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केएल राहुल ने अर्धशतक जड़ते ही गावस्कर के साथ उन तीन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में जुड़ा नाम

नई दिल्ली  टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल इंग्लैंड दौरे पर कमाल की बल्लेबाजी कर रहे हैं। लॉर्ड्स में जारी तीसरे टेस्ट की पहली पारी में भी उन्होंने अर्धशतक जड़ा। इस फिफ्टी की मदद से राहुल ने पाकिस्तान के सईद अनवर और भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को एक झटके में पछाड़ दिया है। अब केएल राहुल का नाम सुनील गावस्कर के साथ उन तीन चुनिंदा खिलाड़ियों की लिस्ट में जुड़ गया है जिन्होंने बतौर एशियाई ओपनर SENA देशों में 10 से अधिक 50 प्लस स्कर बनाए हैं। SENA देशों से यहां मतलब साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से है।   केएल राहुल का यह टेस्ट क्रिकेट में 19वां अर्धशतक है, वहीं SENA देशों में उनका 11वां 50 प्लस का स्कोर है। SENA देशों में बतौर एशियाई ओपनर सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की करें तो इस लिस्ट में सुनील गावस्कर टॉप पर हैं, वहीं श्रीलंका के दिमुथ करुणारत्ने दूसरे नंबर पर हैं। अब केएल राहुल सईद अनवर और वीरेंद्र सहवाग, जिनके नाम SENA देशों में दस 50 प्लस के स्कोर हैं, को पछाड़ तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं। एशियाई टीम के सलामी बल्लेबाजों द्वारा SENA के देशों में सबसे अधिक 50 प्लस स्कोर- 19 – सुनील गावस्कर 12 – डिमुथ करुणरत्ने 11 – केएल राहुल* 10- वीरेंद्र सहवाग 10 – सईद अनवर 10 – तमीम इकबाल केएल राहुल से लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। भारत ने दूसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड के 387 रनों के सामने 3 विकेट के नुकसान पर 145 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। मेजबानों के पास अभी भी 242 रनों की बढ़त है। केएल राहुल अगर लॉर्ड्स में शतक जड़ने में कामयाब रहते हैं तो वह जरूर मैच का रुख भारत की तरफ मोड़ सकते हैं।  

सावन के पहले सोमवार जरूर करें ये काम

सावन माह हिंदू नव वर्ष का पांचवा महीना है. इस माह को भोलेनाथ की आराधना के लिए उत्तम माना जाता है. साल 2025 में सावन माह की शुरुआत 11 जुलाई से हो गई है. सावन माह में सावन के पहले सोमवार का व्रत 14 जुलाई 2025 को रखा जाएगा. सावन में सोमवार व्रत के दिन सावन व्रत कथा और शिव जी की आरती जरूर करनी चाहिए. इन दोनों के बिना सावन सोमवार का व्रत अधूरा माना जाता है. यहां पढ़ें सावन सोमवार की व्रत कथा और आरती. सावन सोमवार व्रत कथा सावन सोमवार व्रत कथा के अनुसार, एक समय की बात है, एक साहूकार था जिसके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी. वह पुत्र प्राप्ति के लिए प्रत्येक सोमवार को व्रत रखता था और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता था. एक दिन, माता पार्वती ने भगवान शिव से साहूकार की भक्ति के बारे में बात की उन्होंने कहा कि यह साहूकार आपका बहुत भक्त है और इसे किसी बात का कष्ट है तो आपको उसे दूर करना चाहिए. भगवान शिव ने कहा कि हे पार्वती, इस साहूकार के पास पुत्र नहीं है और यह इसी से दुखी रहता है. माता पार्वती ने कहा कि हे प्रभु, आप इस साहूकार की मनोकामना पूर्ण करें. भगवान शिव ने कहा कि ठीक है, मैं इस साहूकार को पुत्र का वरदान देता हूँ, लेकिन यह पुत्र 12 वर्ष तक ही जीवित रहेगा. साहूकार को जब यह बात पता चली तो वह दुखी हुआ, लेकिन उसने भगवान शिव का धन्यवाद किया. 12 वर्ष बाद, साहूकार का पुत्र बीमार हो गया और उसकी मृत्यु हो गई. साहूकार और उसकी पत्नी बहुत दुखी हुए, लेकिन उन्होंने भगवान शिव पर अपना विश्वास बनाए रखा. कुछ समय बाद, भगवान शिव और माता पार्वती एक ब्राह्मण के भेष में साहूकार के घर आए. उन्होंने साहूकार से कहा कि वह अपने पुत्र को जीवित कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उसे 16 सोमवार का व्रत करना होगा. साहूकार ने 16 सोमवार का व्रत किया और उसके पुत्र को जीवनदान मिला. इस प्रकार, सावन सोमवार का व्रत रखने और कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. शिव जी की आरती ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ एकानन चतुरानन पंचानन राजे शिव पंचानन राजे हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे प्रभु दस भुज अति सोहे तीनों रूप निरखते त्रिभुवन मन मोहे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी शिव मुण्डमाला धारी चंदन मृगमद चंदा, सोहे त्रिपुरारी॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे शिव बाघम्बर अंगे ब्रह्मादिक सनकादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता शिव कर में त्रिशूल धर्ता जगकर्ता जगहर्ता जगपालनकर्ता॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका स्वामी जानत अविवेका प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥ त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे प्रभु प्रेम सहित गावे कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

