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उज्जैन सिंहस्थ महापर्व की तैयारी तेज: प्रयागराज मॉडल से सीखेंगे बिजली प्रबंधन के गुर

इंदौर  उज्जैन में वर्ष 2028 में प्रस्तावित सिंहस्थ महापर्व के सफल आयोजन के लिए बिजली वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी क्रम में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान बिजली प्रबंधन का अनुभव रखने वाले अधिकारियों का एक दल मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन के दौरे पर आया है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान निर्बाध, सुरक्षित और प्रभावी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने अनुभव साझा करना और स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना है। इंदौर और उज्जैन में बिजली वितरण व्यवस्था का होगा अवलोकन मंगलवार को मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों का दल इंदौर पहुंचा। यह दल पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों के साथ मिलकर इंदौर और उज्जैन में बिजली वितरण से जुड़ी मौजूदा व्यवस्थाओं का अवलोकन करेगा। साथ ही सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन अधिकारियों के सुझावों और तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देगी। इंदौर और उज्जैन में कार्यशालाओं का आयोजन भी करेंगे उल्लेखनीय है कि पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों का एक दल पहले ही प्रयागराज जाकर महाकुंभ के दौरान की गई बिजली व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन कर चुका है। अब उसी अनुभव को व्यवहार में लाने के लिए प्रयागराज से आए विशेषज्ञ अधिकारी चार दिवसीय दौरे के दौरान इंदौर और उज्जैन में कार्यशालाओं का आयोजन भी करेंगे। इन कार्यशालाओं में वे अधिकारी शामिल होंगे, जिन्होंने महाकुंभ जैसे विशाल आयोजन में विद्युत आपूर्ति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी।  

सिंहस्थ से पहले सीख: नासिक महाकुंभ में व्यवस्थाएं संभालेगा मध्य प्रदेश का प्रशासनिक दल

भोपाल  उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ की तैयारियों में भीड़ प्रबंधन और अन्य सुरक्षा उपायों को लेकर पुलिस-प्रशासन कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। नासिक में वर्ष 2027 में होने वाले कुंभ में पुलिस, आपदा प्रबंधन व अन्य संबंधित विभागों का दल पूरे समय वहां रहकर व्यवस्थाएं देखेगा। इस आधार पर वहां के नवाचार, तकनीक को उज्जैन में अपनाया जा सकेगा। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन में व्यवस्थाएं करने के लिए प्रयागराज की तुलना में नासिक महाकुंभ का अवलोकन अधिक बेहतर रहेगा। कारण यह कि नासिक और उज्जैन शहर की संरचना लगभग एक जैसी हैं। क्षेत्र संकीर्ण होने के कारण भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रयागराज महाकुंभ में किए गए तकनीकी नवाचारों का भी परीक्षण किया जा रहा है। वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी वहां के अधिकारियों के एक दल ने पुलिस मुख्यालय में प्रस्तुतीकरण भी दिया था। इनमें जो उज्जैन के लिए व्यवहारिक हैं उन्हें पुलिस अपनाने की तैयारी भी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि नासिक में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा प्रबंध, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य व्यवस्था, सफाई आदि में किसी तरह की समस्या आती है तो उसे देखते हुए उज्जैन सिंहस्थ में उस तरह की समस्या दूर करने के प्रयास किए पहले ही कर लिए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग क्षेत्र में वहां काम कर चुके विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। बता दें कि पुलिस मुख्यालय ने उज्जैन सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारी प्रारंभ कर दी है। इसमें सबसे पहले उज्जैन और ओंकारेश्वर का सुरक्षा आडिट कराया गया है।