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वास्तु शास्त्र: झाड़ू लगाने के नियम, दाहिने हाथ से सफाई को माना जाता है शुभ

 वास्तु शास्त्र में झाड़ू लगाने से संबंधित बहुत सारे नियमों का उल्लेख है. जिसमें सबसे विशेष है कि झाड़ू किस हाथ से लगानी चाहिए. वास्तु शास्त्र के मुताबिक, झाड़ू को हमेशा दाहिने हाथ (Right Hand) से पकड़कर सफाई की शुरुआत करनी चाहिए. चूंकि हिंदू सनातन परंपरा और वास्तु में झाड़ू को देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है, इसलिए इसे पकड़ने और इस्तेमाल करने के कुछ खास नियम बताए गए हैं. झाड़ू पकड़ने और इस्तेमाल करने के नियम दाहिने हाथ से शुरुआत किसी भी शुभ या जरूरी कार्य की तरह, झाड़ू को भी दाहिने हाथ से पकड़कर ही बुहारना (सफाई करना) शुरू करना चाहिए. यदि आप बाएं हाथ से काम करने वाले (Left-handed) हैं, तो आप अपनी सुविधा के अनुसार बाएं हाथ का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि वास्तु में भाव और स्वच्छता को अधिक महत्व दिया गया है. दोनों हाथों का उपयोग यदि झाड़ू भारी या लंबी है, तो आप दोनों हाथों से उसे पकड़ सकते हैं, लेकिन मुख्य नियंत्रण दाहिने हाथ में ही होना चाहिए. पैर न लगाएं झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसके ऊपर से लांघकर (पार करके) जाना चाहिए. अगर गलती से पैर लग जाए, तो हाथ से छूकर क्षमा मांग लेनी चाहिए. झाड़ू लगाने के मुख्य वास्तु नियम सही दिशा झाड़ू हमेशा घर के पश्चिम (West) या दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में रखनी चाहिए. झाड़ू लगाते समय कोशिश करें कि शुरुआत उत्तर या पूर्व दिशा से करते हुए कचरे को दक्षिण या पश्चिम की तरफ लाएं. समय का ध्यान झाड़ू लगाने का सबसे शुभ समय सूर्योदय के तुरंत बाद का होता है. शाम को झाड़ू न लगाएं सूर्यास्त के बाद या शाम के वक्त झाड़ू लगाने से सख्ती से बचना चाहिए. माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी बाहर चली जाती है. अगर किसी वजह से शाम को सफाई करनी ही पड़े, तो कचरे को घर से बाहर न फेंकें, उसे एक कोने में इकट्ठा कर दें और सुबह फेंकें. झाड़ू को छुपा कर रखें जैसे घर में धन को छुपाकर रखा जाता है, वैसे ही झाड़ू को भी ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां बाहर से आने वाले किसी मेहमान या बाहरी व्यक्ति की सीधी नजर उस पर न पड़े. खड़ी न रखें झाड़ू झाड़ू को कभी भी खड़ी करके नहीं रखना चाहिए. इसे हमेशा लिटाकर रखना ही वास्तु के अनुसार शुभ होता है. खड़ी झाड़ू घर में कलह और दरिद्रता का कारण बन सकती है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार फ्रिज के ऊपर ये चीजें रखना हो सकता है अशुभ, बढ़ती है नकारात्मक ऊर्जा

वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु का अपना महत्व होता है, और फ्रिज भी इससे अछूता नहीं है. रसोई में रखा फ्रिज न केवल भोजन को ताज़ा रखता है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और आर्थिक स्थिति पर भी असर डालता  है.  वास्तु के अनुसार, फ्रिज जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे सही दिशा में रखना और इसके ऊपर रखी जाने वाली चीजों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. फ्रिज के ऊपर क्या न रखें? फ्रिज के ऊपर सामान रखने की आदत अक्सर घर में नकारात्मक ऊर्जा को खींच कर वास्तु दोष का कारण बनती है. इसलिए कुछ चीजों को फ्रिज के ऊपर कभी न रखें: दवाइयां: फ्रिज के ऊपर दवाइयां रखने से उनकी प्रभावशीलता कम हो जाती है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा vibrations) बढ़ते हैं. धन और कीमती वस्तुएं: नकदी, सिक्के या गहने फ्रिज के ऊपर रखने से धन के आगमन में रुकावट आती है. अनावश्यक आर्थिक हानि हो सकती है. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: माइक्रोवेव या टोस्टर जैसे भारी बिजली के उपकरण फ्रिज के ऊपर रखने से ऊर्जाओं में टकराव होता है.  साथ ही, फ्रिज के कंपन से इनके गिरने का खतरा भी बना रहता है. मृत पौधे: सूखे फूल, बोनसाई या मुरझाए हुए पौधे कभी न रखें. ये घर में मृत और नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं. खाने-पीने की चीजें: फ्रिज के मोटर से निकलने वाली गर्मी के कारण ऊपर रखे ब्रेड, अनाज या शराब जैसे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे घर में वास्तु दोष पैदा होता है. फ्रिज के ऊपर/अंदर क्या रखें (सकारात्मक ऊर्जा के लिए) घर की सकारात्मकता और समृद्धि बढ़ाने के लिए आप ये उपाय अपना सकते हैं: आध्यात्मिक प्रतीक: फ्रिज के दरवाजे पर स्वास्तिक जैसे शुभ प्रतीक या वास्तु के मुताबिक मैग्नेट लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल: फ्रिज के ऊपर एक छोटा, साफ क्लीयर क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. यह रसोई में सुरक्षा घेरा बनता है. प्रकाश: वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज के पास एक छोटा घी का दीपक या सुगंधित मोमबत्ती रखना तत्वों को संतुलित करने और ऊर्जा को शुद्ध करने में मदद करता है. सेंधा नमक (Rock Salt): एक छोटी कांच की कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखें. यह रसोई की नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है. इसे हर 15-20 दिन में बदलते रहें. सुगंधित मोमबत्ती: एक छोटी सुगंधित मोमबत्ती (बिना जलाए) रखने से भी वातावरण ताज़ा बना रहता है. फ्रिज के लिए कुछ महत्वपूर्ण वास्तु टिप्स दिशा का चुनाव (Ideal Placement): वास्तु के अनुसार, फ्रिज को हमेशा रसोई या डाइनिंग रूम के दक्षिण-पश्चिम (South-West) या दक्षिण-पूर्व (South-East) कोने में रखें. फ्रिज को कभी भी उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में न रखें. साफ-सफाई: फ्रिज को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें. उसे गैरजरूरी सामानों से न भरें (Overstuffing न करें). एक्सपायरी चेक करें: फ्रिज में रखा बासी या खराब भोजन ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है. इसलिए, समय-समय पर फ्रिज चेक करें , एक्सपायर हो चुके सामान को तुरंत बाहर निकालें.

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर से हटाने योग्य 6 चीजें जो रोकती हैं धन का प्रवाह

