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एमपीएसईडीसी की पहल से 400 से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रशिक्षण

भोपाल  मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) द्वारा उद्योग साझेदार एवं एसएसआरजीएसपी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय साइबर सुरक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में 400 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में लक्ष्मी नारायण कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी,बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, ओरिएंटल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस और एआईएसईसीटी इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य साइबर सुरक्षा और एआई एवं एमएल जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं के कौशल का विकास करना और उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना था। समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्रों में डेटा सुरक्षा, सुरक्षित कोडिंग और  साइबर खतरों की पहचान और प्रबंधन से संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। “ डेटा सिक्योरिटी फंडामेंटल्स” सत्र में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, डेटा गवर्नेंस एवं नियामकीय अनुपालन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। वहीं “सिक्योर कोडिंग एंड डेवलपर सिक्योरिटी प्रैक्टिसेज” सत्र में सॉफ्टवेयर विकास प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। “सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एसओसी), थ्रेट डिटेक्शन, मॉनिटरिंग एंड रिस्पॉन्स” विषयक सत्र में प्रतिभागियों को आधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र, एसआईईएम प्लेटफॉर्म, एंडपॉइंट डिटेक्शन सिस्टम तथा वल्नरेबिलिटी स्कैनिंग उपकरणों की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। साथ ही साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर भी जानकारी साझा की गई। उल्लेखनीय है कि 400 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में तकनीकी कौशल विकास को प्रोत्साहित करने तथा मध्यप्रदेश को डिजिटल प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

बिहार में युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम

पटना बिहार सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में उद्योग विभाग, बिहार सरकार और भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के संस्थान टीआरटीसी, पटना की ओर से नि:शुल्क रोजगारोन्मुखी कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, पटना में आयोजित होगा और 6 अक्टूबर से शुरू होगा। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से नि:शुल्क और आवासीय होगा। प्रशिक्षण की अवधि तीन महीने की होगी, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिदिन 8 घंटे की कक्षाएं दी जाएंगी। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक और प्रायोगिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों से 1000 रुपये कैश ऑन मनी के रूप में शुल्क लिया जाएगा, जिसे प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। साथ ही, प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने की पूरी व्यवस्था संस्थान की ओर से की जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी बिना किसी बाधा के प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं को कई रोजगारोन्मुखी कोर्स में शिक्षा दी जाएगी। इसमें शामिल हैं –     सर्टिफिकेट कोर्स इन सीएनसी लेथ     सर्टिफिकेट कोर्स ऑन सीएनसी मिलिंग     सर्टिफिकेट कोर्स इन टूल एंड डाई मेकिंग     एसी और फ्रिज रिपेयरिंग कोर्स प्रवेश के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। कोर्स संख्या 1 से 3 के लिए उम्मीदवारों का बारहवीं, आईटीआई या डिप्लोमा पास होना अनिवार्य है। वहीं, कोर्स संख्या 4 (एसी और फ्रिज रिपेयरिंग) के लिए बारहवीं या आईटीआई (इलेक्ट्रीशियन ट्रेड) पास होना जरूरी है। उम्मीदवारों की आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के युवाओं को तकनीकी शिक्षा देकर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार निजी उद्योगों, सरकारी योजनाओं, स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के क्षेत्र में कदम बढ़ा सकेंगे। बिहार सरकार ने युवाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कौशल विकास के जरिए अपने करियर को नई ऊंचाई दें।