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ग्रामीण स्वच्छता को लेकर बड़ी बैठक: स्वच्छ भारत मिशन की अपेक्स कमेटी ने की समीक्षा

रायपुर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गतिविधियों, वित्तीय वर्ष 2025-26 की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, वित्तीय वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान, स्वच्छता के लिए नवाचार तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) हेतु अंतर्विभागीय अभिसरण पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को अपशिष्ट प्रबंधन अधोसंरचना के तहत गांवों में कम्पोस्ट पिट, सोखता गडड्ा और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्रामों की स्वच्छता के कार्यों की सर्टिफिकेशन ग्राम सभा द्वारा कराया जाना चाहिए।  मुख्य सचिव ने भारत स्वच्छ मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी ग्रामों में स्वच्छता के कार्यों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए है। गांवों के हाट-बाजारों में सामूहिक शौचालय का उपयोग एवं स्वच्छता के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसी तरह से आवश्यकतानुसार सामूहिक शौचालय की उपयोगिता एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्थलों पर करीब 14 हजार 279 सामुदायिक शौचालयोें का निर्माण किया जा चुका है। इसी तरह से वर्ष 2026-27 में 2014 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक कार्ययोजना के निर्माण के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।  मुख्य सचिव ने इस हेतु देश के अन्य राज्यों के सफल प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट के मॉडल को अपनाने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक वेस्ट से सशक्त सड़कों के निर्माण करने की अभिनव एवं सतत् पहल की जा रही है। राज्य के बस्तर, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्लास्टिक मिक्स डामर रोड निर्माण किए जा रहे हैं। रोड निर्माण में करीब 3000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता, जल प्रबंधन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन करने हेतु स्वच्छ पंचायत पोर्टल की शुरूआत की गई है। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ग्राम की स्वच्छता, जल आपूर्ति एवं प्रशासन की ऑनलाइन प्रविष्टि की जा रही है। सभी ग्रामों की ब्लॉक स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर रैंकिंग की जाएगी। इसके लिए सभी ग्रामों की ऑनलाईन एंट्री का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।  बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मिशन संचालक राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री अश्वनी देवांगन सहित स्कूल शिक्षा, वित्त, जनसम्पर्क, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, यूनिसेफ के अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।

सर्वोदय विद्यालयों व छात्रावासों में शुरू हुआ श्रमदान अभियान

अनुशासन, सहयोग और जिम्मेदारी की सीख देंगे श्रमदान कार्यक्रम सदनवार जिम्मेदारी से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा और स्वच्छता की ललक बागवानी से विद्यालयों में खिलेगी हरियाली और पर्यावरण चेतना डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए QR कोड से अपलोड होंगी तस्वीरें लखनऊ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक और अभिनव कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों और राजकीय छात्रावासों में प्रत्येक रविवार श्रमदान कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में अनुशासन, सहयोग और श्रम के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना है। परिसर की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य श्रमदान कार्यक्रम के तहत प्रत्येक रविवार को विद्यालय और छात्रावास परिसर की साफ-सफाई की जाएगी। टूटी हुई कुर्सियाँ, मेज और अन्य फर्नीचर की मरम्मत, पानी की टंकियों व नालियों की सफाई तथा कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आवश्यक उपकरण—झाड़ू, फावड़े, बाल्टी, तसला और कूड़ेदान—की व्यवस्था पहले से कर दी गई है। बागवानी से हरियाली को बढ़ावा बागवानी पर जोर देते हुए पेड़-पौधों की निराई-गुड़ाई, नए पौधों का रोपण और सूखे पत्तों व टहनियों से खाद बनाने का कार्य भी किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना मजबूत होगी। सदनवार जिम्मेदारी और डिजिटल मॉनिटरिंग विद्यालयों को सदनों में बाँटकर श्रमदान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जागेगी और परिसर को सुंदर बनाने की प्रेरणा मिलेगी। श्रमदान कार्य की पहले और बाद की तस्वीरें निर्धारित प्रारूप में QR कोड के माध्यम से अपलोड की जाएंगी, जिससे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।  

स्वच्छ भारत मिशन की मीटिंग में गूंजा फरमान, कैथल के वाइस चेयरमैन बोले- लापरवाह अधिकारियों का दो वीडियो

कैथल  कैथल में आज एक स्वच्छता अभियान को लेकर अहम बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने अधिकारियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।  इस बैठक का उद्देश्य था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराना। लेकिन, इस महत्वपूर्ण वर्कशॉप में मौजूद अधिकारियों की उदासीनता ने सबको हैरान कर दिया। ज्यादातर अधिकारी स्वच्छता पर चर्चा के बजाय अपने मोबाइल फोनों में व्यस्त दिखे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उन्हें इस अभियान से कोई सरोकार ही नहीं है।  पत्रकारों से बातचीत में सुभाष चंद्र ने जोश के साथ कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना के पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है इसी तरह हरियाणा के मुख्यमंत्री भी पूरे हरियाणा को स्वच्छ बनाने पर जोर दे रहे हैं और हम उनके प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं, "हमें पूरे भारत को स्वच्छ बनाना है। स्वच्छ भारत ही रोगमुक्त भारत की नींव है। इसके लिए हम अधिकारियों को जागरूक कर रहे हैं।" लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे अधिकारियों की लापरवाही और मोबाइल में व्यस्त रहने का सवाल उठाया, तो सुभाष चंद्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "अगर आपके पास ऐसा कोई तथ्य या वीडियो है, तो हमें उपलब्ध कराएं। हम ऐसे गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। "यह घटना न केवल स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अधिकारियों की गंभीरता पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि क्या इस तरह की उदासीनता के साथ स्वच्छ भारत का सपना सचमुच पूरा हो पाएगा?