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रूस-यूक्रेन जंग तेज: पुतिन ने एजेंसियों को किया मजबूत, ड्रोन अटैक में 3 लोगों की जान गई

रूस यूक्रेन-रूस युद्ध के ताज़ा घटनाक्रम में एक ओर खार्किव क्षेत्र में रूसी ड्रोन हमले से नागरिकों की मौत की खबर है, तो दूसरी ओर रूस में आंतरिक सुरक्षा कानूनों को और सख्त किया गया है। युद्ध के मैदान से लेकर कूटनीतिक और डिजिटल मोर्चे तक, हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं। यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, Kharkiv Oblast में एक नागरिक गोदाम पर रूसी ड्रोन हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। मलबे के नीचे से दो और शव बरामद किए गए। हमले के बाद इमारत में भीषण आग लग गई थी और कई घंटों तक राहत अभियान चलता रहा। हमले के बीच राष्ट्रपति Vladimir Putin ने एक नए कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत Federal Security Service (FSB) को किसी भी व्यक्ति की मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कराने का अधिकार मिल गया है। यह कानून यूक्रेन के रूसी कब्जे वाले क्षेत्रों में भी लागू होगा, जिससे डिजिटल नियंत्रण और कड़ा हो गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति Volodymyr Zelensky ने जिनेवा में हुई शांति वार्ताओं को “हमेशा आसान नहीं” बताया, लेकिन कहा कि सम्मानजनक समाधान की संभावना अब भी है।  उन्होंने Donald Trump की ओर से कथित क्षेत्रीय रियायतों की मांग को “अनुचित” बताते हुए स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी क्षेत्रीय अखंडता से समझौता नहीं करेगा।International Paralympic Committee (IPC) द्वारा रूस और बेलारूस के 10 एथलीटों को विंटर पैरालंपिक्स में भाग लेने की अनुमति दिए जाने के बाद, यूक्रेन ने आधिकारिक स्तर पर कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का फैसला किया है। हालांकि, यूक्रेनी खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।    

रूस की ‘तूफानी पक्षी’ क्रूज मिसाइल: यूक्रेन युद्ध में बढ़ा खतरा, दुनिया हैरान!

यूक्रेन रूस और यूक्रेन के बीच यु्द्ध जारी है। संघर्ष के बीच रूस ने अपनी सबसे नई परमाणु ऊर्जा से चलने वाली क्रूज मिसाइल 'बुरेवेस्टनिक' का सफल परीक्षण पूरा कर लिया। रूस के उच्च स्तरीय सैन्य अधिकारी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इस सफलता की जानकारी दी। यह मिसाइल परमाणु ऊर्जा पर निर्भर होने के चलते असीमित दूरी तय कर सकती है और इसमें परमाणु हथियार लादने की सुविधा भी है। रूसी सेना के महानिदेशालय प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने पुतिन को बताया कि मिसाइल ने 14000 किलोमीटर (करीब 8,700 मील) का सफर तय किया और हवाई क्षेत्र में लगभग 15 घंटे तक क्रियाशील रही। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अनुसार, 9एम730 बुरेवेस्टनिक (स्टॉर्म पेट्रेल), जिसे नाटो ने एसएससी-एक्स-9 स्काईफॉल नाम दिया है, वर्तमान और भविष्य की मिसाइल रक्षा प्रणालियों के खिलाफ 'अजेय' है। इसकी सीमा लगभग अनंत है और उड़ान पथ अप्रत्याशित। रविवार के अपने भाषण में व्लादिमीर पुतिन ने गेरासिमोव को आदेश दिया कि बुरेवेस्टनिक के मुख्य परीक्षण अब समाप्त हो चुके हैं, इसलिए मिसाइलों की तैनाती से पहले अंतिम तैयारी के चरण पर तत्काल काम शुरू कर दिया जाए। क्या है बुरेवेस्तनिक? बुरेवेस्तनिक एक उच्च कोटी की क्रूज मिसाइल है, जो पारंपरिक मिसाइलों से पूरी तरह अलग है। इसकी खासियत एक छोटा परमाणु रिएक्टर है, जो इसे असीमित दूरी तय करने की क्षमता प्रदान करता है। सामान्य मिसाइलें ईंधन समाप्त होने पर रुक जाती हैं, लेकिन यह परमाणु ऊर्जा से संचालित होती है, जिससे यह हफ्तों या महीनों तक लगातार उड़ान भर सकती है। रूसी भाषा में इसका नाम स्टॉर्म पेट्रेल (तूफानी पक्षी) है, जो तूफान की पूर्वसूचना की तरह खतरे का प्रतीक है। यह मात्र 50-100 मीटर की कम ऊंचाई पर उड़ती है, जिसके कारण रडार इसे आसानी से ट्रैक नहीं कर पाते। इसमें परमाणु वारहेड (परमाणु विस्फोटक) फिट किया जा सकता है, जो विनाशकारी विस्फोट पैदा कर सकता है। यह इतिहास की पहली ऐसी हथियार प्रणाली है जो परमाणु प्रणोदन (न्यूक्लियर प्रोपल्शन) पर आधारित है। रूस का दावा है कि यह अमेरिका या नाटो के किसी भी मिसाइल रक्षा तंत्र को धोखा दे सकती है। कैसे काम करता है बुरेवेस्तनिक? अब सवाल उठता है कि बुरेवेस्तनिक कैसे काम करता है। सामान्य क्रूज मिसाइलें जेट इंजन पर निर्भर होती हैं, लेकिन बुरेवेस्तनिक में एक कॉम्पैक्ट परमाणु रिएक्टर स्थापित होता है। यह रिएक्टर हवा को अत्यधिक गर्म करता है, जो फैलते हुए मिसाइल को आगे की ओर धकेलता है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ईंधन की कोई कमी नहीं होती, इसलिए यह पृथ्वी की परिक्रमा कई बार कर सकती है।

यूक्रेन संकट: भारत बेदाग, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी अमेरिकी मीडिया में घिरे

वाशिंगटन  अमेरिकी यहूदियों के एक समर्थक समूह ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों पर निशाना साधा और कहा कि रूस-यूक्रेन संकट के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। समूह ने अमेरिका-भारत संबंधों को बेहतर बनाने का आह्वान किया। ट्रंप प्रशासन के अधिकारी रूस के तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि तेल से अर्जित पैसों से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। अमेरिका ज्यूइश कमेटी (एजेसी) ने शुक्रवार को इस मामले पर टिप्पणी की। इससे पहले व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन संकट को “मोदी का युद्ध” करार देते हुए कहा था कि “शांति का मार्ग आंशिक रूप से नयी दिल्ली से होकर जाता है।” एजेसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह "अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भारत पर किये गए जुबानी हमलों से बहुत हैरान और चिंतित है।" समूह ने नवारो की टिप्पणी को "अपमानजनक आरोप" करार दिया। पोस्ट में कहा गया है, "हमें ऊर्जा के जरूरतमंद भारत की रूसी तेल पर निर्भरता पर खेद है, लेकिन भारत पुतिन के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार नहीं है, यह एक सहयोगी लोकतांत्रिक देश और अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।" पोस्ट में कहा गया है, “यह महत्वपूर्ण संबंधों को पुन: स्थापित करने का समय है।”