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हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

हर समस्या का हल ढूंढना हमारा दायित्व है: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

मुंबई  केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के लोककल्याण कार्यालय में रविवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की विभिन्न शिकायतें सुनी गईं और 15 शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। सांसद पीयूष गोयल ने कहा कि हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। इस दौरान नगर निगम, म्हाडा, हाउसिंग सोसाइटी और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सामने आईं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद किया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। इस मौके पर सांसद गोयल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कांदिवली स्थित लोककल्याण कार्यालय में आयोजित इस जनता दरबार में कई नागरिकों ने अपनी शिकायतें और निवेदन प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर राहत प्रदान की गई। बाणडोंगरी क्षेत्र की महिलाओं ने पानी की आपूर्ति के समय में बदलाव को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे घरों में काम करके अपनी जीविका चलाती हैं और नगरपालिका द्वारा पानी की आपूर्ति का समय बदल दिए जाने से उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर गोयल ने आश्वासन दिया कि पानी विभाग से संपर्क कर पुराने समय को बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस बीच, दहिसर के पुनर्विकास परियोजना से प्रभावित निवासियों ने भी अपनी समस्याएं साझा कीं। उनका कहना था कि वे पिछले 14 वर्षों से किराये के मकानों में रह रहे हैं, जबकि डेवलपर्स ने उनके मूल मकान दूसरों को किराये पर दे दिए हैं। इस पर गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, आप पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा, सहकारी हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, सड़क मरम्मत, पीने का पानी, खेल के मैदान, मुआवजा आदि से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई संस्थाओं और संगठनों के पदाधिकारी भी अपनी मांगों के साथ जनता दरबार में शामिल हुए। एक विशेष प्रसंग में चारकोप सेक्टर-8 निवासी मनसुख जाधव ने जनता दरबार में आकर सांसद गोयल का व्यक्तिगत रूप से आभार प्रकट किया। उन्हें हृदय शल्य चिकित्सा के लिए अस्पताल द्वारा अधिक खर्च बताया गया था, जिससे वह परेशान थे, लेकिन लोककल्याण कार्यालय के हस्तक्षेप से उन्हें मुफ्त इलाज प्राप्त हुआ। इसके लिए उन्होंने दरबार में आकर दिल से धन्यवाद दिया। जनता दरबार में उत्तर मुंबई भाजपा के जिलाध्यक्ष दीपक तावड़े, पूर्व नगरसेवक गणेश खणकर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। सांसद पीयूष गोयल ने कहा, "हमारा प्रयास नागरिकों की समस्याओं को हल करना है। लोककल्याण कार्यालय में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभागों से समन्वय कर निर्णय लिए जाते हैं। मेरी टीम भी लगातार फॉलोअप करती रहती है।"

रिजिजू का दो टूक: ऑपरेशन सिंदूर पर खुली है सरकार, ट्रंप का दावा अलग नजरिए से देखें

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को कहा कि मॉनसून सत्र के दौरान सरकार ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमला जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्र 21 जुलाई सोमवार से शुरू होगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार किसी भी मुद्दे से पीछे नहीं हटेगी और संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। रिजिजू ने ये बातें ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहीं। सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रिजिजू से जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीज़फायर दावे को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल किया गया, तो रिजिजू ने कहा कि सरकार संसद में ही इस पर जवाब देगी, बाहर नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में हमेशा मौजूद रहते हैं जब भी कोई बड़ा मुद्दा उठता है। रिजिजू के मुताबिक, सरकार मॉनसून सत्र में 17 विधेयक (बिल) पेश करने की योजना बना रही है और बहस के दौरान सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। सर्वदलीय बैठक में 51 दल हुए शामिल उन्होंने कहा, "हम खुले दिल से चर्चा के लिए तैयार हैं। हम संसदीय नियमों और परंपराओं का सम्मान करते हैं।” ऑल पार्टी बैठक में 51 दलों के 54 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें सभी दलों – एनडीए, यूपीए (इंडिया ब्लॉक) और निर्दलीय सांसदों – ने अपने मुद्दे रखे और बहस की मांग की। रिजिजू ने कहा, "हम अलग-अलग विचारधाराओं से हो सकते हैं, लेकिन संसद को ठीक से चलाना सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।" न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा पर महाभियोग प्रस्ताव किरण रिजिजू ने बताया कि सांसदों द्वारा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाने की मांग की गई है। 100 से अधिक सांसदों ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। सरकार इस मानसून सत्र में ही प्रस्ताव लाएगी, लेकिन इसके पेश किए जाने की तारीख अभी तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, "महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। टाइमलाइन बाद में बताई जाएगी।" छोटे दलों को कम बोलने के समय मिलने पर भी बोले रिजिजू रिजिजू ने यह भी माना कि जिन दलों के सांसद कम संख्या में हैं, उन्हें अक्सर संसद में बोलने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति के समक्ष उठाएगी और इसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया जाएगा ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।  

भारी वर्षा का असर – यूपी में आज–कल मौसम बदलेगा, अन्य राज्यों में क्या स्थिति?

