samacharsecretary.com

उदयपुर में चुनावी रंजिश ने लिया खूनी रूप, लोहे की रॉड से मां की हत्या, पिता गंभीर घायल

उदयपुर
 राजस्थान के उदयपुर जिले में सरपंच चुनाव में चचेरे भाई को वोट नहीं देने की बात को लेकर परिवार में शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने अपने ही माता-पिता पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई मां और बड़े भाई को भी आरोपी ने नहीं बख्शा। हमले में गंभीर घायल मां ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया, जबकि पिता का उपचार जारी है। घटना शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे कल्याणपुर थाना क्षेत्र के महुवाड़ा गांव में हुई।

थानाधिकारी सोहनलाल बामनिया ने बताया कि आरोपी राहुल परमार सरपंच चुनाव की मतगणना के बाद घर पहुंचा था। गुरुवार देर रात घोषित चुनाव परिणामों में उसके चाचा की पत्नी चुनाव जीत गई थी, जबकि चचेरा भाई हार गया था। इसी बात को लेकर राहुल अपने पिता लालचंद से नाराज था। घर पहुंचने के बाद उसने पिता से चुनाव में वोट नहीं देने की बात को लेकर विवाद शुरू कर दिया।

लोहे की रॉड से पिता पर हमला
विवाद बढ़ने पर राहुल ने लोहे की रॉड से पिता पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घर में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर मां पुष्पा और बड़ा भाई गणेश बीचबचाव करने पहुंचे। इसी दौरान राहुल के हाथ में मौजूद लोहे की रॉड मां के सिर पर लग गई। सिर में गंभीर चोट लगने से पुष्पा जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

आरोपी के सिर में भी आई चोट
घटना के बाद बड़े बेटे गणेश ने गंभीर घायल माता-पिता को निजी वाहन से डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पुष्पा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल लालचंद का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आरोपी राहुल परमार को डिटेन कर लिया गया है। मारपीट के दौरान उसके सिर पर भी चोट आई है। जिसका सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी जुटाई।

शराब के नशे में घर पहुंचा था आरोपी
बड़े बेटे गणेश ने पुलिस को बताया कि राहुल शराब पीकर घर आया था। इसके बाद उसने पिता से सरपंच चुनाव में चचेरे भाई को वोट नहीं देने की बात को लेकर विवाद किया। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। गणेश के अनुसार, परिवार के लोगों ने बीचबचाव करने की कोशिश की, लेकिन राहुल ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

Leave a Comment

हम भारत के लोग
"हम भारत के लोग" यह वाक्यांश भारत के संविधान की प्रस्तावना का पहला वाक्य है, जो यह दर्शाता है कि संविधान भारत के लोगों द्वारा बनाया गया है और उनकी शक्ति का स्रोत है. यह वाक्यांश भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और लोगों की भूमिका को उजागर करता है.
Click Here
जिम्मेदार कौन
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here
Slide 3 Heading
Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolor
Click Here