samacharsecretary.com

भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल 

मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा।

न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।

 तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—

    नौगांव (छतरपुर): 8.2°C

    मंदसौर: 8.6°C

    नरसिंहपुर: 8.6°C

    शाजापुर: 8.8°C

    राजगढ़: 9°C

भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया।
बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज

दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।

    इंदौर: 11.7°C

    ग्वालियर: 12.1°C

    जबलपुर: 12.2°C

    उज्जैन: 12.5°C

अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी।

पूर्वानुमान —

    इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं

    रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत

    विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है

    दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना

 

मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया।

ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है।

कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही।

मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई।

मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं

    ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।

    हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।

    कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं।

एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here