वास्तु शास्त्र सिर्फ घर की सजावट का साधन नहीं, बल्कि यह एनर्जी मैनेजमेंट का एक प्राचीन विज्ञान है. इस विज्ञान के मुताबिक आपके घर में रखी कुछ बेजान चीजें सीधे आपकी तिजोरी पर असर डालती हैं? जिस तरह बहता पानी शुद्ध रहता है, उसी तरह घर की ऊर्जा का भी गतिशील रहना जरूरी है. यदि घर में नकारात्मकता का कचरा जमा है, तो लाख कोशिशों के बाद भी धन टिक नहीं पाएगा. अगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं या करियर में रुकावट महसूस कर रही हैं, तो हर 6 महीने में वास्तु के ये बदलाव करना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा: रुकी हुई घड़ियां वास्तु के अनुसार, घर में बंद पड़ी घड़ियां आपके करियर और इनकम के फ्लो को फ्रीज कर देती हैं. इन्हें तुरंत चालू करें या घर से बाहर निकालें. जैसे ही घड़ी की सुइयां चलेंगी, आपके जीवन में धन के नए अवसर फिर से गतिशील हो जाएंगे. खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में पड़ा खराब लैपटॉप, पुराना चार्जर या बंद पड़ा टीवी राहु का नकारात्मक प्रभाव पैदा करता है.  ये उपकरण घर की ऊर्जा को सोख लेते हैं, जिससे बेवजह के खर्च बढ़ते हैं. इन्हें हटाना सीधे तौर पर आपकी बचत को बढ़ाने वाला साबित होगा. टूटा हुआ कांच या आईना टूटा हुआ आईना या चटके हुए बर्तन नकारात्मक ऊर्जा के सबसे बड़े केंद्र हैं. वास्तु में इसे दरिद्रता का द्वार कहा गया है. इसे हटाते ही घर के वातावरण में एक नई ताजगी आने के साथ समृद्धि के रास्ते खुलेंगे. फटे हुए जूते-चप्पल फटे-पुराने जूते घर में नकारात्मकता और आलस्य भरते हैं, जो शनि देव के असंतोष का कारण बनते हैं. इन्हें हटाकर व्यवस्थित करने से कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर होती हैं, आपकी मेहनत का फल मिलने लगता है. जमा हुआ कबाड़ घर के किसी भी कोने में जमा धूल और कबाड़ सकारात्मक ऊर्जा की राह रोकता है.  वास्तु का सरल नियम है: जितना कम कबाड़, उतनी ज्यादा बरकत.  घर की सफाई और व्यवस्था ही वह चुंबकीय शक्ति है जो धन को आपकी ओर खींचती है. पुराना टूथब्रश (Toothbrush): वास्तु के अनुसार, खराब या फैला हुआ टूथब्रश घर की ऊर्जा को दूषित करता है.  इसे हर 3 महीने में बदलना चाहिए. एक व्यवस्थित बाथरूम धन की आवक के लिए बहुत जरूरी है. गंदा या फटा पायदान (Doormat): घर का मुख्य द्वार लक्ष्मी का प्रवेश द्वार है. फटा या धूल से भरा पायदान धन के मार्ग में बाधा डालता है. इसे समय पर बदलना सकारात्मकता और आय के नए अवसरों को आमंत्रित करता है. फटी चादर और पुराने तौलिये: फटी हुई चादरें और घिसे हुए पुराने तौलिये घर में दरिद्रता के प्रतीक माने जाते हैं. इन्हें हटाकर नई और साफ चीजें लाने से घर की आर्थिक स्थिति में सुधार आता है और मानसिक शांति बनी रहती है. उपाय घर में धन की वृद्धि के लिए केवल इन चीजों को हटाना ही काफी नहीं है, बल्कि इनके हटते ही उस स्थान पर नमक के पानी से पोंछा लगाएँ. यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह खत्म कर देगा.

वास्तु शास्त्र के अनुसार कूड़ेदान रखने की सही दिशा और नियम

घर को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु शास्त्र न केवल घर की बनावट पर ध्यान देता है, बल्कि घर में रखी छोटी-छोटी वस्तुओं के स्थान और उनके प्रभाव को भी उतनी ही गंभीरता से लेता है.  इन्हीं वस्तुओं में से एक है कूड़ेदान (Dustbin). अक्सर हम सुविधा के अनुसार घर के किसी भी कोने में कूड़ेदान रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार गलत स्थान पर रखा गया कूड़ेदान घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान  हो सकता है. वास्तु के अनुसार कूड़ेदान रखने के नियम कूड़ेदान घर की गंदगी का केंद्र होता है, इसलिए इसे सही जगह रखना बहुत जरूरी है ताकि घर में बीमारियां न आएं और मन शांत रहे. 1. कहाँ रखें कूड़ेदान (सही दिशाएं) दक्षिण-पश्चिम (South-West): वास्तु के अनुसार, यह दिशा कूड़ेदान के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. उत्तर-पश्चिम (North-West): अगर दक्षिण-पश्चिम दिशा खाली न हो, तो आप कूड़ेदान को उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं. पश्चिम दिशा (West): आप कूड़ेदान को पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा को हटाने वाली दिशा माना जाता है. 2. कहाँ कभी न रखें (गलत दिशाएं) उत्तर-पूर्व (North-East – ईशान कोण): यहाँ कभी भी कूड़ेदान न रखें. यह दिशा भगवान का स्थान मानी जाती है. यहां कचरा रखने से घर के सदस्यों को मानसिक तनाव हो सकता है. दक्षिण-पूर्व (South-East – आग्नेय कोण): यह अग्नि और धन की दिशा है.  यहां कूड़ेदान रखने से घर में पैसों की तंगी या परिवार में झगड़े हो सकते हैं. पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा तरक्की और नई ऊर्जा का प्रतीक है. यहां कूड़ेदान रखने से घर के लोगों की तरक्की रुक सकती है. 3. कुछ खास बातें और सावधानियां ढक्कन वाला कूड़ेदान: कूड़ेदान को हमेशा ढक्कन से ढक कर रखें ताकि उसकी नकारात्मक ऊर्जा और दुर्गंध घर में न फैले. नियमित सफाई: कूड़ेदान को रोज़ाना साफ करें. गंदा कूड़ेदान घर में बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा लाता है. मुख्य द्वार से दूर: कभी भी घर के मुख्य गेट (Entrance) के ठीक पास कूड़ेदान न रखें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के आने का रास्ता है. नजरों से दूर रखें: कूड़ेदान को ऐसी जगह रखें जहाँ वह बाहर से आने वाले मेहमानों को आसानी से दिखाई न दे. सही रंग: वास्तु के अनुसार कूड़ेदान के लिए हल्के भूरे (Light Brown) या ग्रे (Grey) रंग का चयन करना बेहतर माना जाता है. कचरा हटाने का समय: रात के समय घर में कचरा जमा न रहने दें. हो सके तो हर रात कचरा बाहर फेंक दें ताकि सुबह घर में ताजी और सकारात्मक ऊर्जा आए.

