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फेंगशुई के अनुसार घर में लगाएं ये 4 रंग, सजावट के साथ खुशहाली और तरक्की से जुड़ी हैं मान्यताएं

 घर की सजावट में रंगों का खास महत्व होता है. सही रंगों से घर का लुक तो बदलता ही है, साथ ही कमरा ज्यादा सुंदर और अच्छा भी दिखने लगता है. फेंगशुई में भी घर के रंगों को खास माना गया है. इस मान्यता के अनुसार, कुछ रंग घर में खुशहाली, तरक्की और धन से जुड़े होते हैं. इसलिए लोग घर की दीवारों, पर्दों, कुशन और सजावट की दूसरी चीजों के लिए ऐसे रंग चुनते हैं. अगर आप भी घर को नया लुक देना चाहते हैं, तो बैंगनी, गहरा नीला, हरा और सुनहरा रंग चुन सकते हैं. आइए जानते हैं कि इन रंगों को घर की सजावट में किस तरह शामिल किया जा सकता है. 1. बैंगनी रंग फेंगशुई में बैंगनी रंग को धन और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है. यह रंग घर की सजावट को खास और सुंदर लुक देता है. आप लिविंग रूम में बैंगनी रंग के पर्दे, कुशन या सजावट का सामान रख सकते हैं. अगर आपको हल्के रंग पसंद हैं, तो हल्का बैंगनी रंग भी चुन सकते हैं. बैंगनी रंग के साथ सफेद, क्रीम या सुनहरे रंग का मेल घर को सुंदर बना सकता है. 2. गहरा नीला रंग फेंगशुई में गहरे नीले रंग को पानी से जोड़ा जाता है. पानी को बहाव और बढ़ोतरी का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से गहरे नीले रंग को धन और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है. घर में इस रंग का इस्तेमाल करने के लिए नीले पर्दे, कुशन या कालीन चुन सकते हैं. चाहें तो दीवार के किसी एक हिस्से पर भी गहरा नीला रंग करवा सकते हैं. सफेद या हल्के ग्रे रंग के साथ इसका मेल अच्छा लगता है. 3. हरा रंग हरा रंग पेड़-पौधों और हरियाली से जुड़ा है. फेंगशुई में इसे तरक्की, संतुलन और धन का प्रतीक माना जाता है. घर में हरे पौधे रखने के साथ हरे रंग के गमले, कुशन और पेंटिंग भी लगा सकते हैं. अगर आप दीवारों पर हरा रंग करवाना चाहते हैं, तो हल्का हरा या ऑलिव ग्रीन चुन सकते हैं. पौधों को ऐसी जगह रखें, जहां उन्हें जरूरत के हिसाब से रोशनी मिल सके. 4. सुनहरा रंग फेंगशुई में सुनहरे रंग को धन, वैभव और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है. यह रंग घर की सजावट को खास बना सकता है. आप सुनहरे रंग के फोटो फ्रेम, टेबल लैंप, फूलदान या दूसरी छोटी सजावटी चीजें रख सकते हैं. सुनहरे रंग के साथ सफेद, क्रीम या बेज रंग का मेल घर को सुंदर लुक देता है. इस रंग का इस्तेमाल कम मात्रा में करने से सजावट भी अच्छी लगती है. घर के लिए रंग चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान घर में रंग चुनते समय कमरे के आकार, रोशनी और अपनी पसंद का ध्यान रखें. छोटे कमरों में बहुत ज्यादा गहरे रंग इस्तेमाल करने से बच सकते हैं. वहीं, हल्के रंग कमरे को खुला और रोशन दिखाने में मदद कर सकते हैं. फेंगशुई में इन रंगों को लेकर कई मान्यताएं हैं. केवल रंगों के इस्तेमाल से धन बढ़ने या आर्थिक स्थिति बदलने की गारंटी नहीं है. पैसों की बचत और सही फैसले लेना भी जरूरी है.

घर में ये 4 रंग अपनाएं, फेंगशुई के अनुसार धन-समृद्धि और खुशहाली से जुड़ी है मान्यता

