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डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: राज्य मंत्री लोधी

संपूर्ण भारत और वैश्विक पटल पर मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित करना हमारी प्राथमिकता मध्यप्रदेश पर्यटन की असीम संभावनाओं वाला प्रदेश   पिछले साल 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का हुआ आगमन पर्यटन के उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से किया गया सम्मानित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा देश 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण   वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को क्रिएटिव सिटी के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना हमारा लक्ष्य भोपाल पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का सांस्कृतिक पुर्नजागरण हो रहा है। डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश संपूर्ण भारत में एवं वैश्विक पटल पर सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थल के रूप में रेखांकित हो ऐसी हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में निश्चित ही आपको पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक अद्वितीय कार्य देखने को मिलेंगे। भारत के कुल 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 विरासत स्थल मध्यप्रदेश में हैं। विगत 2 वर्षों में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 400 से अधिक होमस्टे का निर्माण कर प्रारंभ किये गये हैं। जिनसे ग्रामीण परिवारों को 7 करोड़ से अधिक का व्यवसाय प्राप्त हुआ है। सरकार का लक्ष्य 1000 हजार होम स्टे निर्माण करने का है। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिये रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव और मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट जैसे बड़े आयोजन किये गये हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लगभग 10 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुये हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में विकास और सेवा के 2 वर्ष पर केन्द्रित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर अपर प्रबंध संचालक, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड डॉ. अभय अरविंद बेडेकर, संचालक संस्कृति विभाग श्री एन. पी. नामदेव तथा विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओमकारेश्वर को अद्वैत लोक के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसके प्रथम चरण में आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है तथा द्वितीय चरण में अद्वैत लोक के निर्माण हेतु रूपये 2424 करोड़ से अधिक राशि की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। पर्यटन के क्षेत्र में सरकार द्वारा जो विकास कार्य एवं नवाचार किये गये हैं, उसी का परिणाम है कि पिछले साल मध्यप्रदेश की धरती पर 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन हुआ है तथा प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो देश में सर्वाधिक है। पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिये विभाग को पिछले 2 वर्षों में 18 से अधिक पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार द्वारा 900 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से 20 सांस्कृतिक और धार्मिक लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो लगभग पूर्णता की ओर है। विगत 2 वर्षों में सरकार द्वारा भगवान श्री राम को समर्पित श्री रामचन्द्र वनगमन पथ की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान किया गया है, और युग अवतार भगवान श्री कृष्ण पर केंद्रित श्री कृष्ण पाथेय योजना की संकल्पना को स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार द्वारा प्रदेश के सभी जिलों का साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा रहे हैं। विगत 2 वर्षों में 15 जिलों के