वास्तु टिप्स: किचन में फ्रिज रखने की सही दिशा और गलत स्थान से बचें

हमारे घर का किचन न केवल भोजन पकाने की जगह है, बल्कि यह हमारे परिवार की सेहत और खुशहाली का सबसे बड़ा स्रोत भी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में रखी हर छोटी-बड़ी चीज़ अपनी एक विशेष ऊर्जा रखती है, जो घर के सदस्यों के जीवन पर सीधा प्रभाव डालती है. आधुनिक रसोई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा फ्रिज है, जिसे हम अपनी सुविधा के अनुसार कहीं भी रख देते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में रखा फ्रिज आपके घर की सुख-शांति और तरक्की में बाधा बन सकता है? वास्तु के जानकारों का मानना है कि यदि फ्रिज को गलत स्थान पर रखा जाए, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है, जिससे पारिवारिक तनाव और आर्थिक असंतुलन जैसी परेशानियां पैदा हो सकती हैं. फ्रिज रखने के लिए सबसे बेस्ट दिशाएं वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्रिज को इन दिशाओं में रखना सबसे शुभ माना जाता है. दक्षिण-पश्चिम (South-West): फ्रिज रखने के लिए यह सबसे बेहतरीन जगह है. यहां रखने से घर में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है. पश्चिम (West) या दक्षिण (South): अगर दक्षिण-पश्चिम में जगह कम हो, तो आप फ्रिज को पश्चिम या दक्षिण दिशा में भी रख सकते हैं. उत्तर-पश्चिम (North-West): घर के वातावरण को संतुलित और शांत बनाए रखने के लिए यह दिशा भी एक अच्छा विकल्प है. इन दिशाओं में भूलकर भी न रखें फ्रिज उत्तर-पूर्व (North-East – ईशान कोण): इस दिशा में फ्रिज कभी न रखें. वास्तु में यह कोना अत्यंत पवित्र और भगवान का माना जाता है. यहां भारी सामान या फ्रिज जैसा उपकरण रखने से घर की बरकत रुक जाती है और मानसिक अशांति बढ़ती है. मेन गेट के सामने: घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने फ्रिज रखना अशुभ माना गया है, क्योंकि यह घर में आने वाली सुख-शांति और समृद्धि को रोकता है. फ्रिज को लेकर कुछ जरूरी वास्तु टिप्स सफाई का रखें विशेष ध्यान: फ्रिज के अंदर हमेशा सफाई रखें और बासी या खराब खाना जमा न होने दें.  माना जाता है कि साफ-सुथरा फ्रिज सकारात्मक ऊर्जा और सेहत को बेहतर करता है. गैस चूल्हे से उचित दूरी: फ्रिज को कभी भी गैस चूल्हे (Stove) के बिल्कुल पास या उसके सामने न रखें, क्योंकि अग्नि और पानी के तत्व एक-दूसरे के विरोधी होते हैं, जिससे घर में कलह की स्थिति बन सकती है. हवा का सही संचार: फ्रिज को दीवार से बिल्कुल सटाकर न रखें, दीवार और फ्रिज के बीच थोड़ा गैप रखें ताकि हवा का सही संचार हो सके. यह तकनीक और वास्तु दोनों ही नजरिए से बेहतर है. साफ-सफाई: फ्रिज के ऊपरी हिस्से को साफ रखें और उस पर भारी सामान या कबाड़ जमा न करें.