बासनपीर में हिंसा फैलाने वाले महिलाओं सहित 23 उपद्रवी हिरासत में

जैसलमेर जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत बासनपीर गांव में छतरी पुनर्निर्माण के दौरान उपजे तनाव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गौरतलब है कि 10 जुलाई को पुराने रियासती योद्धाओं की स्मृति में बनाई जा रही छतरियों के पुनर्निर्माण को लेकर अचानक उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर जोरदार विरोध करने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के विरोध में नारेबाजी करते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को घेरते हुए उन पर लाठियों और पत्थरों से हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मौके पर तैनात अधिकारियों पर जानलेवा हमला और राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से जुड़े विभिन्न वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। अब तक इस मामले में कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि मामले की तह में जाकर की गई जांच में यह सामने आया कि पूरे घटनाक्रम के पीछे गांव का ही निवासी हासम खान मुख्य भूमिका में था। हासम खान ने ही ग्रामीणों को भड़काया और प्रशासन को भ्रमित करते हुए समुदाय विशेष के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत किए, जिससे गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। एसपी चौधरी के अनुसार हासम खान ने सोची-समझी साजिश के तहत दोनों पक्षों को भड़काने का कार्य किया। उसने पुलिस और प्रशासन को एकपक्षीय परिवाद देकर गुमराह किया और साथ ही ग्रामीणों को धार्मिक भावना से उकसाया। परिणामस्वरूप गांव में तनाव का माहौल बना और छतरी निर्माण कार्य के दौरान हिंसात्मक झड़प हुई। पुलिस की जांच का दायरा सिर्फ हासम खान तक सीमित नहीं रहा। अब उसके पीछे की संभावित साजिशों और अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि हासम खान इस पूरे घटनाक्रम में सिर्फ मोहरा नहीं, बल्कि योजना का सूत्रधार था और अब पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इसके पीछे किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके अलावा अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज, फोटो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस उन सभी लोगों को चिन्हित करने में लगी है, जिन्होंने इस हिंसा में भाग लिया और कानून व्यवस्था को बाधित किया। गांव में फिलहाल शांति का माहौल है और पुलिस द्वारा लगातार गश्त कर क्षेत्र में कानून व्यवस्था को कायम रखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है।