लखनऊ  देशभर में इन दिनों खूब बरसात हो रही है। मौसम विभाग ने रविवार को आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बरसात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 20-26 जुलाई, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 20-24 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, तटीय ओडिशा में 23 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना में अगले सात दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में आज और कल भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 21-23 जुलाई, पंजाब, जम्मू कश्मीर में 21-24 जुलाई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20-21 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 जुलाई, पश्चिमी राजस्थान में 20 जुलाई, पूर्वी राजस्थान में 22 और 26 जुलाई, हरियाणा में 21 और 22 जुलाई को भारी बारिश होने वाली है। वहीं, पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण,गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में 20 से 26 जुलाई, सौराष्ट्र, कच्छ में 20 जुलाई, मराठवाड़ा में 21 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वी व मध्य भारत में छत्तीसगढ़, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में 20 जुलाई, विदर्भ, छत्तीसगढ़, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल में 23-25 जुलाई को बहुत भारी बरसात होगी। मध्य प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड में 23-26 जुलाई, ओडिशा में 20-26 जुलाई, बिहार में 20 और 21 जुलाई और फिर 24-26 जुलाई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  

जेम्स एंडरसन बोले- ट्रॉफी पर सचिन तेंदुलकर के साथ नाम देखना एक अजीब लेकिन गर्व का पल

लंदन  इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने स्वीकार किया कि सचिन तेंदुलकर के साथ ट्रॉफी पर अपना नाम देखकर वह अजीब महसूस करते हैं और उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के महानतम क्रिकेटरों में से एक के साथ अपना नाम होना बहुत बड़ा सम्मान है। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट श्रृंखला की ट्रॉफी का नाम एंडरसन तेंदुलकर ट्रॉफी रखा है। पहले इसका नाम पटौदी ट्रॉफी था जो भारत के पूर्व कप्तान इफ्तिखार अली खान पटौदी और उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर था।   एंडरसन ने स्काय स्पोटर्स से कहा, ‘‘यह जरूरी नहीं कि आपके नाम पर ट्रॉफी का होना कितना बड़ा है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि आपके नाम के साथ सचिन तेंदुलकर का नाम है, जो मेरे लिए अब तक के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक हैं।’’ उन्होंने कहा , ‘‘मैं ट्रॉफी पर अपने साथ उनका नाम देखता हूं तो बड़ा अजीब लगता है। मैं उनका काफी सम्मान करता हूं। मैने बचपन से उन्हें देखा है और उनके खिलाफ खेला है । वह इतने महान क्रिकेटर रहे हैं जिन्होंने पूरे देश की उम्मीदों का बोझ अपने पूरे कैरियर में उठाया है। उनके साथ इस तरह का कुछ साझा करना बहुत बड़ा सम्मान है।’’ तेंदुलकर ने 200 और एंडरसन ने 188 टेस्ट खेले हैं। पिछले साल क्रिकेट को अलविदा कहने वाले एंडरसन ने 704 विकेट लिये हैं। 5 मैच की तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी 2025 के तीन मैच खेले जा चुके हैं। मेजबान इंग्लैंड 2-1 से सीरीज में आगे हैं। सीरीज का चौथा और बेहत महत्वपूर्ण मैच 23 जुलाई से मैनचेस्टर में खेला जाना है।  

पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही

भोपाल  पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा जनहित में सशक्त भूमिका निभा रही है। आपातकाल में उन्नत चिकित्सा सेवा मुहैया कराने में बहुमूल्य समय की बचत कर जीवन संरक्षण किया जा रहा है। सिंगरौली जिले के श्री लाल कृष्ण वैश्य (31 वर्ष) को गंभीर अवस्था में जबलपुर से इंदौर स्थित आयुष्मान भारत से सम्बद्ध अस्पताल में एयर एम्बुलेंस सेवा से सफलतापूर्वक एयर लिफ्ट किया गया। श्री लाल कृष्ण सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे, जिससे उनके पूरे शरीर का पक्षाघात (पैरालिसिस) हो गया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण सड़क या रेल मार्ग से परिवहन जोखिमपूर्ण था। इस स्थिति में एयर एम्बुलेंस सेवा ही एकमात्र सुरक्षित विकल्प था, जिसने समय रहते उन्हें उन्नत उपचार के लिए इंदौर पहुँचाया और उनकी जान बचाई जा सकी। पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित मरीजों को त्वरित एवं सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। यह सेवा राज्य के नागरिकों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवन रक्षक सुविधा बन चुकी है। सेवा के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड धारकों को निःशुल्क वायु परिवहन की सुविधा दी जाती है, अन्य नागरिकों के लिए भी निर्धारित परिस्थितियों में सुलभ दरों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। एयर एम्बुलेंस सेवा: पात्रता एवं स्वीकृति प्रक्रिया आयुष्मान कार्डधारी मरीजों को राज्य के भीतर या बाहर शासकीय एवं आयुष्मान सम्बद्ध अस्पतालों में निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। गैर-आयुष्मान कार्डधारकों को राज्य में निःशुल्क तथा राज्य के बाहर अनुबंधित दरों पर सशुल्क परिवहन सुविधा दी जाती है। सड़क, औद्योगिक दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित सभी नागरिकों को राज्य के भीतर या बाहर निःशुल्क एयर एम्बुलेंस सेवा मिलती है। यह सेवा राज्य के सभी जिलों से जिला अस्पतालों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। नागरिकों को उनके जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या मेडिकल कॉलेज अधिष्ठाता की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा राज्य के भीतर निःशुल्क परिवहन की अनुमति दी जाती है। राज्य के बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा, भोपाल, तथा सशुल्क मामलों में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल स्वीकृति प्रदान करते हैं।  

यात्रियों को बड़ी राहत: भोपाल से सागर तक बिना रुकावट चलेगा सफर

विदिशा मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सागर का सफर जल्द ही आसान और आरामदायक होगा। भोपाल-सागर के बीच हाईवे निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। कुल 6 टुकड़ों में बन रहे इस हाईवे का मोरीकोड़ी से विदिशा तक बन रहे खंड का काम लगभग 85 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि इस पर से नए साल के पहले महीने से आवागमन भी शुरू हो जाएगा। बाकी बचे तीन खंडों में भी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। एनएचएआइ व तीन नई ठेका कंपनियों के बीच निर्माण कार्य को लेकर अनुबंध कर लिया गया है। 6 टुकड़ों में बन रहा भोपाल-सागर हाईवे भोपाल-सागर हाईवे के निर्माण कार्य को छह खंडों में विभाजित कर पूर्ण करने की योजना बनाई गई है। वर्तमान में दो खंडों में कार्य चल रहा है। विदिशा जिले के तीन खंडों में कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया था। निविदा सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू होगा। चौथा खंड सागर जिले में है। वहां के लिए भी प्रक्रिया शुरू है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआइ) के परियोजना निदेशक सिद्धांत सिंघई के अनुसार विदिशा जिले में विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी का कार्य अधिकतम एक अक्टूबर से शुरू कर दिया जाएगा। बाकी चौथे खंड बेरखेड़ी से सागर तक का कार्य भी जल्द ही शुरू होगा। जबकि बेरखेड़ी से सागर तक लिंक रोड का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।