डाइनिंग टेबल पर इन चीजों को रखने से बचें, वरना घर की बरकत और सुख-समृद्धि पर असर

 घर का डाइनिंग रूम सिर्फ भोजन करने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है जहां परिवार के सदस्य एक साथ जुड़ते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, डाइनिंग टेबल का हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा असर पड़ता है.  क्या आप जानते हैं कि आपकी डाइनिंग टेबल पर रखी कुछ छोटी-छोटी चीजें आपके घर की बरकत छीन सकती हैं? यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और धन का आगमन हो, तो आज ही अपनी डाइनिंग टेबल से इन चीजों को हटा दें: 1. दवाइयां (Medicines) कभी भी डाइनिंग टेबल पर दवाइयां न रखें. भोजन करने वाली जगह पर दवाओं का होना स्वास्थ्य में सुधार के बजाय नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है. यह घर के सदस्यों के बीमार पड़ने का संकेत हो सकता है. 2. टूटी-फूटी क्रॉकरी अगर आपकी डाइनिंग टेबल पर रखे प्लेट, कप या चम्मच कहीं से चटके या टूटे हुए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें. टूटे हुए बर्तन दरिद्रता को आमंत्रित करते हैं. हमेशा साफ और साबूत बर्तनों का ही इस्तेमाल करें. 3. फालतू कागजात और बिल अक्सर लोग डाइनिंग टेबल को ही अपना ऑफिस डेस्क बना लेते हैं. वहां बिखरे पुराने बिल, रसीदें या अखबार न रखें.  यह राहु का प्रभाव बढ़ाता है जिससे आर्थिक तनाव भी बढता है. 4. सूखे फूल या कांटेदार पौधे डाइनिंग टेबल पर हमेशा ताजे फूल रखें. सूखे हुए फूल या कांटेदार पौधे (जैसे कैक्टस) सकारात्मक ऊर्जा को सोख कर घर में कलह का कारण बनते हैं. 5. खाली नमकदानी (Salt Shaker) वास्तु में नमक को सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है.  डाइनिंग टेबल पर रखी नमकदानी को कभी खाली न होने दें. इसे हमेशा भरा रखना घर में धन और खुशहाली का संकेत माना जाता है. पैसा और बरकत बढ़ाने के लिए अपनाएं ये उपाय: आईने का सही इस्तेमाल: डाइनिंग टेबल के सामने दीवार पर एक बड़ा आईना (Mirror) लगाएं. यह खाने की मेज के प्रतिबिंब को दोगुना दिखाता है, जिसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. फल की टोकरी: मेज के बीच में ताजे फलों की टोकरी रखें. यह घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होने देता. साफ-सफाई: भोजन करने के तुरंत बाद टेबल साफ करें. बची हुई जूठन या गंदगी को रात भर टेबल पर छोड़ना आर्थिक नुकसान का सबसे बड़ा कारण है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार धन आकर्षित करने के आसान उपाय और सही दिशा का महत्व

