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तोखन साहू का बड़ा बयान: हिंसा से शांति की ओर बढ़ा असम, गौरेला में कही अहम बात

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही. केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू अपने गौरेला प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने असम की राजनीति, हालिया चुनाव और राज्य में हुए विकास कार्यों को लेकर बड़ा बयान दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि असम में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब असम बम, बारूद और हिंसा की घटनाओं के लिए जाना जाता था, लेकिन आज राज्य में शांति, समृद्धि और विकास का माहौल है। उन्होंने आगे कहा कि डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि जनता उनके काम से संतुष्ट है। मंत्री के मुताबिक, असम की जनता ने उन्हें तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिए भारी संख्या में मतदान किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तोखन साहू ने कहा कि केवल राजनीतिक आरोप लगाने से कुछ सिद्ध नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) इस बार भी भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछली बार से अधिक सीटें जीतने में सफल रहेगी। गौरतलब है कि इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र से जुड़ी रेलवे समस्याओं को लेकर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तार एवं नवीन रेल परियोजनाओं की स्वीकृति हेतु मांग पत्र स्थानीय रेल सलाहकार समिति द्वारा सौंपा गया। पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में यात्री सुविधाओं के लिए प्रमुख मांगें एवं सुझाव: 1– नवीन रेल लाइन का निर्माण (कनेक्टिविटी) पेंड्रारोड-अमरकंटक-डिंडोरी-जबलपुर एवं पेंड्रारोड-अमरकंटक-मंडला-सिवनी नई रेल लाइन के निर्माण की मांग की गई है। यह मार्ग मध्य भारत के आदिवासी अंचल के लिए जीवनरेखा साबित होगा। इससे अमरकंटक, सतपुड़ा पर्वतमाला, कान्हा एवं पेंच राष्ट्रीय उद्यान तथा अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फीयर रिजर्व को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। 2 – फुट ओवरब्रिज (FOB) का निर्माण: स्टेशन के दोनों ओर बढ़ती आबादी को देखते हुए सुरक्षित आवागमन और प्लेटफार्मों के बीच सुगम संपर्क के लिए आधुनिक फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई है। 3 – प्रमुख ट्रेनों का ठहराव (Stoppage) जबलपुर-संतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस तथा रानी कमलापति-संतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस का पेंड्रारोड स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। 4 – नई मेमू (MEMU) ट्रेन का संचालन क्षेत्रीय व्यापारियों, कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए संध्या काल में पेंड्रारोड से बिलासपुर के बीच नई मेमू लोकल ट्रेन चलाने की मांग की गई है। 5 – रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण गौरेला-गोरखपुर-कटनी मार्ग पर रेलवे फाटक के पास बढ़ते यातायात और जाम की समस्या को देखते हुए रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के शीघ्र निर्माण की मांग की गई है। इन सभी मांगों को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर सक्रिय हुए तोखन साहू, वित्त मंत्री से मिलकर रखी छत्तीसगढ़ की बड़ी मांगें

रायपुर आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों के बीच केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री एवं बिलासपुर लोकसभा सांसद तोखन साहू ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्ताव सौंपे और इन्हें बजट में शामिल करने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान सांसद तोखन साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है, लेकिन इन संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए मजबूत परिवहन और बुनियादी ढांचे की जरूरत है। इसी क्रम में उन्होंने जिन तीन परियोजनाओं को “गेम-चेंजर” बताया, उन पर विस्तार से चर्चा की गई। कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन को 100 प्रतिशत केंद्रीय सहायता की मांग तोखन साहू ने वित्त मंत्री से कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्र पोषित किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन ऊर्जा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके माध्यम से कोरबा कोयला क्षेत्र से पश्चिमी भारत तक कोयला और अन्य खनिजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश की औद्योगिक जरूरतों के लिए भी एक “लाइफलाइन” करार दिया। बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने का प्रस्ताव सांसद साहू ने बिलासपुर में रेल वैगन निर्माण कारखाने की स्थापना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) का मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है और पास ही भिलाई इस्पात संयंत्र मौजूद है, जिससे कच्चे माल की उपलब्धता आसान होगी। इस परियोजना से रेलवे को लागत में लाभ मिलेगा और साथ ही छत्तीसगढ़ के हजारों युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण की मांग मुलाकात में बिलासपुर हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। तोखन साहू ने कहा कि बिलासपुर राज्य का प्रमुख औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र है, ऐसे में यहां बड़े विमानों के संचालन की आवश्यकता है। उन्होंने एयरबस A320 और बोइंग 737 जैसे विमानों के संचालन के लिए रनवे विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास हेतु विशेष बजटीय प्रावधान की मांग की। ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जोड़ा प्रस्ताव तोखन साहू ने कहा कि ये तीनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इन योजनाओं के लागू होने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और देश की जीडीपी में भी उल्लेखनीय योगदान होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सांसद द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया और छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ी योजनाओं पर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के संतुलित और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।