सर्वश्रेष्ठ फलदायी दिन: हरियाली अमावस्या पर त्रिगुणित शुभ योगों का दुर्लभ मेल

हरियाली अमावस्या 24 जुलाई गुरुवार को पूर्ण भक्तिभाव के साथ मनाई जाएगी। हरियाली अमावस्या की शुरुआत 24 जुलाई रात दो बजकर 28 मिनिट से होगी, इसका समापन 25 जुलाई को रात 12 बजकर 40 मिनट पर होगा। इस वर्ष हरियाली अमावस्या पर पुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि व अमृत योग बन रहा है। इस दिन से मंदिरों में श्रावण मास के उत्सव शुरू हो जाता है। अमावस्या को पितरों की शांति के लिए तर्पण करने से शांति मिलती है. हरियाली अमावस्या को सनातन धर्म सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में हरे परिधानों से अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालु सामार्थ्य के अनुसार दान-पुण्य करेगा। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए विशेष विधि-विधान किए जाते हैं। मान्यता है कि पितृकार्य और शिवपूजन दोनों करने से न केवल पितरों का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं।अमावस्या को पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना गया है। यदि नदी स्नान संभव न हो, तो घर पर ही बाल्टी या टब में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान कर सकते हैं।   हरियाली अमावस्या पर बनेंगे तीन शुभ योग अमावस्या के दिन काफी शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है। इस दिन तीन शुभ योगों का निर्माण होने वाला है। हरियाली अमावस्या पर गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे। उस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा. इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं। इसलिए इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।     ब्रह्म मुहूर्त- सुबह सवां चार बजे से चर बजकर 57 मिनट तक     अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 55 मिनट तक     अमृत काल- दोपहर दो बजकर 26 मिनट से तीन बजकर 58 मिनट तक     सर्वार्थ सिद्ध योग- पूरे दिन रहेगा     गुरु पुष्य योग- शाम चार बजकर 43 मिनट से आरंभ होगा और अगले दिन सुबह पांच बजर 39 बजे तक रहेगा। हरियाली अमवास्या का महत्व सावन मास में चारों तरफ हरियाली होती है। बारिश की वजह से मौसम सुहावना होता है और पेड़-पौधों में अलग चमक दिखाई देती है। इस हरे-भरे वातावरण के चलते सावन अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली अमावस्या के मौके पर पितर पूजा और नवग्रह शांति पूजा कराने का भी महत्व है। इसके साथ ही शिव पूजन का बड़ा महत्व माना जाता है। इसके साथ ही पौधे लगाने का महत्व है। इस दिन आम, आंवला, नीम, बरगद, पीपल आदि के पौधे लगाने का बड़ा महत्व है।

भारत-ईएफटीए FTA लागू होने को तैयार, गोयल बोले- ऐतिहासिक अवसर

नई दिल्ली  भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें। भारत और चार देशों के यूरोपीय समूह ईएफटीए के बीच मुक्त व्यापार समझौता एक अक्तूबर से लागू होगा। दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है, जबकि स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है। गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत-ईएफटीए टीईपीए 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा।" यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के सदस्य आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड हैं। समूह ने 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है – समझौते के कार्यान्वयन के बाद 10 वर्षों के भीतर 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तथा अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर- जिससे भारत में 1 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। यह भारत द्वारा अब तक हस्ताक्षरित किसी भी व्यापार समझौते में सहमत अपनी तरह की पहली प्रतिज्ञा है। यह प्रतिबद्धता इस समझौते का मुख्य तत्व है, जिसे पूरा होने में लगभग 16 वर्ष लगे, जिसके बदले में भारत ने EFTA देशों से आने वाले कई उत्पादों के लिए अपने बाजार खोल दिए। इस समूह में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार स्विट्जरलैंड है। शेष तीन देशों के साथ भारत का व्यापार कम है। इस समझौते में भारत अपनी टैरिफ लाइनों या उत्पाद श्रेणियों का 82.7 प्रतिशत हिस्सा देने की पेशकश कर रहा है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोना है। घरेलू ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले स्विस उत्पाद, जैसे घड़ियां, चॉकलेट, बिस्कुट और घड़ियां, कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएंगे, क्योंकि भारत व्यापार समझौते के तहत इन वस्तुओं पर सीमा शुल्क को 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर देगा। सेवा क्षेत्र में, वाणिज्य मंत्रालय ने पहले कहा था कि भारत ने ईएफटीए को 105 उप-क्षेत्रों की पेशकश की है, जैसे लेखांकन, व्यावसायिक सेवाएं, कंप्यूटर सेवाएं, वितरण और स्वास्थ्य। दूसरी ओर, देश ने स्विट्जरलैंड से 128 उप-क्षेत्रों में, नॉर्वे से 114, लिकटेंस्टीन से 107 और आइसलैंड से 110 उप-क्षेत्रों में प्रतिबद्धताएं हासिल की हैं। जिन क्षेत्रों में भारतीय सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, उनमें कानूनी, दृश्य-श्रव्य, अनुसंधान एवं विकास, कंप्यूटर, लेखांकन और लेखा परीक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, यह समझौता घरेलू निर्यातकों को यूरोपीय संघ (ईयू) के बाज़ारों में एकीकृत होने का अवसर प्रदान करेगा। स्विट्ज़रलैंड के वैश्विक सेवा निर्यात का 40 प्रतिशत से अधिक यूरोपीय संघ को होता है। भारतीय कंपनियाँ यूरोपीय संघ तक अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए स्विट्ज़रलैंड को एक आधार के रूप में देख सकती हैं। 2024-25 में भारत-ईएफटीए द्विपक्षीय व्यापार 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर था।