घर की सजावट में रंगों की अहम भूमिका होती है. सही रंग न सिर्फ घर को खूबसूरत बनाते हैं, बल्कि वहां के माहौल को भी सुकून भरा बना सकते हैं. फेंगशुई की प्राचीन चीनी परंपरा में कुछ रंगों को धन, तरक्की और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि इन रंगों को घर की सजावट में शामिल करने से सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली को बढ़ावा मिलता है. अगर आप भी अपने घर को नया लुक देना चाहते हैं, और साथ ही पैसा और खुशहाली बढ़ाना चाहते हैं तो इन 4 रंगों को अपनी सजावट का हिस्सा बना सकते हैं. 1. बैंगनी रंग: समृद्धि और शाही अंदाज का प्रतीक फेंगशुई में बैंगनी रंग को धन, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास से जोड़कर देखा जाता है. यह रंग घर की सजावट को आकर्षक और प्रीमियम लुक देने के लिए भी पसंद किया जाता है. बैंगनी रंग का इस्तेमाल खासतौर पर उन जगहों पर किया जा सकता है, जहां आप एक अलग और खूबसूरत माहौल बनाना चाहते हैं. घर में कैसे करें इस्तेमाल: लिविंग रूम में बैंगनी रंग के कुशन, पर्दे या सजावटी सामान रख सकते हैं. अगर आप हल्का और सुकून भरा लुक चाहते हैं, तो लाइलैक रंग का विकल्प भी चुन सकते हैं. बैंगनी रंग के साथ सफेद, क्रीम या सुनहरे रंग का कॉम्बिनेशन घर की खूबसूरती बढ़ा सकता है. 2. गहरा नीला रंग: तरक्की और प्रचुरता से जुड़ी मान्यता फेंगशुई में गहरे नीले रंग को जल तत्व से जोड़ा जाता है. पानी को निरंतर प्रवाह और प्रचुरता का प्रतीक माना जाता है. इसी वजह से गहरे नीले रंग को धन और समृद्धि से संबंधित रंगों में शामिल किया जाता है. इसके अलावा, यह रंग घर की सजावट में गहराई और शांति का एहसास भी देता है. घर में कैसे करें इस्तेमाल: आप लिविंग रूम में नीले रंग के कुशन, कालीन या पर्दों का इस्तेमाल कर सकते हैं. दीवारों पर इस रंग का सीमित प्रयोग भी अच्छा विकल्प है. गहरे नीले रंग के साथ सफेद या हल्के ग्रे रंग का मेल घर को संतुलित और आकर्षक लुक दे सकता है. 3. गहरा हरा रंग: विकास और नई शुरुआत का संकेत हरा रंग प्रकृति, हरियाली और विकास से जुड़ा है. फेंगशुई की मान्यताओं में इसे तरक्की, संतुलन और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. घर में हरे रंग को शामिल करने का एक फायदा यह भी है कि यह प्राकृतिक और सुकून भरा माहौल बनाने में मदद कर सकता है. घर में कैसे करें इस्तेमाल: घर के अंदर हरे पौधे लगा सकते हैं या सजावट में हरे रंग के गमले, कुशन और पेंटिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप दीवारों पर रंग करवाना चाहते हैं, तो हल्का हरा या ऑलिव ग्रीन चुन सकते हैं. पौधों को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें पर्याप्त रोशनी और देखभाल मिल सके. 4. सुनहरा रंग: धन और सौभाग्य का प्रतीक सुनहरे रंग को फेंगशुई में धन, वैभव और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है. यह रंग घर की सजावट में रौनक और भव्यता लाता है. हालांकि, इसका इस्तेमाल संतुलित तरीके से करना जरूरी है, ताकि घर की सजावट जरूरत से ज्यादा भरी हुई न लगे. घर में कैसे करें इस्तेमाल: सुनहरे रंग के फोटो फ्रेम, टेबल लैंप, सजावटी फूलदान या छोटे डेकोरेटिव आइटम इस्तेमाल कर सकते हैं. लिविंग रूम में सुनहरे रंग की हल्की झलक देने के लिए इसे सफेद, बेज या क्रीम रंग के साथ मिलाया जा सकता है. घर में रंग चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान घर की सजावट के लिए रंग चुनते समय कमरे के आकार, प्राकृतिक रोशनी और अपनी पसंद का ध्यान रखना चाहिए. गहरे रंग छोटे कमरे को अपेक्षाकृत भरा हुआ दिखा सकते हैं, इसलिए उनका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना बेहतर हो सकता है. वहीं, हल्के रंग कमरे को खुला और रोशन दिखाने में मदद कर सकते हैं. फेंगशुई में बताए गए रंगों का संबंध पारंपरिक मान्यताओं से है. इन रंगों के इस्तेमाल से धन आने या आर्थिक स्थिति बदलने की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है. वास्तविक आर्थिक मजबूती के लिए बचत, बजट और सही वित्तीय फैसले महत्वपूर्ण हैं.

