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दिवाली के बाद घर से तुरंत हटा दें ये 5 चीजें, वरना बढ़ सकती हैं गंदगी और बीमारियों की परेशानी

दिवाली पर घर को सजाने-संवारने के लिए हम खूब खरीदारी करते हैं. कहीं नए दीये आते हैं, तो कहीं रंग-बिरंगी झालर, फूल और सजावटी सामान से घर को सजाया जाता है. त्योहार के दौरान घर की रौनक देखते ही बनती है, लेकिन दिवाली खत्म होने के बाद भी कई बार ये चीजें घर में पड़ी रहती हैं. कुछ सामान तो हम यह सोचकर नहीं हटाते कि अगले साल काम आएगा, जबकि कुछ चीजें खराब होने के बावजूद घर में रखी रह जाती हैं. ऐसे में दिवाली के बाद घर की सफाई करते समय इन 5 चीजों को जरूर हटा देना चाहिए.  टूटे या चटके हुए दीये दिवाली पर मिट्टी के दीयों का खूब इस्तेमाल होता है. पूजा और सजावट के बाद कई दीये टूट जाते हैं या उनमें दरार आ जाती है. ऐसे दीयों को घर में इकट्ठा करके रखने की बजाय हटा दें. इनके नुकीले किनारों से हाथ-पैर में चोट लग सकती है.  खराब हो चुकी झालर और लाइट्स दिवाली की सजावट में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक झालर और लाइट्स को बिना जांचे अगले साल के लिए न रखें. अगर किसी तार की कोटिंग निकल गई है, प्लग ढीला है या लाइट से जलने की गंध आती है, तो उसे इस्तेमाल न करें सूखे फूल और खराब तोरण (Things to remove after Diwali) दिवाली पर दरवाजों और पूजा घर को सजाने के लिए ताजे फूलों और पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन कुछ दिनों बाद ये सूखने और सड़ने लगते हैं. ऐसे फूलों और तोरण को घर में लंबे समय तक न रखें. नमी के कारण इनमें फफूंद लग सकती है और कीड़े भी पनप सकते हैं. खराब हो चुकी मिठाइयां और खाने-पीने का सामान दिवाली पर घर में मिठाइयों और नमकीन की भरमार रहती है. कई बार मेहमानों के लिए खरीदा गया सामान कई दिनों तक फ्रिज या डिब्बों में पड़ा रह जाता है. अगर मिठाई में अजीब गंध आने लगे, रंग या स्वाद बदल जाए या फफूंद दिखाई दे, तो उसे खाने से बचें.  

वास्तु टिप्स: घर में किस दिशा में लगानी चाहिए घड़ी? जानें शुभ दिशा और जरूरी नियम

घर में घड़ी का इस्तेमाल समय देखने के लिए किया जाता है. लेकिन वास्तु शास्त्र में घड़ी को खास माना गया है. वास्तु के अनुसार, घर में घड़ी किस दिशा में लगी है, इसका असर घर के माहौल पर पड़ सकता है. इसलिए घड़ी लगाते समय सही दिशा का ध्यान रखना जरूरी है. कुछ दिशाओं में घड़ी लगाना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ जगहों पर इसे लगाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं कि घर में घड़ी लगाने की सही दिशा क्या है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. दरवाजे के ठीक ऊपर न लगाएं घड़ी वास्तु के अनुसार, घर के किसी भी दरवाजे की चौखट के ठीक ऊपर घड़ी लगाने से बचना चाहिए. वास्तु शास्त्र में इसे शुभ नहीं माना जाता है. मान्यता है कि इस जगह घड़ी लगाने से जीवन में आगे बढ़ने के मौके प्रभावित हो सकते हैं. इसलिए दीवार घड़ी लगाते समय दरवाजे के ऊपर वाली जगह को छोड़ देना बेहतर माना जाता है. इस दिशा में न लगाएं घड़ी घर की दक्षिण दिशा को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कुछ नियम बताए गए हैं. मान्यता के अनुसार, इस दिशा में दीवार घड़ी लगाने से बचना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा में घड़ी होने से परिवार के सदस्यों के बीच तनाव और मतभेद बढ़ सकते हैं. छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति भी बन सकती है. इसलिए वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा में दीवार घड़ी लगाने से परहेज करना बेहतर माना जाता है. इस दिशा में लगाएं घड़ी वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में घड़ी लगाना शुभ माना जाता है. इस दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि यहां घड़ी लगाने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है. साथ ही तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं. उत्तर दिशा के अलावा उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा में भी घड़ी लगाना अच्छा माना जाता है. उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहते हैं. वास्तु के अनुसार, यह दिशा पूजा-पाठ और अच्छी ऊर्जा से जुड़ी होती है. वहीं, पूर्व दिशा का संबंध सूर्य देव से माना जाता है. सूर्य को रोशनी और नई शुरुआत का प्रतीक माना गया है. इसलिए इस दिशा में घड़ी लगाना भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में अच्छा माहौल बना रहता है.

