विम्बलडन 2026 में बंपर जैकपॉट, विजेता को मिलेंगे करोड़ों रुपए; जानें पूरी प्राइज मनी
लंदन खिलाड़ियों द्वारा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की कमाई में अधिक हिस्सेदारी की मांग के बीच विम्बलडन ने 2026 संस्करण के लिए रिकॉर्ड प्राइज मनी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. ऑल इंग्लैंड क्लब ने बताया कि अगले महीने शुरू होने वाले प्रतिष्ठित ग्रास-कोर्ट ग्रैंड स्लैम में कुल पुरस्कार राशि और खिलाड़ी भत्तों (Per Diems) में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद पुरुष और महिला सिंगल्स चैम्पियन को 36 लाख पाउंड (करीब 48 लाख डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी, यानी भारतीय रुपए में बात करें तो करीब-करीब 46 करोड़ रुपए. वहीं कुल प्राइज मनी और भत्तों को मिलाकर यह आंकड़ा 6.42 करोड़ पाउंड (करीब 8.58 करोड़ डॉलर) तक पहुंच गया है, यानी करीब-करीब 76 करोड़ 77 लाख रुपए. इसे टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी सालाना वृद्धि बताया गया है। ऑल इंग्लैंड क्लब की चेयर डेबोरा जेवंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि खिलाड़ी इस फैसले का स्वागत करेंगे. उन्होंने कहा- यह बेहद बड़ी रकम है. हमने क्वालिफाइंग राउंड समेत हर स्तर के खिलाड़ियों को ध्यान में रखते हुए पुरस्कार राशि बढ़ाई है. मुझे उम्मीद है कि खिलाड़ी इसकी अहमियत समझेंगे। हालांकि खिलाड़ियों की मांग इससे भी अधिक थी. जेवंस ने खुलासा किया कि हाल ही में पेरिस में खिलाड़ियों के सलाहकार और पूर्व डब्ल्यूटीए सीईओ लैरी स्कॉट के साथ हुई बातचीत में खिलाड़ियों ने इस साल विम्बलडन के लिए कुल 7.1 करोड़ पाउंड की पुरस्कार राशि की मांग रखी थी। पिछले कुछ समय से टेनिस खिलाड़ी चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों की आय में अधिक हिस्सेदारी और निर्णय प्रक्रिया में बड़ी भूमिका की मांग कर रहे हैं. फ्रेंच ओपन से पहले वर्ल्ड नंबर-1 महिला खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने कहा था कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो खिलाड़ी भविष्य में बहिष्कार (Boycott) जैसे कदम पर भी विचार कर सकते हैं. पुरुष विश्व नंबर-1 यानिक सिनर, कोको गॉफ और कई अन्य शीर्ष खिलाड़ियों ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी थी। रोलां गैरो में आयोजित फ्रेंच ओपन के दौरान शीर्ष-10 खिलाड़ियों ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराने के लिए पत्रकारों के साथ अपने मीडिया सत्रों को 15 मिनट तक सीमित कर दिया था. इससे पहले करीब एक साल पहले 20 प्रमुख खिलाड़ियों ने चारों ग्रैंड स्लैम प्रमुखों को पत्र लिखकर अधिक प्राइज मनी और फैसलों में ज्यादा भागीदारी की मांग की थी। कब से शुरू हो रहा है विम्बलडन 2026 29 जून से शुरू होने वाले विम्बलडन में इस बार पहले दौर में हारने वाले खिलाड़ियों को भी बड़ा फायदा होगा. पहले दौर की पुरस्कार राशि 80,000 पाउंड कर दी गई है, जो 2024 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है. वहीं क्वालिफाइंग राउंड की कुल पुरस्कार राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। विम्बलडन में उपविजेताओं को क्या मिलेगा? पुरुष और महिला सिंगल्स उपविजेताओं को 18 लाख पाउंड (करीब 24 लाख डॉलर) मिलेंगे यानी 23 करोड़ भारतीय रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है। विम्बलडन की आय का बड़ा हिस्सा ब्रिटेन की टेनिस और पैडल संचालन संस्था लॉन टेनिस एसोसिएशन (LTA) को जाता है. किसी भी वितरित वित्तीय अधिशेष का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा एलटीए को मिलता है, जिसका उपयोग खेल में भागीदारी बढ़ाने, कोर्टों के नवीनीकरण, युवा खिलाड़ियों के विकास और विम्बलडन से पहले होने वाले ग्रास-कोर्ट टूर्नामेंटों के आयोजन में किया जाता है। एलटीए की 2025 रिपोर्ट के अनुसार विम्बलडन से प्राप्त अधिशेष (surplus) 2024 की तुलना में 4 प्रतिशत घटकर 4.86 करोड़ पाउंड रह गया, हालांकि महिला टूर्नामेंट को क्वीन्स क्लब में शामिल किए जाने के कारण संस्था की कुल आय में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विम्बलडन 29 जून से शुरू होगा. महिला वर्ग में गत चैम्पियन इगा स्वियातेक अपने खिताब की रक्षा करेंगी. वहीं पुरुष वर्ग में मौजूदा चैम्पियन जैनिक सिनर हैं, जिन्होंने पिछले साल फाइनल में कार्लोस अल्काराज को हराया था. हालांकि अल्काराज इस बार कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।