उत्तर-पूर्व दिशा में इन चीजों को रखने से बचें, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को बहुत ही शुभ मानते हैं। जानें यहां पर किन चीजों को रखने से बचना चाहिए?  ईशान कोण में क्या ना रखें? वास्तु शास्त्र में कुछ दिशाओं को बहुत ही शुभ माना जाता है और इन्हीं में से एक है ईशान कोण। शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को ही ईशान कोण कहा जाता है। इस दिशा को बहुत ही खास मानते हैं और यहां पर कुछ चीजों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है। जानें ये दिशाएं कौन सी हैं? सबसे पवित्र कोना है ईशान कोण शास्त्र के अनुसार घर के उत्तर और पूर्व दिशा के बीच वाले कोने को ही ईशान कोण कहते हैं। मान्यता है कि यहां पर सबसे ज्यादा पॉजिटिव एनर्जी रहती है। इस दिशा में पूजा करना और ध्यान वगैरह लगाना बहुत ही खास माना जाता है। ऐसे में इस दिशा को हमेशा खुला, साफ और हल्का रखने की कोशिश करनी चाहिए। ईशान कोण में ना रखें भारी सामा ईशान कोण की ओर आप भूलकर भी कोई भारी सामान ना रखें। इस दिशा में अलमारी, बेड, सोफा या फिर लोहे का कोई भी भारी सामान रखने से बचें। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो घर में वास्तु दोष लगने का डर होगा। उत्तर-पूर्व दिशा में ना रखें जूते-चप्पल नियम के अनुसार घर की इस दिशा में कोई भी ऐसा सामान या चीज ना रखें जिससे गंदगी हो। यहां पर जूते-चप्पल ना निकालें। इसके अलावा कूड़ेदान रखने से भी बचें। आप इस दिशा को जितना साफ रखेंगे उतना ही अच्छा होगा और इससे घर का माहौल भी अच्छा बनेगा। ईशान कोण में ना बनवाएं ये 2 चीजें वास्तु शास्त्र के अनुसार ईशान कोण की ओर कभी भी किचन ना बनवाएं। यहां पर बाथरूम भी बनवाना सही नहीं मानते हैं। अगर इस दिशा में ये गलती की जाए तो कई काम में बाधाएं आनी शुरू हो सकती है। ऐसे में घर बनवाते समय इन बातों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। सफाई से जुड़ी चीजें ना रखें ईशान कोण में कभी भी सफाई से जुड़ी चीजें जैसे झाड़ू या फिर पोछा वगैरह रखने से बचें। वास्तु मान्यता के हिसाब से ईशान कोण वाला कोना पवित्र होता है तो ऐसे में यहां पर इन चीजों को रखने से बचना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि ये जगह हल्की और खाली ही रहे। ईशान कोण में क्या रखें? अब सवाल ये है कि आखिर ईशान कोण की साइड कौन सी चीजें रख सकते हैं? वास्तु नियम के हिसाब से यहां पर पानी से भरा कटोरा रख सकते हैं जिसे उरली भी कहा जाता है। आप हर सुबह इसका पानी बदलकर इसमें फूल डाल सकते हैं। इसके अलावा इस दिशा में तुलसी का पौधा रखना भी शुभ होता है।    

मनी प्लांट लगाते समय न करें ये 5 गलतियां, वास्तु के अनुसार घर में कहां रखना माना जाता है शुभ?

Money Plant: मनी प्लांट को घर की सजावट के लिए काफी पसंद किया जाता है. इसकी हरी पत्तियां घर को सुंदर बनाती हैं, कम देखभाल में भी यह पौधा आसानी से बढ़ता है.  वास्तु शास्त्र में भी मनी प्लांट को धन, तरक्की और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है. हालांकि, इससे जुड़ी कुछ मान्यताएं हैं, जिनके अनुसार पौधे को सही दिशा और जगह पर रखना जरूरी माना जाता है.  आइए जानते हैं कि मनी प्लांट कहां नहीं लगाना चाहिए, इसकी देखभाल करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 1. उत्तर-पूर्व दिशा में रखने से बचें वास्तु मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए.  इस दिशा को ईशान कोण कहा जाता है.  मान्यता है कि इस दिशा में मनी प्लांट रखने से वास्तु संतुलन प्रभावित हो सकता है.  हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 2. तेज धूप में न रखें मनी प्लांट को ऐसी जगह रखने से बचें, जहां दिनभर सीधी और तेज धूप पड़ती हो.  इससे इसकी पत्तियां पीली या झुलसी हुई दिख सकती हैं.  पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां पर्याप्त लेकिन अप्रत्यक्ष रोशनी मिले.  सही रोशनी और जरूरत के अनुसार पानी देने से पौधा स्वस्थ रह सकता है. 3. बेल को जमीन पर न फैलने दें वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट की बेल का ऊपर की ओर बढ़ना तरक्की का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसकी बेल को जमीन पर फैलने देने के बजाय किसी स्टैंड, जाली या सहारे की मदद से ऊपर चढ़ाया जा सकता है.  इससे पौधा व्यवस्थित भी दिखता है. उसकी देखभाल करना भी आसान होता है. 4. बेड के बिल्कुल पास न रखें कुछ वास्तु मान्यताओं में मनी प्लांट को सोने की जगह के बिल्कुल पास रखने से बचने की सलाह दी जाती है.  अगर आप इसे बेडरूम में रखना चाहते हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले, वह आने-जाने में परेशानी न पैदा करे.  पौधे को बेड के पास रखने से नुकसान होने का कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. 5. सूखी पत्तियों और खराब गमले पर दें ध्यान मनी प्लांट की पत्तियां सूखने या पीली पड़ने लगें, तो उनकी वजह जानना जरूरी है.  जरूरत से ज्यादा पानी, कम रोशनी या पानी की निकासी ठीक न होने से भी ऐसा हो सकता है.  सूखी पत्तियों को हटा दें और अगर गमला टूटा हुआ है या उसमें पानी जमा रहता है, तो उसे बदल दें.  गमले में पानी निकलने के लिए छेद होना चाहिए. मनी प्लांट लगाने की सही दिशा क्या है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को अच्छा माना जाता है.  इसे शुक्र ग्रह और सुख-समृद्धि से जोड़ने की मान्यता है.  इसलिए कई लोग इस दिशा में मनी प्लांट लगाना पसंद करते हैं.  ध्यान रखें कि दिशा से धन बढ़ने या आर्थिक स्थिति बदलने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.  पौधे को ऐसी जगह रखना ज्यादा जरूरी है, जहां उसे सही रोशनी, पानी और बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.

