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वास्तु टिप्स,गलत दिशा में रखा कूड़ेदान बन सकता है कंगाली का कारण, जानें डस्टबिन रखने के सही नियम

 वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर चीज़ की एक सही जगह होना बहुत ज़रूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. कूड़ेदान भले ही एक छोटी चीज़ लगे, लेकिन इसे नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. अगर इसे गलत दिशा या जगह पर रखा जाए, तो घर में तनाव बढ़ सकता है, पैसों की परेशानी आ सकती है और रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कूड़ेदान कहां नहीं रखना चाहिए और इसे रखने की सही जगह कौन-सी है. इन जगहों पर न रखें कूड़ेदान 1. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) यह बहुत पवित्र दिशा मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है. 2. पूर्व दिशा यहां कूड़ेदान रखने से व्यक्ति को अकेलापन महसूस हो सकता है , रिश्ते कमजोर हो सकते हैं. 3. दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) यह रसोई की दिशा होती है. यहां कूड़ेदान रखने से खर्च बढ़ सकता है. 4. उत्तर दिशा यह दिशा धन से जुड़ी मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से करियर और बिजनेस में रुकावट आ सकती है. 5. दक्षिण-पश्चिम दिशा यहां कूड़ेदान रखने से घर में झगड़े और विवाद बढ़ सकते हैं. 6. पश्चिम दिशा इस दिशा में कूड़ेदान रखने से कामों में बाधा आ सकती है. 7. मुख्य दरवाज़ा (मेन गेट) दरवाज़े के पास या सामने कूड़ेदान रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. 8. बेडरूम, पूजा घर और रसोई इन जगहों पर कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, वास्तु दोष होता है. कूड़ेदान रखने की सही जगह वास्तु के अनुसार कूड़ेदान को घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम के बाहरी हिस्से (जैसे बालकनी या सर्विस एरिया) में रखें, या किसी ऐसे कोने में रखें जहां यह सीधे दिखाई न दे. कुछ आसान टिप्स     कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला रखें.     रोज़ कचरा बाहर निकालें.     इसे कभी ओवरफ्लो न होने दें.     साफ-सफाई का ध्यान रखें.  

रसोई में इंडक्शन चूल्हा रखने की सही दिशा क्या है? वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में आएगी सुख-समृद्धि

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच LPG गैस आपूर्ति से लोगों में चिंता बढ़ी है, जिससे इंडक्शन की मांग बढ़ रही है. लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाते समय वास्तु शास्त्र के ये नियम जानना जरूरी है. इंडक्शन के लिए वास्तु नियम अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद पश्चिमी एशिया (Middle East War) में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हमले और जंग के बीच भारत में भी संकट मंडराने लगा है और यह संकट है LPG गैस सिलेंडर का. एलपीजी की आपूर्ति के पैनिक के बीच लोग अपने घरों में इंडक्शन चूल्हे का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं और बाजार में भी इंडक्शन की डिमांड बढ़ने लगी है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और एलपीजी संकट के बीच लोग इंडक्शन चूल्हे को विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं. वहीं कुछ परिवार पहले से ही खाना पकाने के लिए रसोई में इंडक्शन का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इंडक्शन चूल्हे पर खाना बनाते समय आपको वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ नियम जरूर जान लेने चाहिए. वास्तु से जुड़ी इन नियमों की अनदेखी करने पर रसोई की सकारात्मक ऊर्जा बाधित हो सकती है. आइए जानते हैं Induction चूल्हा पर खाना पकाते समय किन बातों का रखें ध्यान और किन नियमों का करें पालन. सही दिशा में रखें इंडक्शन चूल्हा वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर में आग से जुड़े (अग्नि तत्व) उपकरणों के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी अग्नि कोण को शुभ माना जाता है. इसलिए इंडक्शन चूल्हा भी इसी दिशा में रखना बेहतर होता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. सकारात्मक ऊर्जा के सर्वोत्तम प्रवाह के लिए आप आदर्श रूप से रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में इंडक्शन रख सकते हैं. लेकिन किसी कारण इस दिशा में स्थान न हो या इस दिशा में चूल्हा रखना संभव न हो तो विकल्प के तौर पर उत्तर-पश्चिम में भी रखा जा सकता है.     इस बात का खास ध्यान रखें कि, इंडक्शन पर खाना पकाने वाले व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है और सकारात्मकता का संचार बढ़ता है.     साथ ही इंडक्शन को ठीक सिंक या पानी वाले स्थान (जल तत्व) के बगल में भी नहीं रखें. क्योंकि इससे आग और पानी का टकराव होता है.     इंडक्शन को उत्तर-पूर्व (शांत या पानी वाला जोन) या दक्षिण-पश्चिम (स्थिरता/पृथ्वी वाला जोन) में नहीं रखना चाहिए.     वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस स्थान पर इंडक्शन चूल्हा रखा गया हो, वहां साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें. इंडक्शन के आस-पास गंदनी न करें और जूठे बर्तन न रखें. ऐसा करने से रसोई की ऊर्जा खराब होती है.  