साहित्यिक गैजेटियर तैयार किये जा चुके हैं। इसके साथ ही हमारी सरकार द्वारा उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, सागर, पन्ना, जबलपुर, महेश्वर जैसे अनेक स्थानों पर विशिष्टता को सम्मिलित करते हुये पूरे प्रदेश में संग्रहालयों की एक नवीन श्रृंखला का निर्माण किया जा रहा है। संस्कृति के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 8 विश्व कीर्तिमान स्थापित किये हैं। विगत 2 वर्षों में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत लगभग 25 हजार तीर्थ यात्रियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ हीं विगत 2 वर्षों में 132 शासन संधारित मंदिरों का जीर्णोद्धार भी हमारी सरकार द्वारा किया गया है। आने वाले समय में हमारा लक्ष्य प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन का योगदान बढ़ाकर 10 प्रतिशत करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये आने वाले समय में 500 नये होटलों के माध्यम से 20 हजार कक्षों और 500 मार्ग सुविधा केन्द्रों का निर्माण किया जाएगा। समावेशी विकास एवं सेफ टूरिज्म के लिए 50 हजार महिलाओं और बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। वैश्विक पटल पर 10 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और भोपाल, इंदौर एवं महेश्वर को 'क्रिएटिव सिटी' के रूप में विकसित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। दो वर्षों की उपलब्धियाँ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना     मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 20 ट्रेनों का सफल संचालन कर 16 हजार तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 08 ट्रेनों का सफल संचालन कर 6 हजार 400 तीर्थयात्रियों को लाभान्वित किया गया।     25 वायुयानों से 800 यात्रियों को लाभान्वित किया गया।     मंदिरों का जीर्णोद्धार     विगत दो वर्षों में शासन संधारित 132 मंदिरो के जीर्णोद्धार के कार्य स्वीकृत किये गये।     शासन संधारित मंदिरों के पुजारियों के लिये लगभग 32 करोड़ का अनुदान आबंटित किया गया है।     शासन संधारित देवालयों में पुजारियों के लिये उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किये गये।       पुजारियों के मानदेय में वृद्धि की गई।     शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण     प्रदेश के सभी जिलों में स्थित शासन संधारित देवस्थानों का दस्तावेजीकरण किया गया। जिसका डिजिटलाइजेशन का कार्य प्रकियाधीन है। नवाचार     धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एण्ड आर्किटेक्चर के बीच विरासत संरक्षण, रेट्रोफिंटिंग और स्मारकों के पुनर्वास, मंदिर परिसरों और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के दायरे में आने वाली सुविधाओं सहित परामर्श सेवाओं के सभी पहलुओं को शामिल कर समझौता एम.ओ.यू. … Read more

प्रदेश को एडवेंचर हब बनाने की मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की पहल

भोपाल  पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाने के लिये विभिन्न आयोजन एवं गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मध्यप्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म का हब बनाने के उद्देश्य से उज्जैन में स्काई-डाइविंग के पाँचवे संस्करण का आयोजन 12 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक दताना एयरस्ट्रिप, उज्जैन में किया जाएगा। उज्जैन में दो माह की अवधि के लिए पर्यटक 10 हजार फीट की ऊँचाई से छलांग लगाकर महाकाल की नगरी के नए और रोमांचकारी दर्शन का अवसर प्राप्त करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि स्काई-डाइविंग फेस्टिवल के चार सफल संस्करणों और एडवेंचर गतिविधियों के प्रति पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए इस वर्ष पाँचवे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। विगत चार संस्करणों में 700 से अधिक पर्यटकों ने इस रोमांचक गतिविधि का आनंद लिया है। दताना एयरस्ट्रिप पर एडवेंचर प्रेमी आसमान में उड़ने के