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टाइगर रिज़र्व अपडेट: बफ़र ज़ोन में नाइट सफारी आज से पूर्णतः प्रतिबंधित

भोपाल 
मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में आज से नाइट सफारी बंद कर दी जाएगी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 17 नवंबर को दिए गए एक आदेश के बाद लिया गया है। न्यायालय के आदेश के बाद मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक सुभरंजन सेन ने सभी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालकों को निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेशभर में रात्रिकालीन सफारी पर पूरी तरह रोक लगाई जा रही है।

इस वजह से लिया गया यह निर्णय
यह निर्णय वन्य जीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय के बाद मप्र के नौ टाइगर रिजर्व कान्हा, बांधवगढ़, सतपुड़ा, पेंच, पन्ना, संजय, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी (पद्म श्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर) और माधव टाइगर रिजर्व में पर्यटक नाइट सफारी का आनंद नहीं ले सकेंगे।
 
एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं
सुभरंजन सेन ने बताया कि नाइट सफारी के लिए एडवांस बुकिंग की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में एडवांस बुकिंग का पैसा रिफंड करने जैसी कोई बात ही नहीं। बता दें कि टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पहले से ही नाइट सफारी पर रोक है अब बफर में भी नाइट सफारी नहीं कराई जाएगी।

2022 में एनटीसीए के निर्देश के बाद भी बंद नहीं की थी नाइट सफारी
वर्ष 2022 में भी टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी बंद करने की पहल की गई थी। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने वन विभाग को पत्र लिखकर कहा था कि नाइट सफारी तुरंत बंद करें। इस पर उस समय वन विभाग के अधिकारियों ने तर्क दिया था कि एनटीसीए ने ही बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने को कहा है और इसके लिए कुछ गतिविधियां तो संचालित करनी पड़ेंगी। उस समय इस पर अमल नहीं हो सका और नाइट सफारी यथावत संचालित होती रही।
 
शिवराज ने शुरू कराई थी बफर में सफर योजना
तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवंबर 2020 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बफर में सफर योजना शुरू की थी। बफर में सफर का आकर्षण बढ़ाने के लिए मप्र के टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी भी शुरू कर दी गई थी। वन विभाग ने शाम सात से रात दस बजे तक बफर क्षेत्र में पर्यटन की अनुमति दी थी, जिसके लिए गाड़ियों की संख्या आठ से 10 ही रखी गई थी। 

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