घर की छत पर किस दिशा में लगाएं टीवी डिश एंटीना जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार सही स्थान और नियम

 वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखी हर वस्तु की दिशा और स्थिति का सीधा असर वहां की ऊर्जा पर पड़ता है. आज के आधुनिक दौर में टीवी, डिश एंटीना और सेट टॉप बॉक्स जैसी इलेक्ट्रॉनिक चीजें हर घर का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन इन्हें सही दिशा में लगाना भी उतना ही जरूरी है. सही दिशा में लगाए गए उपकरण न सिर्फ बेहतर सिग्नल देते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बनाए रखते हैं. वहीं, गलत दिशा में लगाए गए एंटीना या डिश कई बार मानसिक अशांति, बाधाओं और असंतुलन का कारण बन सकते हैं. टीवी एंटीना और डिश लगाने की सही दिशा वास्तु के अनुसार घर की दक्षिण-पश्चिम (South-West) दिशा को सबसे स्थिर और शक्तिशाली दिशा माना जाता है. इसलिए टीवी डिश या एंटीना को इसी दिशा में लगाना सबसे उत्तम होता है. यह दिशा घर में स्थिरता, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने में सहायक होती है.  इसके अलावा, इस दिशा में लगाए गए एंटीना से सिग्नल की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है. अगर किसी कारण से दक्षिण-पश्चिम दिशा उपलब्ध नहीं है, तो पश्चिम दिशा एक अच्छा विकल्प हो सकता है. ध्यान रखें कि जिस स्थान पर डिश लगाई जाए वह थोड़ा ऊंचा हो, ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो और तकनीकी रूप से भी बेहतर परिणाम मिल सकें. किन दिशाओं से बचें वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा को बहुत पवित्र और आध्यात्मिक माना गया है, इसलिए इस दिशा में डिश या एंटीना लगाना उचित नहीं माना जाता. इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, छत के बिल्कुल बीच में एंटीना लगाना भी सही नहीं होता, क्योंकि इससे ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है. इन बातों का भी रखें ध्यान     डिश एंटीना हमेशा मजबूत और स्थिर स्थान पर लगाएं, ताकि वह हिलता-डुलता न रहे.     टूटा, झुका हुआ या खराब एंटीना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, इसलिए समय-समय पर उसकी जांच करते रहें.     तारों को उलझा हुआ या बेतरतीब न रखें, क्योंकि इससे ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित होता है.     छत और एंटीना के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, जिससे सकारात्मक वातावरण बना रहे.  

तुलसी के संग ये पौधे लगाते ही बदल जाएगा माहौल, नकारात्मक ऊर्जा होगी खत्म

माना जाता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से नकारात्मकता दूर होती है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं इसलिए यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। वास्तु के अनुसार घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए केवल तुलसी का पौधा ही काफी होता है लेकिन अगर आप इसके साथ कुछ और पौधे भी लगाते हैं तो इनसे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा है तो उसके साथ इन पौधों को भी जरूर लगाएं- शमी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इसका संबंध शनिदेव से है। शनिवार के दिन इसकी पूजा करने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अगर इस पौधे को तुलसी के साथ लगाया जाए तो इससे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। माना जाता है कि काले धतूरे के पौधे में शिव जी का वास होता है। ऐसे में इसे घर पर लगाना काफी शुभ माना जाता है। तुलसी के साथ काले धतूरे का पौधा लगाने से भगवान शिव की खास कृपा मिलती है। केले का पेड़ लगाना भी शुभ माना जाता है। इससे घर की नैगेटिव एनर्जी दूर होती है। घर की दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तुदोष दूर होता है। घर के सभी सदस्यों को नियमित रूप से सुबह के समय तुलसी को जल देना चाहिए और शाम को शुद्ध गाय के घी या तिल के तेल का दीप जलाना चाहिए।

