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जीतने पर आयोग की पीठ थपथपाते हैं, हारने पर लगाते हैं आरोप’, संजय निषाद का अखिलेश पर हमला

लखनऊ

SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर सपा, कांग्रेस, राजद समेत विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर निषाद पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भारत देश की संवैधानिक संस्था है और बिना किसी साक्ष्य के उसके खिलाफ आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर यही लोग आयोग की पीठ थपथपाते हैं, लेकिन जनता जब इन्हें नकार देती है और हार का ठीकरा उसी संवैधानिक संस्था पर फोड़ देते हैं।

अखिलेश यादव के 2022 के चुनाव परिणाम और चुनाव प्रक्रिया पर उनके सवालों से जुड़े प्रश्न पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि चुनाव हारने के बाद भी यदि कोई संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है तो उसे अपने आरोपों के प्रमाण देने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन उसे साबित करना भी जरूरी होता है। उनके मुताबिक बिना प्रमाण के संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने और भ्रम फैलाने के लिए संबंधित लोगों को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

संजय निषाद ने कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है और देश में यह दर्जनों बार हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पहले चुनाव आयोग की नियुक्ति और चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं रही हैं, जबकि वर्तमान व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप चल रही है। 

मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था में विपक्ष के नेता की भी भूमिका है। ऐसे में यदि विपक्ष के नेता चुनाव आयोग की नियुक्ति की प्रक्रिया में शामिल रहे हैं तो अब उसी व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विपक्षी दलों को जनता के बीच भ्रम फैलाने के बजाय प्रक्रिया के संवैधानिक पक्ष को समझना चाहिए। संजय निषाद के मुताबिक न्यायालय संबंधित प्रक्रिया का परीक्षण कर चुका है और हाईकोर्ट ने भी इसे संवैधानिक प्रक्रिया माना है। ऐसे में न्यायिक परीक्षण के बाद भी बिना ठोस साक्ष्य आरोप लगाना उचित नहीं है।

संजय निषाद ने कहा कि जीत और हार के आधार पर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अलग-अलग रवैया नहीं होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से SIR को लेकर लगाए जा रहे आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करने और जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने से बचने की अपील की। साथ ही उन्होंने बिना साक्ष्य आरोप लगाने वालों से देश की जनता से माफी मांगने की बात कही।

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