भारतीय प्रतिभा की चमक! रोनित कार्की पहुंचे विंबलडन जूनियर फाइनल, देश में जश्न

लंदन   इस वक्त लंदन में टेनिस का सबसे लोकप्रिय टूर्नामेंट विंबलडन 2025 का आयोजन हो रहा है। इस बड़े टूर्नामेंट को देखने बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज आते हैं। कई भारतीय क्रिकेटर्स भी हाल ही में विंबलडन देखने के लिए पहुंचे थे। वुमेंस सिंगल कैटेगिरी में फाइनल अमांडा अनिसिमोवा और इगा स्विटेक के बीच खेला जाएगा जबकि मेंस सिंगल में कार्लोस अल्काराज और यानिक सिनर का मुकाबला होगा। हालांकि एक भारतीय मूल का खिलाड़ी भी विंबलडन जूनियर में अपने नाम का डंका बजा रहा है। हम बात कर रहे हैं अमेरिका के लिए खेलने वाले भारतीय मूल के टेनिस खिलाड़ी रोनित कर्की की। रोनित विंबलडन जूनियर के फाइनल में पहुंच गए हैं। आखिर कौन हैं रोनित, आइये उनके बारे में विस्तार से जानते हैं। कौन हैं रोनित कर्की? रोनित कार्की 17 साल के अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी हैं, जो भारतीय मूल के हैं और जूनियर सर्किट में काफी धूम मचा रहे हैं। वह सीधे हाथ से खेलते हैं और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। 7 जुलाई 2025 तक, रोनित आईटीएफ जूनियर रैंकिंग में 52वें स्थान पर थे। 28 अप्रैल 2025 को उन्होंने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 49 हासिल की थी। वह विंबलडन में जूनियर चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच गए हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने बुल्गारिया के अलेक्जेंडर वासिलेव को हराया था। क्वार्टर फाइनल में रोनित ने विश्व नंबर 16 एलन वाजनी को मात दी थी। रोनित ने जनवरी 2025 में अपने साथी जैक सैटरफील्ड के साथ आईटीएफ जूनियर जे300 बैरेंक्विला डबल्स का खिताब जीता। कार्की जून 2025 में रोलैंड गैरो जूनियर चैंपियनशिप के दूसरे दौर में पहुंचे थे। 2023 यूएसटीए विंटर नेशनल्स फॉर बॉयज 18 और 2024 ईस्टर बाउल बॉयज 18 डबल्स में डबल्स में गोल्ड बॉल हासिल की थी। उत्तराखंड से है रोनित का परिवार रोनित कार्की का परिवार उत्तराखंड, भारत के पंगखू के जाबुका गांव से है। उनके माता-पिता, त्रिलोक सिंह कार्की और कंचन कार्की, दोनों इंजीनियर हैं, जो अमेरिका चले गए थे जहाँ रोनित का जन्म हुआ। उनकी बड़ी बहन, नाओमी कार्की, भी अमेरिका के लिए जूनियर टेनिस खेलती हैं। रोनित कार्की का समर्पण और प्रतिभा उनकी तेज़ प्रगति से साफ दिखती है। विंबलडन में उनके प्रदर्शन ने खासकर बहुत ध्यान खींचा है और एक सफल पेशेवर करियर के लिए उनकी क्षमता को दर्शाता है।  