Vastu Tips: घर में किस दिशा में रखें अलमारी? जानें कैश, गहने और लॉकर रखने के शुभ नियम

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में घर की चीजों को सही दिशा और व्यवस्थित तरीके से रखने का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि घर में सामान को सही तरीके और जगह पर रखने से सकारात्मक वातावरण बना रहता है. घर में रखी जरूरी और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली चीजों में अलमारी का खास महत्व है. घर में अलमारी रखने की दिशा और स्थान को लेकर भी कई वास्तु नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं कि ये नियम कौन-कौन से हैं. अलमारी रखने की दिशा वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में भारी अलमारी या वार्डरोब रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को अच्छा माना जाता है. दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. इस दिशा में भारी फर्नीचर रखने को शुभ माना जाता है. इसके अलावा, पश्चिम दिशा में भी अलमारी रखी जा सकती है. अलमारी को किस दिशा में न रखें? वास्तु शास्त्र में अलमारी को उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा में नहीं रखना चाहिए. घर की इस दिशा को हल्का और खुला रखने की सलाह दी जाती है. इसलिए, इस दिशा में भारी अलमारी रखने से बचें. किस दिशा में खुलना चाहिए अलमारी का दरवाजा? अलमारी रखने की दिशा के साथ-साथ उसके दरवाजे की दिशा पर भी ध्यान देना जरूरी है. वास्तु के अनुसार, अलमारी का दरवाजा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खुलना शुभ माना जाता है. उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़कर देखा जाता है. अलमारी में कैश और गहने कहां रखें? अगर अलमारी में लॉकर या तिजोरी बनी हुई है, तो उसमें नकदी पैसे, गहने और अन्य सामान रखा जा सकता है. तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. अलमारी रखते समय इन बातों का भी रखें ध्यान     शीशे वाली अलमारी: अगर अलमारी पर शीशा लगा है, तो ध्यान रखें कि उसमें बिस्तर का प्रतिबिंब न दिखे. वास्तु में बेड के सामने शीशा होना अच्छा नहीं माना जाता है. यदि शीशे की दिशा बदलना संभव न हो, तो रात में उसे ढक सकते हैं.     साफ-सफाई का रखें ध्यान: अलमारी में बेकार और अनुपयोगी सामान जमा न होने दें. उसे नियमित रूप से साफ करें और कपड़ों व अन्य चीजों को व्यवस्थित रखें.     अलमारी का रंग: अलमारी का रंग हल्का रखने की सलाह दी जाती है. आप चाहें तो अलमारी के लिए क्रीम, सफेद, हल्का पीला या बेज जैसे रंग चुन सकते हैं.

पैसा नहीं टिकता तो घर की इन 5 जगहों पर दें ध्यान, वास्तु के अनुसार दूर हो सकती है धन से जुड़ी परेशानी

