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नीतीश पर तेजस्वी का तंज—साथ रहते तो हालात अलग होते

पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने वाले फैसले से प्रदेश की राजनीति ने अचानक से करवट ली है। सत्ता पक्ष जहां नीतीश कुमार के फैसले की सराहना कर रहा है, तो वहीं विपक्ष का दावा है कि नीतीश कुमार पर भाजपा ने राज्यसभा जाने के लिए दबाव बनाया। राजद नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि अगर वे नीतीश कुमार के साथ होते तो उन्हें आज यह दिन नहीं देखना पड़ता और बिहार की सियासत से उन्हें बाहर नहीं होना पड़ता। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, "नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं; उनके साथ हमारी पूरी सहानुभूति है। हमें पता है कि क्या हो रहा है और वह किस दौर से गुजर रहे हैं। अगर हम वहां होते, तो शायद नीतीश कुमार को इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। भाजपा लगातार दबाव बना रही थी। आखिरकार, यह तो होना ही था। नीतीश कुमार ने 20 साल तक बिहार की सेवा की। हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।"
तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि वह राज्यसभा जाना चाहते हैं। हम शुरू से ही कह रहे हैं कि भाजपा चुनाव के बाद नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी पर नहीं रहने देगी। वह अब सच हो रहा है। राजद-जदयू के गठबंधन टूटने के दौर का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि सभी लोग जानते हैं कि हम लोगों ने नीतीश कुमार के साथ मिलकर सरकार चलाई। नीतीश कुमार की सरकार में मैं दूसरी बार डिप्टी सीएम बना था। 28 जनवरी 2024 को नीतीश कुमार हमें छोड़कर गए। उस दौरान उनके पास कोई वजह नहीं थी। उस समय भी हम लोगों ने कहा था कि भाजपा जदयू को खत्म करना चाहती है; जदयू बचेगी नहीं। हमारी पूरी सहानुभूति नीतीश कुमार के साथ है।
उन्होंने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी हमने कुछ नहीं कहा है। हमने कहा था कि नीतीश कुमार को घोड़ी तो चढ़ाया, लेकिन फेरे किसी और के साथ दिला रहे हैं। भाजपा नहीं चाहती है कि कोई ओबीसी समाज, दलित या आदिवासी समाज से आने वाला शख्स न्याय की बात करे। भाजपा के लोग उन्हें टिकने नहीं देना चाहते हैं। निशांत कुमार के राजनीति में आने पर तेजस्वी यादव ने कहा, "हम तो पहले से कहते रहे हैं कि उन्हें आना चाहिए। राजनीति में युवाओं को आना चाहिए।" बताते चलें कि नीतीश कुमार ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। उनके नामांकन दाखिल कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह समेत बिहार सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे।

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