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यूपी रोडवेज में मोबाइल ऐप से सीट बुकिंग और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा शुरू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश रोडवेज बस अड्डों पर बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब बार-बार जानकारी लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों की सीट बुकिंग और लाइव लोकेशन की सुविधा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे की तर्ज पर अब यात्री यात्रा से पहले ही अपनी पसंद की सीट आरक्षित कर सकेंगे। इसके साथ ही बस की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप्स से सीट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग यात्री यूपीएसआरटीसी, यूपी राही और मार्गदर्शी जैसे आधिकारिक मोबाइल ऐप्स के जरिए सीट बुकिंग के साथ-साथ बस की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके लिए निगम की बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। जीपीएस के जरिए प्रत्येक बस की सटीक लोकेशन यात्रियों को उनके स्मार्टफोन पर दिखाई देगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा कि कौन-सी बस किस समय नजदीकी बस स्टैंड पर पहुंचेगी या पहुंच चुकी है। इससे यात्रियों को लंबे समय तक बस अड्डे पर खड़े रहकर इंतजार करने की परेशानी से राहत मिलेगी। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। सभी प्रमुख मार्गों पर सुविधा शुरू की जाएगी नई व्यवस्था लागू होने के बाद रोडवेज की सेवाएं और अधिक आधुनिक व सुविधाजनक हो जाएंगी। जल्द ही जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर चलने वाली बसों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा सकें। रायबरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से बस संचालन में पारदर्शिता आएगी और समय पालन में भी सुधार होगा। यात्री घर बैठे मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सीट बुक कर सकेंगे और यात्रा से पहले ही बस की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। उम्मीद है कि यह सुविधा फरवरी से शुरू हो जाएगी।  

यात्रियों को बड़ी राहत: यूपी रोडवेज में मोबाइल ऐप से सीट बुकिंग शुरू, बस की लाइव लोकेशन भी मिलेगी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश रोडवेज बस अड्डों पर बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब बार-बार जानकारी लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों की सीट बुकिंग और लाइव लोकेशन की सुविधा शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली है। रेलवे की तर्ज पर अब यात्री यात्रा से पहले ही अपनी पसंद की सीट आरक्षित कर सकेंगे। इसके साथ ही बस की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी मोबाइल पर ही उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप्स से सीट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग यात्री यूपीएसआरटीसी, यूपी राही और मार्गदर्शी जैसे आधिकारिक मोबाइल ऐप्स के जरिए सीट बुकिंग के साथ-साथ बस की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके लिए निगम की बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। जीपीएस के जरिए प्रत्येक बस की सटीक लोकेशन यात्रियों को उनके स्मार्टफोन पर दिखाई देगी।   मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा मोबाइल ऐप के माध्यम से यह भी पता चल सकेगा कि कौन-सी बस किस समय नजदीकी बस स्टैंड पर पहुंचेगी या पहुंच चुकी है। इससे यात्रियों को लंबे समय तक बस अड्डे पर खड़े रहकर इंतजार करने की परेशानी से राहत मिलेगी। यह सुविधा खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। सभी प्रमुख मार्गों पर सुविधा शुरू की जाएगी नई व्यवस्था लागू होने के बाद रोडवेज की सेवाएं और अधिक आधुनिक व सुविधाजनक हो जाएंगी। जल्द ही जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर चलने वाली बसों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा सकें। रायबरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से बस संचालन में पारदर्शिता आएगी और समय पालन में भी सुधार होगा। यात्री घर बैठे मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सीट बुक कर सकेंगे और यात्रा से पहले ही बस की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। उम्मीद है कि यह सुविधा फरवरी से शुरू हो जाएगी। 

यूपी रोडवेज: यात्रियों को अब मिलेगा 7.5 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा

लखनऊ  यूपी परिवहन निगम द्वारा यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों के बजाय प्राइवेट वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे वे अनावश्यक रूप से अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। टिकट लेते ही बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है परिवहन निगम के अनुसार, रोडवेज बस का टिकट लेते ही यात्री को साढ़े सात लाख रुपये तक का बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में इस बीमा योजना का लाभ यात्रियों या उनके परिजनों को दिया जाता है। वर्तमान में रायबरेली स्थित डिपो में कुल 174 बसें उपलब्ध हैं, जो दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, अयोध्या, सुलतानपुर, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख रूटों पर प्रतिदिन संचालित की जा रही हैं। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 25 से 28 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद भी हजारों यात्रियों की प्राथमिक पसंद आज भी प्राइवेट वाहन, ई-रिक्शा और अन्य साधन बने हुए हैं, जबकि इन वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा की कोई ठोस जिम्मेदारी तय नहीं होती। शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है रोडवेज बसों में यात्रा करने पर न केवल सुरक्षित सफर मिलता है, बल्कि टिकट के साथ ही बीमा सुविधा भी स्वतः लागू हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना परिवहन निगम की पूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन, दुर्घटना के समय तत्काल राहत तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है। क्या कहना है चालकों का? डिपो पर मौजूद चालक-परिचालकों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण यात्री प्राइवेट वाहनों का चयन कर लेते हैं, जबकि इनमें न तो सुरक्षा की गारंटी होती है और न ही किसी प्रकार का बीमा कवर। कई प्राइवेट वाहन ओवरलोडिंग और अवैध संचालन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देते हैं। घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार तक की सहायता क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि दुर्घटना में घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, दुर्घटना के बाद 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर यात्री को साढ़े सात लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में मृतक के परिजनों को भी साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले यह राशि पांच लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये कर दिया गया है।