 महीने की शुरुआत में सैलरी अकाउंट में आती है, तो लगता है कि इस बार कुछ पैसे जरूर बचा लेंगे. लेकिन देखते ही देखते महीने का आधा समय निकल जाता है और खर्चे बढ़ने लगते हैं. कभी घर का खर्च बढ़ जाता है, तो कभी अचानक कोई ऐसी जरूरत सामने आ जाती है कि सेविंग्स के लिए पैसे ही नहीं बचते. अगर आपके साथ भी हर महीने ऐसा होता है, तो मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि आखिर पैसा टिक क्यों नहीं पाता. ऐसे में खर्चों का हिसाब रखने के साथ कुछ लोग घर के वास्तु पर भी ध्यान देते हैं. वास्तु शास्त्र में घर की कुछ जगहों को सुख-समृद्धि और धन से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर का मुख्य दरवाजा, उत्तर दिशा, तिजोरी और पानी से जुड़ी जगहों का खास ध्यान रखना चाहिए. अगर आप भी चाहते हैं कि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे, तो वास्तु के हिसाब से घर की इन 5 जगहों पर ध्यान दे सकते हैं. चलिए इन जगहों के बारे में विस्तार से जानते हैं ताकि आप भी आगे से इनका बेहतर तरीके से ख्याल रख पाएं. घर का मुख्य दरवाजा रखें साफ और सुलझा हुआ वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे को काफी जरूरी माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, यहीं से हमारे घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है. ऐसे में अगर दरवाजे के पास जूते-चप्पल बिखरे रहते हैं, बेकार का सामान जमा है या वहां अंधेरा रहता है, तो इस जगह को सुलझाकर रखना चाहिए. इसके अलावा, कोशिश करें कि घर का मुख्य दरवाजा आसानी से खुले और बंद हो. उसके आसपास साफ-सफाई रखें और लाइटिंग का अच्छा इंतजाम करें. अगर दरवाजे का ताला खराब है या उसमें से आवाज आती है, तो उसे भी ठीक करा लें. वास्तु के हिसाब से साफ और सुलझे हुए मेन गेट को बहुत ही अच्छा माना जाता है, जिसके साथ ही घर में आने-जाने में भी आसानी रहती है. उत्तर दिशा में न जमा होने दें बेकार का सामान वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से इस दिशा को साफ और खुला रखने की सलाह दी जाती है. अगर आपके घर के उत्तर वाले हिस्से में पुराने डिब्बे, खराब सामान, बेकार के कागज या ऐसी चीजें रखी हैं, जिनकी लंबे समय से जरूरत नहीं पड़ी तो उन्हें हटा दें. यह जरूरी नहीं कि इसके लिए आपको घर में कोई बड़ा बदलाव करना पड़े. बस जो सामान काम का नहीं है, उसे अलग कर दें और इस हिस्से को साफ रखें. इससे घर में जगह भी खाली होगी और रोजमर्रा की चीजें संभालना आसान रहेगा. वास्तु में इसे पॉजिटिव एनर्जी के रास्ते में रुकावट कम करने से जोड़कर देखा जाता है. तिजोरी या पैसे रखने की जगह पर दें ध्यान घर में पैसे, गहने और जरूरी डॉक्युमेंट्स रखने की जगह भी वास्तु के हिसाब से जरूरी मानी जाती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार तिजोरी या अलमारी को दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना सबसे अच्छा होता है. इसके साथ ही, तिजोरी का दरवाजा उत्तर दिशा की ओर खुलना भी शुभ माना जाता है. अगर आपके घर में पैसे रखने के लिए अलग तिजोरी या अलमारी है, तो उसकी जगह और इंतजाम पर ध्यान दे सकते हैं. उसमें जरूरी डॉक्युमेंट्स, गहने और दूसरे सामान को सही तरीके से रखें. फटे हुए लिफाफे, पुराने बिल और बेकार कागज जमा न होने दें. ध्यान रहे कि वास्तु की मान्यताएं अपनी जगह हैं, लेकिन पैसे बचाने के लिए खर्च का हिसाब रखना, हर महीने कुछ पैसे बचाना और गैरजरूरी खरीदारी से बचना भी उतना ही जरूरी है. किचन और बाथरूम में टपकते नल को न करें नजरअंदाज वास्तु शास्त्र में पानी के रिसाव को पैसों के नुकसान से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर में लगातार पानी टपकना अच्छा संकेत नहीं है. ऐसे में, अगर किचन, बाथरूम या किसी दूसरी जगह का नल खराब है और उससे पानी टपकता रहता है, तो उसे जल्द ठीक करा लेना चाहिए. इसका एक डायरेक्ट फायदा भी है. टपकते नल को ठीक कराने से पानी की बर्बादी कम होती है और बाद में होने वाली बड़े रिपेयर का खर्च भी बच सकता है. इसी तरह, अगर पानी के पाइप में रिसाव है या टंकी से पानी बहता रहता है, तो उसे भी नजरअंदाज न करें. वास्तु में इसे पैसों की बर्बादी का प्रतीक माना जाता है, जबकि रोजमर्रा की जिंदगी में भी ऐसी छोटी खराबियों को ठीक रखना समझदारी है. घर के उत्तर-पूर्व हिस्से को रखें साफ वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहा जाता है. इस हिस्से को साफ, हल्का और सुलझा हुआ रखने की सलाह दी जाती है. अगर यहां पुराने सामान, बेकार के डिब्बे या जरूरत से ज्यादा फर्नीचर रखा है, तो उसे हटाकर जगह खाली कर सकते हैं. घर के इस हिस्से में लाइट और हवा आने का इंतजाम हो, तो बेहतर है. वहां सामान इस तरह न रखें कि आने-जाने में परेशानी हो. वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में साफ और खुली जगह को पॉजिटिव माहौल से जोड़ा जाता है. इसलिए घर में छोटी-छोटी चीजों को सही जगह रखना और बेकार का सामान हटाते रहना अच्छी आदत है.