रोमांच का अनुभव कर सकेंगे। स्काई डाइविंग का शुल्क तीस हज़ार रुपये प्लस जीएसटी रखा गया है। इसका समय प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इच्छुक प्रतिभागी www.skyhighindia.com पर बुकिंग  कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि संस्था M/s Goforth Adventure Pvt. Ltd. (Sky-high India) द्वारा स्काई डाइविंग गतिविधि संचालित की जाएगी। इसके लिए विशेष Aircraft New CESSNA 182P (fully modified for sky-diving) का उपयोग होगा, जिसकी कुल क्षमता 6 सदस्यों की है। एक समय में 2 प्रतिभागी, 2 प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर्स के सहयोग से स्काई डाइविंग कर सकेंगे। भविष्य में स्काई डाइविंग के साथ अन्य एयर-बेस्ड गतिविधियाँ भी शुरू की जाएंगी। आधुनिक और बेहद सुरक्षित होगी राइड स्काई डाइविंग का संचालन Directorate General of Civil Aviation (DGCA) एवं United States Parachute Association (USPA) द्वारा प्रमाणित संस्था स्काई-हाई इंडिया द्वारा किया जा रहा है। स्काई डाइविंग में उपयोग किए जाने वाले एयरक्राफ्ट का पंजीकरण नागरिक विमानन निदेशालय से सुनिश्चित है। संस्था द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित स्काई डाइवर एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ गतिविधि संचालित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों को सुरक्षित और यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।  एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रदेश में विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। पर्यटक और एडवेंचर लवर्स जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज (9 से 19 जनवरी 2026), फोरसिथ ट्रेल रन (8 फरवरी 2026), फोरसिथ ट्रेक (24 से 26 जनवरी 2026), बर्ड वॉक (वन विहार भोपाल, बिसन खेड़ी, दौलत बड़ौदा इंदौर, पोआमा नर्सरी छिंदवाड़ा), पेंच ट्रैकिंग ट्रेल सहित कई रोमांचकारी गतिविधियों का अनुभव भी ले सकते हैं।  

भोपाल के तीन स्‍थानों पर आठवाँ ह्रदय दृश्‍यम 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक- राज्य मंत्री लोधी

राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के सुविख्‍यात कलाकारों की होंगी संगीत सभाएं रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट एवं व्‍यंजन मेला भी होगा जगदीशपुर के चमन महल में भी होंगी प्रस्‍तुतियाँ ऐतिहासिक पृष्‍ठभूमि पर सुरीले राग की अनुगूँज ह्रदय को करेगी झंकृत भोपाल  संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि संगीत समागम ‘ह्रदय दृश्‍यम’ के आठवें संस्‍करण का आयोजन 5 से 7 दिसम्‍बर, 2025 तक भोपाल के तीन स्‍थानों पर किया जा रहा है। रविन्द्र भवन में 5, 6 दिसंबर को जगदीशपुर में और भारत भवन में 7 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राष्‍ट्रीय एवं अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर के कलाकारों की संगीत सभाएं होंगी। 'ह्रदय दृश्‍यम' मध्‍यप्रदेश की दूरदर्शी सांस्कृतिक संवेदना का ऐसा उदाहरण है, जो प्रदेश की कलात्मकता को नए आयाम देता है। इस संगीत समारोह के माध्‍यम से एक ओर समृद्ध सांस्‍कृतिक संसार की छवि सुरों के माध्‍यम से उकेरी जाती है, दूसरी ओर मध्‍यप्रदेश की प्राचीन धरोहरों को बढ़ावा दिया जाता है।  इस वर्ष रवीन्‍द्र भवन एवं भारत भवन के साथ ही विशेष रूप से भोपाल से निकट प्राचीन जगदीशपुर स्थित सौंदर्यपूर्ण चमन महल में भी संगीत सभाएँ आयोजित की जा रही हैं। जैसा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा विरासत से विकास की पहल की गई है, इसी अनुक्रम में जगदीशपुर को इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए चुना गया है।