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उदित प्रधान दुष्कर्म मामले में गिरफ़्तार, NSUI ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

नई दिल्ली,

 एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष उदित प्रधान को अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधुरी ने प्रेस वार्ता के जरिए यह जानकारी दी है।

चौधरी ने कहा है कि प्रधान के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत मिलने के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है। यहां उल्लेखनीय है कि पीड़िता की शिकायत के बाद भुवनेश्वर में मंचेश्वर थाना पुलिस ने उदित प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता की शिकायत के अनुसार, इस साल 18 मार्च की दोपहर वह अपने एक दोस्त और एक सहपाठी के साथ घुमने के लिए मास्टर कैंटीन स्क्वायर गई थी। वहां सहपाठी ने उदित प्रधान को उनसे मिलवाया। इसके बाद वे उदित की गाड़ी से नयापल्ली के एक होटल में गए। इस दौरान उन्होंने होटल में शराब का सेवन किया। लेकिन पीड़िता ने शराब पीने से मना कर दिया।

इसके बाद उदित ने उन्हें सॉफ्ट ड्रिंक पीने के लिए कहा। उसने चतुराई से उसमें कुछ नशा मिलाया और उसे पीने के लिए दे दिया। शीतल पेय पीने के कुछ ही देर बाद उसका सिर घूम गया। इसलिए उसने तुरंत घर छोड़ने के लिए कहा। लेकिन उदित और बाकी लोगों ने उसे जाने नहीं दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब तक उसे होश आया तब तक उसने देखा कि उदित ने उसके साथ कुछ बुरा किया है।

बाद में उसे पता चला कि उदित ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। जब उसने इस बारे में पूछा तो उदित ने उसे धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने शिकायत की तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्राथमिकी में कहा गया है कि पीड़ित डरी हुई थी और चुप रहने के लिए मजबूर थी, क्योंकि उदित एक छात्र नेता था। मंचेश्वर पुलिस ने दुष्कर्म की शिकायत के बाद उदित को रात में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपित छात्र नेता के खिलाफ न्याय संहिता 2023 के आधार पर 5 संगीन दफा लगायी है। इसमें दफा 64(1)- जबरन संपत्ति लेना, दफा 123- दुष्कर्म, दफा 296-नशा द्रव्य प्रयोग कर दुष्कर्म करना, दफा 74- अपराध छिपाने या प्रमाण नष्ट करने का प्रयास करने, दफा 351(2) – महिला हिंसा एवं अमानवीय अपराध जैसी संगीन दफा शामिल है, जिसके तहत पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

वहीं, दूसरी तरफ उदित का परिवार और छात्र कांग्रेस के लगभग 50 सदस्य खबर मिलने के बाद मंचेश्वर पुलिस स्टेशन के सामने एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन किए हैं। वे थाना में घुसने का प्रयास किए मगर पुलिस उन्हें प्रवेश नहीं करने दी।

 

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