बहुत ज्यादा टेंशन होने पर ऐसे करें मन शांत

रोजाना के बिजी शेड्यूल की वजह से ज्यादा तर लोग खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते। भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग तनावग्रस्त हैं। तनाव की वजह से मन अशांत रहता है और बड़े फैसले लेना मुश्किल होता है। टेंशन के बीच मन को शांत रखना सरल काम नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। छोटे-छोटे तरीकों को अपनाकर आप टेंशन में भी मन को शांत रख सकते हैं। जानें, मन शांत करने के 5 तरीके- गहरी सांस लेना अपनी नाक से गहरी सांस लें और फिर कुछ सेकंड के लिए रोककर रखें बाद में अपने मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। ऐसा करते समय अपनी सांस की अनुभूति पर ध्यान केंद्रित करें। माइंडफुलनेस प्रेक्टिस आएगी काम अपने आस-पास के माहौल और शरीर की संवेदनाओं पर ध्यान दें। आप 5-4-3-2-1 तकनीक को आजमा सकते हैं। इसके लिए 5 ऐसी चीजें पहचानें जिन्हें आप देख सकते हैं, 4 ऐसी चीजें जिन्हें आप छू सकते हैं, 3 ऐसी चीजें जिन्हें आप सुन सकते हैं, 2 ऐसी चीजें जिन्हें आप सूंघ सकते हैं और 1 ऐसी चीज जिसे आप चख सकते हैं। टहलने से मिलेगी मदद टेंशन के बीच मन को शांत रखने का सबसे अच्छा तरीका है कुछ मिनटों के लिए बाहर निकलें और वॉक करें। इस दौरान अपने आस-पास के वातावरण पर ध्यान केंद्रित करें। शांत करने वाले म्यूजिक को सुनें बहुत ज्यादा टेंशन के बीच ऐसा करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन अगर आप गलत फैसले लेने से बचना चाहते हैं तो मन शांत करने के लिए शांत करने वाले म्यूजिक को सुनें। म्यूजिक हृदय गति और ब्लडप्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है। च्युइंग गम आएगी काम बहुत से लोग इसे खाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन स्ट्रेस के बीच मन शांत करने में ये आपकी मदद कर सकती है। जब भी आपको तनाव महसूस हो तो च्युइंग गम चबाना शुरू कर दें। दरअसल च्युइंग गम चबाने से तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को कम करने में मदद मिलती है , जिससे यह तनाव को जल्दी से मैनेज करने में मदद करता है। डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी चिकित्सीय स्थिति के बारे में किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।  

टी राजा सिंह ने छोड़ी तिकड़म, तेलंगाना में कांग्रेस-BJP के बीच बनेंगे नए गठजोड़?

हैदराबाद   बीजेपी के बड़े नेताओं ने गोशामहल के MLA और हिंदुत्व के पोस्टर बॉय टी राजा सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इससे तेलंगाना की राजनीति में और बीजेपी के अंदर बड़ा बदलाव आया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक पत्र में इस्तीफे की मंजूरी की जानकारी दी। उन्होंने साफ कहा कि टी राजा सिंह ने इस्तीफे में जो कारण बताए हैं, वे अप्रासंगिक हैं। ये कारण पार्टी की विचारधारा, काम करने के तरीके, सिद्धांतों और अनुशासन से मेल नहीं खाते। टी राजा सिंह ने पहले राज्य के नेताओं को इस्तीफा सौंपा था। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आदेश के बाद इसे तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया गया। क्या बोले टी राजा सिंह इस्तीफा मंजूर होने के बाद टी राजा सिंह ने कहा कि मैं 11 साल पहले बिना किसी निजी महत्वाकांक्षा के पार्टी में शामिल हुआ था। मैं ईमानदारी और निष्ठा से हिंदुत्व के लिए काम करता रहूंगा। उनका ये बयान दिखाता है कि वे अभी भी अपने विचारों पर कायम हैं। एकला चलो की राह पर टी राजा सिंह? पहले ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि टी राजा सिंह उद्धव ठाकरे की शिवसेना या पवन कल्याण की जन सेना में शामिल हो सकते हैं। लेकिन, शुक्रवार को उन्होंने कहा कि वे फिलहाल किसी भी पार्टी में शामिल नहीं हो रहे हैं। इससे उनके समर्थकों में थोड़ा असमंजस है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद को लेकर विवाद? दस दिन पहले, उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यह इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व के उस फैसले के विरोध में दिया था, जिसमें पूर्व MLC एन रामचंदर राव को तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने को कहा गया था। टी राजा सिंह भी इस पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं ने, जिनमें केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी शोभा करंदलाजे भी शामिल थीं, उनकी उम्मीदवारी को बाधित किया। तेलंगाना बीजेपी ने क्या कहा हालांकि, तेलंगाना बीजेपी ने इन आरोपों को गलत बताया है। पार्टी का कहना है कि सिंह के पास राज्य कार्यकारिणी समिति के 10 सदस्यों का समर्थन नहीं था, जो कि जरूरी है। अभी तक सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा नहीं सौंपा है। इसलिए, उनकी विधानसभा सीट का क्या होगा, ये अभी साफ नहीं है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ये अभी तय नहीं है कि केंद्रीय नेतृत्व उनका इस्तीफा स्पीकर को भेजेगा या ये फैसला सिंह पर ही छोड़ देगा। निलंबित भी किए गए थे टी राजा सिंह टी राजा सिंह की बीजेपी से दूरी उनके दूसरे कार्यकाल में लगातार बढ़ती गई। इसकी वजह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी के साथ उनकी अनबन बताई जा रही है। उन्हें पहले कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी पर विवादित टिप्पणी करने के कारण निलंबित भी किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया गया था। भाजपा ने मुझ पर विश्वास करते हुए लगातार तीन बार तेलंगाना विधानसभा चुनाव में गोशामहल से विधायक पद का टिकट दिया। इस विश्वास के लिए मैं भाजपा के सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।शायद मैं तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनाने का सपना लेकर दिन-रात मेहनत कर रहे लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं की पीड़ा दिल्ली तक नहीं पहुंचा सका।मैं यह बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह निर्णय मैंने किसी पद, सत्ता या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण नहीं लिया है। मेरा जन्म हिंदुत्व की सेवा के लिए हुआ है, और मैं अंतिम सांस तक हिंदुत्व के लिए कार्य करता रहूंगा। मैं सदैव पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ हिंदुत्व, राष्ट्रवाद और सनातन धर्म की रक्षा हेतु कार्य करता रहूंगा। समाज की सेवा और हिन्दू समाज के अधिकारों के लिए मैं अंतिम सांस तक अपनी आवाज बुलंद करता रहूंगा।जय श्री राम।

