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शीतकालीन बंदी: बदरी-केदारनाथ धाम के कपाट इस दिन होंगे बंद, पढ़ें पूरा तरीका

रुद्रप्रयाग/चमोली
विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए कब बंद होंगे, तिथि की घोषणा हो गई है। मंगलवार 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरी विशाल के कपाट बंद हो जायेंगे । कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत 21 नवंबर से पंच पूजाएं शुरू होंगी। कुछ दिन पहले गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के कपाट को लेकर घोषणाए हुईं थी।

इस अवसर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने 2026 के लिए हक हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट की। सभी थोंकों के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया। भंडारी थोक से मनीष भंडारी, मेहता थोक से महेंद्र सिंह मेहता एवं दिनेश भट्ट, कमदी थोक से कुलभूषण पंवार को पगड़ी भेंट की गयी।

केदारनाथ-गंगोत्री और यमुनोत्री धाम
केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे जबकि गंगोत्री के कपाट दीवाली के अगले दिन बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर 22 अक्टूबर अभिजीत मुहूर्त में शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर जी के कपाट 18 नवंबर तथा तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो रहे है।

सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड की चपेट में रहने के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चार धामों के कपाटों को हर साल अक्टूबर—नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया जाता है जो अगले साल अप्रैल—मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं ।

यात्रियों में उत्साह
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने की तिथि तय होने के अवसर पर बदरीनाथ मंदिर परिसर में तीर्थयात्रियों, हक-हकूकधारियों और समानता धर्म के सभी अनुयायियों को शुभकामनाएं दी। कहा कि आपदा के बाद दूसरे चरण की यात्रा हेतु अभी एक माह का समय शेष है। भगवान के दर्शन के लिए लगातार यात्रियों का आने का सिलसिला जारी है। कहा मानसून की आपदा के बावजूद अभी तक 14 लाख 20 हजार 357 से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लिए हैं। 1602420 से अधिक ने केदारनाथ धाम के दर्शन किये हैं।

बदरी-केदार में अब तक 30 लाख से ज्यादा ने किए दर्शन
इस तरह दोनों धामों में 30 लाख 22 हजार 777 से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए हैं। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि राष्ट्र निर्माण को समर्पित राष्ट्रीय सेवक संघ के भी आज सौ वर्ष पूरे हुए है।

कपाट बंद होने की प्रक्रिया
बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंचपूजाओं के पहले दिन 21 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा होगी। शाम को इसी दिन भगवान गणेश के कपाट बंद होंगे। दूसरे दिन 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर तथा शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। तीसरे दिन 23 नवंबर को खडग – पुस्तक पूजन तथा वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो जायेगा। चौथे दिन 24 नवंबर मां लक्ष्मी जी को कढाई भोग चढाया जायेगा और 25 नवंबर को 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।

26 नवंबर को श्री कुबेर जी एवं उद्धव जी सहित रावल जी सहित आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ को प्रस्थान करेगी। पूजाओं को रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल वेदपाठी रविंद्र भट्ट संपन्न करेंगे।

 

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