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एशियन गेम्स में Team India के नए कोच होंगे VVS लक्ष्मण, गंभीर की गैरमौजूदगी में संभालेंगे कमान

नई दिल्ली जापान में होने जा रहे एशियन गेम्स 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट टीम की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं. 24 सितंबर से शुरू होने वाले मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट में भारतीय टीम की अगुवाई श्रेयस अय्यर करेंगे. मगर टीम के साथ हेड कोच गौतम गंभीर जापान नहीं जाएंगे. एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की मल्टी-फॉर्मेट सीरीज की तारीखें आपस में टकरा रही हैं. इसी वजह से भारतीय क्रिकेट टीम को दो अलग-अलग मोर्चों पर उतरना होगा. नियमित टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज खेलेगी, जबकि श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी।  गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण हेड कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे. समाचार एजेंसी PTI की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी सामने आई है. लक्ष्मण के साथ सुनील जोशी, ऋषिकेश कनितकर और सुभदीप घोष सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा होंगे. वहीं मारूफ फजंदर टीम के सपोर्ट स्टाफ के लीडर की भूमिका निभाएंगे. भारत की टीम में कई बड़े टी20 सितारे शामिल हैं, ऐसे में उसे स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।  टीम इंडिया सीधे क्वार्टर फाइनल खेलेगी भारत के सपोर्ट स्टाफ में कोचिंग और अन्य भूमिकाओं के लिए कई सदस्य होंगे. एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल में एथलेटिक्स के बाद क्रिकेट का सपोर्ट स्टाफ सबसे बड़ा होगा. भारतीय टीम को एशियन गेम्स में ग्रुप स्टेज खेलने की जरूरत नहीं होगी. भारत को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है।  श्रेयस अय्यर ब्रिगेड टूर्नामेंट का दूसरा क्वार्टर फाइनल खेलेगी और यही उसका एशियन गेम्स 2026 में पहला मुकाबला होगा. उधर पाकिस्तान पहले क्वार्टर फाइनल में उतरेगा. भारत और पाकिस्तान के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश को भी सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है. हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इन टीमों के सामने कौन होगा, इसका फैसला बाद में होगा।  भारत की टीम में अनुभव और युवा जोश का शानदार मिश्रण है. कप्तान श्रेयस अय्यर के अलावा अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी यूनिट को मजबूती देते हैं. ऑलराउंड डिपार्टमेंट में शिवम दुबे, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर मौजूद हैं. वहीं वरुण चक्रवर्ती और रवि बिश्नोई स्पिन डिपार्टमेंट में मोर्चा संभालेंगे. तेज गेंदबाजी यूनिट में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्प टीम को खासा मजबूत बनाते हैं।  वैसे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर सबकी निगाहें होंगी. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) और घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले वैभव को अब एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।  श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जो टी20 क्रिकेट में मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं. यही वजह है कि भारत को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिताब के सबसे मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा है।  भारतीय टीम:  श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी। 

