samacharsecretary.com

वास्तु टिप्स: मंदिर में ये 5 चीजें रखने से घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

 क्या आप भी रोज भगवान की पूजा करते हैं, मंत्र पढ़ते हैं, दीपक जलाते हैं. लेकिन, फिर भी कभी-कभी ऐसा क्यों लगता है कि घर में बरकत नहीं हो रही है? काम में रुकावटें आ रही हैं और मन बेचैन रहता है? क्या आपने कभी सोचा है कि इसकी वजह आपके मंदिर में रखी कुछ गलत चीजें भी हो सकती हैं?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर सिर्फ घर का एक कोना नहीं होता है. यह वो स्थान होता है, जहां भगवान के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का निवास होता है. इस स्थान पर आपका मन शांत होता है और खुद से जुड़ता भी है. लेकिन, अगर यही जगह गलत दिशा में हो या उसमें अशुभ चीजें रखी हों, तो यही मंदिर शांति की जगह घर में नकारात्मकता भी ला सकता है.

मंदिर में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें
1. टूटी-फूटी मूर्तियां या तस्वीरें
अगर किसी देवी-देवता की मूर्ति टूट जाए या फोटो खराब हो जाए, तो उसे तुरंत हटा दें. ऐसी मूर्तियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं.

2. पूर्वजों की तस्वीरें
पितरों की तस्वीर मंदिर में नहीं, अलग स्थान पर रखें. देवताओं और पितरों का स्थान अलग-अलग माना गया है.

3. खड़ी हुई मां लक्ष्मी की मूर्ति
वास्तु के अनुसार, खड़ी लक्ष्मी अस्थिरता का प्रतीक है. हमेशा बैठी हुई लक्ष्मी जी की पूजा करें.

4. गणेश जी की कई मूर्तियां
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, गणेश जी की एक या दो मूर्ति ठीक हैं, लेकिन ज्यादा मूर्तियां रखना अशुभ माना जाता है.

5. मुरझाए या बासी फूल
पूजा में कभी भी पुराने फूल नहीं चढ़ाने चाहिए. दरअसल, पुराने फूल नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं. उन्हें रोज बदलें और मिट्टी में दबा दें.

मंदिर में जरूर रखें ये 5 चीजें
मिट्टी का दीपक- यह शुद्धता और धरती से जुड़ाव का प्रतीक है.
शंख- शंख की ध्वनि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है.
कलश- जल, आम के पत्ते और नारियल वाला कलश समृद्धि का प्रतीक है.
घंटी- इसकी आवाज वातावरण को शुद्ध करती है और मन को एकाग्र करती है.
गोमती चक्र- इसे लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जो धन को स्थिर रखता है.

पूजा करते समय ध्यान रखने वाली बातें
– पूजा करते समय मोबाइल का इस्तेमाल न करें.
– बिना नहाए मूर्ति को स्पर्श न करें.
– बीच में आरती न छोड़ें.
– मंत्र सही और शांत मन से बोलें.
– जमीन पर सीधे न बैठें, आसन का उपयोग करें.

मंदिर की सही दिशा
मंदिर हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में होना चाहिए. पूजा करते समय मुख पूर्व दिशा में रखें. मंदिर कभी भी बाथरूम या बेडरूम के पास न हो.

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here