इंडक्शन चूल्हा कहां रखें? किचन के लिए ये वास्तु टिप्स हैं जरूरी

अगर आप भी गैस स्टोव के विकल्प के तौर पर इंडक्शन इस्तेमाल करने जा रहे हैं, तो वास्तु के अनुसार इंडक्शन रखने के लिए कुछ नियमों का विशेष पालन करना चाहिए। वास्तु के अनुसार, सही नियम अपनाएं तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी और मां अन्नपूर्णा प्रसन्न रहेंगी। इंडक्शन रखने के लिए सबसे शुभ दिशा वास्तु में अग्नि तत्व का स्वामी दक्षिण-पूर्व दिशा है। इंडक्शन चूल्हा इसी दिशा में रखने से अग्नि तत्व संतुलित रहता है, खाना जल्दी और अच्छे से पकता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिशा में इंडक्शन रखने से परिवार के स्वास्थ्य में सुधार होता है और अनावश्यक खर्च कम होता है। यदि जगह ना हो, तो अग्नि कोण के सबसे नजदीक रखें। उत्तर-पश्चिम दिशा भी है शुभ अगर दक्षिण-पूर्व में जगह ना हो, तो उत्तर-पश्चिम (वायु कोण) में इंडक्शन रख सकते हैं। यह दिशा वायु तत्व की है, जो खाना बनाने में सहायक होती है। इस दिशा में इंडक्शन रखने से खाना हल्का और पचने में आसान रहता है। लेकिन ध्यान रखें कि दक्षिण-पूर्व हमेशा प्राथमिकता रहे। उत्तर-पश्चिम में रखने से घर में हल्की हवा का प्रवाह बना रहता है। सबसे अशुभ दिशाएं ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) देवताओं का स्थान है। यहां इंडक्शन रखने से कुल देवता रुष्ट होते हैं, संतान कष्ट और मानसिक अशांति होती है। दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में रखने से राहु-केतु सक्रिय होते हैं, जिससे रिश्तों में कलह और धन हानि होती है। ये दोनों दिशाएं अग्नि तत्व के लिए सबसे घातक हैं। गलती से भी इनमें इंडक्शन ना रखें। खाना बनाते समय पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करें इंडक्शन पर खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। पूर्व से सूर्य की ऊर्जा और उत्तर से कुबेर की ऊर्जा मिलती है, जिससे खाना पौष्टिक और पचने में आसान होता है। दक्षिण या पश्चिम की ओर मुंह करके खाना बनाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है। हमेशा दिशा का ध्यान रखें। सिंक और जल तत्व से दूरी वास्तु में अग्नि और जल तत्व का टकराव बहुत अशुभ होता है। इंडक्शन चूल्हा सिंक या जल स्रोत से कम से कम 3–4 फीट दूर होना चाहिए। अगर बहुत पास है, तो बीच में लकड़ी का बोर्ड या वास्तु यंत्र रखें। जल और अग्नि का संघर्ष होने से स्वास्थ्य और धन दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इंडक्शन के आसपास हमेशा साफ-सफाई इंडक्शन चूल्हे के आसपास गंदगी, जूठे बर्तन या कचरा ना रखें। रोज सफाई करें। इंडक्शन के ऊपर या पास में कोई नकारात्मक चित्र न लगाएं। हर बार इस्तेमाल के बाद साफ करें और 'ॐ श्रीं ह्रीं अन्नपूर्णायै नमः' बोलकर धन्यवाद कहें। इससे रसोई में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और खाना अमृत समान हो जाता है। सही वास्तु से रसोई बनेगी धन और स्वास्थ्य का स्रोत दक्षिण-पूर्व या उत्तर-पश्चिम में इंडक्शन रखें, सिंक से दूर रखें, पूर्व-उत्तर मुंह करके खाना बनाएं, साफ-सफाई रखें और मंत्र बोलें। ये छोटे-छोटे नियम अपनाने से मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और घर में धन की कमी नहीं रहती है। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

