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गुरदासपुर में चुनावी नतीजे पर ब्रेक, EVM खराब होने से दो केंद्रों पर फिर से वोटिंग

गुरदासपुर. गुरदासपुर जिले के दीनानगर नगर परिषद चुनाव में तकनीकी खराबी के कारण रुकी चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अब वार्ड नंबर 6 के बूथ नंबर 9 पर दोबारा मतदान कराया जाएगा। राज्य चुनाव आयोग पंजाब के निर्देशों के बाद प्रशासन ने पुनर्मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान 15 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होने के बाद मतों की गिनती कर परिणाम घोषित किया जाएगा। जिला चुनाव अधिकारी एवं उपायुक्त आदित्य उप्पल ने बताया कि नगर परिषद दीनानगर के वार्ड नंबर 6 के बूथ नंबर 9 पर 13 जून को मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन में तकनीकी खराबी आ गई थी। मदान शुरू होने से पहले आई थी दिक्कत जानकारी के अनुसार मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद ही पहली मशीन में तकनीकी समस्या आ गई थी। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दूसरी मशीन उपलब्ध करवाई और शेष मतदान उसी मशीन पर कराया गया। प्रशासन ने उस समय मतदान प्रक्रिया को सुचारु रखने का प्रयास किया, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हालांकि वास्तविक समस्या उस समय सामने आई जब मतदान समाप्त होने के बाद दोनों मशीनों में दर्ज मतों को जोड़कर परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के अनुसार पहली मशीन की डिस्प्ले तकनीकी रूप से काम नहीं कर रही थी, जिसके कारण उसमें दर्ज मतों की संख्या प्राप्त नहीं की जा सकी। इस वजह से कुल मतों की सही गणना संभव नहीं हो सकी और मतगणना रोकनी पड़ी। चुनाव आयोग को भेजी गई थी रिपोर्ट मामले की विस्तृत रिपोर्ट राज्य चुनाव आयोग को भेजी गई थी। आयोग ने तकनीकी स्थिति की समीक्षा करने के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित बूथ पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया। प्रशासन का कहना है कि पुनर्मतदान के दौरान सभी आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके। अधिकारियों ने मतदाताओं से निर्धारित समय पर मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है। अब वार्ड नंबर 6 के उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजरें 15 जून को होने वाले पुनर्मतदान पर टिकी हैं। मतदान और मतगणना पूरी होने के बाद ही इस वार्ड के चुनावी मुकाबले का अंतिम फैसला सामने आएगा।

कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है। मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।