मॉन्स्टेरा का पौधा घर में किस दिशा में रखें? फेंगशुई के अनुसार धन और समृद्धि के लिए जानें सही जगह

घर को खूबसूरत बनाने के लिए लोग तरह-तरह के इनडोर प्लांट्स लगाते हैं, लेकिन कुछ पौधों को सजावट के साथ-साथ सुख-समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है. ऐसा ही एक पौधा है मॉन्स्टेरा डेलिसिओसा. अपने बड़े, हरे और खास बनावट वाले पत्तों के कारण यह पौधा घर की सजावट के लिए  काफी लोकप्रिय है. फेंगशुई की मान्यताओं में इसे सकारात्मक ऊर्जा, विकास और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि घर में इस पौधे को सही जगह पर रखने से सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिलती है. खासतौर पर घर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से को फेंगशुई में धन और समृद्धि से संबंधित माना जाता है. ऐसे में अगर आप भी घर में मॉन्स्टेरा का पौधा लगाने की सोच रहे हैं, तो जानिए इसे कहां रखना बेहतर माना जाता है और इसकी देखभाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. क्या है मॉन्स्टेरा का पौधा और क्यों है खास? मॉन्स्टेरा डेलिसिओसा एक उष्णकटिबंधीय पौधा है, जिसकी पहचान इसके बड़े, चमकदार हरे पत्तों और उन पर बनने वाले प्राकृतिक छेदों से होती है.  इसे घर के अंदर गमले में आसानी से उगाया जा सकता है, बशर्ते इसे सही रोशनी, पानी और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिले. फेंगशुई में पौधों को प्रकृति, विकास और जीवन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.  मॉन्स्टेरा के फैलते पत्तों को भी विकास और आगे बढ़ने की भावना से जोड़कर देखा जाता है.  इसी वजह से कुछ लोग इसे घर या काम करने की जगह पर लगाना पसंद करते हैं.ये फेंगशुई से जुड़ी पारंपरिक मान्यताएं हैं. धन और समृद्धि के लिए कहां रखें मॉन्स्टेरा का पौधा? 1. घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाएं फेंगशुई में दक्षिण-पूर्व दिशा को धन और समृद्धि का क्षेत्र माना जाता है.  इस मान्यता के अनुसार, घर के इस हिस्से में हरे-भरे पौधे रखना विकास और आर्थिक खुशहाली का प्रतीक हो सकता है.  आप यहां मॉन्स्टेरा का पौधा रख सकते हैं.  ऐसी मान्यता है कि इससे पैसा बढ़ता है.  2. मुख्य दरवाजे के पास रखें घर का मुख्य दरवाजा फेंगशुई में ऊर्जा के प्रवेश का अहम स्थान माना जाता है.  ऐसे में दरवाजे के पास मॉन्स्टेरा का पौधा रखना सकारात्मकता और स्वागतपूर्ण माहौल से जोड़कर देखा जाता है.  पौधे को इस तरह रखें कि दरवाजा खोलने, बंद करने या आने-जाने में कोई परेशानी न हो. 3. लिविंग रूम में रखें पौधा लिविंग रूम में मॉन्स्टेरा का पौधा रखने से घर को प्राकृतिक और आकर्षक लुक मिलता है.  फेंगशुई की मान्यताओं में हरे-भरे पौधों को जीवन ऊर्जा और विकास से जोड़ा जाता है.  आप इसे कमरे के किसी खाली कोने में या खिड़की के पास रख सकते हैं, जहां पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी आती हो. 4. वर्क डेस्क या होम ऑफिस में लगाएं अगर आप घर से काम करते हैं, तो मॉन्स्टेरा को अपने वर्क डेस्क के पास भी रख सकते हैं.  फेंगशुई में पौधों को विकास और आगे बढ़ने का प्रतीक माना जाता है.  कार्यस्थल पर हरियाली होने से आसपास का वातावरण भी अधिक खुशनुमा लग सकता है.  बस ध्यान रखें कि पौधे को पर्याप्त जगह मिले और वह काम में बाधा न बने. मॉन्स्टेरा का पौधा लगाते समय न करें ये गलतियां पौधे को सही जगह रखने के साथ उसकी देखभाल करना भी जरूरी है.  मॉन्स्टेरा को तेज सीधी धूप में रखने से इसकी पत्तियां झुलस सकती हैं.  इसलिए इसे ऐसी जगह रखें, जहां पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी आती हो.  गमले की मिट्टी में पानी जमा न होने दें, जरूरत के अनुसार ही पानी दें. पौधे की पत्तियों को साफ रखें, समय-समय पर सूखी पत्तियों को हटा दें.  अगर पौधे की जड़ें गमले से बाहर निकलने लगें, तो उसे बड़े गमले में लगाने पर विचार करें.  घर में पालतू जानवर हों, तो पौधे को उनकी पहुंच से दूर रखें, क्योंकि मॉन्स्टेरा चबाने पर उनके लिए विषैला हो सकता है.

