samacharsecretary.com

भाजपा प्रदेश कार्यालय में गूंजा ‘नारी शक्ति वंदन’ का संदेश: नरेंद्र मोदी के संबोधन को महिला कार्यकर्ताओं ने उत्साह से सुना

भोपाल.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नई दिल्ली में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को नई दिल्ली में दिए गए संबोधन को देश भर सहित मध्यप्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता एवं महिला कार्यकर्ताओं द्वारा श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संबोधन को भाजपा प्रदेश कार्यालय में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे के नेतृत्व में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियां एवं हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं व मातृशक्ति ने सुना।

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष व ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम की प्रदेश टोली की सह संयोजक अश्विनी परांजपे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर की नारी शक्ति को संबोधित करते हुए महिलाओं की भागीदारी को सशक्त लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए अधिनियम के महत्व पर प्रकाश डाला है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई। अभियान के तहत महिलाओं ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दर्ज कराया। साथ ही 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर भी अधिनियम के पक्ष में समर्थन व्यक्त किया। इस पहल से महिलाओं में जागरूकता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन महिला सशक्तिकरण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें नारी शक्ति ने समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन महिला मोर्चा की प्रदेश में महामंत्री मोना सुस्तानी ने किया। आभार महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष वंदना जाचक ने माना।

इस अवसर पर भाजपा की प्रदेश मंत्री अर्चना सिंह, विधायक मंजू दादू, पूर्व विधायक साधना स्थापक, महिला मोर्चा महामंत्री ज्योति सिंह राजपूत, कार्यालय मंत्री भावना सिंह, सह कार्यालय मंत्री विमला तिवारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी हर्षा सिंह ठाकुर, आईटी प्रभारी सुधा सुखियानी, प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी स्मृति जैन, सह सोशल मीडिया प्रभारी सारिका उपाध्याय, नीति एवं शोध सह प्रभारी इंदु चौधरी सहित हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ता व मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here