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ओवरलोडिंग बनी मौत की वजह: शिवगढ़ में पलटी मजदूरों से भरी पिकअप, कई घायल

रायबरेली शिवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग पर बेड़ारु गांव के पास सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब मजदूरों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयानक था कि वैन का आगे का हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसमें सवार मजदूर दूर फेंका गए. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप वैन में क्षमता से करीब तीन गुना ज्यादा मजदूर सवार थे. बताया जा रहा है कि वाहन में करीब 25-30 लोग सवार थे. जो अमेठी के विभिन्न गांवों से ईंट-भट्ठों पर काम करने जा रहे थे. वैन चालक स्पीड से वाहन दौड़ा रहा था और सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उबड़-खाबड़ हिस्से से बचने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और डायल-112 को हादसे की सूचना दी. ग्रामीणों ने फौरन अपनी-अपनी बाइक और टेम्पो से घायलों को शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना शुरू किया. इसी बीच डायल-112 की दो पीआरवी वाहन भी मौके पर पहुंची और पुलिसकर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया. सीएचसी शिवगढ़ में प्राथमिक उपचार के दौरान एक मजदूर (आयु करीब 45 वर्ष) ने दम तोड़ दिया. मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है, लेकिन उसके पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार उसका नाम रामलखन पुत्र स्वामी नाथ, निवासी ग्राम भिटारी, थाना जामो, जिला अमेठी बताया जा रहा है. वहीं 7 घायल मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है. जिनमें से तीन को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया है. शिवगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. हादसे के बाद मौके पर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों ने भवानीगढ़-बहुदा संपर्क मार्ग की जर्जर हालत को कोसा। ग्रामीण नेता रामचंद्र यादव व पूर्व प्रधान पति रामनगीना यादव ने बताया कि यह मार्ग कई साल से बदहाल है। बार-बार शिकायत के बावजूद न तो गड्ढे भरे गए और न ही मार्ग की मरम्मत हुई। यही वजह है कि आए दिन यहां छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

कलश स्थापना के लिए गंगा जल ले जा रहे थे, सड़क हादसे में परिवार के 3 सदस्यों की मौत

झारखंड शारदीय नवरात्र के पहले दिन झारखंड के गोड्डा जिले में एक भीषण सड़क हादसा हो गया. हादसे में कार सवार दंपति सहित तीन लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. घटना के बाद से मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया है. मृतक कलश स्थापना के लिए गांगा स्नान कर जल लेकर वापस लौट रहे थे. इसी दौरान यह हादसा हुआ. घटना जिले के महागामा थाना क्षेत्र की है. घटना के दौरान कार गोड्डा जिला के महागामा-एकचारी मुख्य मार्ग से गुजर रही थी. इस दौरान कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से सीधे खाई में गिर गई. इस भीषण हादसे में कार सवार पति- पत्नी सहित 3 लोगों की मौके पर मौत हो गई. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लग गई. कार सवार मृतकों की पहचान महागामा ऊर्जा नगर निवासी जोगेंद्र कुमार यादव , उनकी पत्नी बिंदेश्वरी देवी और एक अन्य की पहचान कौशल्या देवी के रूप में हुई हैं. गांगा जल लेकर लौट रहे थे मृतक भीषण हादसे को लेकर मिली जानकारी के मुताबिक नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और पूजा संपन्न होना था. इसलिए पति- पत्नी सहित 3 लोग कार पर सवार होकर कहलगांव स्थित गंगा घाट गए थे, जहां स्नान करने के बाद गंगा जल लेकर गोड्डा अपने घर लौट रहे थे. इसी बीच तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और सीधे सड़क किनारे खाई में जा गिरी. हादसा इतना भयानक था की कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई. परिवार में मचा कोहराम मौके पर पहुंचे लोगों ने हादसे की सूचना स्थानीय महागामा थाना की पुलिस को दिया. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से कार को खाई से बाहर निकाला. इसके साथ ही तीनों मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए लिए भेज दिया गया. घटना की सूचना पीड़ित परिवार को दी गई. सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. मामले में पुलिस घटना को लेकर जांच कर रही है.  

10 साल का मासूम खेलते-खेलते गिरा, गणेश उत्सव में हुआ दिल का दौरा और निधन

मुंबई  महाराष्ट्र के कोल्हापुर से दिल को झकझोर देने वाली एक खबर सामने आई है। यहां एक 10 साल के मासूम की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मासूम ने अपनी मां की गोद में ही दम तोड़ दिया। घटना कोल्हापुर जिले के कोडोली गांव की है। बुधवार रात को हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के मुताबिक दस वर्षीय श्रवण अजीत गावड़े बुधवार शाम आनंदनगर में एक गणेश पंडाल के शेड में अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। वह हमेशा की तरह हंस-खेल रहा था और बिल्कुल स्वस्थ था। कुछ मिनट बाद ही उसकी तबियत अचानक खराब होने लगी। इसके बाद वह खेलना छोड़कर घर की तरफ जाने लगा। घर पहुंचते ही वह अपनी मां की गोद में लेट गया। वह मां से कुछ कहने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तभी उसे हार्ट अटैक आया और उसने आंखें मूंद लीं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक श्रवण की मां का रोना सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे, जिसके बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी मृत्यु अचानक दिल का दौरा पड़ने से हुई। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक चार साल पहले ही परिवार ने अपनी छोटी बच्ची को भी खो दिया था। अब श्रवण की मौत के बाद उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चों और युवाओं में इस तरह अचानक हार्ट अटैक की घटनाओं में बढ़ोतरी चिंता का कारण बनती जा रही है। बीते जुलाई में राजस्थान के सीकर में एक 9 साल की बच्ची की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। चौथी कक्षा में पढ़ने वाली प्राची स्कूल में इंटरवल के दौरान अचानक गिर पड़ी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इसी तरह एक अन्य घटना में हैदराबाद में एक 25 साल का शख्स बैडमिंटन खेलते हुए अचानक गिर पड़ा। बाद में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।