शारदीय नवरात्रि 2026: पूजा से पहले घर से हटा दें ये 5 चीजें, मां दुर्गा के स्वागत की करें तैयारी

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत कल यानि 11 अक्टूबर 2026, रविवार से होने जा रही है. यह पर्व पूरे नौ दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. इस दौरान कई भक्त व्रत रखते हैं और कलश स्थापना कर मां दुर्गा से सुखी जीवन की कामना करते हैं. वहीं, नवरात्रि आने से पहले घरों में साफ-सफाई और पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,  घर में मौजूद कई चीजों की वजह से नकारात्मकता बढ़ सकती है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर से लेकर दूसरे कमरों तक की सफाई कर लेनी चाहिए. अगर आपके घर में भी ये चीजें रखी हैं, तो नवरात्र शुरू होने से पहले इन्हें घर से हटा देना चाहिए. तो आइए जानते हैं, नवरात्रि से पहले घर से कौन-कौन सी चीजें हटा देनी चाहिए. टूटी हुई भगवान की मूर्तियां नवरात्रि से पहले घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई कर लें. वहां रखी मूर्तियों को भी देखें. अगर कोई मूर्ति टूटी हुई है, तो उसे पूजा घर से हटा दें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, टूटी हुई मूर्तियों को मंदिर में नहीं रखना चाहिए. इसलिए उन्हें पूरे सम्मान के साथ विसर्जित कर दें. सूखे और मुरझाए पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के लिए लोग कई तरह के पौधे लगाते हैं, लेकिन समय पर देखभाल न होने की वजह से कुछ पौधे सूख जाते हैं. इसलिए नवरात्रि से पहले ऐसे पौधों को देखें और जो पौधे पूरी तरह सूख चुके हैं, उन्हें हटा दें. पुरानी और टूटी झाड़ू हिंदू धर्म में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है.  इसलिए इसे सही तरीके से रखना चाहिए. अगर घर की झाड़ू टूट गई है या खराब हो गई है, तो उसकी जगह नई झाड़ू ले आएं. इस बात का भी ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को भी घर में इधर-उधर बिखेरकर न रखें.  बंद घड़ी और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान अगर घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करवा लें या घर से हटा दें. इसी तरह खराब बिजली के उपकरणों को भी घर में जमा करके न रखें. वास्तु के अनुसार, बंद घड़ी को तरक्की में रुकावट से जोड़कर देखा जाता है. टूटे बर्तन और खराब कांच का सामान नवरात्रि से पहले रसोई और घर के बाकी हिस्सों की भी अच्छी तरह सफाई कर लें. टूटे बर्तन, चटका हुआ कांच और बेकार सामान घर में जमा न रखें. इससे घर में जगह घिरती है और टूटे कांच से चोट लगने का खतरा भी रहता है. इसलिए सफाई करते समय ऐसे सामान को सावधानी से हटाएं. नवरात्रि से पहले घर की सफाई क्यों है जरूरी? नवरात्रि में भक्त अपने घरों में घटस्थापना करते हैं. इसलिए पूजा घर और उसके आसपास की जगह को साफ रखें. घर से बेकार सामान हटा दें और पूजा की सामग्री को सही तरीके से रखें. इससे घर साफ रहेगा और त्योहार की तैयारी करना भी आसान होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घर में पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है. इसलिए नवरात्रि शुरू होने से पहले घर को व्यवस्थित करें. साथ ही,  मां दुर्गा की पूजा की तैयारी श्रद्धा के साथ करें.  