क्या आप भी कर रहे हैं ये वास्तु भूलें? पैसों की कमी का बन सकती हैं बड़ी वजह

वास्तु शास्त्र को भारतीय संस्कृति में घर और जीवन की ऊर्जा को संतुलित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है. मान्यता है कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह व्यक्ति की तरक्की, सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है. वहीं, अनजाने में की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां आर्थिक तंगी, कर्ज और मानसिक तनाव का कारण बन सकती हैं. आइए वास्तु के अनुसार जानते हैं ऐसी ही आम गलतियों के बारे में, जिन्हें समय रहते सुधारना बेहद जरूरी होता है. मेन दरवाजे पर अंधेरा रहना घर का मुख्य द्वार मां लक्ष्मी का प्रवेश द्वार माना जाता है. यदि आपके घर के मेन गेट पर शाम के समय अंधेरा रहता है, तो यह नकारात्मकता को निमंत्रण देता है. किचन में रात को जूठे बर्तन छोड़ना आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर रात के बर्तन सुबह धोने के लिए छोड़ देते हैं. वास्तु के अनुसार, रसोई में जूठे बर्तन छोड़ने से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं और घर में दरिद्रता का वास होने लगता है. नल से पानी का टपकना अगर आपके घर के किसी भी हिस्से का नल टपकता है, तो इसे वास्तु में बेहद अशुभ माना गया है. टपकता हुआ पानी धीरे-धीरे धन की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है. उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में गंदगी घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है. इस दिशा में भारी सामान, कबाड़ या जूते-चप्पल रखना तरक्की के रास्तों को बंद कर देता है. बंद घड़ियां और टूटे शीशे घर में बंद पड़ी घड़ियां आपके समय (भाग्य) को भी रोक देती हैं. इसी तरह टूटा हुआ शीशा या दरार वाले बर्तन घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं, जिससे आर्थिक हानि होती है. शाम के समय झाड़ू लगाना धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के समय या उसके बाद घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है.

Vastu Tips: नए घर में प्रवेश करते ही अपनाएं ये 5 उपाय, कभी नहीं होगी पैसों की कमी

हर व्यक्ति की चाहत होती है कि उसका नया आशियाना न केवल सुंदर हो, बल्कि वहां कदम रखते ही जीवन में सौभाग्य और समृद्धि का संचार हो। अक्सर हम घर की सजावट पर तो लाखों खर्च कर देते हैं, लेकिन गृह प्रवेश के समय उन सूक्ष्म वास्तु नियमों को भूल जाते हैं जो घर की आर्थिक स्थिति और परिवार की खुशहाली तय करते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, नए घर की ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए शुरुआती कुछ कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण माने गए हैं। नए घर में प्रवेश करते समय कौन सा पैर पहले रखना चाहिए? या रसोई में सबसे पहले क्या बनाना शुभ होता है? इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं वे 5 अचूक वास्तु उपाय, जिन्हें अपनाकर आप अपने नए घर से नकारात्मकता को कोसों दूर रख सकते हैं और सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपके घर में धन-धान्य के भंडार हमेशा भरे रहें। तो आइए जानते हैं नए घर में प्रवेश के वे स्वर्णिम नियम जो आपके जीवन को खुशियों से सराबोर कर देंगे। शुभ मुहूर्त और 'दाहिने पैर' का प्रवेश हिंदू धर्म और वास्तु में मुहूर्त का बड़ा महत्व है। हमेशा विद्वान ब्राह्मण से पूछकर ही गृह प्रवेश करें। घर में प्रवेश करते समय ध्यान रखें कि पुरुष और महिला दोनों अपना दाहिना पैर पहले अंदर रखें। यह कदम आपके जीवन में नई सफलताओं और शुभता का मार्ग प्रशस्त करता है। मंगल कलश की स्थापना नए घर में खाली हाथ कभी न जाएं। एक तांबे के कलश में शुद्ध जल भरकर, उसमें कुमकुम से स्वास्तिक बनाएं। कलश के मुख पर अशोक या आम के पांच पत्ते रखें और ऊपर नारियल रखें। इस मंगल कलश को लेकर घर में प्रवेश करने से नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और लक्ष्मी जी का वास होता है। नमक के पानी का पोंछा वास्तु के अनुसार, निर्माण के समय घर में कई तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं जमा हो जाती हैं। नए घर में प्रवेश के पहले दिन पूरे घर में नमक मिले हुए पानी से पोंछा जरूर लगाएं। नमक नकारात्मकता को सोख लेता है और वातावरण को शुद्ध बनाता है। रसोई में पहली बार 'दूध' उबालना रसोई घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है। नए घर की रसोई में सबसे पहले गैस चूल्हे पर दूध उबालना चाहिए। दूध का उबलकर बर्तन से बाहर गिरना बेहद शुभ माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि आपके घर में सुख और वैभव की कभी कमी नहीं होगी। इसके बाद उसी दूध से बनी खीर का भोग भगवान को लगाएं। शंख और घंटे की ध्वनि घर के कोने-कोने में सकारात्मकता पहुंचाने के लिए गृह प्रवेश के बाद शंख जरूर बजाएं। शंख और घंटी की आवाज से घर की सोइ हुई ऊर्जा जागृत होती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार पर हल्दी और कुमकुम से स्वास्तिक बनाना न भूलें।