‘ह्रदय दृश्यम’ ताल, स्वर, रंग और परम्‍परा के संगम से हृदय को स्पंदित करती है और भोपाल की झीलों, पहाड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के बीच एक आध्यात्मिक-संगीतमय वातावरण रचती है। युवाओं को जोड़ने वाला आयोजन संस्‍कृति विभाग की परम्‍परा सांस्‍कृतिक कार्यक्रमों के माध्‍यम से नई पीढ़ी को भी प्रेरित करने की रही है। (ओमेगा रैंक) के सीएसआर फंड के सहयोग से आयोजित 'ह्रदय दृश्‍यम' के आठवें संस्‍करण में ध्‍यान रखा गया है कि युवा श्रोता वर्ग भी इस कार्यक्रम से जुड़े और अपनी परम्‍पराओं और विरासत के बारे में जाने। इसके लिए ऐसे कलाकारों को आमंत्रित किया गया है जो सभी वर्गों के साथ युवाओं के बीच भी लोकप्रिय हैं। तीन दिवसीय विविधतापूर्ण सांगीतिक उत्सव अपर मुख्य सचिव संस्कृति, पर्यटन, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि 'हृदय दृश्यम' 2025 की शुरुआत 5 दिसंबर को भोपाल के प्रतिष्ठित रवीन्द्र भवन में होगी। उद्घाटन शाम 5 बजे होगा, जिसके बाद लगातार तीन घंटे संगीत प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भारतीय संगीत की विविध विधाओं से परिचित कराएँगी। सबसे पहले मंच सजाएंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात बांसुरी वादक पं. राकेश चौरसिया, अपअने सुरों के माध्यम से श्रोताओं को एक अलौकिक संगीत-यात्रा पर ले जाएंगे। इसके बाद सेनिया बंगश घराने के सुप्रसिद्ध कलाकार श्री अमान और अयान अली बंगश सरोद जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति सुप्रसिद्ध गायिका सुश्री मधुवंती बागची के सुगम संगीत की रहेगी। जगदीशपुर का ऐतिहासिक चमन महल – संगीत और इतिहास का संगम भोपाल एवं इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक स्थल स्थित हैं, जो अपने उत्कृष्ट स्थापत्य, अद्वितीय वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध हैं। 'ह्रदय दृश्‍यम' का प्रारंभ से उद्देश्‍य रहा है कि संगीत, संस्‍कृति के साथ ही मध्‍यप्रदेश के ऐतिहासिक स्‍थलों को भी प्रचारित कर बढ़ावा दिया जाये। पूर्व में इकबाल मैदान, गौहर महल, माण्‍डू, राजबाड़ा इंदौर इत्‍यादि ऐतिहासिक स्‍थलों पर ह्रदय दृश्‍यम की संगीत सभाऐं सज चुकी हैं। जगदीशपुर स्थित चमन महल में समारोह के दूसरे दिन 6 दिसंबर को संगीत सभाऐं सजाई जाएंगी। वर्ष 1715 में निर्मित चमन महल अपनी अनोखी वास्तुकला, मुगल और अफगानी शैली के मिश्रण, ऊँचे मेहराबों, पत्थर के बरामदों और विशाल बागों के लिए जाना जाता है। जब प्राचीन वास्तुकला में संगीत की धुनें गूंजेंगी, तो अनुभव और भी दिव्य हो उठेगा। सायं 5:30 बजे पूर्वरंग के बाद विख्यात सितार वादक श्री रवि चारी सितार वादन की प्रस्तुति देंगे। रवि चारी अपने सूक्ष्म तानों, नफीस अलंकरणों और रचनात्मक तानों के लिए जाने जाते हैं। आधुनिकता और परंपरा की संतुलित शैली उन्हें युवा श्रोताओं में भी लोकप्रिय बनाती है। रात्रि 8:15 से पं. आदित्य कल्याणपुरकर का तबला वादन की प्रस्तुति देंगे। मध्‍यप्रदेश के व्‍यंजन एवं कला का भी आनन्‍द चमन महल में आयोजित पारंपरिक व्यंजन एवं आर्ट एण्‍ड क्राफ्ट मेला विशेष आकर्षण का केन्‍द्र होगा। यहां संगीतप्रेमियों को स्‍वर लहरियों के साथ मध्‍यप्रदेश के उन व्‍यंजनों का स्‍वाद चखने का अवसर मिलेगा, जो देश ही नहीं दुनिया भर में लो‍कप्रिय हैं। विभिन्न अंचलों – मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़ और बघेलखंड के साथ ही जनजातीय व्‍यंजन एवं स्थानीय पकवान यहाँ उपलब्ध होंगे। साथ ही मध्‍यप्रदेश के कलाकारों की हस्‍तशिल्‍प कला भी यहां प्रदर्शन सह विक्रय हेतु उपलब्‍ध रहेगी। यह आयोजन संगीत, कला और स्वाद के माध्यम से सांस्कृतिक अनुभव को पूर्ण बनाएंगे। जगदीशपुर आने के लिए रहेगी बस की व्यवस्था जगदीशपुर के कार्यक्रम के लिए रविन्द्र भवन से बस दिनांक 6 दिसंबर को शाम को 4 बजे रवाना होगी। यह बस सेवा सभी के लिए निःशुल्क होगी। कला, अध्यात्म और आधुनिक संगीत समारोह के अंतिम दिन 7 दिसंबर, 2025 को, भारत भवन में संगीत सभाएँ होंगी। सायं 6:30 बजे से नाद ब्रह्मा द्वारा फ्यूजन बैण्ड प्रस्तुति से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। फ्यूजन संगीत आज की पीढ़ी में अत्यंत लोकप्रिय शैली है, जिसमें भारतीय शास्त्रीय, लोक और आधुनिक पश्चिमी धुनों का संगम होता है।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: नई यात्राओं का हुआ ऐलान