Vastu Tips: हाथ से दीया, नमक या दूध गिरना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें मान्यताएं

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में हमारे आसपास रखी हर छोटी-बड़ी वस्तु का संबंध हमारी सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा गया है. कई बार हम दैनिक जीवन में होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं जैसे हाथ से किसी चीज का छूटकर गिर जाने को एक लापरवाही या इत्तेफाक मानकर टाल देते हैं. लेकिन, वास्तु और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कुछ खास चीजों का बार-बार या अचानक हाथ से गिरना भविष्य में आने वाली परेशानियों या अशुभ घटनाओं का संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं जिनका गिरना अशुभ माना जाता है. पूजा के दौरान हाथ से दीया गिरना हिंदू संस्कृति में पूजा-पाठ का विशेष महत्व है. यदि पूजा या आरती करते समय अचानक आपके हाथ से जलता हुआ दीपक या दीया छूटकर गिर जाए, तो इसे बेहद अशुभ माना जाता है. वास्तु के अनुसार, यह इस बात का संकेत हो सकता है कि भगवान आपकी पूजा से पूर्णतः संतुष्ट नहीं हैं या भविष्य में आपके घर पर कोई आर्थिक संकट या बड़ी विपत्ति आ सकती है. हाथ से नमक का गिरना वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोईघर में इस्तेमाल होने वाला नमक सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसका गहरा संबंध ज्योतिष में शुक्र और चंद्र ग्रह से माना जाता है. यदि आपके हाथ से नमक बार-बार नीचे गिरता है, तो इसे दरिद्रता और आर्थिक तंगी का संकेत माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, नमक का गिरना आपसी रिश्तों में खटास और पारिवारिक कलह का कारण भी बन सकता है. दूध का उबलकर गिरना या छलकना घर में दूध का उबलकर गैस पर गिरना या बर्तन से छलकना बहुत आम बात है, लेकिन ज्योतिषीय नजरिए से इसे शुभ नहीं माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि दूध का गिरना घर में मानसिक अशांति, नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश और धन-हानि का संकेत देता है. विशेषकर चंद्रमा के कमजोर होने पर इस तरह की घटनाएं अधिक होती हैं. तेल का जमीन पर गिरना भोजन पकाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों या अन्य तेल यदि अचानक बर्तन से गिर जाए या शीशी टूट जाए, तो इसे बहुत बड़ा अपशकुन माना जाता है. वास्तु के मुताबिक, तेल का गिरना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में आपको किसी गंभीर आर्थिक नुकसान या कार्यक्षेत्र में भारी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है. पूजा की थाली या सामग्री का बिखरना अगर पूजा की थाली या उसमें रखी रोली, चावल, फूल आदि सामग्री अचानक आपके हाथों से बिखर जाए, तो यह घर के किसी सदस्य के अस्वस्थ होने या किसी अप्रिय घटना के घटने की ओर इशारा करता है. इसे घर की ऊर्जा में आए नकारात्मक बदलाव का संकेत माना जाता है.

Tulsi Vastu Tips: घर की इस दिशा में भूलकर भी न रखें तुलसी, जानें सही जगह और जरूरी नियम

 हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र पौधा माना जाता है. इसे भगवान विष्णु का प्रिय माना जाता है. मान्यता है कि जिस घर में नियमित रूप से तुलसी की पूजा-अर्चना होती है, वहां सकारात्मक माहौल बना रहता है और परिवार पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है. वास्तु शास्त्र में भी तुलसी को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. वास्तु के अनुसार, सही स्थान पर तुलसी का पौधा रखने से घर का वातावरण बेहतर और खुशहाल बना रहता है. लेकिन गलत स्थान पर रखने से इसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसे किस दिशा में रखना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इस दिशा में तुलसी रखने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर की दक्षिण दिशा में रखने से बचना चाहिए. इस दिशा का संबंध पितरों और यमराज से माना जाता है. वहीं, तुलसी के पौधे के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना गया है. तुलसी के पास न हो अंधेरा तुलसी के पौधे को हमेशा ऐसे स्थान पर रखें जहां पर धूप आती हो. यदि आपके घर में तुलसी के पौधे को अंधेरे कोने या ऐसे स्थान पर रखा गया है, जहां पर रोशनी नहीं पहुंचती तो अच्छा नहीं माना जाता है. पौधे तक पहुंचनी चाहिए पर्याप्त रोशनी घर में तुलसी का पौधा लगाते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि उसे पर्याप्त रोशनी मिलती रहे. पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां दिन के समय धूप पहुंच सके. घर का बंद या अंधेरा कोना, जहां सूरज की किरणें नहीं आतीं, तुलसी के लिए शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए इसे साफ, खुली और रोशनी वाली जगह पर ही रखने की कोशिश करें. तुलसी के आसपास रखें साफ-सफाई तुलसी के पौधे के आसपास हमेशा साफ-सफाई बनाए रखना चाहिए. उसके पास जूते-चप्पल, इस्तेमाल किए हुए कपड़े, कूड़ा या झाड़ू जैसी चीजें रखने से बचें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी को पवित्र पौधा माना जाता है, इसलिए इसकी देखभाल करते समय सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. तुलसी को सीधे जमीन में लगाने से बचें वास्तु के अनुसार, तुलसी को सीधे जमीन में लगाने के बजाय गमले में रखना अधिक शुभ माना जाता है. इसलिए, घर के आंगन या खुले स्थान में भी तुलसी के लिए अलग गमले का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है.

