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आर अश्विन का खुलासा: विराट कोहली के एटीट्यूड को लेकर क्यों कही ये चौंकाने वाली बात

नई दिल्ली दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली पिछले कुछ समय से गजब की फॉर्म में हैं। 37 वर्षीय क्रिकेटर ने अपने वनडे भविष्य को लेकर चल रही बहस को लगभग खत्म कर दिया है। वह पिछले साल अक्टूबर में वापसी के बाद से भारतीय टीम के लिए लगातार पांच 50 प्लस स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने हाल ही में वडोदरा में भारत बनाम न्यूडीलैंड पहले वनडे में 93 रनों की पारी शानदार पारी खेली। भारत को इस मैच में चार विकेट से रोमांचक जीत मिली थी। भारत के पूर्व स्पिनर अश्विन ने कोहली की शान में कसीदा पढ़ा है। उन्होंने कोहली के माइंडसेट को लेकर कहा कि वह अपने पुराने दिनों की तरह खेल का मजा ले रहे हैं। अश्विन को लगता है कि कोहली का फिलहाल बैटिंग के मामले में बचपन जैसा एटीट्यूड नजर आ रहा।   'कोहली के दिमाग में कुछ नहीं चल रहा' अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "ऐसा लगता है कि उनके दिमाग में कुछ नहीं चल रहा है। आपने मुझसे पूछा कि उन्होंने क्या बदलाव किया है? उन्होंने कुछ नहीं बदला है। वह किसी चीज के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने फैसला किया है कि वह बस अपने क्रिकेट का मजा लेना चाहते हैं। ऐसा लगता है कि वह बचपन में बैटिंग करने के एटीट्यूड की तरह खेल रहे हैं और साथ ही इतने साल का अनुभव भी है।" कोहली वडोदरा में इंटरनेशनल क्रिकेट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले क्रिकेटर बने। उन्होंने श्रीलंका के कुमार संगकारा (28016) को पछाड़ा। कोहली से आगे सचिन तेंदुलकर (34357) हैं। 'भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं' पूर्व स्पिनर ने कोहली के अलावा उपकप्तान श्रेयस अय्यर की तारीफ की, जिन्होंने पहले वनडे में कमबैक करते हुए 47 गेंदों में 49 रन बनाए। उन्होंने चार चौके और एक छक्का लगाया। मध्य क्रम के बल्लेबाज अय्यर स्प्लीन इंजरी के कारण अक्टूबर से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर थे। अश्विन ने कहा, “हम जानते हैं कि श्रेयस वनडे क्रिकेट में भारत के लिए मिस्टर कंसिस्टेंट रहे हैं। उनका आउट होना श्रेयस जैसा बिल्कुल नहीं था। वह कभी भी इस तरह से गेम नहीं छोड़ते। वह आमतौर पर मैच फिनिश करके लौटते हैं। हालांकि, यह बात समझ में आती है कि वह वापसी कर रहे हैं और काइल जैमीसन ने एक अच्छी बॉल डाली थी।”  

‘कोहली ने बहुत जल्द ले लिया संन्यास’—दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज ने बताई भारतीय क्रिकेट की बड़ी कमी

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड ने माना कि विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से थोड़ी जल्दी संन्यास लिया लेकिन भारतीय स्टार बल्लेबाज में इतनी भूख और जुनून है कि वह 2027 के वनडे विश्व कप तक खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए रखेंगे। डोनाल्ड ने आईपीएल के 2014-15 सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का गेंदबाजी कोच रहते हुए कोहली के साथ काम किया है।  'टेस्ट मैचों में उनकी कमी महसूस होती है' उन्होंने कोहली की वर्क इथिक्स (फिटनेस और खेन के लिए कड़ा अभ्यास) पर जोर देते हुए कहा, ‘‘आप जानते हैं, मैंने फिटनेस और खेल को लेकर जज्बे के मामले में किसी खिलाड़ी में विराट जीतनी भूख नहीं देखी। मेरे मन में उनके लिए बेहद सम्मान है। मैं अक्सर ड्रेसिंग रूम में इस बारे में बात करता हूं कि वह खुद को फिट रखने के मामले में चैंपियन है। कोई भी उनके जितना मेहनत नहीं करता। वह किसी मशीन की तरह है।” उन्होंने कहा, ‘‘मुझे वास्तव में उन्हें टेस्ट मैचों में उनकी कमी महसूस होती है। मुझे लगता है उन्होंने थोड़ा जल्दी संन्यास लिया, लेकिन मुझे कोई संदेह नहीं कि हम उन्हें सीमित ओवर प्रारूप के क्रिकेट और विश्व कप में खेलते हुए देखेंगे।” 'भारत में दुनिया के सबसे अच्छे विकेट हैं' डोनाल्ड ने यह भी कहा कि आगामी टी20 विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका ने एक संतुलित और मजबूत टीम चुनी है। सात फरवरी से शुरू होने वाले विश्व कप को भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में यह टूर्नामेंट काफी रोमांचक होने वाला है, है ना? दक्षिण अफ्रीका ने एक बहुत मजबूत टीम चुनी है। हमेशा सवाल उठते रहते हैं कि कौन नहीं गया और कौन जाना चाहिए था। मुझे लगता है कि भारत में दुनिया के सबसे अच्छे टी20 विकेट हैं। किसी भी गेंदबाज के लिए वहां खेलना बेहद कठिन है। मैंने आईपीएल में भी देखा है कि पावर प्ले में 124 रन बनना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। यह बल्लेबाजी की कला का ही कमाल है।’’ इस पूर्व महान गेंदबाज ने कहा, ‘‘अगर आप सोच समझकर गेंदबाजी करे तो मैच में आपका पलड़ा भारी रहेगा। मुझे उम्मीद है कि दक्षिण अफ्रीका फाइनल तक पहुंचेगी।” 'हम काफी समय से इंतजार कर रहे थे' यह 59 साल का खिलाड़ी एसए20 लीग की पिछली चार सत्रों में हुई प्रगति देखकर बहुत प्रसन्न हैं और उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में यह लीग और विकसित होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसके लिए काफी समय से इंतजार कर रहे थे। मुझे पिछले साल डरबन सुपर जायंट्स के साथ जुड़ने का मौका मिला था । उनके ड्रेसिंग रूम का माहौल आईपीएल जैसा महसूस होता है। यह टूर्नामेंट अभी आईपीएल जितना बड़ा नहीं है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की दृष्टिकोण से यह सर्वश्रेष्ठ है।” उन्होंने कहा, ‘‘इस लीग में शीर्ष स्तर के खिलाड़ियों के साथ युवाओं को खेलने का मौका मिल रहा है। माहौल वास्तव में शानदार है। यह बहुत ही खास अनुभव है। और हां, मुझे उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट और भी बड़ा होता जाएगा।’’  

