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फरीदाबाद मेले में त्रासदी: झूला गिरा, इंस्पेक्टर सहित दर्जन घायल, जांच शुरू

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 39वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। मेले में लगा एक 'सुनामी झूला' अचानक टूटकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से पलवल के चांदहट थाने के SHO इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के वक्त झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। हादसे का खौफनाक मंजर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब सवा 6 बजे झूला ऊपर से नीचे आते समय अचानक रेलिंग से टकराकर गिर गया। हादसे के बाद मेले में चीख-पुकार मच गई। एक दुकानदार राघव ने बताया कि झूला गिरने के बाद उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर 7-8 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा, लेकिन तभी झूले का बाकी हिस्सा भी नीचे आ गिरा। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे मेला ग्राउंड को खाली करा लिया। रिटायरमेंट से ठीक पहले गई जान मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की पहचान पलवल जिले के चांदहट थाने के SHO के रूप में हुई है। वे इसी साल 31 मार्च को अपनी सेवा से रिटायर होने वाले थे। हादसे के वक्त वे ड्यूटी पर तैनात थे या पास ही मौजूद थे, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई। प्रशासनिक कार्रवाई और उच्च स्तरीय जांच घटना की सूचना मिलते ही रात 10 बजे पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मेला ग्राउंड पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल जाकर घायलों का हाल-चाल जाना। मंत्री ने कहा, "पूरे मामले की जांच के लिए ADC की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है।" वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा पर उठे सवाल मेले के नोडल अधिकारी हरविंद्र यादव ने दावा किया कि झूलों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी बनाई गई थी जो रोजाना जांच करती थी। हालांकि, एक ही दिन में दो घटनाएं (झूला गिरना और गेट नंबर-2 का डिजाइनर गेट गिरना) प्रशासन की तैयारियों और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। फरीदाबाद के DC आयुष सिन्हा ने कहा है कि वेंडर की लापरवाही की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

जलेबी की मिठास और सांस्कृतिक झलक: फरीदाबाद में सूरजकुंड मेला शुरू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल

फरीदाबाद  गोहाना की जलेबी की मिठास के साथ सूरजकुंड में 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव शुरू हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को 'लोकल से ग्लोबल- आत्मनिर्भर भारत' थीम पर आधारित इस मेले का उद्घाटन किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और राज्य के विरासत एवं पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के फरीदाबाद के सूरजकुंड पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने दीप प्रज्वलित करते हुए महोत्सव की शुरुआत की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने सूरजकुंड अंतरराष्‍ट्रीय शिल्प मेला पर आधारित एक ऐप को भी लॉन्च किया। बाद में उपराष्ट्रपति समेत मंच पर उपस्थित अतिथियों को गोहाना की जलेबी खिलाई गई। सूरजकुंड मेले के उद्घाटन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध लोक कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों ने प्रस्तुति दी। यह मेला 15 फरवरी तक चलेगा। यह आयोजन हरियाणा पर्यटन निगम और केंद्रीय पर्यटन, वस्त्र, संस्कृति और विदेश मंत्रालयों की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। सीएम नायब सिंह सैनी ने उद्घाटन समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी कला और शिल्प के उस महाकुंभ में साक्षी बनने जा रहे हैं, जिनकी न सिर्फ भारत, बल्कि पूरे विश्व में एक विशेष पहचान है। मैं इस मेले के भव्य उद्घाटन समारोह में अभिनंदन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। यहां हम उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों में कला और संस्कृति को जीवंत रखे हुए है। 39वें कार्यक्रम की थीम 'लोकल टू ग्लोबल' देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सपने का प्रतिबिंब है, जिसमें भारत के हर कोने में बैठे हुए हुनरमंद हाथ को वैश्विक बाजार से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ सिर्फ आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है, इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने पेश करना भी शामिल है। सूरजकुंड मेला इसी आत्मनिर्भरता का जीता-जागता प्रमाण है।