 क्या आपने कभी गौर किया है कि दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद कुछ घरों में आर्थिक तंगी बनी रहती है? कमाया हुआ धन कब और कहां खर्च हो जाता है, पता ही नहीं चलता. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो समस्या शायद आपकी मेहनत में नहीं, बल्कि आपके घर की ऊर्जा में हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारा घर केवल ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक सक्रिय केंद्र है जो हमारे बैंक बैलेंस पर गहरा असर डालता है. 1. पैसा कहाँ रखें? वास्तु में दिशाओं का बड़ा महत्व है. उत्तर दिशा (North): इसे धन के देवता 'कुबेर' का स्थान माना जाता है. उत्तर दिशा को हमेशा हल्का, साफ और बाधा मुक्त रखें. यहां भारी अलमारी या कबाड़ रखने से बचें, ताकि धन के नए अवसर बिना किसी रुकावट के आपके घर की तरफ खिंचे चले आएं. दक्षिण-पश्चिम (Southwest): अगर आप चाहते हैं कि कमाया हुआ पैसा टिके और फिजूलखर्ची पर लगाम लगे, तो अपनी तिजोरी या लॉकर को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें. यह दिशा स्थिरता का प्रतीक है, जिससे धन का संचय बढ़ता है. 2. छोटे उपाय, बड़े असर नल का ध्यान: वास्तु में पानी को धन का प्रतीक माना गया है. अगर घर में कहीं भी नल टपक रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. पानी का टपकना इस बात का संकेत है कि आपका पैसा भी हाथों से पानी की तरह बह रहा है. कबाड़ हटाओ: घर में जमा पुरानी रद्दी, टूटी-फूटी चीजें या जंग लगा सामान नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का घर होते हैं. इन्हें हटा दें. घर जितना खुला और हवादार होगा, उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा के साथ लक्ष्मी का प्रवेश सुगम होगा. मनी प्लांट: घर के दक्षिण-पूर्व (Southeast) कोने को 'अग्नि कोण' कहते हैं. यहां एक हरा-भरा मनी प्लांट लगाने से न केवल घर की शोभा बढ़ती है, बल्कि यह आर्थिक तरक्की के नए रास्ते भी खोलता है. 3. ये गलतियां न करें ईशान कोण का रखें ध्यान: घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र माना जाता है. यहाँ कभी भी भारी फर्नीचर, स्टोर रूम या कूड़ेदान न बनाएं. इसे हमेशा खाली और साफ रखना चाहिए. प्रवेश द्वार: मुख्य द्वार घर का मुख है. इसे हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें. द्वार पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, ताकि पॉजिटिव एनर्जी और सुख-समृद्धि बिना किसी बाधा के घर में आ सके. 4. उपाय वास्तु का एक सरल उपाय यह भी है कि उत्तर दिशा की दीवार पर एक छोटा सा शीशा (दर्पण) लगाएं. यदि यह दर्पण तिजोरी या धन रखने वाले स्थान की ओर इशारा करता हो, तो इसे वास्तु में धन की वृद्धि करने वाला माना जाता है. यह दिखने में तो छोटा बदलाव है, लेकिन ऊर्जा के स्तर पर यह धन के अवसरों को कई गुना बढ़ा सकता है.

मुख्य द्वार पर जल छिड़काव: वास्तु अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का उपाय

 घर का मुख्य द्वार ही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा और धन का आगमन होता है. अगर आप भी अपने घर में बरकत और शांति चाहते हैं, तो सुबह के समय मुख्य द्वार पर जल छिड़कने का छोटा सा उपाय आपके लिए बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. मुख्य द्वार पर जल छिड़काव के चमत्कारी लाभ लक्ष्मी का आगमन: ताजा जल पवित्रता का प्रतीक है, जो धन और सौभाग्य को घर की ओर आकर्षित करता है. नकारात्मक ऊर्जा का नाश: यह द्वार की दहलीज को शुद्ध करता है और रात भर में जमा हुई नकारात्मक शक्तियों व बुरी नजर को खत्म करता है. राहु दोष का निवारण: मुख्य द्वार राहु से संबंधित माना गया है.  सुबह जल छिड़कने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है, जिससे अचानक आने वाली मुसीबतें और पारिवारिक कलह दूर होती है. पितृ देवों का आशीर्वाद: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ सुबह के समय प्रवेश द्वार पर आते हैं.  जल की स्वच्छता उन्हें तृप्त करती है और उनका आशीर्वाद मिलता है. कैसे छिड़के जल सही समय: यह उपाय सुबह सोकर उठने के बाद, सूर्योदय से पहले या ठीक बाद करें. पहले द्वार के सामने झाड़ू लगाएं, फिर जल छिड़कें. तांबे का पात्र: जल को रात भर तांबे के लोटे में रखे,  सुबह उसका इस्तेमाल करें. तांबे के औषधीय गुण और शुद्धिकरण की शक्ति  के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है. इन चीजों को मिलाकर बनाएं उपाय को और शक्तिशाली हल्दी का पानी: एक चुटकी हल्दी मिलाने से गंभीर आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं. सेंधा नमक: सप्ताह में एक बार (विशेषकर शुक्रवार को) पानी में सेंधा नमक मिलाकर छिड़काव करें. यह जिद्दी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सेहत को बेहतर करता है. गंगाजल या गुलाब जल: इसकी कुछ बूंदें घर में शांति और सद्भाव बनाए रखती हैं. दिशा संबंधी सावधानियां (Directional Precautions) वास्तु के अनुसार दिशा के अनुसार जल का इस्तेमाल करें: शुभ दिशाएं: यदि मुख्य द्वार उत्तर (North), उत्तर-पूर्व (North-East) या पूर्व (East) में है, तो जल के उपाय सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं. सावधानी: दक्षिण (South), दक्षिण-पूर्व (SE) या दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा वाले द्वार पर जल का छिड़काव कम करें. इन अग्नि वाली दिशाओं में पानी का ज्यादा जमाव अस्थिरता या आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है. यहा केवल हल्की सफाई पर ध्यान दें.