हंगामेदार होगा मानसून सत्र! विश्लेषकों ने बताया किन मुद्दों पर गरजेंगे नेता

नई दिल्ली  संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है और 21 अगस्त तक दोनों सदनों की कुल 21 बैठकें होंगी। सरकार की तरफ से इस सत्र में कई विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें से कुछ मुद्दे ऐसे है जिस पर हंगामा हो सकता है। इसमें पहलगाम से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण तक कई मुद्दे शामिल है।    संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। पहले यह सत्र 12 अगस्त तक चलने वाला था, अब इसे बढ़ा दिया है। इस सत्र में कई मुद्दों पर हंगामा हो सकता है। इसमें भारत-पाकिस्तान संघर्ष से लेकर बिहार में मतदाता सूची के पुनर्निरीक्षण और डोनाल्ड ट्रंप के भारत से जुड़े मुद्दों पर लगातार दिए जा रहे बयानों से लेकर पहलगाम में सुरक्षा तक के मुद्दे पर सियासी तीर चल सकते हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, सुनील शुक्ल, अवधेश कुमार, विजय त्रिवेदी और बिलाल सब्जवारी मौजूद रहे। विजय त्रिवेदी: बिल पास कराना इस सत्र का मुद्दा नहीं है। अहम ये है कि जो मामले इस दौरान उठाए जाएंगे। चाहे ट्रंप का ही मुद्दा ही क्यों न हो। ट्रंप जो कहते रहे हैं उस पर चर्चा जरूर होगी। हमारी डिप्लोमेसी में जो बदलाव आया है उसे देखने की जरूरत है। संसद का सत्र होगा तो पहलगाम पर चर्चा पर होगी, ऑपरेशन सिंदूर पर भी चर्चा होगी। ये भी पूछा जाएगा कि पहलगाम के आतंकी कहां हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर का बटन अचानक क्यों दबाया गया इस पर सवाल पूछे जाएंगे।    अवधेश कुमार:  नेता प्रतिपक्ष ने 2024 के चुनाव बाद से जिस तरह का रुख दिखाया है मैं उसमें कोई बदलाव नहीं देखता हूं। देश में बाहर की राजनीति में और अंदर की राजनीति में सीमाएं टूट चुकी हैं।  अगर ट्रंप की बात आएगी तो जी-7 के बाद की बात भी आएगी। चुनाव आयोग की बात आएगी उसका भी जवाब कई बार दिया जा चुका है। क्या यह तथ्य नहीं कि वहां से लोग पकड़े गए हैं। बिहार चुनाव से पहले यह सत्र हो रहा है तो उसका असर इसमें जरूर दिखेगा। चीजों पर तथ्यात्मक बहस हो मैं यह जरूर चाहूंगा।  सुनील शुक्ल:  जो संघर्ष विराम हुआ उसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यों की? उसके बाद क्यों संघर्ष विराम की घोषणा हुई? बिहार में जो मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण हो रहा वो मुद्दा भी उठेगा। बिहार बंद के दौरान भी ये दिखाई दिया। इस सत्र में विपक्ष के पास बहुत से मुद्दे हैं। मुझे उम्मीद है कि विपक्ष इन मुद्दों को अच्छे से उठा पाएगा।  बिलाल सब्जवारी: ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला सत्र होने जा रहा है। सेना की सफलता से लेकर अल्पकालिक कूटनीतिक विफलता तक पर बात होगी। कुल मिलाकर संसद सत्र के दौरान राजनीति दोनों तरफ से होगी। टकराव दोनों तरफ से होगा। नैरेटिव भी दोनों तरफ से गढ़े जाएंगे, लेकिन अंत में बिल भी पास हो जाएंगे।  विनोद अग्निहोत्री:  सोमवार से शुरू हो रहा सत्र बहुत तूफानी और हंगामेदार होगा। किसी भी बिल को पास कराने में सरकार को दिक्कत नहीं होगी। वहीं, विपक्ष के पास भी बहुत से मुद्दे हैं। विपक्ष अगर हंगामा करने की जगह नियम के तहत अपनी बात रखेगा तो ज्यादा बेहतर होगा। विपक्ष के सामने चुनौती अपने को एकजुट रखने की भी है। विपक्ष के सामने चुनौती होगी कि वो कैसे सरकार विरोधी दलों को मुद्दों पर एकजुट रखे।