तिरुपति, रामेश्वरम, कामाख्या, द्वारका, वैष्णोदेवी, जगन्नाथपुरी और अयोध्या में होंगे तीर्थ दर्शन भोपाल संस्कृति, पर्यटन तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विशेष प्रयास किए जा रहे है। साथ ही प्रदेश में तीर्थाटन की परंपरा को संरक्षित और प्रोत्साहित करते हुए एवं प्रदेश के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का लाभ दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना का संचालन किया जा रहा है। ‘‘मध्यप्रदेश तीर्थ-दर्शन योजना’’ केवल धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह परिवार और समाज में बुजुर्गों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इसका अगला चरण 13 नवंबर 2025 से प्रारंभ होकर 29 मार्च 2026 तक चलेगा। पहली यात्रा श्री तिरुपति तीर्थ के लिए 13 नवंबर को जबलपुर से रवाना होगी। पांच महीनों में प्रदेश के बुजुर्गों को तिरुपति, रामेश्वरम, कामाख्या, द्वारका, वैष्णोदेवी, जगन्नाथपुरी और अयोध्या में तीर्थ दर्शन कराए जाएंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से वरिष्ठ नागरिकों के समूह देश के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए भेजे जाएंगे धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा संबंधित जिलों के कलेक्टर्स को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए है। योजना उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए है जिनकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है तथा वे आयकर-दाता नहीं हैं। महिलाओं को आयु सीमा में 2 वर्ष की छूट दी गई है। इच्छुक आवेदक अपने आवेदन तहसील, स्थानीय निकाय, जनपद कार्यालय अथवा कलेक्टर द्वारा निर्धारित स्थानों पर जमा कर सकते हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि यात्रियों का अंतिम चयन संबंधित जिले के कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। किसी जिले में निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो यात्रियों का चयन कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यात्रियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन में डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए जायेंगे। उन जिलों में जहाँ ट्रेन का स्टॉपेज या स्टेशन नहीं है वहाँ के यात्रियों को बोर्डिंग स्टेशन तक लाने को व्यवस्था संबंधित जिलों के कलेक्टर्स करेंगे। राज्य मंत्री श्री लोधी ने सभी यात्रियों से आग्रह किया है कि मौसम के अनुरूप वस्त्र, ऊनी वस्त्र, कंबल, चादर, तौलिया, साबुन और आवश्यक दवाइयां जैसी व्यक्तिगत उपयोग की सामग्री अपने साथ रखें। IRCTC करेगा यात्रा का प्रबंधन योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के उपक्रम IRCTC (इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के द्वारा किया जा रहा है। यात्रा के दौरान IRCTC द्वारा पेयजल, भोजन, नाश्ता और चाय उपलब्ध कराई जाएगी। यात्रियों के रुकने की व्यवस्था, उन्हें तीर्थ स्थल तक बसों द्वारा ले जाने और वापस ट्रेन तक लाने की जिम्मेदारी भी IRCTC की होगी। सभी तीर्थ यात्रियों के लिए अपने साथ ओरिजिनल आधार कार्ड या वोटर कार्ड रखना अनिवार्य है। राज्यमंत्री श्री लोधी ने बताया कि ‘‘मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना’’ उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए संबल है, जो तीर्थयात्रा की इच्छा तो रखते हैं परंतु आर्थिक या स्वास्थ्यगत कठिनाइयों के कारण यात्रा करने में असमर्थ होते हैं।  यह योजना धार्मिक आस्था को सम्मान देती है और बुजुर्गों को आध्यात्मिक आनंद के साथ सामाजिक सुरक्षा का विश्वास भी प्रदान करती है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा आध्यात्मिक पर्यटन के विस्तार के लिए निरंतर अधोसंरचना उन्नयन, तीर्थस्थलों के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार और यात्रा मार्गों के विकास पर कार्य कर रही है। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुगमता मिल रही है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी सशक्त बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के ये प्रयास आने वाले समय में मध्यप्रदेश को ‘‘आध्यात्मिक पर्यटन के अग्रणी राज्य’’ के रूप में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाएँगे।