Navratri Vastu Tips: माता रानी को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र से पहले घर से बाहर करें ये 5 अशुभ चीजें

नवरात्र का पावन त्योहार आने वाला है. ऐसे में हर कोई अपने घर की साफ-सफाई में जुट जाता है.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि केवल घर की धूल-मिट्टी साफ करना ही काफी नहीं है? वास्तु शास्त्र के मुताबिक, घर में रखी कुछ टूटी-फूटी और बेकार चीजें नकारात्मक ऊर्जा (बुरी ऊर्जा) को बढ़ावा देती हैं.  इससे मां दुर्गा और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं.  अगर आप चाहते हैं कि नवरात्र में माता आपके घर में आएं और खूब तरक्की हो, तो इन 5 चीजों को तुरंत घर से बाहर कर दें. घर से तुरंत हटाएं ये 5 चीजें: 1. सूखी तुलसी और कांटेदार पौधे तुलसी को बहुत पवित्र माना जाता है. अगर आपके घर में तुलसी का पौधा सूख गया है, तो उसे तुरंत हटा दें, क्योंकि सूखा पौधा घर में गरीबी और उदासी लाता है.  इसके अलावा, घर के अंदर कांटेदार पौधे (जैसे कैक्टस) भी नहीं रखने चाहिए. क्या करें: सूखे पौधे को मिट्टी में दबा दें या किसी नदी में प्रवाहित कर दें. इसकी जगह नया और हरा-भरा तुलसी या मनी प्लांट का पौधा लगाएं. 2. टूटी हुई मूर्तियां और तस्वीरें पूजा घर में कभी भी देवी-देवताओं की टूटी हुई मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरें नहीं रखनी चाहिए.  इससे घर में वास्तु दोष लगता है. क्या करें: अगर मूर्ति मिट्टी की है, तो उसे पानी में बहा दें. अगर किसी और धातु की है, तो उसे किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं. 3. टूटी या पुरानी झाड़ू झाड़ू का संबंध माता लक्ष्मी से होता है. घर में टूटी हुई या बहुत पुरानी झाड़ू रखने से तंगी आ सकती है. क्या करें: नवरात्र शुरू होने से पहले पुरानी झाड़ू फेंक दें और नई झाड़ू खरीद लें. 4. एक्सपायर्ड दवाइयां और टूटे बर्तन घर में एक्सपायर्ड दवाइयां, पुराने कागज, चटके हुए बर्तन या टूटा हुआ कांच बिल्कुल न रखें.  इन चीजों से घर में बीमारी और मानसिक तनाव बढ़ता है. क्या करें: इन सारी बेकार और टूटी-फूटी चीजों को तुरंत घर से बाहर निकाल कर फेंक दें. 5. बंद घड़ियां और खराब सामान घर में बंद पड़ी घड़ी इस बात का संकेत है कि आपका अच्छा समय रुक गया है. इससे घर के लोगों में आलस बढ़ता है. साथ ही, खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान भी घर की तरक्की रोकते हैं. क्या करें: बंद घड़ी को तुरंत ठीक करवाएं या बैटरी बदलें. खराब पड़े कबाड़ और इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी घर से हटा दें. नवरात्र के पहले दिन जरूर करें ये काम: मुख्य द्वार को सजाएं: नवरात्र के पहले दिन घर के मुख्य द्वार को अच्छे से साफ करें. स्वास्तिक बनाएं: मुख्य द्वार पर हल्दी और पानी से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं. तोरण लगाएं: माता के स्वागत के लिए आम या अशोक के पत्तों की माला (तोरण) मुख्य दरवाजे पर जरूर बांधें.  इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है.