आपके घर का मेन डोर तय करता है पॉजिटिविटी – ऐसे रखें इसे सही

फेंगशुई एक चीनी वास्तु शास्त्र है, जिसमें ऊर्जा (Chi) को संतुलित रखने के बारे में बताया गया है। अगर आप अपने घर में सुख-समृद्धि और बरकत चाहते हैं, तो फेंगशुई नियमों का ध्यान जरूर रखें। इससे पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो भी बरकरार रहता है। चलिए जानते हैं घर के मुख्य द्वार से जुड़े कुछ फेंगशुई टिप्स। जरूर रखें इन बातों का ध्यान फेंगशुई के अनुसार, मुख्य द्वार घर की उत्तर, पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में होना सबसे शुभ माना जाता है। आपको अपने घर के मुख्य दरवाजे पर साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखना चाहिए। साथ ही आपका मुख्य द्वार खुला होना चाहिए, यानी यहां पर रोशनी व हवा पर्याप्त मात्रा में हो। साथ ही मुख्य द्वार पर चौखट बनवाना भी शुभ माना गया है। इन चीजों से करें सजावट फेंगशुई के मुताबिक घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए आप दरवाजे पर या खिड़कियों के पास विंड चाइम लगा सकते हैं। इससे नेगेटिविटी कम होती है। साथ ही आप द्वार के दोनों तरफ तुलसी का पौधा या मनी प्लांट रख सकते हैं। फेंगशुई में लाल, भूरे या सुनहरे रंग का मुख्य द्वार शुभ माना गया है। भूल से भी न करें ये गलतियां फेंगशुई के नियमों के मुताबित आपका मेन गेट जर्जर हालात में नहीं होना चाहिए और न ही मेन गेट टूटी हुई होनी चाहिए। मुख्य द्वार पर फालतू का सामान जैसे जूते-चप्पलों का ढेर और कबाड़ आदि इकट्ठा करने बचें। क्योंकि ये चीजें सकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश होने से रोकती हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका दरवाजा खुलते व बंद होते समय आवाज न करे। इन सभी नियमों का पालन करने से आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।  

बांस का पौधा लगाने की सही दिशा क्या है? गलत दिशा में लगाया तो फायदे की जगह बढ़ सकती हैं समस्याएं

