्रा पर जाने से पहले मौसम का ताज़ा अपडेट जरूर लें। माना जा रहा है कि यह बर्फबारी कश्मीर में सर्दियों की आधिकारिक शुरुआत होगी।