घर में इस दिशा में रखें ब्रह्मकमल का पौधा, खिलने पर शुभ मानी जाती है इसकी पंखुड़ियां

ब्रह्म कमल (Saussurea obvallata) हिमालय में मिलने वाला पवित्र और दुर्लभ फूलों में से है, जिसे वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है. इसे क्वीन ऑफ नाइट (Queen of Night) भी कहा जाता है क्योंकि यह फूल सिर्फ रात में खिलता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसे खिलते हुए देखना बहुत सौभाग्य की बात मानी जाती है, इसलिए लोग इसे देखने के लिए उत्तराखंड की 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (Valley of Flowers) तक जाते हैं. लेकिन, हर किसी के लिए पहाड़ की इतनी ऊंचाई पर जाकर इसे देखना मुमकिन नहीं है. ऐसे में सवाल आता है कि क्या इसे घर पर उगाया जा सकता है. इसका जवाब है हां. आप इसे अपने घर पर भी उगा सकते हैं, बस इसके लिए आपको कुछ खास सावधानियां रखनी होंगी और सही माहौल देना होगा. क्या है ब्रह्म कमल? ब्रह्म कमल (Brahma Kamal) हिमालय में उगने वाली एक खास जड़ी-बूटी मानी जाती है. यह फूल भारत, नेपाल, भूटान और दक्षिण-पश्चिम चीन के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में पाया जाता है. यह फूल ठंडे तापमान में ही उगता है. इसके कटोरे जैसे फूल बड़े बड़े पत्तों के बीच छुपे रहते हैं. ये रात में खिलता है और सुबह होते ही मुरझा जाते हैं. इसी वजह से इसे देखना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है. ब्रह्म कमल को 'स्टेट फ्लावर ऑफ उत्तराखंड यानी राजकीय पुष्प' भी माना जाता है. साथ ही, ब्रह्म कमल की तस्वीर को भारतीय डाक टिकट पर भी छापा जाता था. ब्रह्म कमल की शुभ दिशा हिंदू धर्म की मान्यताओं के मुताबिक, ब्रह्म कमल को बेहद पवित्र माना जाता है. इसका संबंध सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा से भी जोड़ा जाता है. वहीं, वास्तु शास्त्र के मुताबिक भी, यह पुष्प बहुत ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इसे घर की कुछ खास जगहों, जैसे घर के बीचों-बीच यानी ब्रह्मस्थान या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक माहौल बना रहता है. ब्रह्म कमल की पौराणिक मान्यता ब्रह्म कमल को आम पौधों से बिल्कुल अलग बनाती है इसकी दुर्लभता. यह पौधा प्राकृतिक रूप से केवल जंगलों और पहाड़ी इलाकों में उगता है और इसका खिलना एक बेहद खास अनुभव माना जाता है. इसके फूल आमतौर पर सिर्फ रात में खिलते हैं और कुछ घंटों के बाद ही बंद हो जाते हैं. क्या ब्रह्म कमल घर में उगाया जा सकता है? जी हां, घर में भी ब्रह्म कमल उगाया जा सकता है. लेकिन, इसके लिए एकदम ठंडा तापमान होना चाहिए. इसको बाकी फूलों की तरह घर के अंदर उगाना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन, सही देखभाल और थोड़ी सी कोशिश से आप इस पवित्र पौधे को अपने घर में भी उगा सकते हैं. आइए जानते हैं इसे घर पर उगाने का आसान तरीका. ये रहना चाहिए तापमान- ब्रह्म कमल ठंडी और ऊंची जगहों पर अच्छे से बढ़ता है. इसे ज्यादा गर्मी और उमस बिल्कुल पसंद नहीं है. घर में आप इसे किसी ठंडी और छायादार जगह पर रख सकते हैं. अगर घर में एसी (AC) है, तो उसके आसपास की ठंडी जगह भी इसके लिए अच्छी रहती है. इस पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए? ब्रह्म कमल के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए जिससे पानी आसानी से बाहर निकल जाए. इसके लिए आप रेत, मिट्टी और कोकोपीट को मिलाकर सही मिश्रण तैयार कर सकते हैं. साथ ही, इस पौधे को गमले में लंबे समय तक पानी में नहीं रखना चाहिए. – ऐसी चाहिए रोशनी ब्रह्म कमल को तेज धूप से बचाना चाहिए. खास तौर पर दोपहर की सीधी धूप से इसकी पत्तियां पीली पड़ सकती हैं या मुरझा सकती हैं. इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न पड़े. – पानी देने का सही तरीका इस पौधे को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है. जब गमले की मिट्टी पूरी तरह सूख जाए, तभी पानी डालें. ज्यादा पानी देने से पौधे को नुकसान हो सकता है. – ब्रह्म कमल पौधा उगाने का तरीका बीज से पौधा उगाने में काफी समय लग सकता है, इसलिए घर पर इसे पत्तियों की कटिंग (Cutting) से उगाना ज्यादा आसान होता है. पत्ती को काटकर उसके कटे हिस्से को कुछ दिन सूखने दें ताकि उस पर हल्की परत जम जाए. इसके बाद इसे तैयार मिट्टी में लगा दें और गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की और छनकर रोशनी आती हो. – उगाने में आएंगी ये मुश्किलें घर पर ब्रह्म कमल उगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि इसकी ग्रोथ बहुत धीमी होती है और फूल आने में कई साल लग जाते हैं. सबसे जरूरी है कि पौधे के आसपास का तापमान ठंडा और एक जैसा रहे. बार-बार गमला बदलने या पानी देने में लापरवाही करने से पौधा खराब हो सकता है.

