samacharsecretary.com

‘हमने देश को ऑक्सीजन दी और उन्होंने हमारी फैक्ट्रियों पर कब्जा किया’: CM हेमंत सोरेन

कोडरमा.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज एक दिवसीय दौरे पर कोडरमा पहुंचे। कोडरमा के लोकाई मैदान में झामुमो द्वारा आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में वो बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस दौरान उन्होंनो सभा में मौजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि 25 साल का झारखंड आज स्वाभिमान से जी रहा है। एकीकृत बिहार में यह काफी पिछड़ा हुआ था। गुरु जी शिबू सोरेन ने लंबे संघर्ष कर अलग राज्य बनाया। जब भारत आजादी का सपना भी नहीं देखता था उसे समय झारखंड के लोग अंग्रेजों से लड़ रहे थे। यहां के सेनानी सिद्धू कानू चांद भैरव बिरसा ने लंबा संघर्ष किया।

आजादी की लड़ाई झारखंड से शुरू
उन्होंने आगे कहा आजादी की लड़ाई तो यहां के संघर्ष के बाद शुरू हुई। हम ऐसे वीर भूमि में पैदा हुए जहां लोगों जल जंगल जमीन की रक्षा करने की कुर्बानी दी। यह प्रदेश सैकड़ों वर्षों से सिर्फ देने का काम किया। कोई ऐसा खनिज नहीं जो यहां नहीं मिलता है। यहां की बेशकीमती खनिजों का सही तरीके से खनन कार्य हो तो कोई बेकारी नहीं रहती।

कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर
इसके साथ ही उन्होंने कि दुखद है कि कोडरमा में सबसे अधिक बाल मजदूर है। दूसरे राज्य चमकते रहे यहां के खनिज से और हमारे हिस्से में गरीबी बेकारी मिली। आजादी के बाद यहां  कल कारखाना लगे लेकिन यहां के लोग कोई लाभ नहीं हुआ।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत झारखंड को मजदूर प्रदेश बनाया गया।  कोरोना आने के बाद इस बात का खुलासा हुआ कि कितने बड़े पैमाने पर लोग बाहर में रहते हैं। मजदूरी करते हैं। लॉकडाउन आने के बाद इसका खुलासा हुआ। झारखंड के कितने लोग कोरोना में रास्तों पर मर गए। आपका बेटा हेमंत  पहला मुख्यमंत्री रहा जो यहां के मजदूरों के लिए अपने खर्चे से ट्रेन से लाया। दूसरे राज्य के लोग मर रहे थे और हम अपने मजदूरों को झारखंड ला रहे थे।

केंद्र सरकार ने फैक्ट्री में कब्जा कर लिया
उन्होंने दावा करते हुए कहा कि झारखंड में कोविड कैसे आया कैसे चला गया इसका भनक भी हमने नहीं लगने दिया। हमने झारखंड से पूरे देश को ऑक्सीजन सप्लाई करके लोगों को बचाया। बाद में केंद्र सरकार ने हमारे ऑक्सीजन फैक्ट्री में कब्जा कर लिया। हमारे लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिलने लगा।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here