मनी प्लांट लगाते समय न करें ये गलतियां, वास्तु के अनुसार जानें सही दिशा और पौधा रखने की जगह

आजकल ज्यादातर घरों में मनी प्लांट लगा हुआ मिल जाता है. इसकी हरी पत्तियां घर की खूबसूरती बढ़ाती हैं. इसे घर के अंदर भी आसानी से लगाया जा सकता है. वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट को खास महत्व दिया गया है. मान्यता है कि इसे घर में लगाने से सुख-समृद्धि आती है और पैसों से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं. हालांकि, मनी प्लांट लगाते समय सही दिशा और जगह का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है. अगर आप भी अपने घर में मनी प्लांट लगाने की सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि इसे किस जगह पर लगाने से बचना चाहिए. मनी प्लांट को इस दिशा में न लगाएं वास्तु शास्त्र के मुताबिक, मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए. इस दिशा को ईशान कोण भी कहा जाता है. मान्यता है कि मनी प्लांट के लिए यह दिशा सही नहीं होती. इसलिए घर में इसे लगाते समय सही जगह का ध्यान रखें. बिस्तर के बिल्कुल पास न रखें पौधा अगर आप बेडरूम में मनी प्लांट रखना चाहते हैं, तो इसे बिस्तर के बिल्कुल पास न रखें. पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां हवा आसानी से आ-जा सके और आपको आने-जाने में परेशानी न हो. साथ ही, पौधे को ऐसी जगह रखें, जहां उसकी देखभाल करना आसान हो. घर में कितने मनी प्लांट लगाना सही है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में एक या दो मनी प्लांट लगा सकते हैं. आप अपनी जगह के हिसाब से पौधे लगा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि पौधे को समय पर पानी मिले और उसे सही रोशनी मिलती रहे. अगर पत्तियां पीली पड़ने लगें या पौधा सूखने लगे, तो उसकी अच्छी तरह देखभाल करें. मनी प्लांट लगाने की सही दिशा दक्षिण-पूर्व दिशा: वास्तु के अनुसार, इस दिशा में मनी प्लांट लगाना शुभ माना जाता है. इसे भगवान गणेश और शुक्र ग्रह से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि यहां पौधा लगाने से घर में सुख-समृद्धि आती है. पूर्व दिशा: घर की पूर्व दिशा में मनी प्लांट रखना भी शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है और तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं.  

किचन स्लैब पर भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, वास्तु के अनुसार बढ़ सकती है पैसों की तंगी

रसोई को घर का अहम हिस्सा माना जाता है. यहां बनने वाला भोजन परिवार की सेहत से जुड़ा होता है, वहीं वास्तु शास्त्र में रसोई को सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति से भी जोड़कर देखा जाता है. यही वजह है कि किचन की दिशा से लेकर गैस चूल्हे और स्लैब पर रखी चीजों तक, कई नियम बताए गए हैं. अक्सर लोग सुविधा के लिए किचन स्लैब पर दवाइयां, टूटे बर्तन, खाली डिब्बे और सफाई का सामान रख देते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, कुछ चीजों को गलत जगह पर रखने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है. मान्यता है कि रसोई में वास्तु दोष होने पर घर में आर्थिक अस्थिरता, खर्चों में बढ़ोतरी और पैसों की बचत करने में परेशानी जैसी स्थितियां बन सकती हैं. कुछ मान्यताओं में इसे धन के ठहराव और आय के मुकाबले खर्च बढ़ने से भी जोड़ा जाता है. आइए जानते हैं कि किचन स्लैब पर किन 5 चीजों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है और वास्तु के अनुसार इन्हें किस तरह की परेशानियों से जोड़ा जाता है. 1. किचन स्लैब पर न रखें टूटे-फूटे बर्तन वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, रसोई में टूटे या दरार वाले बर्तन रखना अशुभ माना जाता है. इन्हें दरिद्रता और नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि ऐसे बर्तन घर में रखने से सुख-समृद्धि में बाधा आ सकती है और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. बैंक बैलेंस और इनकम पर क्या असर? वास्तु मान्यताओं में इसे धन की कमी, बचत न हो पाने और पैसों की तंगी से जोड़ा जाता है. 2. दवाइयां रखने से बचें कई घरों में दवाइयां याद रखने के लिए उन्हें किचन स्लैब पर रख दिया जाता है. वास्तु की कुछ मान्यताओं में रसोई में दवाइयां रखना उचित नहीं माना जाता. रसोई को भोजन और पोषण का स्थान माना जाता है, जबकि दवाइयों को बीमारी से जोड़कर देखा जाता है. इस वजह से इन्हें एक ही जगह रखने से बचने की सलाह दी जाती है. बैंक बैलेंस और इनकम पर क्या असर? वास्तु संबंधी मान्यताओं में इसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और इलाज पर बढ़ते खर्च से जोड़ा जाता है. इससे बचत प्रभावित होने की आशंका बताई जाती है. 3. किचन स्लैब के पास न रखें शीशा वास्तु शास्त्र में रसोई को अग्नि तत्व से संबंधित माना जाता है. कुछ वास्तु मान्यताओं के अनुसार, रसोई में शीशे की स्थिति और उसका चूल्हे के सामने होना महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि चूल्हे की लौ का प्रतिबिंब दिखने से अग्नि तत्व का प्रभाव बढ़ सकता है और घर के वातावरण में असंतुलन पैदा हो सकता है. बैंक बैलेंस और इनकम पर क्या असर? कुछ वास्तु विशेषज्ञ इसे आर्थिक अस्थिरता, अनावश्यक खर्च और धन संचय में बाधा से जोड़ते हैं. 4. सफाई के सामान को स्लैब पर न छोड़ें रसोई में सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कपड़े, ब्रश और अन्य उपकरणों को स्लैब पर छोड़ देना आम बात है. वास्तु मान्यताओं में गंदगी और अव्यवस्था को नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए झाड़ू, पोछा और सफाई का सामान भोजन बनाने वाली जगह से दूर रखने की सलाह दी जाती है. बैंक बैलेंस और इनकम पर क्या असर? वास्तु की कुछ मान्यताओं में रसोई की गंदगी को बरकत में कमी और खर्चों पर नियंत्रण न रह पाने से जोड़ा जाता है. 5. खाली अनाज और मसालों के डिब्बे जमा करने से बचें रसोई में आटा, चावल, दाल और मसालों के डिब्बे रोज इस्तेमाल होते हैं. सामान खत्म होने के बाद कई लोग खाली डिब्बों को स्लैब पर ही छोड़ देते हैं. वास्तु मान्यताओं में अनाज को समृद्धि और भरपूर संसाधनों का प्रतीक माना जाता है. इस वजह से खाली डिब्बों को लंबे समय तक रखने से बचने की सलाह दी जाती है. बैंक बैलेंस और इनकम पर क्या असर? कुछ मान्यताओं के अनुसार, खाली डिब्बों को अभाव का प्रतीक माना जाता है और इन्हें धन की बचत में बाधा से जोड़ा जाता है.

