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उत्पादन प्रदर्शन, कोयला गुणवत्ता प्रबंधन की सराहना की

भोपाल  भारत सरकार के विद्युत सचिव  पंकज अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत गृह की विद्युत उत्पादन क्षमता, संचालन दक्षता व कोयला लोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। उन्होंने उत्पादन उपलब्धियों एवं परिचालन प्रणाली की सराहना करते हुए इसे विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।  पंकज अग्रवाल ने मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की समीक्षा बैठक कर संयंत्र में कोयले की गुणवत्ता, आपूर्ति प्रक्रिया तथा परीक्षण तंत्र को विस्तार से समझा एवं अभियंताओं से इस संबंध में व्यावहारिक अनुभव और चुनौतियों की जानकारी प्राप्त की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  सिंह ने विद्युत सचिव को कोयले की लोडिंग, अनलोडिंग, सैंपलिंग एवं परीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया का विस्तृत प्रस्तुति‍करण दिया। कोयला की गुणवत्ता के समाधान का आश्वासन कोयले की गुणवत्ता एवं ग्रेड विभेद से संबंधित चुनौतियों को गंभीरता से सुनकर उन्होंने इस दिशा में सकारात्मक एवं व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कंपनी द्वारा अपनाई गई फ्लाई ऐश प्रबंधन एवं निस्तारण व्यवस्था की विशेष सराहना की तथा विशेष रूप से  सिंगाजी ताप विद्युत गृह में विकसित प्रणाली को इस क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताया। विद्युत उत्पादन यूनिट के बेहतर प्रदर्शन को बताया सराहनीय  अग्रवाल ने कंपनी के विद्युत उत्पादन प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की उत्पादन इकाइयाँ उच्च दक्षता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं, जो सराहनीय है। उत्पादन क्षमता के साथ गुणवत्ता आधारित संचालन और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कंपनी के प्रयास उल्लेखनीय हैं। बिरसिंगपुर परिसर के पर्यावरण को सराहा केन्द्रीय विद्युत सचिव  अग्रवाल व पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक सहित उपस्थित वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा विद्युत गृह परिसर में वृक्षारोपण किया गया।  अग्रवाल ने संजय गांधी ताप विद्युत गृह परिसर में विकसित हरित वातावरण, स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे सतत् एवं उत्तरदायी औद्योगिक संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।  

बिरसिंगपुर से आई गुड न्यूज, बिजली उत्पादन में ऐतिहासिक प्रदर्शन

भोपाल  विशेषज्ञ एजेंसि‍यों की सलाह अनुसार मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की जिस यूनिट को वार्ष‍िक रखरखाव के दौरान रोटर में क्रेक टरबाइन के लो-प्रेशर रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरार होने और नए रोटर लगाने के लिए लगभग 48 माह लगते, उसी यूनिट को पावर जनरेटिंग कंपनी के इंजीनियरों ने इन-हाउस मरम्मत करके 100 दिन तक लगातार संचालित कर दिया। यहां जिस यूनिट का जिक्र किया जा रहा है वह संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता यूनिट नंबर 5 है। इस यूनिट ने गत दिवस लगातार 100 दिन संचालित होने का रिकार्ड बनाया। यदि यह यूनिट विशेषज्ञ एजेंसियों की सलाह के आधार नए रोटर लगने तक लगभग चार वर्ष के लिए बंद रहती तो विद्युत उत्पादन का नुकसान होता। इसके अतिरिक्त नए रोटर की खरीद पर अतिरिक्त व्यय भी कंपनी को वहन करना पड़ता। विशेषज्ञ एजेंसि‍यों ने कहा रोटर को बदलना ही एकमात्र विकल्प संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 को गत वर्ष 10 जुलाई को केपिटल ओवरहालिंग के लिए बंद किया गया था। रखरखाव के दौरान जानकारी मिली कि टरबाइन के लो-प्रेशर (LP) रोटर ग्रूव्स में गंभीर दरारें हैं। विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत एजेंसियों के विशेषज्ञों ने रोटर को भविष्य की सेवा के लिए अनुपयुक्त बताते हुए नया रोटर लगाने की अनुशंसा की। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने खराब एलपी रोटर को इन-हाउस मरम्मत करने का साहसिक निर्णय लिया रोटर की मरम्मत करके यूनिट को पुन: विद्युत उत्पादन करने के लिए सक्षम बना दिया। देश में पहली बार यथा स्थान पर सुधारा गया रोटर देश में पहली बार किसी LP टरबाइन रोटर की यथा स्थान पर इस तरह की मरम्मत की गई। इस जटिल व मुश्क‍िल मरम्मत का सफल होना और उसके बाद 100 दिनों से यूनिट का एक सा संचालन इस कामयाबी को खास और शानदार बनाता है। उल्लेखनीय है कि यूनिट ने इसके बाद लगभग 1592 मिलियन यूनिट (MU) विद्युत उत्पादन करते हुए लगभग 97.97% प्लांट लोड फेक्टर (पीएलएफ), 98% प्लांट अवेलेबिलिटी फेक्टर (पीएएफ) और 5.48% ऑक्जलरी खपत का मापदंड अर्जित किया। राष्ट्रीय पटल पर कंपनी मनवा रही अपना लोहा मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक  मनजीत सिंह ने कहा कंपनी के अभियंता न सिर्फ विद्युत गृहों के सुचारु संचालन से राष्ट्रीय पटल पर कंपनी का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि अपने तकनीकी कौशल और काबिलि‍यत से विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, जोखिम प्रबंधन और संसाधन अनुकूलन का टीम ने उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं व कार्मिकों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीम भावना का प्रमाण है।