घर में तुलसी के साथ ये पौधे बदल सकते हैं आपकी किस्मत, खुल सकते हैं धन और तरक्की के नए रास्ते

सनातन धर्म के साथ ही वास्तु शास्त्र में भी तुलसी के पौधे को साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, जिस घर के आंगन में तुलसी का वास होता है, वहां से बीमारियां और परेशानियां कोसों दूर रहती हैं. हमारे इसी वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे के अलावा भी कुछ पौधों का जिक्र मिलता है, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के साथ अपने घर पर लगाते हैं, तो इनका असर कई गुना तक ज्यादा बढ़ जाता है. मान्यताओं के अनुसार, इन पौधों को तुलसी के पौधे के साथ घर पर लगाने से पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी हमेशा के लिए खत्म हो सकती हैं. आज इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं चमत्कारी पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप तुलसी के पौधे के पास रखने लगते हैं, तो आपके लिए धन और दौलत के बंद पड़े सभी दरवाजे एक बार फिर से खुलने लग जाते हैं. तो चलिए, इन पौधों के बारे में विस्तार से जानते हैं. तुलसी के साथ रखें शमी का पौधा आपको शायद यह जानकर हैरानी हो लेकिन शमी के पौधे का सीधा संबंध न्याय के देवता शनिदेव से माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी के साथ शमी का पौधा लगाना बेहद ही शुभ और मंगलकारी होता है. जहां तुलसी की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं वहीं, शमी से शनिदेव की टेढ़ी नजर का असर खत्म होता है. इस जोड़े को घर में रखने से तरक्की में आ रही सभी रुकावटें दूर होती हैं और नौकरी-बिजनेस में पैसों का फ्लो तेजी से बढ़ता है. पैसों की दिक्कतों को खत्म करेगा मनी प्लांट पैसों से जुड़ी दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए मनी प्लांट को सबसे असरदार माना गया है. वास्तु शास्त्र कहता है कि अगर घर के अग्निकोण यानी कि दक्षिण-पूर्व दिशा में मनी प्लांट हो और पास में ही तुलसी के पौधे की जगह हो, तो घर में बरकत कभी कम नहीं होती. मनी प्लांट जहां पैसों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है वहीं, तुलसी घर में शांति बनाए रखती है, जिससे बेवजह के खर्चों और कर्ज से मुक्ति मिलती है. घर पर लगाएं केले का छोटा सा पेड़ धार्मिक मान्यताओं की अगर मानें तो केले के पेड़ में साक्षात भगवान विष्णु का वास होता है. आप सभी को इस बात का अंदाजा तो जरूर होगा कि तुलसी जी को विष्णु जी की प्रिय कहा जाता है. यह एक बड़ी वजह है कि इन दोनों पौधों को आसपास रखना साक्षात लक्ष्मी-नारायण को घर बुलाने जैसा है. आपको सिर्फ इस बात का ख्याल रखना है कि केले के पौधे को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगाएं. इसके अलावा गुरुवार के दिन इसमें जल चढ़ाने से कुंडली का गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे इंसान को जीवन में कभी भी पैसों की किल्लत नहीं देखनी पड़ती. तुलसी के पास रखें क्रासुला का पौधा वास्तु शास्त्र के अलावा फेंगशुई में भी क्रासुला के पौधे को धन को खींचने वाला पौधा कहा गया है. इसकी छोटी और मोटी पत्तियां देखने में बहुत सुंदर लगती हैं. मान्यताओं के अनुसार यह पौधा पॉजिटिव एनर्जी को बहुत तेजी से अपनी तरफ अट्रैक्ट है. इसे तुलसी के पास या फिर घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दाईं तरफ रखने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और जीवन में पैसों के आने के नए दरवाजे खुलने लगते हैं.