वास्तु टिप्स: भूलकर भी सीढ़ियों के नीचे न बनवाएं ये 3 चीजें, घर में आ सकती है नकारात्मक ऊर्जा

Vastu Upay: आजकल छोटे और कॉम्पैक्ट घरों में जगह का सही इस्तेमाल करने के लिए लोग सीढ़ियों के नीचे खाली हिस्से में अलग-अलग चीजें बनवा लेते हैं.  कहीं इस जगह को किचन बना दिया जाता है तो कहीं पूजा घर या बाथरूम तैयार कर दिया जाता है.  हालांकि वास्तु शास्त्र में सीढ़ियों के नीचे की जगह को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं.  वास्तु मान्यताओं के अनुसार यहां कुछ चीजों का निर्माण घर की ऊर्जा और सुख-शांति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है. सीढ़ियों के नीचे क्या नहीं बनाना चाहिए? वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे ऐसी जगहों का निर्माण करने से बचना चाहिए, जहां लंबे समय तक रहना, पूजा करना या आग और पानी से जुड़ा काम होता हो.  खासतौर पर इन 3 चीजों को सीढ़ियों के नीचे बनाने से बचने की सलाह दी जाती है. 1. पूजा घर सीढ़ियों के नीचे मंदिर या पूजा घर बनाना वास्तु में शुभ नहीं माना जाता.  मान्यता है कि पूजा स्थल को घर का शांत और पवित्र स्थान होना चाहिए, जबकि सीढ़ियों पर लगातार लोगों का आना-जाना होता रहता है. इसलिए पूजा घर के लिए सीढ़ियों के नीचे की जगह चुनने के बजाय घर में अलग और साफ स्थान रखना बेहतर माना जाता है.  वास्तु परंपरा में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को पूजा स्थल के लिए प्रमुख स्थान माना जाता है. 2. किचन सीढ़ियों के नीचे रसोई या खाना बनाने की जगह बनाना भी वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता.  किचन को अग्नि तत्व से जोड़ा जाता है और सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा भारी तथा दबाव वाला क्षेत्र माना जाता है. खासकर गैस चूल्हा या खाना पकाने की मुख्य जगह सीढ़ियों के नीचे रखने से बचने की सलाह दी जाती है.  वास्तु संबंधी कई आधुनिक गाइड भी सीढ़ियों के नीचे किचन बनाने से बचने की सलाह देते हैं. 3. बाथरूम या टॉयलेट सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट या बाथरूम बनाना भी वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता.  पानी, ड्रेनेज और सीढ़ियों के भारी ढांचे को एक ही स्थान पर रखने को लेकर वास्तु में आपत्ति बताई जाती है. अगर घर में जगह की कमी है, तो भी बाथरूम बनाने से पहले उसके स्थान, वेंटिलेशन और ड्रेनेज की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है.  वास्तु मान्यताओं में भी सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट से बचने की सलाह मिलती है. फिर सीढ़ियों के नीचे क्या बनाया जा सकता है? जगह का इस्तेमाल करना हो तो सीढ़ियों के नीचे सामान्य घरेलू सामान के लिए बंद स्टोरेज या उपयोगी कैबिनेट बनाया जा सकता है.  इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना जरूरी माना जाता है.  पुराने, टूटे-फूटे या बेकार सामान को लंबे समय तक यहां जमा करके नहीं रखना चाहिए. जूते-चप्पल रखने के मामले में भी वास्तु विशेषज्ञों की राय एक जैसी नहीं है, इसलिए इसे घर की दिशा और पूरे लेआउट के अनुसार देखना बेहतर होता है. सीढ़ियों की जगह को रखें साफ और रोशन वास्तु के अलावा व्यावहारिक तौर पर भी सीढ़ियों के नीचे का हिस्सा अंधेरा, नम या कबाड़ से भरा नहीं होना चाहिए.  अच्छी रोशनी और पर्याप्त वेंटिलेशन इस जगह को ज्यादा उपयोगी और सुरक्षित बनाते हैं.  टूटे हुए सामान या बेकार चीजें जमा करने से जगह जल्दी अव्यवस्थित हो जाती है. वास्तु संबंधी मान्यताओं में दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम दिशा को सीढ़ियों के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि उत्तर-पूर्व और घर के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान में सीढ़ियां बनाने से बचने की सलाह दी जाती है.