CBI कोर्ट का आदेश: इमरान मसूद को करना होगा सरेंडर, जारी हुआ गैर-जमानती वारंट

सहारनपुर उत्तर प्रदेश सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 2007 में हुए 40 लाख रुपये से अधिक के घोटाले के मामले में गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह वारंट तब जारी हुआ जब इमरान मसूद की डिस्चार्ज याचिका अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला वर्ष 2007 का है, जब सहारनपुर नगर पालिका परिषद के ईओ (कार्यपालक अधिकारी) की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि उस समय नगर पालिका के खाते से 40.12 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी, जिसमें इमरान मसूद की भूमिका सामने आई थी। प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर पाया गया, जिसके बाद इसे सीबीआई को सौंपा गया। सीबीआई की जांच में मसूद पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई। कई बार समन जारी किए जाने के बावजूद इमरान मसूद अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद विशेष सीबीआई न्यायाधीश अरविंद मिश्रा ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 18 जुलाई 2025 तय की गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इस घटनाक्रम से हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इमरान मसूद वर्तमान में एक सक्रिय और चर्चित राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। सीबीआई की तरफ से कहा गया है कि यदि आरोपी अगली तारीख पर भी उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इमरान मसूद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐश्वर्य कुमार राय

23 माओवादियों ने किया सरेंडर, इन पर था 1 करोड़ 18 लाख का इनाम

सुकमा  प्रदेश के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार माओवाद को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत माओवादियों का आत्मसर्पण करवाया जा रहा है। शनिवार को भी पीएलजीए बटालियन में सक्रिय 8 हार्डकोर समेत 23 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जानकारी के अनुसार, माओवादी संगठन पीएलजीए बटालियन के 23 माओवादियों ने शनिवार को सरेंडर कर दिया है। इन सभी को मिलाकर इनके सिर पर 1 करोड़ 18 लाख का इनाम घोषित किया गया था। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 8 महिला माओवादी भी शामिल है। बता दें कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी इलाके में होने वाली दर्जनों बड़ी माओवादी गतिविधियों में शामिल थे। सभी माओवादियों ने सरकार की नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडरनियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर नियद नेल्ला नार और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर सरेंडर किया है। पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा माओवादियों ने एसपी अधीक्षक किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआरजी आनंद सिंह समेत अधिकारियों के समक्ष सरेंडर किया है। अब इन माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति के अनुसार समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 37.50 लाख के इनामी 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण नारायणपुर जिले के अत्यंत संवेदनशील माड़ अंचल में चल रहे ‘माड़ बचाव’ अभियान से प्रेरित होकर शुक्रवार को 22 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की शपथ ली। आत्मसमर्पितों में 14 पुरुष व 8 महिलाएं शामिल हैं। इन पर 37 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण में शामिल ये माओवादी माड़ डिवीजन के कुतुल, नेलनार और इंद्रावती एरिया कमेटी में सक्रिय इन माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। मुख्य आत्मसमर्पितों में 8 लाख का इनामी डीविजनल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम) मनकू कुंजाम, पांच-पांच लाख के इनामी हिड़मे कुंजाम, पुन्ना लाल ओयाम और सनीराम कोर्राम शामिल हैं। आत्मसर्पित माओवादियों ने बताया कि माओवादी संगठन की अमानवीय, शोषणकारी विचारधारा, बाहरी नेतृत्व की ओर से भेदभाव और स्थानीय आदिवासियों पर हिंसा के चलते मोहभंग हुआ है। क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा व पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें मुख्यधारा की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया।

लॉर्ड्स में भारतीय बल्लेबाजों का इतिहास: KL राहुल रच सकते हैं नया कीर्तिमान

नई दिल्ली ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। गेंदबाजों के लिए इसका क्राइटेरिया एक इनिंग में 5 विकेट हॉल या पूरे मैच में 10 विकेट लेने का है, वहीं बल्लेबाजों को ऐसा करने के लिए शतक जड़ना होता है। भारत के लिए लॉर्ड्स के मैदान पर सिर्फ 10 बल्लेबाज ऐसे रहे हैं जिन्होंने टेस्ट मैच में शतक जड़ लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया है। हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में ना तो ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का नाम दर्ज है और ना ही रन मशीन के नाम से मशहूर विराट कोहली की।   इंग्लैंड दौरे पर गई मौजूदा भारतीय स्क्वॉड में केएल राहुल एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में शतक जड़ा है। हालांकि अब उनकी नजरें ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले इस मैदान पर दूसरा शतक जड़कर कमाल करने पर होगी। टीम इंडिया की पहली पारी में राहुल 53 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं, लॉर्ड्स में वह अपने दूसरे शतक से 47 रन दूर हैं। अगर केएल राहुल आज यानी, टेस्ट मैच के तीसरे दिन सेंचुरी जड़ते हैं तो वह लॉर्ड्स में एक से ज्यादा टेस्ट शतक जड़ने वाले मात्र दूसरे भारतीय बनेंगे। जी हैं, अभी तक सिर्फ दिलीप वेंगसरकर एकमात्र ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने लॉर्ड्स में एक से ज्यादा शतक जड़ने हैं। उनके नाम इस ऐतिहासिक मैदान पर तीन शतक जड़ने का रिकॉर्ड है। लॉर्ड्स के मैदान पर शतक लगाने वाले भारतीय- दिलीप वेंगसरकर- 3 अजीत अगरकर- 1 मोहम्मद अजहरुद्दीन- 1 राहुल द्रविड़- 1 सौरव गांगुली- 1 वीनू मांकड़- 1 अजिंक्य रहाणे- 1 केएल राहुल- 1 रवि शास्त्री- 1 गुंडप्पा विश्वनाथ- 1 बात मैच की करें तो, टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने जो रूट के शतक के दम पर 387 रन बोर्ड पर लगाए। भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट हॉल लिया। टीम इंडिया ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक पहली पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 145 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। इंग्लैंड के पास अभी भी 242 रनों की बढ़त है।  

छांगुर बाबा केस में बढ़ा विवाद, सामने आया मुस्लिम धर्म की बढ़ाई और हिंदू धर्म की आलोचना का दावा

बलरामपुर ATS ने छांगुर बाबा के करीबी नवीन रोहरा के सात बैंक खातों की जानकारी ED को शेयर की है. बलरामपुर से गिरफ्तार जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के चार करीबी पूर्वांचल के जिलों में अवैध धर्मांतरण कराते थे. जो त्रिशूल लगाकर मजार पर कव्वाली गाकर अवैध धर्मांतरण के कार्य को आगे बढ़ाते थे. इनके खिलाफ दो वर्ष पूर्व आजमगढ़ में अवैध धर्मांतरण कराने का मुकदमा दर्ज हुआ था. इसी बीच एक और दावा किया गया है. बताया जाता है कि छांगुर गैंग धर्मांतरण के लिए हिंदू धर्म की बुराई करता था. जबकि अन्य की मुस्लिम धर्म की तारीफ करता था. छांगुर की करतूतों का खुलासा करते हुए एसटीएफ को चारों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे. इसके बाद एटीएस थाने में एसटीएफ द्वारा दर्ज कराई गई. एफआईआर में इन चारों को नामजद किया गया. आजमगढ़ के देवगांव थाने में 25 मई 2023 को अवैध धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज हुआ था. 2023 में भी पुलिस कर रही थी जांच मुकदमे में 18 लोग नामजद हुए थे, जिनमें छांगुर के करीबी बलरामपुर निवासी मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और गोंडा निवासी रमजान शामिल थे. इसके अलावा आजमगढ़ निवासी अवधेश सरोज उर्फ वकील, ऊषा देवी, पन्ना लाल गुप्ता, सिकंदर, हसीना, कुंदन बेनवंशी, आकाश सरोज, मऊ निवासी मोहम्मद जावेद, परवेज आलम, इरफान अहमद, साबिर अली, जावेद अहमद और जौनपुर निवासी फैयाज भी नामजद किए गए थे. इस प्रकरण की जांच के दौरान आजमगढ़ पुलिस छांगुर के अवैध धर्मांतरण रैकेट तक नहीं पहुंच सकी थी. बाद में जब छांगुर की जांच एसटीएफ ने शुरू की तो बलरामपुर के चारों युवकों का नाम भी सामने आया. नवंबर 2024 में छांगुर समेत नौ नामजद आरोपियों की सूची में मोहम्मद सबरोज, रशीद, शहाबुद्दीन और रमजान को भी शामिल किया गया. त्रिशूल लगाकर, कव्वाली कराकर कराते थे धर्मांतरण आजमगढ़ के देवगांव क्षेत्र के ग्राम चिरकिहिट में पुलिस को अवैध धर्मांतरण की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां कई गाड़ियों से आए लोग मजारनुमा जगह पर त्रिशूल लगाकर, उस पर फूल-माला चढ़ाकर कव्वाली गा रहे थे और तकरीरें पढ़ रहे थे. वे मुस्लिम धर्म की तारीफ और हिंदू धर्म की मान्यताओं को पाखंड और झूठ बता रहे थे. जांच में पता चला कि वहां प्रलोभन देकर हिंदुओं का मुस्लिम धर्म में धर्मांतरण कराया जा रहा था. पुलिस ने सभी 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन विवेचना के दौरान अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर तक नहीं पहुंच सकी. जिसके बाद अब गिरफ्तारी हुई है. गैंग के 30 से 40 लोग अब भी फरार छांगुर बाबा मामले में आजतक ने बड़ा खुलासा किया है. पीड़िता का दावा कि छागुर बाबा के अलावा 30-40 लोग अब भी बाहर, जो पुलिस की गिरफ्त से दूर रहकर धर्मांतरण का नेटवर्क चला रहे हैं. बरेली और आजमगढ़ में धर्मांतरण का बड़ा नेटवर्क फैला है. जिसमें कई डॉक्टर और रसूखदार लोग शामिल हैं. बरेली में कई ऐसे डॉक्टर भी इस गैंग में शामिल हैं, जो हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराकर खतना जैसे खतरनाक करते थे. पीड़िता ने आरोप लगाया कि पुलिस पीड़ित महिलाओं की मदद नहीं कर रही, महिलाएं खुद को बचाने में असहाय हैं.