samacharsecretary.com

अवैध शराब के खिलाफ योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 3152 छापों में 8418 लीटर शराब बरामद

लखनऊ  अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमों ने प्रदेशभर में व्यापक कार्रवाई करते हुए 3152 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान 373 अभियोग पंजीकृत किए गए, जबकि कार्रवाई में 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया। टीमों ने कुल 8418 लीटर अवैध शराब बरामद की। विभागीय टीमों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर आबकारी विभाग की यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण करना है। विभागीय टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रही हैं। अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग सख्त  आबकारी आयुक्त डॉ आदर्श सिंह ने बताया कि विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है। विभाग का फोकस केवल शराब की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण, भंडारण, बिक्री और तस्करी की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए इनके नेटवर्क को रोकना है। 10 सितंबर की कार्रवाई में 3152 छापे और 373 अभियोग दर्ज हुए। विभाग की टीमें आगे भी अभियान को जारी रखते हुए अवैध शराब से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई पर जोर दे रही हैं।

हीट वेव की चुनौती को देखते हुए पूरे प्रदेश में लागू होगी एक समान अवकाश व्यवस्था

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव की परिस्थितियों को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 24 जून तक कर दी गई है।  अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक वर्ष 20 मई से 24 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा तथा 25 जून से विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन प्रारंभ होगा। योगी सरकार का उद्देश्य बच्चों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखते हुए नए शैक्षणिक सत्र की बेहतर और व्यवस्थित शुरुआत सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार ने यह निर्णय पिछले वर्षों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए लिया है, जब हीट वेव की स्थिति के कारण जिलाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बार-बार अवकाश बढ़ाना पड़ता था। नई व्यवस्था से पूरे प्रदेश में एकरूपता सुनिश्चित होगी और विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों को स्पष्ट शैक्षणिक कैलेंडर उपलब्ध हो सकेगा। 22 जून से विद्यालय पहुंचेंगे शिक्षक, नए सत्र की तैयारियां होंगी पूरी योगी सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इसके लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहेंगे। इस अवधि में लेसन प्लान तैयार करने, मध्याह्न भोजन व्यवस्था को अंतिम रूप देने, पाठ्यपुस्तक वितरण की तैयारी, विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक, बाल वाटिका संचालन की तैयारी, विद्यालय परिसर, रसोईघर एवं शौचालयों की साफ-सफाई, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील बनाने जैसे कार्य संपन्न किए जाएंगे। 220 कार्यदिवस और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर रहेगा विशेष जोर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 220 कार्यदिवस और नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर अवकाश घोषित करने से पूर्व इस विधिक प्रावधान को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार का मानना है कि बच्चों के अधिगम परिणामों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना आवश्यक है। योग, स्वच्छता और बेहतर अधिगम वातावरण पर फोकस आदेश में विद्यालयों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की सहभागिता से सामूहिक योगाभ्यास आयोजित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच से जोड़ना भी है।