रात को सोने से पहले आईना देखना शुभ या अशुभ? वास्तु के अनुसार जानें बेडरूम में शीशा रखने के नियम

आईना सिर्फ व्यक्ति को उसकी सूरत ही नहीं बताता है बल्कि वास्तु शास्त्र में इसे ऊर्जा का वाहक माना गया है। अक्सर आपने सुना होगा की रात के समय आईना नहीं देखना चाहिए। रात को समय आईना देखने अशुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात के समय रोते हुए आईने में अपने रिफ्लेक्शन देखने मानसिक शांति और ऊर्जा दोनों को प्रभावित करता है। आइए जानते हैं वास्तु गुरु मान्या से कि रात में सोने से पहले शीशा क्यों नहीं देखना चाहिए। रात में आईना देखना शुभ या अशुभ ? वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, सोने से ठीक पहले अगर आप आईना दिखते हैं तो दिमाग में बेचैनी पैदा होती है साथ ही ऐसा करने से गहरी नींद आने में रुकावट आती है और बुरे सपने आने में रुकावट आती है और बुरे सपने आने की समस्या भी हो सकती है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, आईना अपने सामने आने वाली हर चीज को पलट कर वापस कर देता है। ऐसे में रात को सोते समय हमारा शरीर दिनभर तनाव और थकान बाहर निकालता है। ताकि सुबह तक फिर से चार्ज हो सकें। लेकिन, अगर बेड के सामने आईना रखा हो तो नौ इस थकान और नेगेटिव ऊर्जा को अपने अंदर समाने के बजाए उसे अपने अंदर समा लेता है और उसे दोगुना बढ़ाकर वापस हमारी तरफ रिफ्लेक्ट कर देता है। इस वजह से सुबह जब सोकर उठते हैं तो हमारा शरीर फ्रेश लगने के बजाए थका हुआ और भारी भारी लगने लगता है। वास्तु गुरु के अनुसार, कपल्स के कमरे में बेड के ठीक सामने आईना नहीं होना चाहिए। बेड के ठीक सामने आईना होने से पति पत्नी के बीच बिना बात के बहस, मतभेद और तनाव बढ़ने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, आईना आपसी गुस्से और चिढ़चिढ़ेपन को दोगुना करके वापस उनकी तरफ ही रिफ्लेक्ट करता है। जिससे रिश्ते का प्यार और शांति कम होने लगती है। घर में जो सदस्य बीमार है उनके बेड के सामने रात के समय आईना बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। क्योंकि, रात में सोते समय बीमारी और थकान की नकारात्मक ऊर्जा आईने के टकराकर दोगुना हो जाती है जिससे उनकी सेहत में सुधार होने में और ज्यादा समय लगता है। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, रात को सोते समय अगर बच्चों के बेड के सामने आईना रहता है तो इसका प्रभाव उनके दिमाग पर हो सकता है। उनके दिमाग में बेचैनी बढ़ सकती है। इस वजह से रात को उनकी नींद पूरी नहीं होती हैं। जिससे अगले दिन पढ़ाई से उनका ध्यान हटने लगता है और पढ़ाई में उनका पूरा फोकस नहीं रह पाता है। आईना से जुड़े उपाय     अगर आपके बेडरुम की बनावट इस तरह की है जिसमें आईना बेड के सामने से हटाना संभव नहीं है तो वास्तु गुरु मान्या कहती हैं कि आप उस आईने को रात में सोते समय एक कपड़े से ढक दें। ताकी सोते समय आपका आईने में प्रतिबंब न दिखाई दें।     अगर आपको आईना लगाना है तो वास्तु गुरु के अनुसार, अपने वार्डरोब के अंदर ड्रेसिंग मिरर लगाएं।     वास्तु गुरु कहती हैं कि रात को आईना देखना ठीक नहीं है। वैसे ही सुबह नींद खुलते ही आईना देखने का बजाए सबसे पहले अपने दोनों हाथों की हथेलियों का दर्शन करें।  

