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जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित भी किया। मंत्री  राजेश अग्रवाल का यह जनसंपर्क कार्यक्रम औपचारिकता से परे, संवेदनशील संवाद का उदाहरण बनकर सामने आया। उनके व्यवहार में सहजता, सहृदयता और आत्मीयता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। क्षेत्रवासियों ने खुलकर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं से जुड़ी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।  राजेश अग्रवाल का मानना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना ही वास्तविक जनसेवा है।  अग्रवाल जनता से निरंतर संपर्क में रहकर समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता झलकती है। वे क्षेत्र के विकास को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें सहज, सुलभ और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के रूप में  राजेश अग्रवाल जहां प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय हैं, वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र और लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों की सतत निगरानी भी कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस अवसर पर मंत्री की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा आमजन की बात सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध रहते हैं। लखनपुर में आयोजित यह भेंट-मुलाकात केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि मंत्री  राजेश अग्रवाल और क्षेत्र की जनता के बीच गहरे विश्वास और आत्मिक संबंध का सशक्त प्रमाण भी है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने 283 जोड़ों को दिया आशीर्वाद

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहनीय पहल छत्तीसगढ़ की साय सरकार की संवेदनशील और कल्याणकारी सोच का प्रतीक बनी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत मंगलवार को राजिम के नवीन मेला मैदान में 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। अध्यक्षता राजिम विधायक  रोहित साहू ने की। राज्य सरकार की इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाई है, जो समाज के हर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के दौर में बेटी की शादी हर परिवार के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ की साय सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इसे सुलझा दिया है। इस योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये वधु के बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित होते हैं। शेष 15 हजार रुपये श्रृंगार सामग्री, व्यवस्था और अन्य खर्चों पर व्यय किए जाते हैं।  अग्रवाल ने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से बेटी का विवाह करने में सहारा देती है। पूरे रीति-रिवाजों के साथ एक साथ इतने जोड़ों का विवाह होना समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना की तथा नवदंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस भव्य समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के 94, बिन्द्रनवागढ़ के 181 तथा कुरूद विधानसभा के 8 जोड़े शामिल हुए। राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नई उम्मीद दी है। विधायक  रोहित साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सरकार की जनकल्याणकारी भावना का जीवंत उदाहरण है। विवाह का आर्थिक बोझ अब बोझ नहीं, बल्कि खुशी का अवसर बन गया है। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार माना। कलेक्टर  बीएस उइके ने बताया कि यह आयोजन पूरे प्रदेश में एक साथ हो रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज होगा। 4 आत्मसमर्पित नक्सली बंधे विवाह बंधन में, मुख्यधारा में लौटकर सराहा राज्य सरकार की योजना योजना की सबसे प्रेरणादायक कहानी रही चार आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की। कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिले से इन जोड़ों ने मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी अपनाई है। इनमें दिलीप उर्फ संतु, मंजुला उर्फ लखमी, दीपक उर्फ भीमा मंडावी, सुनीता उर्फ जुनकी, कैलाश उर्फ भीमा, रनीता उर्फ पायकी कारम तथा राजेंद्र उर्फ कोसा मुरिया, जैनी उर्फ देवे मड़कम शामिल हैं। विवाह मंत्रोचार के बीच विवाह बंधन में बंधे इन नवदंपतियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीतियों की तारीफ की। नक्सली जोड़ों ने मीडिया से कहा कि मुख्यधारा में जुड़ने के बाद हमें नई जिंदगी मिली है। इस योजना से जीवनसाथी के साथ खुशहाल भविष्य का सपना साकार हो रहा है। इस अवसर पर कलेक्टर  बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ  प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी  अशोक पाण्डेय के अलावा पूर्व विधायक  संतोष उपध्याय, राजिम नगर पालिका अध्यक्ष  महेश यादव, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्षगण मती इंद्राणी साहू, मती मीरा ठाकुर,  सोहन धु्रव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप ने भी संबोधित किया। राज्य सरकार की यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य भी कर रही है।