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2026 में शादियों का रुका सिलसिला, 25 जुलाई से 20 नवंबर तक नहीं होंगे विवाह, फरवरी में सबसे ज्यादा मुहूर्त

भगवान भास्कर के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर गया है। लेकिन इस साल शादी की शहनाइयां तो पांच फरवरी से बजनी शुरू होगी। फरवरी से शुरू हो रहे विवाह का पूरे वर्ष में लगभग 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 12 मुहूर्त फरवरी महीने में ही पड़ रहा है। इसके बाद मार्च, अप्रैल, मई और जून माह में शादियों का आठ-आठ मुहूर्त बन रहे हैं। जुलाई में चार, नवंबर में चार और दिसंबर 2026 में सात मुहूर्त बन रहे हैं।

फरवरी में उदित हो रहा शुक्र ग्रह : खरमास समाप्त होने के बावजूद शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण अभी शादियां नहीं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि एक फरवरी को शुक्र ग्रह का उदय हो रहा है। इस बाबत जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य पीके युग ने बताया कि कि शादी- विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदित होना और अच्छे योग में होना बेहद जरूरी होता है। इन दोनों में से एक भी ग्रह के नहीं रहने पर शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनता है।
वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि हालांकि शादी का मुहूर्त 5 फरवरी से बन रहा है। लेकिन वसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन शादी-विवाह सहित अन्य शुभ कार्य किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अबूझ मुहूर्त में किसी भी शुभ काम के लिए शुभ योग और ग्रह विचार आदि शिथिल हो जाते हैं।

इस वर्ष पांच महीने शहनाइयां नहीं बजेंगी
वर्ष का दूसरा खरमास महीना 14 मार्च से 13 अप्रैल के बीच होगा। इस दौरान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ लगेगा। खरमास के दौरान शादी-विवाह का आयोजन नहीं होता है। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि जिस वर्ष दो ज्येष्ठ माह हो उस वर्ष पहले ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होती है। 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। इस वर्ष 17 मई से 15 जून और 16 जून से 14 जुलाई के बीच ज्येष्ठ माह रहेगा। इसलिए 17 मई से 15 जून के बीच ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होंगी। इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार माह के योग निद्रा में चले जाएंगे। भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है।

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