samacharsecretary.com

थरूर का मीटिंग से लगातार तीसरी बार दूरी—तिवारी की गैरहाज़िरी ने बढ़ाई पार्टी की चिंता

नई दिल्ली 
कांग्रेस के साथ खराब रिश्तों के दौर से गुजर रहे शशि थरूर ने लगातार तीसरी बार पार्टी की मीटिंग छोड़ दी है। शुक्रवार को कांग्रेस के लोकसभा सांसदों की मीटिंग थी, जिसमें वह नहीं पहुंचे। यह लगातार तीसरा मौका है, जब शशि थरूर ने पार्टी की बैठक छोड़ दी है। शशि थरूर ने कई बार पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। माना जा रहा है कि इसके चलते ही उन्हें लेकर कांग्रेस में असहजता की स्थिति है। इस बीच उनका लगातार कांग्रेस की बैठकों से दूर रहना आशंकाओं को बढ़ावा दे रहा है। शीत सत्र का 19 दिसंबर को समापन होना है और उससे पहले राहुल गांधी ने कांग्रेस के सभी 99 लोकसभा सांसदों की मीटिंग बुलाई थी।

इस मीटिंग में यह तय होना था कि कैसे शीत सत्र के आगामी दिनों में सत्ता पक्ष को घेरा जाए। इस मीटिंग में शशि थरूर नहीं पहुंचे। इस बीच शशि थरूर के एक्स पर गुरुवार को कोलकाता में रहने की जानकारी दी गई थी। उन्होंने लिखा था कि लंबे समय तक मेरे सहयोगी रहे जॉन कोशी की कोलकाता में शादी है। इसके अलावा मेरी बहन स्मिता थरूर का जन्मदिन भी है। इस बीच मैं एक आयोजन में भी हिस्सा लूंगा। कांग्रेस की इस बैठक में सांसद मनीष तिवारी भी मौजूद नहीं रहे। उनको लेकर भी अकसर चर्चाएं होती रही हैं।

इसस पहले नवंबर में हुई दो बैठकों में शशि थरूर ने हिस्सा नहीं लिया था। इनमें से एक बैठक तो 30 नवंबर को ही थी, जिसे सोनिया गांधी ने बुलाया था। अगस्त 2020 में शशि थरूर और अन्य नेताओं ने सोनिया गांधी के खिलाफ भी मोर्चा खोला था। इस पर जब सवाल हुआ था तो शशि थरूर का कहना था कि मैंने मीटिंग छोड़ी नहीं थी बल्कि पहुंच नहीं सका था। मैं केरल से दिल्ली लौट रहा था और प्लेन में था। इसके बाद उनके ऑफिस से बताया गया था कि वह अपनी 90 वर्षीया मां के साथ दिल्ली लौट रहे थे और उनकी फ्लाइट को रीशेड्यूल किया गया था। इस मीटिंग में कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी मौजूद नहीं थे।

SIR पर भी मीटिंग से रहे थे दूर, सोनिया गांधी ने किया था संबोधित
इससे पहले 18 नवंबर को भी वह पार्टी की एक मीटिंग में नहीं गए थे, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR पर चर्चा की जानी थी। इस मीटिंग में भी सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने सांसदों से बात की थी, लेकिन शशि थरूर के कार्यालय ने बताया कि वह खराब सेहत के चलते गैरहाजिर रहे।

 

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here