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विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ‘यह प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा

धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का पारित होना प्रदेशवासियों के लिए साबित होगा वरदान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के पारित होने से धर्मांतरण पर लगेगी रोक,अवैध धर्मांतरण के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में विभिन्न वर्गो के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की और बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान कर आभार जताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026,छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल  विधेयक 2026 एवं छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना पूरे प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। इनमें धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों को सुरक्षित रखने का एक स्पष्ट संकल्प है। इसी तरह अन्य दो विधेयक भी पारदर्शिता के साथ भर्ती के लिए अहम साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबी लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ  सख्त कानून बनाने की मांग कर रहे थे। इस मांग के अनुरूप हमने छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस संबंध में कानून बना था पर यह कानून उतना प्रभावी नहीं था, जिस कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले लोग बच जाते थे। प्रदेश में धर्मांतरण के कारण कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तानाबाना भी बिगड़ रहा था, जिससे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही थी। इस बिल के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर अंकुश लगाया जाएगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के खिलाफ प्रखर मुहिम छेड़ कर "घर वापसी" अभियान चलाया था। इसी तरह हमारी सरकार की पहल पर  प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज को सुनते हुए सरल एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया गया है। इसी तरह परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने एवं नकल जैसे प्रकरणों पर अंकुश लगाने  छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026 पारित किया गया है। यह दोनों  सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं एवं बधाई दी। इस अवसर पर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी,  रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू: कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में तैयारियों को लेकर दिए गए निर्देश

रायपुर : कलेक्टर कॉन्फ्रेंस 2025 : 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, कलेक्टरों को धान खरीदी की तैयारियां करने के निर्देश रायपुर धान खरीदी में अनियमितता पाए जाने पर  कलेक्टर होंगे जिम्मेदार प्रभारी सचिवों को जिलों में धान खरीदी की पैनी निगरानी करने के निर्देश संवेदनशील केंद्रों की गहन निगरानी करने के निर्देश पूरी पारदर्शिता और सुगमता के साथ हो धान खरीदी की पुख्ता व्यवस्था इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बढ़ेगी चौकसी अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में करें विशेष निगरानी विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के पंजीयन की हो सुगम व्यवस्था कलेक्टरों को विशेष शिविरों के माध्यम से शत प्रतिशत पंजीयन करने के निर्देश प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में न छूटें कोई पात्र किसान योजना का लाभ दिलाने समय सीमा निर्धारित कर काम करें कलेक्टर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन की कमिश्नर करें समीक्षा बस्तर और सरगुजा संभाग में संवेदनशीलता के साथ विशेष फोकस करें अधिकारी

बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण हेतु रायगढ़ में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपे अनुबंध पत्र फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को मिला रेडी टू ईट निर्माण का कार्य: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी बच्चों के पोषण अभियान के साथ महिलाओं की आर्थिक समृद्धि को मजबूती देगी यह पहल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड का महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा वितरण रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए रेडी टू ईट निर्माण का कार्य पुनः महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्णय पर अमल की पहल की शुरुआत आज रायगढ़ जिले से की गई है। रायगढ़ जिले के सभी 2709 आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट फूड अब महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में 10 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी टू ईट निर्माण एवं वितरण के लिए अनुबंध पत्र सौंपे। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, महापौर जीवर्धन चौहान एवं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट) के निर्माण एवं वितरण का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह कार्य प्रारंभिक चरण में 6 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जाएगा। रायगढ़ इस पहल का पहला जिला बना है, जहाँ 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समूहों की बहनें अब आंगनबाड़ी के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ-साथ इस कार्य से अपनी आमदनी भी बढ़ाएंगी, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। यह योजना महिलाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। साथ ही, बच्चों को पोषण युक्त आहार प्रदान कर राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि विगत डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अधिकांश कार्यों को धरातल पर उतारा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस वितरण, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि, तेन्दूपत्ता संग्रहण दर में  5500 रुपये प्रति मानक बोरा की वृद्धि तथा चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत जैसे कार्य इसके सशक्त उदाहरण हैं। साथ ही, रामलला दर्शन योजना एवं तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक प्रदेश की 1,460 पंचायतों में ऐसे सेवा केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों माताएं और बहनें सरल, सुरक्षित और सुलभ बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। आने वाले समय में शेष पंचायतों को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सतत कार्य कर रही है। पूरे देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का जो लक्ष्य रखा गया है, उसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। इसी दिशा में रेडी टू ईट योजना प्रारंभ की जा रही है, जिसके प्रथम चरण में 6 जिलों को शामिल किया गया है। रायगढ़ ऐसा पहला जिला है जहाँ महिला समूहों को अनुबंध पत्र सौंपे गए हैं। वित्त मंत्री ने अनुबंध प्राप्त सभी महिला समूहों से गुणवत्ता युक्त कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि वे इस योजना को एक आदर्श मॉडल के रूप में प्रस्तुत करें। यह पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य के पोषण अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में रेडी टू ईट कार्य हेतु 10 महिला समूहों का चयन किया गया है, जिन्हें अनुबंध पत्र प्रदान किए गए हैं। इन समूहों को रेडी टू ईट यूनिट की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत उद्योग विभाग द्वारा पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी।रायगढ़ जिले की सभी परियोजनाओं रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट वितरण हेतु महिला समूहों का चयन किया गया है।