विराट की बैटिंग में दिखा शतक वाला टच, गावस्कर बोले—पहली गेंद से साफ था इरादा

रायपुर  पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर का मानना ​​है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में शुरू से ही लग रहा था कि विराट कोहली शतक लगाने में सफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस दिग्गज बल्लेबाज ने छक्का लगाकर अपना खाता खोला और पिछले मैच के अपने आत्मविश्वास को बनाए रखा।   कोहली ने बुधवार को रायपुर में 93 गेंदों पर 102 रन बनाए, जो 50 ओवर के प्रारूप में उनका 53वां शतक और सभी प्रारूप में मिलाकर 84वां शतक है। हालांकि भारत यह मैच चार विकेट से हार गया। उन्होंने 30 नवंबर को रांची में खेले गए पहले मैच में 120 गेंदों पर 135 रन बनाए थे जिससे भारत ने यह मैच 17 रन से जीता था। जियोस्टार विशेषज्ञ गावस्कर ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो किसी भी समय ऐसा नहीं लगा कि वह शतक नहीं बना पाएंगे। पहली गेंद से ही ऐसा लगा कि वह रांची की अपनी पारी को ही आगे बढ़ा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘कोहली ने हुक करके छक्का जड़कर शुरुआत की। यह एक ऐसा शॉट जिसे वह अक्सर नहीं खेलते हैं। इससे उनके आत्मविश्वास का पता चलता है। उसके बाद से ही लग रहा था कि वह शतक बनाने में सफल रहेंगे।’ कोहली और रुतुराज गायकवाड़ (83 गेंदों पर 105 रन) ने 195 रन जोड़कर वनडे में भारत की ओर से तीसरे विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बनाया। गावस्कर ने कहा, ‘रुतुराज के साथ उनकी साझेदारी शानदार रही। रुतुराज ने जिस पहली गेंद का सामना किया वह यानसन की बाउंसर थी, जो जायसवाल को आउट करने के ठीक बाद आई थी। वह इसे चौके के लिए भेजने में कामयाब रहे और इसके बाद कोहली उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके पास गए। रुतुराज ने इसके बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।’ भारत ने लगातार 20वीं बार टॉस गंवाया। दक्षिण अफ्रीका ने चार गेंद शेष रहते 359 रन का लक्ष्य हासिल करके तीन मैच की श्रृंखला 1-1 से बराबर कर ली। गावस्कर ने कहा, ‘टॉस बहुत अहम था। आउटफील्ड काफी गीली थी। शुरुआती छह ओवरों को छोड़कर गेंद हमेशा गीली रही। इसका असर गेंदबाजों पर ही नहीं क्षेत्ररक्षकों पर भी पड़ता है। आप गेंद पर सही ग्रिप नहीं बना पाते हैं। इसलिए टॉस ने बहुत बड़ा अंतर पैदा किया।’  

