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टाटा समूह यूपी में ईवी, सोलर ऊर्जा और थर्मल पावर के क्षेत्र में करेगा निवेश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरनन के बीच वार्ता में टाटा समूह के प्रदेश में चल रहे और भविष्य के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इस दौरान एन. चंद्रशेखरन ने टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और नये मॉडलों के निर्माण के बारे में मुख्यमंत्री को अवगत कराया। बैठक में उन्होंने प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना और औद्योगिक विकास से जुड़े टाटा समूह के अन्य प्रोजेक्टस के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि इस क्रम में टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1900 मेगावाट की नई थर्मल इकाई लगा रहा है। इसके साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर पावर के विकास की परियोजनाओं पर भी तेज गति से कार्य कर रहा है। वहीं नोएडा में निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से टाटा समूह नई बिल्डिंगों का निर्माण कर रहा है।   मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान टाटा चेयर पर्सन ने प्रदेश में ईवी के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बाताया कि टाटा समूह इस क्रम में इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों की मैन्यूफैक्चरिंग को तेजी से विस्तार दे रहा है, साथ ही ईवी के नये मॉडलों का भी विकास किया जाएगा। जो एक ओर तो टाटा समूह की ईवी के क्षेत्र में शेयर को बढ़ाएगा तो वहीं प्रदेश में रोजगार के नये अवसर भी पैदा करेगा। बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश में आईटी-इंफ्रा के विकास को गति देने के उद्देश्य से नोएडा में नई बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। जिनके पहले फेज़ का निर्माण, दिसंबर 2026 में तक चरणबद्ध रूप से पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  बैठक के दौरान टाटा पावर ने प्रदेश में अपनी संचालित एवं आगामी परियोजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें उन्होंने प्रयागराज के बारा प्लांट में टाटा समूह की ओर से लगाई जा रही 1900 मेगावाट की नई इकाई के बारे में विस्तार से बताया। इस पावर प्लांट में 360 मेगावाट क्षमता की तीन पावर जनरेशन यूनिट्स लगाई जाएगी। जो एक ओर प्रदेश की ऊर्जा क्षमात में विस्तार करेगी, दूसरी ओर स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी। इसके साथ ही टाटा पावर सोलर इनर्जी के क्षेत्र में भी प्रदेश में विस्तार ला रहा है। जिसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट की दो सोलर परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही टाटा समूह प्रदेश में सोलर रूफ टॉप से स्वच्छ ऊर्जा के निर्माण को भी बढ़ावा दे रहा है। जो मुख्यमंत्री के सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाएगा।

टाटा समूह के चेयरपर्सन ने मुख्यमंत्री के सामने यूपी में समूह की होटल श्रृखंला के विस्तार का प्रस्ताव

लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक और घरेलू पर्यटन के तीव्र विकास को ध्यान में रखते हुए, राज्य के पर्यटन सुविधाओं और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की तस्वीर तेजी से उभर रही है। इसी क्रम में टाटा समूह के चेयर पर्सन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के साथ हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में टाटा समूह के चल रहे और प्रस्तावित होटल श्रृखंला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा समूह का यह कदम राज्य में बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक, सांस्कृतिक पर्यटन की बढ़ोतरी और बेहतर कनेक्टिविटी के व्यापक विकास को ध्यान में रखते लिया जा रहा है। जो उत्तर प्रदेश में वैश्विक स्तर की हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं का तेजी से विस्तार करेगा। टाटा समूह के चेयरपर्सन एन. चंद्रशेखन ने बैठक में स्पष्ट किया कि टाटा समूह के ताज, सेलेक्शंस और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलस् का निर्माण कार्य प्रदेश में पहले से चल रहा है। उन्होंने इन मुख्यमंत्री के सामने टाटा समूह के इन होटल्स के विकास कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की। साथ ही प्रदेश में टूरिज़म और प्रीमियम क्वालिटी हॉस्पटैलिटी के विस्तार के लिए 30 नए होटल के निर्माण के बारे में भी चर्चा की। जिसके चलते प्रदेश में लक्जरी होटल के 2,000 रूमस् की संख्या को बढ़ा कर 5,000 तक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इन होटल्स का निर्माण राज्य के प्रमुख और उभरते पर्यटन केंद्रों प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी, वृंदावन, आगरा, कानपुर, लखनऊ, बिजनौर और गोरखपुर में किया जाएगा। जो प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक टूरिज्म के प्रमुख केंद्र हैं। मुख्यमंत्री से बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखन ने बताया कि नोएडा में टाटा समूह के एक सिग्नेचर या लैंडमार्क होटल विकसित कर रहा है, वहीं प्रयागराज में एक लक्ज़री ताज होटल का भी निर्माण किया जा रहा है। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरा है। प्रदेश में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। इसी बढ़ती मांग के कारण प्रीमियम और संगठित हॉस्पिटैलिटी अवसंरचना की आवश्यकता बढ़ गई है। टाटा समूह की ये भागीदारी उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।