घाना, वियतनाम और श्रीलंका के साथ सहयोग पर की चर्चा

भोपाल  वर्ल्ड ट्रैवल मार्ट (WTM) लंदन 2025 का दूसरा दिन मध्य प्रदेश के लिए बेहद सार्थक और सफल रहा. इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के नए अध्याय जोड़ने के लिए भारत और विदेश के कई प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की। इन सभी चर्चाओं में मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीवन, आध्यात्मिकता और संस्कृति की झलक दिखाई दी, जिसने एक बार फिर इस बात को सिद्ध किया कि मध्य प्रदेश "अतुल्य भारत का हृदय" है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने घाना की पर्यटन मंत्री सुश्री अबला द्ज़िफा गोमाशी के साथ सांस्कृतिक साझेदारी और वियतनाम के संस्कृति मंत्री श्री गुयेन वैन हंग के साथ विरासत-आधारित पर्यटन एवं संयुक्त प्रचार अभियानों को बढ़ावा देने पर गहन विमर्श किया। अंतर्राष्ट्रीय के साथ अंतर-राज्यीय संबंधों को मजबूती देते हुए, राज्य मंत्री श्री लोधी ने आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री कंदुला दुर्गेश से मुलाकात की और आपसी सांस्कृतिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। श्रीलंका के साथ हुई बैठक विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। वहाँ के पर्यटन मंत्री श्री विजिथा हेराथ के साथ हुई बातचीत का मुख्य केंद्र, मध्य प्रदेश के बौद्ध सर्किट को श्रीलंका में लोकप्रिय बनाना और बदले में, श्रीलंका के रामायण ट्रेल से भारतीय यात्रियों को परिचित कराना था। इस महत्वपूर्ण साझेदारी को औपचारिक रूप देने के लिए, राज्य मंत्री श्री लोधी ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के माध्यम से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बकिंघमशायर काउंसिल की मेयर सुश्री प्रेरणा भारद्वाज से भी भेंट की। इस मुलाकात का उद्देश्य ब्रिटेन में बसे भारतीय समुदाय के साथ सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधों को प्रगाढ़ करना था। ये सभी बैठकें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर मध्य प्रदेश की बढ़ती साख और साझा विरासत व टिकाऊ यात्रा अनुभवों को बढ़ावा देने की उसकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।  

सेवा पर्व पखवाड़ा के अंतर्गत प्रदेश में होगी सांस्कृतिक गतिविधियां:राज्य मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में "सेवा पर्व पखवाड़ा" का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक किया जाएगा। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने मंत्रालय में पखवाड़ा के तहत की जाने वाली गतिविधियों के आयोजन को समीक्षा की।  सेवा पर्व पखवाड़ा में मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश में विकसित भारत संकल्पना पर केंद्रित गतिविधियां की जाएंगी। राज्य मंत्री श्री लोधी ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभाग व जिला मुख्यालयों पर विभाग द्वारा होने वाले आयोजन की विस्तृत कार्य योजना तैयार करें। गतिविधियों में अधिक से अधिक संख्या में लोगों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। गतिविधियों में प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत कार्यशाला/प्रस्तुति, पेंटिंग कार्यशाला/प्रतियोगिता, चित्र प्रदर्शनी एवं रचनापाठ किया जाना शामिल है। बैठक में संस्कृति विभाग के उपसचिव श्री जगदीश गोमे, संचालक संस्कृति श्री एन. पी. नामदेव, आयुक्त पुरातत्व अभिलेखागार और संग्रहालय श्रीमती उर्मिला शुक्ला, उपनिदेशक स्वराज संस्थान संचालनालय श्री संतोष कुमार वर्मा, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर की कुलगुरु, सांची बौद्ध विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं विभिन्न अकादमियों के निदेशक उपस्थित रहे।