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श्री हरमंदिर साहिब की बेअदबी के आरोप में एआई से बनाई तस्वीर, एसजीपीसी ने जांच शुरू की

अमृतसर तीन युवकों की ओर से एआई के जरिए तस्वीर बनाकर श्री हरमंदिर साहब की बेअदबी करने का मामला सामने आया है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में तीन व्यक्तियों को परिक्रमा क्षेत्र में चप्पल पहने हुए दिखाया गया है, जबकि उनके सिर भी ढके नहीं हैं। सिख मर्यादा के विपरीत इस तरह के दृश्य को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है।  जानकारी के अनुसार, यह तस्वीर एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की गई थी। तस्वीर में एक व्यक्ति नई स्कूटी के साथ हाथ में स्कूटी की चाबी पकड़े खड़ा है। जबकि दो अन्य उसके बगल में खड़े दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है।  सिख संगठनों की ओर से  जब संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया गया तो उसने तस्वीर हटाने और माफी मांगने की बात कही। पोस्ट डालने वाले ने इसे अनजाने में हुई गलती बताया ओर माफ करने की अपील की। यह पहला मामला नहीं है, जब इस तरह की सामग्री सामने आई हो। इससे पहले भी एआई तकनीक का इस्तेमाल कर एक वीडियो तैयार किया गया था, जिसमें एक कंकाल को पगड़ी पहनाकर परिक्रमा क्षेत्र में दिखाया गया था। उसी वीडियो में लंगर हॉल में जूते पहनकर भोजन करते हुए दृश्य भी जोड़े गए थे। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में एक युवक को वाहन सहित परिक्रमा में दिखाया गया था, जिसे लेकर भी विवाद हुआ था। कुछ समय पहले एक युवक द्वारा पवित्र सरोवर में प्रवेश कर कुल्ला करता हुए रील बनाने का मामला भी सामने आया था, जिस पर धार्मिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जांच शुरू कर दी है।  एसजीपीसी के कानूनी सलाहकार अमन बीर सिंह ने बताया कि संबंधित तस्वीर मंगवाई गई है और इसकी तकनीकी जांच एआई कमेटी के माध्यम से कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक संस्थाओं का कहना है कि इस तरह की डिजिटल सामग्री न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करती है, बल्कि तकनीक के दुरुपयोग का भी उदाहरण है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करना और आवश्यक कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। 

श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

अमृतसर. अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदल दिया गया है। अब गहरे पीले और नीले चोले के साथ सफेद पजामा, और चोले के रंग के विपरीत पगड़ी होगी। प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेड़ा ने बताया कि यह बदलाव श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी के लिए किया गया है। सेवादार दो दिन पीला और दो दिन नीला चोला पहनेंगे। बता दें, श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में तैनात सेवादारों को हर साल मैनेजर गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए यूनिफॉर्म देते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई मैनेजर बदलता है, तो वह अपनी सोच के हिसाब से सेवादारों के लिए यूनिफॉर्म का रंग भी बदल देता है। अब तक पीला-नीला चोला, सफेद पजामा, पीली, नीली और काली पगड़ी और हाथ में कमरकस्सा वाली बेल्ट के साथ हाथ में भाले के साथ सेवादार की पहचान रही है। अब इस पीले और नीले चोला का रंग गहरा कर दिया गया है। इसके साथ ही सफेद पायजामा, नीले चोले के साथ पीला व पीले चोले के साथ नीली पगड़ी व हाथ में कमकस्सा और भाले के साथ बेल्ट पहनाकर सेवादार की पहचान बनाई गई है। सेवादार दो दिन पीला चोला और दो दिन नीला चोला पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि सेवादारों की वर्दी का रंग यूनिक रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी हो।