वास्तु के अनुसार किस दिशा में सोना है सबसे सही? जानिए पूरा नियम

क्या आपने कभी सोचा है कि सोते समय आपके सिर और पैरों की दिशा क्या होनी चाहिए? हम रोज की जिंदगी में सोते हैं, जागते हैं, खाना खाते हैं और फिर सो जाते हैं. लेकिन अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते कि हमारी सोने की दिशा भी हमारे स्वास्थ्य और ऊर्जा पर असर डालती है. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का नजरिया ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, जिस दिशा में हम अपने पैर रखते हैं, उसी दिशा में ऊर्जा का प्रवाह होता है. इसलिए सही दिशा में सोना बेहद जरूरी माना गया है. आपको हमेशा अपने सिर को दक्षिण दिशा की ओर और पैरों को उत्तर दिशा की ओर करके सोना चाहिए. इसका कारण यह है कि पृथ्वी की चुंबकीय तरंगें उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर प्रवाहित होती हैं. जब हम इसी दिशा के अनुरूप सोते हैं, तो शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहता है. इस दिशा में सोने से सुख-समृद्धि, सेहत और आयु में वृद्धि होती है. वास्तु शास्त्र में दिशाओं के देवताओं का विशेष महत्व है. दक्षिण दिशा को 'यम' (मृत्यु और न्याय के देवता) और 'पितरों' की दिशा माना गया है. वहीं, उत्तर दिशा को 'कुबेर' (धन के देवता) की दिशा माना जाता है. जब हम दक्षिण की तरफ सिर करके सोते हैं, तो हमारे पैर उत्तर यानी कुबेर की दिशा की तरफ होते हैं. शास्त्र कहते हैं कि सोते समय पैरों के जरिए सकारात्मक ऊर्जा शरीर में प्रवेश करती है. कुबेर की दिशा से आने वाली ऊर्जा जब पैरों के माध्यम से शरीर में जाती है, तो यह व्यक्ति की बुद्धि, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ाती है. यही कारण है कि इस दिशा में सोने वाले घरों में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है. पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र और हमारा शरीर हमारी पृथ्वी एक बहुत बड़े चुंबक (Giant Magnet) की तरह काम करती है. इसका अपना एक चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) है, जिसमें चुंबकीय तरंगें लगातार उत्तर ध्रुव (North Pole) से दक्षिण ध्रुव (South Pole) की ओर प्रवाहित होती हैं. ठीक इसी तरह, मानव शरीर का भी अपना एक चुंबकीय प्रवाह होता है. हमारा सिर 'उत्तरी ध्रुव' और पैर 'दक्षिणी ध्रुव' की तरह काम करते हैं. तो हमारे शरीर का चुंबकीय प्रवाह और पृथ्वी का चुंबकीय प्रवाह एक ही दिशा में आ जाते हैं. इससे प्रकृति और शरीर के बीच एक बेहतरीन संतुलन (Harmony) बनता है. इस दिशा में सोने से हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त प्रवाह) बिल्कुल सामान्य रहता है. दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता, जिससे हार्ट हेल्थ अच्छी रहती है और सुबह उठने पर व्यक्ति खुद को ऊर्जावान महसूस करता है. गलत दिशा में सोने के गंभीर नुकसान यदि आप इसके विपरीत, यानी उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं, तो विज्ञान और वास्तु दोनों इसे बेहद खतरनाक मानते हैं. जब शरीर का उत्तरी ध्रुव (सिर) और पृथ्वी का उत्तरी ध्रुव एक साथ आते हैं, तो वे एक-दूसरे को ढकेलते हैं . इस खिंचाव के कारण शरीर का खून दिमाग की तरफ तेजी से भागता है. चूंकि दिमाग की नसें बहुत पतली होती हैं, इसलिए इस दिशा में लंबे समय तक सोने से अनिद्रा, डरावने सपने आना, लगातार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और भविष्य में ब्रेन हैमरेज या पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. जीवन में सफलता का आधार है 'सही नींद' आप जीवन में कितना कमाएंगे, आपका करियर कैसा रहेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपका दिमाग कितना शांत और एक्टिव है. दक्षिण दिशा में सिर रखकर सोने से मिलने वाली गहरी नींद (Deep Sleep) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म करती है. जब आप सुबह बिना किसी भारीपन के उठते हैं, तो आपकी कार्यक्षमता (Productivity) दोगुनी हो जाती है.