आजकल हम अपने घरों और ऑफिसों को सुंदर बनाने के लिए तरह-तरह के शो-प्लांट्स लगाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपके ड्रॉइंग रूम के कोने में रखा वह प्यारा सा बांस का पौधा केवल हरियाली नहीं, बल्कि आपकी तरक्की और सुख-शांति का एक शक्तिशाली स्रोत हो सकता है? वास्तु शास्त्र में इसे नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और घर में खुशहाली लाने वाला एक जादुई फिल्टर माना जाता है। क्या होनी चाहिए सही दिशा? वास्तु के अनुसार, बांस के पौधे को रखने की सबसे उत्तम दिशा पूर्व (East) मानी गई है। यह दिशा नई शुरुआत और परिवार में प्रेम का प्रतिनिधित्व करती है। अगर आप अपने करियर या व्यापार में ग्रोथ चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा (North) में रखना बेहद लाभकारी होता है। वहीं, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशामें बांस का पौधा लगाना आपके जीवन में धन के प्रवाह को बढ़ा सकता है। रिश्तों में मिठास और शांति अगर घर में छोटी-छोटी बातों पर तनाव रहता है, तो बांस का पौधा आपके लिए वरदान साबित हो सकता है। इसे घर के लिविंग रूम या ड्रॉइंग रूम में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच सौहार्द और प्रेम बना रहता है। इसकी मौजूदगी मात्र से वातावरण शांत और संतुलित महसूस होने लगता है। भूलकर भी यहां न रखें इस पौधे को लेकर वास्तु शास्त्र कुछ सख्त चेतावनी भी देता है। बांस के पौधे को कभी भी बाथरूम या टॉयलेट के पास नहीं रखना चाहिए। साथ ही, इसे रसोईघर (Kitchen) में रखने से भी परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहां इसका शुभ प्रभाव खत्म हो जाता है। यह पौधा हमेशा साफ-सुथरी जगह पर होना चाहिए। धूल-मिट्टी या गंदगी वाले स्थान पर रखने से इसके परिणाम नकारात्मक भी हो सकते हैं। सौभाग्य के लिए देखभाल जरूरी बांस के पौधे की जड़ों को बांधने के लिए लाल रंग के धागे या रिबन का उपयोग करना इसके सौभाग्य को और बढ़ा देता है। इसके अलावा, इसके पानी को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए ताकि पौधा ताजा बना रहे। फेंगशुई के अनुसार, यह पौधा जितना स्वस्थ रहेगा, आपकी किस्मत का सितारा उतना ही चमकता रहेगा।  

भाग्य को दूर कर सकती हैं ये बुरी आदतें, समय रहते सुधार लें ये गलतियां

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, हमारे कुछ कार्य हमारे भाग्य को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ छोटे-छोटे काम जो हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, वे धीरे-धीरे घर में दरिद्रता और तनाव को बढ़ा देते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इन कामों की पहनान कर इनसे दूरी बना लें। ताकि जीवन सुख और शांति के साथ बीते। करें इस आदत में सुधार कई लोगों की यह आदत होती है कि वह रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ देते हैं। लेकिन वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं माना गया। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपके रुष्ट हो सकती हैं, जिससे आपको धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपनी इस आदत में जल्द-से-जल्द सुधार कर लें, ताकि आपके परिवार पर धन की बरकत बनी रहे। मुख्य द्वार से जुड़े नियम कई लोग घर के मेन गेट के सामने कूड़ादान या फिर जूते-चप्पल का रैक रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही धन की देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप मुख्य द्वार की साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर यहां गंदगी है, तो इससे आपका सौभाग्य, दुर्भाग्य में बदल सकता है। सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए आप रोजाना शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक भी जला सकते हैं। ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी अगर आपके घर में टूटा हुआ शीशा या बंद घड़ी मौजूद है, तो यह भी आपकी प्रगति में रुकावट का काम करती है। इसलिए बंद घड़ी को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें और टूटे हुए कांच को घर से बाहर कर दें। वहीं अगर आप तुलसी के पौधे के पास झाड़ू, कूड़ेदान या जूते-चप्पल रखते हैं, तो इससे भी आपको मां लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। भूल से भी न करें ये काम हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार संध्या काल में लक्ष्मी जी का आगमन होता है। ऐसे में अगर आप इस समय घर में झाड़ू-पोछा करते हैं, तो इससे घर की बरकत बाहर चली जाती है। साथ ही बिस्तर पर खाना खाने की गलती भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से राहु दोष बढ़ता है, जिससे व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।