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शिक्षा और विकास पर बड़ा फोकस, नई पीढ़ी की मजबूत नींव रखेगा बजट : श्री सिंह

भोपाल. स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।  सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी। मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है। परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर  सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

यात्रियों से टिकिट की नियत राशि से ज्यादा वसूलने वाली बसों पर हो सख्त कार्रवाई : परिवहन मंत्री सिंह

वीडियो कॉन्फ्रेंस से परिवहन अमले को दिये गये निर्देश भोपाल परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने विभागीय अमले को दीपावली त्यौहार को देखते हुए बसों से यात्रियों से नियत टिकिट की राशि से अधिक वसूली करने वाले बस मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने परिवहन विभाग के अमले को सभी आवश्यक मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा है। परिवहन मंत्री श्री सिंह गुरुवार को भोपाल में परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन श्री मनीष सिंह और आयुक्त परिवहन श्री विवेक शर्मा भी मौजूद थे। मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश     बसों की जाँच के दौरान परिवहन जाँच स्टॉफ वर्दी में हों। बॉडीवार्न कैमरे का इस्तेमाल किया जाये। समस्त क्षेत्रीय, अतिरिक्त क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी उनके जिले में स्थापित एटीएस (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन) की नियमित जाँच करना सुनिश्चित करें।     बिना वैध बीमा, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग बस पाए जाने पर उन्हें जारी किये गये परमिट की जाँच हो। स्टेज कैरिज वाहनों में लायसेंस प्राप्त कंडक्टर हो।     स्लीपर कोच में प्रवेश एवं निर्गम निर्धारित मापदण्ड के अनुसार हो। स्लीपर कोच में निर्धारित ले-आउट के अनुसार स्लीपर लगे हों, यह सुनिश्चित हो।     अमले को यह निर्देश दिये गये हैं कि लोक सेवा वाहन में ज्वलनशील पदार्थ का परिवहन न किया जाये। समस्त बसों में पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र हों। प्रत्येक बस में प्राथमिक चिकित्सा के उपकरण अनिवार्य रूप से हों।     आल इण्डिया टूरिस्ट परमिट एवं अन्य बसों द्वारा परमिट शर्तों का उल्लंघन करने पर हो सख्त कार्यवाही। बीमा नवीनीकरण और वाहन पंजीकरण की जाँच हो। प्रदेश के सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट हो, यह सुनिश्चित किया जाये। वाहन पोर्टल पर माइग्रेट होने के पूर्व जिन वाहनों का मोटर कर और पैनाल्टी की राशि दर्ज न हो, ऐसे प्रकरण का निराकरण 15 दिवस में हो। दो पहिया वाहनों पर चालक हेलमेट पहने, यह सुनिश्चित हो। हेलमेट उपयोग के लिये निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए।