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मध्यप्रदेश में 10 ग्रामीणों को मिला संपत्ति का मालिकाना अधिकार, मुख्यमंत्री ने वितरित किए रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीणों को वितरित किये रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

स्वामित्व अधिकार अभिलेख हस्तांतरण योजना से मिला 10 हितग्राहियों को मालिकाना हक

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 के हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम गोंदागांव के ग्रामीण निर्भयदास एवं भैयालाल को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किये। इस दौरान अन्य आठ हितग्राहियों को भी रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीणजन को उसकी भूमि का अधिकार मिले। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को न केवल कानूनी सुरक्षा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं। रजिस्ट्री मिलने से उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ेगी और वे शासकीय योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे।

रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी भूमि का विधिवत मालिकाना हक मिलने से उन्हें अब बैंक से ऋण लेने में आसानी होगी तथा अपनी भूमि पर वे निर्भय होकर निर्माण एवं अन्य कार्य कर सकेंगे। उन्होंने सरकार की इस योजना की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देश दिये कि भू-स्वामित्व के अंतर्गत रजिस्ट्री के कार्य में गति बढ़ाएं एवं पटवारियों को बताए कि शासकीय कार्य निष्पादन में किसी के भी विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी, जिसमें वह राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में निष्पादन अधिकारी घोषित है। रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में उल्लेखित जानकारी के आधार पर ही किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति के स्वामित्व का निर्धारण अथवा नई जानकारी का सृजन नहीं किया जा रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुदाम खाड़े तथा कमिश्नर नर्मदापुरम श्रीकांत बनोठ, आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, पुलिस अधीक्षक शशांक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, हितग्राही और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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