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ज़िंदगी में सफल होना है? स्वामी विवेकानंद की ये 7 बातें आज ही अपनाएँ

स्वामी विवेकानंद का नाम सुनते ही मन में आशा, उम्मीद, प्रेरणा, जीत, सफलता जैसे शब्द चलने लगते हैं और खुद में आत्मविश्वास महसूस होता है। उन्होंने अपने विचारों से सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी बातें, विचार आज भी युवाओं को सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर आप उनके मार्ग पर चलें या फिर उनकी बातों को गांठ बांध लें, तो जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। चलिए आपको उनकी कुछ प्रभावशाली बातें बताते हैं, जिनसे आप प्रेरणा ले सकते हैं। स्वामी विवेकानंद जी के विचार- 1- सोच बड़ी करो जैसा तुम सोचते हो, वैसे ही बन जाओगे। खुद को निर्बल मानोगे तो निर्बल और सबल मानोगे तो सबल ही बन जाओगे। अगर आप सोचते हैं कि आप सफल होंगे, तो उसी दिशा में मेहनत करना शुरू करें और एकदिन आप जरूर सफल होंगे। 2- रिस्क लें जीवन में जोखिम उठाइए, यदि आप जीतते हैं तो आप नेतृत्व करेंगे, यदि हारते हैं तो आप दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। जीत-हार सब आपकी सफलता के राह के साथी है, जो भी मिले उसे स्वीकार कर आगे बढ़ें और फिर मेहनत करें। 3- गलत मार्ग न चुनें किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या न आए, तो आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं। विवेकानंद जी ने कहा था कि सही रास्ता वही है, जिसमें रिस्क हो, कठिनाई हो, हर चीज जो सरलता से मिले वो गलत मार्ग हो सकता है। 4- त्याग करो जो कुछ भी तुम्हें कमजोर बनाता है- शारीरिक, बौद्धिक या मानसिक, उसे जहर की तरह त्याग दो। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि आपकी सफलता के बीच में जो भी चीज बाधा बन रही है, उसे त्याग करने की कोशिश करें। फिर चाहे वो नींद हो, गर्मी-सर्दी हो या फिर आपकी कोई इच्छा या आदत। 5- सीखते रहो जब तक जीना, तब तक सीखना। अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। जिस दिन आप सोच लेंगे कि अब सीखने को कुछ बाकि नहीं है, उस दिन आपको करने के लिए कुछ नहीं होगा। आखिरी सांस तक सीखना व्यक्ति का गुण होना चाहिए। 6- संगत का असर स्वामी जी कहते थे कि संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है, इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें। इसलिए हमेशा उन लोगों के साथ रहें, जो आपको सफलता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करें न कि आपके कदम पीछे खींच लें। 7- लक्ष्य तय करें उठो, जागो और तबतक न रुको, जब तक तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते। अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसपर काम करना शुरू करें। इस बीच आपकी लोग बुराई करें या तारीफ इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।

योग शारीरिक व्यायाम ही नहीं वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

युवा दिवस पर मॉडल हाई स्कूल में आयोजित किया गया सामूहिक सूर्य नमस्कार का जिला स्तरीय कार्यक्रम. जबलपुर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती “युवा दिवस” पर आज पंडित लज्जा शंकर झा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मॉडल  में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ अभिलाष पांडे एवं संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत भी शामिल हुये और विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।  मुख्यमंत्री देवड़ा ने अपने संबोधन में युवाओं और विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी जयंती पर  बधाई  और शुभकामनाएं दी तथा उनके आदर्श एवं सिद्धांतों को अपनाकर शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के चेतना पुरुष थे। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढियों को हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने योग और सूर्य नमस्कार को व्यावहारिक जीवन में उतारने और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताये हुये कहा योग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो मन को नियंत्रित कर सत्य तक पहुँचने में मदद करती है। इससे मन और शरीर स्वस्थ्य रहता है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने उच्चस्तर स्वरूप को पहचानता है और अपनी क्षमताओं का विकास करता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत और अमेरिका (शिकागो विश्व धर्म संसद) में योग का प्रचार किया और विश्व व्यापी बनाया। स्वामी विवेकानंद ने  योग को शारीरिक व्यायाम  ही नहीं बल्कि इसे सम्पूर्ण आध्यात्मिक विज्ञान माना है।  सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सन्देश आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित किया गया। स्वामी विवेकानंद जी द्वारा शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए भाषण का हिंदी अनुवाद भी कार्यक्रम में प्रसारित किया गया। सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के प्रारम्भ में राष्ट्रगीत वन्देमातरम का रेडियो से प्रसारण किया गया। आकाशवाणी भोपाल से प्रसारित सन्देश के अनुरूप स्कूली बच्चों ने सूर्य नमस्कार के आसन किये साथ ही प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुआ। सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने आभार प्रदर्शन किया । कार्यक्रम का संचालन संदीपा स्थापक पचौरी ने किया। प्रारम्भ में कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं मॉडल स्कूल के प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया । जिले के मुख्य कार्यक्रम के साथ ही जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सभी शैक्षणिक संस्थाओं में भी आज सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  

आज राष्ट्रीय युवा दिवस: स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर CM हेमंत का नमन

रांची आज 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानन्द को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। CM हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         राजयपाल ने भी किया नमन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं। विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

डिप्टी सीएम साव के नेतृत्व में विश्व रिकॉर्ड की तैयारी, राष्ट्रीय युवा दिवस पर 1500 से ज्यादा बच्चे बनेंगे स्वामी विवेकानंद

बिलासपुर उप मुख्यमंत्री सह खेल मंत्री अरुण साव ने बताया कि, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को पूरा देश राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाता है। छत्तीसगढ़ में अलग अलग प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। कई स्थानों में स्वदेशी दौड़ का आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवा रत्न अवार्ड भी प्रदान किया जाएगा। डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कल 12 जनवरी को उनके नेतृत्व में खेल एवं युवा कल्याण विभाग बिलासपुर में विश्व रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 1500 से अधिक बच्चे विश्व रिकॉर्ड बनाने स्वामी विवेकानंद की वेशभूषा में इकट्ठे होंगे और वंदे मातरम् का गान करेंगे। एक साथ 1500 स्कूली बच्चे नशा ना करने की शपथ लेंगे। साथ ही कंपनी गार्डन, बिलासपुर में विवेकानंद जी की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी दी कि पुलिस ग्राउंड बिलासपुर में 5500 स्क्वायर फीट से बड़ी आकर्षक और विशाल रंगोली से भी स्वामी विवेकानंद का चित्र बनाया जा रहा है।  राष्ट्रीय युवा दिवस पर इस बार बिलासपुर देश भर में आकर्षण का केंद्र रहने वाला है, ये बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।