तुलसी का पौधा घर की इन 7 जगहों पर भूलकर भी न रखें, वास्तु में माना जाता है अशुभ

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बेहद पवित्र माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु को प्रिय माना गया है. यही वजह है कि कई घरों में रोजाना तुलसी की पूजा की जाती है और शाम के समय इसके पास दीपक जलाया जाता है. वास्तु शास्त्र में भी तुलसी के पौधे को घर में रखने के लिए कुछ दिशाओं और स्थानों को शुभ माना गया है. वहीं, कुछ जगहों पर तुलसी का पौधा लगाने से बचने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि गलत स्थान पर तुलसी रखने से इसके शुभ प्रभाव कम हो सकते हैं. आइए जानते हैं घर की किन 7 जगहों पर तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए. दक्षिण दिशा में न रखें तुलसी वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा दक्षिण दिशा में लगाने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यता में दक्षिण दिशा का संबंध यमदेव से माना जाता है. इसलिए तुलसी के लिए इस दिशा को उपयुक्त नहीं माना जाता. वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे के लिए उत्तर, पूर्व और ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है. बेडरूम में तुलसी का पौधा न रखें तुलसी को पूजनीय और पवित्र पौधा माना जाता है. इसलिए इसे बेडरूम में रखने की सलाह नहीं दी जाती. धार्मिक परंपरा में तुलसी के लिए ऐसा स्थान चुनने की बात कही जाती है, जो साफ-सुथरा और शांत हो. बाथरूम या शौचालय के पास न लगाएं तुलसी का पौधा बाथरूम या शौचालय के आसपास भी नहीं रखना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन स्थानों को तुलसी जैसे पवित्र पौधे के लिए उचित नहीं माना जाता. इसलिए तुलसी को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा सके. अंधेरी जगह पर तुलसी न रखें तुलसी के पौधे को ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां पर्याप्त रोशनी या हवा न पहुंचती हो. बंद कमरे या घर के किसी अंधेरे कोने में तुलसी रखने से पौधे की सेहत भी प्रभावित हो सकती है. इसलिए ऐसी जगह चुनना बेहतर माना जाता है, जहां पौधे को पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और हवा मिल सके. चूल्हे के बिल्कुल पास न रखें वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी का पौधा रसोई में चूल्हे के बिल्कुल पास नहीं रखना चाहिए. ज्यादा गर्मी और धुआं पौधे को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए अगर तुलसी को रसोई के आसपास रखा भी जाए तो उसे चूल्हे से पर्याप्त दूरी पर रखना चाहिए. कूड़ेदान या गंदगी वाली जगह से दूर रखें तुलसी को पवित्र पौधा माना जाता है. इसलिए इसे कूड़ेदान, गंदगी या किसी ऐसे स्थान के पास नहीं रखना चाहिए जहां साफ-सफाई न रहती हो. धार्मिक परंपराओं में तुलसी के आसपास का स्थान साफ रखने और नियमित रूप से इसकी देखभाल करने पर जोर दिया जाता है. सीढ़ियों के नीचे न लगाएं घर में सीढ़ियों के नीचे तुलसी का पौधा लगाने से भी बचना चाहिए. ऐसी जगह पर अक्सर पर्याप्त रोशनी और हवा नहीं मिलती. इसके अलावा लगातार आवाजाही के कारण पौधे की देखभाल भी ठीक से नहीं हो पाती. इसलिए तुलसी के लिए ऐसी जगह चुनने की सलाह दी जाती है जहां वह खुली जगह में रहे और उसकी नियमित देखभाल की जा सके. तुलसी के लिए कौन सी दिशा शुभ मानी जाती है? वास्तु मान्यताओं के अनुसार तुलसी के पौधे के लिए उत्तर, पूर्व और ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है. इन दिशाओं में तुलसी का पौधा रखने की परंपरा कई घरों में देखने को मिलती है. तुलसी को नियमित रूप से पानी देना, उसके आसपास साफ-सफाई रखना और शाम के समय दीपक जलाना भी धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है.