किंग इज़ किंग! सहवाग ने विराट कोहली की पुरानी वाली आग पर दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली  अपने दौर के सबसे खतरनाक और विस्फोटक बल्लेबाज रहे वीरेंदर सहवाग का अपना खास अंदाज है। मैदान में भी उनका एक अलग ही बेखौफ अंदाज था और संन्यास के बाद मैदान से बाहर भी एक अलहदा, बेलौस अंदाज है। रांची में रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विराट कोहली की खेली गई शानदार शतकीय पारी से वीरू अभिभूत हैं। उन्होंने किंग कोहली की तारीफ में कहा है कि उनके लिए रन बनाना उतना ही आसान है, जितना हमारे लिए चाय बनाना। किंग किंग ही रहता है।   रविवार को रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 वनडे सीरीज के पहले मैच में विराट कोहली ने 120 गेंद में 135 रन की जबरदस्त पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 7 छक्के जड़े। इस मैच में भी विराट कोहली और रोहित शर्मा की सुपरहिट जोड़ी अपने रंग में दिखी। ऐसा लग रहा था कि दोनों दिग्गज अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में खेली गई अपनी पारियों को ही रांची में बढ़ा रहे हैं। सिडनी में दोनों ने 168 रन की नाबाद साझेदारी की थी। रांची में भी दोनों का बल्ला गरजा और दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी की। सिडनी में शतक बनाने वाले रोहित ने रांची में अर्धशतक बनाया। तब अर्धशतक जड़ने वाले विराट कोहली ने अब शतक बनाया। भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 349 रन बनाए और मैच को 17 रन से जीत लिया। विराट कोहली का ओडीआई में यह 52वां शतक था। इस तरह उन्होंने किसी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतकों के सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। किंग कोहली पहले ही सचिन के सबसे ज्यादा 49 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ चुके थे। अबकी बार उन्होंने किसी एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने टेस्ट में ये रिकॉर्ड बनाया था। सचिन के नाम टेस्ट में 51 शतक हैं। विराट कोहली की शानदार पारी की तारीफ में वीरेंदर सहवाग ने लिखा, ‘विराट कोहली ने फिर दिखाया रन बनाना उनके लिए उतना ही आसान है जितना हमारे लिए चाय बनाना। 52वां ओडीआई शतक। कोहली रिकॉर्ड का पीछा नहीं कर रहे, रिकॉर्ड कोहली का पीछा कर रहे हैं। आज भी भूख वही, जुनून वही। किंग तो किंग ही रहता है!’ पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी कोहली की शान में कसीदे पढ़े। उन्होंने लिखा, 'विराट कोहली ने दिखाया कि पुराना अब भी अच्छा है। छक्कों की बरसात से माहौल सेट किया, विकट गिर रहे थे तब टिका रहा और शतक पहुंचने के बाद टूट पड़ने वाली आक्रामकता। मास्टरक्लास ओडीआई पारी, युवाओं के लिए सीख।'  

कैफ ने विराट कोहली को दी करारी सलाह: ‘श्रेयस अय्यर से अपनाओ ये तरीका’

नई दिल्ली  भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। शुरुआती दो मैचों में विराट कोहली रन बनाने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे। कोहली दोनों मैचों में खाता भी नहीं खोल सके। कोहली के लगातार मैचों में फ्लॉप शो से उनके संन्यास की चर्चा फिर से तेज हो गई है। वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने खराब फॉर्म से जूझ रहे विराट कोहली को एक बड़ी सलाह दी है। कैफ का मानना है कि कोहली को फॉर्म वापस पाने के लिए श्रेयस अय्यर से सीखना चाहिए और इंडिया ए या घरेलू क्रिकेट खेलकर मैदान पर समय बिताना चाहिए। मोहम्मद कैफ ने कहा कि जब कोई बड़ा खिलाड़ी अपनी लय खो देता है, तो उसे मैच प्रैक्टिस की सख्त जरूरत होती है। उन्होंने उपकप्तान श्रेयस अय्यर का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी चोट के बाद वापसी के लिए रणजी और विजय हजारे ट्रॉफी खेलकर पर्याप्त मैच समय लिया। कैफ ने एक इंटरव्यू में कहा, “मैं हाल ही में श्रेयस अय्यर से मिला था, और मैंने उनसे उनके स्टांस और लय के बारे में पूछा। चूंकि वह अभी सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। रेड-बॉल क्रिकेट से ब्रेक लिया है और टी20 भी नहीं खेल रहे हैं, मैं समझना चाहता था कि वह इतनी आसानी से बल्लेबाजी कैसे कर लेते हैं। उन्होंने जवाब दिया कि वह मानसिक रूप से सुलझे हुए हैं, अपने खेल को अंदर तक जानते हैं और उन्होंने अपने दिमाग को अच्छी तरह से तैयार कर लिया है।” कैफ ने आगे कहा, "अय्यर ने इंडिया 'ए' के मैच भी खेले थे, और इसीलिए मैं कहता हूं कि विराट और रोहित को भी ऐसा करने पर विचार करना चाहिए। अय्यर की यह बल्लेबाजी उनके एक्टिव रहने से आती है। वह कभी भी फॉर्म से बाहर नहीं लगते, जैसा कि अभी विराट दिख रहे हैं। विराट इस समय बेचैन लग रहे हैं, जबकि अय्यर लगातार खेल रहे हैं, और यह उनके खेल में साफ झलकता है।''