छत पर भूलकर भी न लगाएं ये 5 पौधे, वास्तु दोष और धन हानि से जुड़ी है मान्यता

अपने घर की छत को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए लोग अलग-अलग प्रकार के पौधे वहां लगाते हैं। लेकिन वास्तुशास्त्र कहता है कि इन पौधों को सही स्थान और दिशा में रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर अनजाने में कुछ गलत प्लांट्स घर की छत पर रख दिए जाएं, तो इससे प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह घर में तरक्की में बाधा और वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में भूलकर भी कुछ पौधों को अपने घर की छत पर नहीं रखना चाहिए। चलिए वास्तु गुरु मान्या से विस्तार से जानें कि किन-किन पौधों को गलती से भी घर की छत पर नहीं लगाना चाहिए। मनी प्लांट और बेल वाले पौधे वास्तु गुरु मान्या बताती हैं कि फैलने वाले पौधे जैसे- मनी प्लांट आदि को घर की छत पर लगाने से बचना चाहिए। वास्तुशास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट या कोई भी ऐसी बेल जो नीचे से ऊपर किसी भी सहारे के बिना छत पर बिखरी रहती है, उसे सही नहीं माना जाता है। छत पर बिखरी बेल घर की आर्थिक उन्नति को पूरी तरीके से रोक सकती है। ऐसे में इन पौधों को छत पर लगाने से बचना चाहिए। रबर प्लांट छोटे पत्तों वाले रबर प्लांट को खुली छत पर सीधी और तेज धूप में बिल्कुल भी नहीं रखना चाहिए। तेज धूप के कारण यह पौधे मुरझाने लगते हैं और छत पर मुरझाए हुए पौधै रखना वास्तुशास्त्र के अनुसार शुभ नहीं होता है। ऐसा करने से परिवार में मानसिक तनाव बढ़ सकता है। जिसके प्रभाव से फैसले लेने में भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इंडोर प्लांट को हमेशा घर में रखना चाहिए। कांटेदार पौधे घर की छत पर किसी भी तरह का कांटेदार या नुकीला पौधा रखने से परिवार के सदस्यों के बीच मानसिक तनाव और आपसी मतभेद बढ़ने लगते हैं। वास्तुशास्त्र के अनुसार, नुकीले आकार के पौधे घर में कड़वाहट और चिड़चिड़ापन ला सकते हैं। ऐसे में भूलकर भी ऐसे पौधों को घर की छत पर नहीं रखना चाहिए। ये पौधे घर में नेगेटिविटी का कारण बन सकते हैं। पीपल और बरगद का पौधा कई बार अनजाने में हवा या पक्षियों के जरिए छत की दीवारों पर गमलों में पीपल या बरगद का पौधा उग आता है। शास्त्रों और वास्तुशास्त्र में घर में पीपल या बरगद का पेड़ लगाना या उगना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु गुरु मान्या बताती हैं कि छत पर इन पौधों का होना दरिद्रता और धन हानि का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। ऐसे में इन पौधों को घर में नहीं लगाना चाहिए। बोनसाई और सूखे पौधे कहते हैं कि बोनसाई बढ़ते हुए पौधों का एक रुका हुआ रूप है, जो बच्चों की पढ़ाई और बड़ों की तरक्की के रास्ते बंद कर सकते हैं। वहीं, वास्तुशास्त्र के अनुसार सूखे हुए पौधे मृत ऊर्जा पैदा करते हैं जिससे घर में बीमारियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में भूलकर भी इन पौधों को घर की छत पर नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ सरल उपाय अगर आपकी छत पर कोई पुराना पौधा हटाना मुश्किल है, तो आप वास्तु के आसान उपाय आजमा सकते हैं-     छत के उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में एक हरा-भरा तुलसी का पौधा जरूर लगाना चाहिए। ये सभी दोषों को शांत करता है। तुलसी का पौधा हर प्रकार के दोषों को शांत करने में सहायक होता है। साथ ही, यह हर तरह की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सकती है।     छत की नियमित सफाई करें और वहां कचरे या टूटे हुए गमले बिल्कुल भी जमा न होने दें। घर की छत को हमेशा साफ और ऊर्जावान बनाएं रखना चाहिए ताकि लक्ष्मीजी का वास बना रहे।