25 साल बाद खुलासा: वीवीएस लक्ष्मण ने किस बैट से खेली थी ऐतिहासिक 281 रन की पारी

बेंगलुरु  पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण टीम इंडिया के उस फैब-4 का हिस्सा थे, जिसमें सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज शामिल थे। इन चार खिलाड़ियों ने भारत को टेस्ट क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई और कई ऐतिहासिक पारियां खेली। ऐसे में वीवीएस लक्ष्मण की 281 रनों की वो पारी तो हर किसी को याद होगी, जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ईडन गार्डन्स के मैदान पर खेली थी। उनकी इस पारी के दम पर ही भारत ने अनहोनी को होनी करके दिखाया था और ऑस्ट्रेलिया के मुंह से जीत छीन ली थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लक्ष्मण ने यह पारी अपने नहीं बल्कि किसी और के बैट से खेली थी? जी हां, 25 साल बाद उस क्रिकेट ने खुद इसका खुलासा किया है। इस खिलाड़ी का नाम ‘वेंकटपति राजू’ है, जिन्होंने भारत के लिए 28 टेस्ट मैच खेले हैं। 2 साल के लंबे इंतजार के बाद वेंकटपति राजू की उसी मैच में टीम इंडिया में वापसी हुई थी और वह उनके करियर का आखिरी मुकाबला भी थी।  वेंकटपति राजू ने बताया, “लगभग दो साल बाद मैं वापसी कर रहा था और टीम के आस-पास सब कुछ बदल चुका था: फिटनेस का स्तर, रवैया और सोच। मुझे आज भी वह शाम याद है जब ऑस्ट्रेलिया ने हमें फॉलो-ऑन खेलने पर मजबूर कर दिया था। नेशनल सिलेक्टर मदन लाल ने हमसे कहा कि हम हार न मानें और लड़ते रहें। तब लक्ष्मण ने कुछ ऐसा कहा जिसने मुझे हैरान कर दिया। उन्होंने कहा, 'हो सकता है हम यह मैच जीत जाएं।' उस समय यह सोचना भी मुश्किल लग रहा था, लेकिन उन्हें खुद पर पूरा भरोसा था। राहुल द्रविड़ नंबर 6 पर बैटिंग करने आए, जबकि लक्ष्मण बैटिंग ऑर्डर में ऊपर आ गए। यह फैसला कोच जॉन राइट और कप्तान सौरव गांगुली के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया था। यह एक बहुत ही समझदारी भरा कदम साबित हुआ। लक्ष्मण और द्रविड़ एक-दूसरे को सालों से जानते थे—अपने साउथ ज़ोन और U-19 के दिनों से। एक बार जब वे क्रीज़ पर जम गए, तो उन्होंने पूरे दिन जिस तरह से बैटिंग की, उससे मैच का रुख ही पूरी तरह बदल गया। ड्रेसिंग रूम के अंदर काफी तनाव था। अगर एक भी विकेट गिर जाता, तो निचले क्रम के बल्लेबाज़ों की बारी आ जाती। लेकिन जिस तरह से उन्होंने बैटिंग की, उससे हमारी उम्मीदें बनी रहीं। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया को जीतने की इतनी आदत हो चुकी थी कि वे मैच ड्रॉ कराने के बारे में सोच भी नहीं रहे थे। इसी वजह से उनके लिए चीज़ें और भी मुश्किल हो गईं। इस सीरीज़ का ज़्यादातर श्रेय हरभजन सिंह को जाता है। लेकिन पांचवें दिन सचिन तेंदुलकर की गेंदबाज़ी का स्पेल बहुत ही अहम साबित हुआ। उन्हें दबाव में गेंदबाज़ी करने का काफी अनुभव था—जैसे 1993 के हीरो कप का वह मशहूर आखिरी ओवर—और जब टीम को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तब उन्होंने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। लक्ष्मण की वह पारी सचमुच असाधारण थी। वे शेन वॉर्न की गेंद पर क्रीज़ से आगे निकलकर शॉट लगा रहे थे, और स्पिन के विपरीत दिशा में भी गेंद को बाउंड्री के पार भेज रहे थे। यह आत्मविश्वास उन्हें हैदराबाद की टर्निंग पिचों पर सालों तक घरेलू क्रिकेट खेलने से मिला था। मेरे लिए कोलकाता टेस्ट इसलिए भी खास था, क्योंकि यह मेरे करियर का आखिरी मैच साबित हुआ। मार्क वॉ का विकेट लेना इस मैच को और भी ज़्यादा यादगार बना गया। यह मेरे लिए एक बेहतरीन विदाई थी। इससे भी ज़्यादा अहम बात यह है कि इस टेस्ट मैच ने भारतीय क्रिकेट की पूरी तस्वीर ही बदल दी। इस मैच ने टीम के अंदर यह विश्वास जगाया कि हम किसी भी मुश्किल हालात से उबरकर जीत हासिल कर सकते हैं। एक और छोटी सी निजी याद भी जुड़ी है: जिस बल्ले से लक्ष्मण ने वह मशहूर 281 रनों की पारी खेली थी, वह असल में मेरा ही था। तो इस तरह, एक छोटे से रूप में ही सही, उस ऐतिहासिक पारी में मेरा भी कुछ योगदान रहा।”