samacharsecretary.com

‘सिलेबस से बाहर गया वादा’ — मैथिली ठाकुर ने तेजस्वी पर कसा तंज, कहा अब रोजगार का क्या हुआ?

पटना 
बिहार में अलीनगर से भाजपा प्रत्याशी और प्रसिद्ध गायिका मैथिली ठाकुर ने बुधवार को कहा कि जब से उन्होंने जंगलराज की परिभाषा समझी है और मुख्यमंत्री पद की अहमियत को समझा है, तब से वह नीतीश कुमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखती हैं। उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव के नौकरी से जुड़े बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेजस्वी यादव के उस ऐलान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर हमारी सरकार सत्ता में आएगी, तो हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर कैसे वो सत्ता में आने के बाद हर परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे पाएंगे। किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी सीमित संख्या में होती है। ऐसी स्थिति में हर परिवार में से किसी एक सदस्य को नौकरी देने का विचार ही समझ से परे है।
हमें अपने प्रदेश में नौकरियों का सृजन करने के लिए अपने यहां निवेशकों को आमंत्रित करना होगा, तभी यहां पर नौकरियों का सृजन करना होगा।
मैथिली ठाकुर ने कहा कि बिहार में बेरोजगारी को दूर करने के लिए हमें युवाओं के कौशल निर्माण पर ध्यान देना होगा, तभी यहां से बेरोजगारी दूर होगी। अगर हम ऐसा करेंगे, तो निश्चित तौर पर लोगों के पास अपनी जीविका चलाने के लिए एक ठोस माध्यम होगा। अब ऐसी स्थिति में अगर कोई हर परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा कर रहा है, तो यह सिलेबस से ही बाहर नजर आता है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मैथिली ठाकुर ने प्रदेश की जनता से एक बार फिर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को एक बार फिर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। वह इस पद के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार हैं। उन्होंने हमेशा से ही प्रदेश के विकास के लिए काम किया। उनके कार्यकाल में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास कार्य होते हुए दिख रहे हैं।
जब उनसे शराबबंदी पर सवाल किया गया, तो मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि अभी मेरा विशेष रूप से ध्यान मेरे विधानसभा क्षेत्र पर है। मैं अभी अपने क्षेत्र के लोगों की आवाज उठा रही हूं। उनकी समस्याओं पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हूं।
मैथिली ठाकुर ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन की तरफ से तारीफ किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव है कि कोई मेरी तारीफ कर रहा है। निसंदेह इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की स्थिति से मैं गुजर रही हूं और जिस तरह से उन्होंने मेरी तारीफ की है, उससे मेरा उत्सावर्धन हुआ है, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि राजनीति में आने के बाद मुझे लगा था कि मैं इसे छोड़ दूं। मेरी बस की बात नहीं है, क्योंकि मैं संगीत के क्षेत्र से आती हूं। संगीत क्षेत्र हमेशा से ही मेरे लिए ऐसा रहा है, जहां पर लोगों ने मेरी तारीफ की है। मेरी प्रशंसा की है। जहां कहीं भी मैं गई हूं, लोगों ने मुझसे गाने की ही फरमाइश की है. लेकिन राजनीति में आने के बाद मेरा अनुभव अच्छा नहीं रहा। सभी लोग मेरी टांग खींचते नजर आए। हालांकि अब मेरे अंदर आत्मबल आ चुका है। मैं अंदर से काफी अच्छा महसूस कर रही हूं। अभी चुनाव प्रचार का दौर जारी है। मैं लोगों के बीच में जा रही हूं। मुझे अच्छा लग रहा है।
मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं अपने जीवन के बारे में नहीं सोचती हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य शक्ति मुझे चला रही हूं। मुझे अच्छे से याद है कि मैं बचपन में सोचती थी कि मैं बड़ी होकर ब्यूरोक्रेट बनूंगी, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और रही और मैं गायिका बन गई। इसके बाद मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन में राजनीति में आ जाऊंगी, लेकिन स्थिति कुछ ऐसी हो गई कि मैं अब राजनीति में आ चुकी हूं। मैं यह विश्वास करती हूं कि एक अदृश्य ईश्वरीय शक्ति मुझे संचालित कर रही है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here